अराजक व्यवस्था और लेागों की आस्था,कभी तो आयेगें अच्छे दिन

विलेज टाईम्स 29 मई 2015। वोट लेने से पूर्व बात हुई थी, अच्छे दिनों की, मगर भले ही 1 वर्ष गुजर जाने के बाद, आज तक अच्छे दिन न आये हो मगर देश में एक अच्छा माहौल अवश्य बना है। जहां सत्ता धारी दल अच्छे दिनों के लिये ग भीर दिखाई देता है। वहीं विपक्ष भी अहम मुद्दों पर टकटकी लगा जनहित को ध्यान में रख जबरदस्त प्रहार करने में लगा है। मगर फिलहॉल सत्ता पक्ष और विपक्ष की जो भाषा और वॉडी लेंग्यूज है। वह आज भी अंहकारी दिखाई पड़ती है, छोड़ मोदी और राहुल को।

देखा जाये तो जो दल आज विपक्ष की भूमिका मे है। उसकेतर्को को देश की जनता उसके सत्ता में रहते हुये, नकार चुकी है। और परिणाम भी जनता के आक्रोश ने ऐसे दिये कि दल तो दल उसे दलो की प्रमुख भूमिका की श्रेणी में भी नहीं छोड़ा।
बहरहॉल जनता जर्नादन का फिलहॉल सबसे बड़ा दर्द यह है कि न तो उसे प्रकृति प्रदत्त न ही नैसर्गिक सुविधायें ही नसीब है। चाहें वह सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा सुरक्षा को या फिर कौशल उन्नयन और रोजगार सब कुछ चापलूस चाटूकारो, स्वार्थी, अंहकारियों के चलते स्वाहा हो रहा है।
सच तो यह है कि आज देश में इस बात की कोई गारन्टी नहीं दे सकता कि, कब बिजली, और दूरसंचार ब्रॉडबेन्ड की सेवाऐं ढप्प हो जायेंगी, कब गुन्डो की फौज आम नागरिक से चौथ बसूली कर ले जायेगी। और यह सेवाऐं सहज और सुचारु रुप से कब नसीब हो पायेगीं।
रहा सवाल सड़क, शिक्षा, शुद्ध पेयजल का तो हालत यह है कि जब शहरी क्षेत्र में ही आधे से अधिक आबादी को आजादी के 67 वर्ष बाद भी यह सुविधाऐं ठीक से नसीब नहीं, तो गांवों में हालात कैसे होगें, अन्दाजा लगाया जा सकता है, जब जनप्रतिनिधियों की आस्थाऐं जनता के बजाये उन पूंजीपतियों और व्यवस्थागत मशीनरी में ज्यादा नजर आये, जिसने उन्हें अपना बहुमूल्य वोट देकर चुना हो। आज जो अन्याय आम गरीब, किसान ही नहीं, जनता के साथ हो रहा है। वह नैतिक अपराध ही नहीं, लेाकतांत्रिक व्यवस्था से में दुराग्रह है।

किसानों की प्रोड्यूसर कम्पनी को सार्वजनिक उपक्रम के समान सरकारी सुविधाएँ मिलेंगी
भोपाल : शुक्रवार, मई 29, 2015, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज उज्जैन में कृषि महोत्सव के दौरान हुए कृषि उत्पाद संगठनों के महा-सम्मेलन में कहा कि सरकार किसानों के लिये एक ऐसी योजना प्रारंभ करने पर विचार कर रही है, जिसमें किसानों को 100 रुपये की खाद-बीज सामग्री के लिये ऋण लेने पर 90 रुपये वापस करना होंगे। उन्होंने किसानों की प्रोड्यूसर कम्पनी को सार्वजनिक उपक्रम को मिलने वाली सरकारी सुविधाएँ देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण इकाई को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा और कोल्ड-स्टोरेज और कोल्ड-चेन के निर्माण में सहायता भी मिलेगी। श्री चौहान ने कहा कि कृषि उत्पादन संगठनों के गठन में मध्यप्रदेश सबसे आगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पाद संगठन को बेंको से ऊँची दर पर मिलने वाले ऋण पर राज्य शासन ब्याज अनुदान उपलब्ध करवायेगी। किसान कम्पनियाँ खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में आगे आयें। इससे खेती फायदे का धंधा बनेगी और किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट आयेगी। सम्मेलन में नगरीय विकास तथा पर्यावरण मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन, राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत कोठारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज प्रदेश की बीज प्रतिस्थापन की दर 30 प्रतिशत तक पहुँच गयी है। यह उपलब्धि हमें किसानों की कम्पनी बनने के कारण मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में होने वाले उत्पादन को बड़ी कम्पनियाँ ऊँचे दामों पर बेचती हैं तो हमारी फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनियाँ ऐसा क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि कम्पनी खेतों पर ही ग्रेडिंग, पेकिंग और सेलिंग करें, तभी किसान समृद्ध बनेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को सालाना गेहूँ पर दिया जाने वाला बोनस सरकार के पास सुरक्षित है। इस राशि से एक नयी योजना शुरू करने पर सरकार विचार कर रही है। योजना में अगर किसान 100 रुपये का खाद-बीज लेता है, तो उसे 90 रुपये लौटाने होंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार किसानों को आपदा में पर्याप्त राहत देने के लिये नयी फसल बीमा योजना बनाने पर विचार कर रही है। योजना जब मूर्तरूप लेगी तो मध्यप्रदेश देश-दुनिया का पहला राज्य होगा, जहाँ ऐसी योजना लागू होगी।

पत्रकारिता का क्षेत्र बहुत व्यापक और चुनौतीपूर्ण : डॉ. रमन सिंह : प्रेस क्लब पदाधिकारियों के शपथ समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर 29 मई 2015 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि आज के दौर में पत्रकारिता का क्षेत्र बहुत व्यापक और चुनौतीपूर्ण हो गया है। नये विचारों के साथ जनमत निर्माण तथा देश और समाज को नयी रचनात्मक दिशा देने में पत्रकारिता की भूमिका पहले की तरह आज भी काफी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री आज दोपहर जिला मुख्यालय राजनांदगांव में प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले की पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है। डॉ. सिंह आज जिला मुख्यालय राजनांदगांव में स्थानीय प्रेस क्लब के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह ने प्रेस क्लब के नये अध्यक्ष श्री सूरज बुद्धदेव को तथा नगर निगम के महापौर श्री मधुसूदन यादव ने अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि साहित्य और पत्रकारिता की उपजाऊ भूमि के रूप में राजनांदगांव की एक विशेष पहचान है। गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों ने राजनांदगांव को अपनी कर्मभूमि बनाकर साहित्य साधना की मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, स्व. श्री रमेश याज्ञिक, स्वर्गीय श्री शरद कोठारी, और स्वर्गीय श्री विद्याभूषण ठाकुर जैसे साहित्यकारों और पत्रकारों को विशेष रूप से याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महान विभूतियों ने राज्य और देश की हिन्दी पत्रकारिता को नयी दिशा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा आज के दौर में भी पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन नये विचारों के साथ देश और समाज को नयी दिशा देने में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों को अपने कामो को बेहतर तरीके से संचालन करने के लिए प्रेस क्लब का यह भवन उपलब्ध कराया गया है। उन्होने आशा व्यक्त किया कि प्रेस क्लब का यह भवन पत्रकारों के लिए एक अच्छे केन्द्र के रूप में विकसित होगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि राजनांदगांव शहर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने विशिष्ट उपलब्धि के लिए जाना जाता है। उन्होने आज के दिन को प्रेस क्लब राजनांदगांव के लिए यादगार दिन बताया। नगर निगम के महापौर श्री मधुसूदन यादव ने भी समारोह को सम्बोधित किया। प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री सूरज बुद्धदेव ने स्वागत भाषण दिया। उन्होने प्रेस क्लब के विकास में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती सरोजनी बंजारे, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, पूर्व विधायक सर्वश्री कोमल जंघेल, विनोद खाण्डेकर, रामजी भारती, नगर निगम के सभापति श्री शिव वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री भरत वर्मा, पूर्व महापौर श्रीमती शोभा सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

जनजाति उपयोजना क्षेत्र की गैर सरकारी शैक्षिक संस्थाओं को सावधि जमा (एफडी) में छूट
जयपुुर, 29 मई। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर जनजाति उपयोजना क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र की गैर सरकारी शैक्षिक संस्थाओं की सावधि जमा (एफडी)में छूट प्रदान की है। प्रार िभक शिक्षा सचिव श्री कुंजीलाल मीना ने बताया कि जनजाति उपयोजना क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र की गैर सरकारी शैक्षिक संस्थाओं को भवन एवं खेल मैदान के लिए शहरी क्षेत्र के समान ही 1000 वर्गमीटर गैर रूपान्तरित भूमि का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही आरक्षित कोष के लिए पूर्व में जारी आदेश में अब ''प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर से पहले ''प्राथमिक विद्यालय शब्द जोड़ा जायेगा। उन्होंने बताया कि यह छूट राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था (मान्यता, सहायता अनुदान, सेवा शर्ते आदि) नियम 1993 के तहत केवल जनजाति उपयोजना क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रदान की गई है।

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