केवल उत्साह न कॉफी जनाकांक्षाओं की पूर्ति हो

व्ही.एस.भुल्ले। इसमेंं किसी को संदेह नहीं होना चाहिए कि केन्द्र कि मोदी सरकार देश वासियों ही नहीं खासकर बच्चों के बीच कुछ हद तक उत्साह पैदा करने में सफल हुई है। वो भी पूरे एक वर्ष में मगर मोदी सरकार के सामने आज सबसे बड़ा सवाल अकांक्षा पूर्ति का है। 


क्योंकि मोदी सरकार देश की सवां अरब जनता के बीच बड़ी आकांक्षाओं स भावनाओं को अगले 4 वर्ष में कैसे पूरा करेगी, यह देखने योग्य ही नहीं, मोदी सरकार को एक चैलेन्ज होगा। इस बीच मोदी सरकार के एक और कदम पर भले ही ढेरो सवाल हो, मगर जनधन योजना का भविष्य भी हमें प्राकृतिक सिद्धान्त की याद दिलाता है। जहां जीवन है वहां मृत्यु भी है। जहां सुख है तो दु:ख भी है। जहां जहर है, वहां जिन्दगी भी है, मगर सवाल है सन्तुलन का, इस सिद्धान्त को लेकर केन्द्र की मोदी सरकार कैसे सामजस्य स्थापित कर लेागों की सेवा, कल्याण कर देश को खुशहाल, स पन्न मजबूत बना पाती है। यह उसकी कार्य, प्रणाली पर निर्भर करेगा।
यह सहीं है कि वह विदेश नीति से लेकर, देश के अन्दर होने वाली राजनीति, भ्रष्टाचार जनकल्याण, इन्फ्राष्ट्रक्चर, इन्डस्ट्रीज सहित सेवाओं के क्षेत्र में एक नया खाका खीचने में सफल रही।
मगर एक वर्ष पूरा होने पर भी कोई स्थाई परिणाम सामने हो, सुनने को,  देखने को और महसूस होने को, छोड़ गैस सब्सिटी को।
अब इसे देश का दुर्भाग्य कहे या मजबूरी कि देश का अन्नदाता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर आत्महत्या करता रहा और सारा देश देखता रहा। छोड़ म.प्र. के मु यमंत्री को, कोई भी अन्य राज्य अन्नदाताओं की आत्महत्याओं पर इतना संजीदा नहीं दिखा, कि जिसकी सराहना की जा सके। विपक्षी दलो में भी जो जैहनत श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं ने देश में दिखाई, मगर जिन दलो और नेताओं से उ मीद थी। वह भी जहनत नहीं दिखा सके। यह आज की राजनीति का सबसे यक्ष प्रश्र है फिर वह कोई भी दल हो, देखा जाये तो मोदी का बच्चों से सीधा संवाद, स्वच्छता अभियान, जनधन येाजना, देश की 80 फीसदी आबादी को उत्साहित करती रही, मगर परिणामों के आभाव में संदेहस्पद स्थिति बनी रही, जो स्वाभाविक है।
काश कभी भारत की सियासत, सत्ता विश्व की उस महाशक्ति, जिसके नजदीक आज भारत की नीतियाँ  और सिद्धान्त रहे है,या फिर वह पड़ोसी देश के जिसके सिद्धान्त वह समझ पाती। जिस दिशा में अब देश चलना चाहता है। तो बात ही कुछ और होती। ये सही है कि हम एक लेाकतांत्रिक देश है। मगर हमारी जबावदेही देश के अन्तिम व्यक्ति तक स पन्नता,

खुशहाली, सुरक्षा का भाव पैदा करने की होनी चाहिए। हमें विचार करना चाहिए क्यों हमारी प्रतिभायें आजादी से लेकर आज तक विदेशों में पलायन करती रही है, परिणाम कि हमारी सबसे बड़ी, पूंजी हमारा आध्यात्म इतिहास पर भाई लेाग स्वयं का मेड इन  का ढप्पा पूरे अधिकार से लगा स्वयं अग्रणी या विकसित होने की दम भरते रहे, मगर हम अभी तक लकीर के फकीर बन बैसे ही घूमते रहे जैसे कि हम आजादी के वक्त थे।
देखा जाये तो जब कुदरत ही ने हमें प्राकृतिक रुप से स पन्न, खुशहाल बनाया है। फिर हम खुशहाली स पन्नता के मोहताज क्यों ?
कारण साफ है हमने 2004 के बाद या तो उस दिशा में प्रयास ही नहीं किये। अगर किये भी तो स्पष्ट दिशा नहीं दे सके। आज हमारी जो हालत सबके सामने है वह किसी से छिपी नहीं हमारे पास अकूत प्राकृतिक संपदा है, प्रतिभाऐं है, और संसाधन भी है। मगर जब आज मोदी जैसे अन्तिम पीढ़ी के नेता हमारा नेतृत्व व राहुल जैसे युवा तुर्क इस बात पर नजर रख रहे है। कि देश व देश के आम गरीब का भविष्य कैसा होगा। जिनके साथ 18-18 घन्टे काम करने वाले सहयोगी हो। ऐसे में भारत महान की दिशा दशा पर फिलहॉल सवाल बैमानी है।
हम इसे देश का सौभाग्य ही कहेगें कि मोदी जैसे तेज निर्णय और शिवराज जैसे नेता जब जनसुविधाओं को लेकर आक्रमक और राहुल, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे सजक विपक्ष के नेता हो, ऐसे में नेता आज की राजनीति में भले ही खरे उतरते दिखाई न दे, मगर भविष्य अब ऐसे ही नेताओं पर र्नि ार करेगा। जो लेाकतांत्रिक पर पराओं का पालन करते हुये जनाकांक्षाओं की पूर्ति हेतु, तेज, पारदर्शी, निर्णय ले, और देश, व देश वासियों के बीच उत्साह और विश्वास के साथ देश को फिर से खुशहाल, स पन्न, शक्तिशाली बनाने की ओर बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने किया 2072 करोड रूपये लागत की सिंचाई परियोजना का शिलान्यास    
राजगढ 26 मई,2015  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने आज राजगढ में 2072 करोड रूपये की लाग से निर्मित होने वाली मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया । नेवज नदी पर बनाये जा रहे इस बांध के पूरा हो जाने पर करीब एक लाख सैंतीस हजार हैक्टर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी । इस परियोजना के पूरा होने पर राजगढ,सारंगपुर और खिलचीपुर विकासखण्ड के 524 ग्रामों में सिंचाई सुविधा मिलगी । शिलान्यास कार्यक्रम में प्रदेश के जलसंसाधन मंत्री श्री जयैन्त मलैया,जिले के प्रभारी और प्रदेश की उद्योग मंत्री श्रीमति यशोधरा राजे सिंधिया,प्रमुख सचिव जलसंसाधन श्री आर.एस.जुलानिया तथा सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे । इस अवसर पर राजगढ जिला मुख्यालय पर जनसभा को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कहा कि राजगढ जिले का जलसंकट दूर करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।यहां का जल संकट दूर कर जिले के निवासियों को भी विकास की मुख्यधारा में शामिल कर उनको समृद्ध और खुशहाल जीवन देना ही मेरा उद्देश्य है। जिले की सीमाओं में पांच महत्वपूर्ण नदियां प्रवाहित होती है, इनके लिए योजनाओं का निर्माण कर जिले की एक-एक इंच जमीन को सिंचित बनाएंगे ।

दो प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी हुए निलंबित: कृषि इनपुट अनुदान वितरण के लिए सरकार गम्भीर
पटना, 26 मई 2015 - कृषि पदाधिकारियों को कृषि इनपुट अनुदान वितरण में लापरवाही एवं विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन में शिथिलता बरतने के कारण तेघड़ा(बेगूसराय) तथा बरहरा (आरा) के प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी निलंबित कर दिया गया है। उक्त जानकारी कृषि निदेशक, बिहार ने दी। प्राप्त सूचनानुसार अब तक कुल 9 (नौ) निलंबित किये जा चुके हैं। श्री मधुसूदन रजक, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, तेघरा, बेगूसराय को बिना सूचना के अनाधिकृत रूप से प्रखण्ड मुख्यालय से गायब रहने, सरकारी कार्य में अभिरूचि न लेने तथा कार्यालय अवधि में नशा का सेवन करने के कारण फसल क्षति एवं कृषि इनपुट अनुदान वितरण कार्य बाधित होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। बरहरा प्रखण्ड, जिला-आरा के प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, श्री विजय कुँवर सिंह पर अनाधिकृत रूप से कत्र्तव्य पर अनुपस्थित रहने, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने का आरोप है। श्री सिंह के अनुपस्थित रहने के कारण विभागीय योजनाओं का कार्य बाधित हुआ है। इन आरोपों के कारण श्री सिंह को निलंबित किया गया है।

न धन योजना में खोले 15  करोड़ से अधिक खाते- केन्द्रीय जल एवं संसाधन राज्य मंत्री
जयपुर, 26 मई। केन्द्रीय जल एवं संसाधन राज्य मंत्री प्रो.सांवरलाल जाट ने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने जन धन योजना में आमजनों के एक साल में 15करोड़ से अधिक लोगों के बैंकों में खाते खोल कर एक कीर्तिमान स्थापित किया हैं।  प्रो. सांवरलाल जाट मंगलवार को टोंक अग्रवाल धर्मशाला में केन्द्र सरकार के एक साल के शासन पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में स बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कॉल लॉक की खानों को आवंटन करने से सरकार को 3 लाख करोड़ रूपयें का मुनाफा हुआ है। जो एक कीर्तिमान हैं। इससे राजकीय कोष में काफी वृद्घि हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा ज मू कश्मीर में बाढ़, राजस्थान में ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि,नेपाल में भूक प एवं आपदाओं का बेहतरीन प्रबंधन सराहनीय रहा हैं। इससे विश्व पटल पर भारत की साख में काफी वृद्घि हुई हैं। उन्होने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को आपस में जोडऩे योजना का जिक्र करते हुए कहा कि हम इस और कदम बढ़ा रहे हैं। वही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़के पूरी गुणवापूर्ण तरीके बनाई गई हैं जिसका लाभ आज भी आमजन उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल में आए भूक प के दौरान भारत ने पड़ौसी देश होने के नाते मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए जो इमदाद की वो काबिले तारीफ है।  इस अवसर पर सांसद श्री सुखबीर सिंह जौनापुरियां ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के शासन काल में विकास दर में आशातीत वृद्घि हुई हैं तथा मंहगाई दर निरंतर गिर रही हैं।

छत्तीसगढ़ के खनिजों का स्थानीय उद्योगों के लिए हो बेहतर उपयोग : डॉ. रमन सिंह
रायपुर, 26 मई 2015/ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा का उपयोग राज्य के खनिज आधारित उद्योगों के लिए प्राथमिकता के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेल्यू एडिशन का कार्य भी प्रदेश में ही होने से राज्य को मिलने वाले खनिज राजस्व में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। डॉ. सिंह ने सोमवार को यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 9 वीं बैठक में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। राज्य सरकार के खनिज साधन विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक में प्रदेश में खनिजों की खोज से संबंधित परियोजनाओं की जानकारी दी गयी। मुख्यमंत्री ने खनिजों के पूर्वेक्षण का काम छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के माध्यम से कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में कबीरधाम जिले की पंडरिया तहसील में पंडरीपानी बॉक्साईट परियोजना और सरगुजा जिले में मुर्ताडांड बाक्साईट परियोजना में अन्वेषण का काम, कबीरधाम जिले की बोडला तहसील के ग्राम बम्हतरा में बाक्साईट अयस्क में पूर्वेक्षण का काम, इसी तहसील में भुरसीपकरी बॉक्साईट परियोजना और मुकाम बाक्साईट परियोजना में अन्वेषण का कार्य कराया जाएगा, बैठक में इन परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गयी। मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री शिवराज सिंह, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, खनिज साधन विभाग के सचिव श्री सुबोध सिंह और संचालक श्री अनबलगन पी. सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment