भूकंप के 17 दिन बाद भारतीय सेना के एएलएच ध्रुव ने दो फ्रांसीसी ट्रेकर्स को बचाया

नई दिल्ली। अत्‍यंत साहसिक बचाव कार्य के तहत भारतीय सेना के 'एएलएच ध्रुव' ने आज गोरखा जिले के एक दूर-दराज स्‍थान मच्‍छाखोला से आठ नेपाली नागरिकों के साथ-साथ दो फ्रांसीसी ट्रेकर्स को बचाया। पोखारा लौटते वक्‍त यही हेलीकॉप्‍टर सिंगला गांव होते हुए आया और इस दौरान 82 वर्षीय महिला को भी सुरक्षित निकाला, जो गंभीर रूप से बीमार थी।


25 अप्रैल को जब 7.9 तीव्रता वाला भयावह भूकंप आया था, तो उस समय फ्रांस के दो नागरिक इंग्रिड और जुलियन मध्‍य नेपाल के गोरखा जिले में ट्रेकिंग कर रहे थे। स्‍थानीय पत्रकार से जानकारी मिलने के बाद लेफ्निेंट कर्नल कौशिक एवं मेजर दनेश द्वारा उड़ाये जा रहे सेना उड्डयन के ध्रुव हेलीकॉप्टर ने 17 दिन बाद उन्‍हें बचाया। उन्‍हें आज सुरक्षित पोखारा लाया गया।

प्रदेश की नयी महिला नीति देश की आदर्श बने महिला नीति पर बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान
भोपाल : गुरूवार, मई 14, 2015, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की प्रस्तावित महिला नीति-2015 देश के लिये आदर्श बने। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज यहाँ प्रस्तावित महिला नीति के संबंध में बैठक ले रहे थे। बैठक में महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह और मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा भी उपस्थित थे। नयी महिला नीति आगामी 19 मई को महिला पंचायत में जारी की जायेगी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रस्तावित महिला नीति में लिंग भेद समाप्त करने, महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, सत्ता में भागीदारी, सुरक्षा और स्वास्थ्य से जु़ड़े मुद्दों को शामिल किया जाये। महिलाओं के लिये कौशल विकास तथा निजी और शासकीय क्षेत्र में उनके लिये रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विचार किया जाये। महिला नीति में महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण को शामिल किया जाये। उन्होंने नीति के क्रियान्वयन की मॉनीटरिंग के लिये आवश्यक तंत्र विकसित करने को कहा।
श्री चौहान ने महिलाओं के लिये विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने पर भी विचार करने के निर्देश दिये।

प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना : मुख्यमंत्री ने की घोषणा: छत्तीसगढ़ के 17 लाख असंगठित मजदूरों का बीमा कराएगी राज्य सरकार
रायपुर, 14 मई 2015 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना में छत्तीसगढ़ के सत्रह लाख असंगठित मेहनतकश मजदूरों का बीमा करवाने की घोषणा की। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इन मजदूरों का बीमा करवाएगी और उनके लिए लगभग दो करोड़ 04 लाख की वार्षिक प्रीमियम राशि भी प्रदेश शासन की ओर से उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को दो लाख रूपए की बीमा सुरक्षा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत से चर्चा के बाद उन्हें इस संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वयं श्रम विभाग की भी कमान संभाल रहे हैं।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित यह बीमा योजना आजादी के बाद भारत में आम जनता के लिए सबसे कम प्रीमियम वाली बीमा योजना है। इसमें देखा जाए तो हर महीने प्रत्येक बीमाधारक को सिर्फ एक रूपए का खर्च आ रहा है। प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के बैंक खाते में बारह रूपए की वार्षिक प्रीमियम राशि राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा जमा कर दी जाएगी और उनका फार्म भरवाया जाएगा। बीमित मजदूर को दो लाख रूपए की बीमा सुरक्षा मिलेगी। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में असंगठित क्षेत्र के इन श्रमिकों में से आठ लाख श्रमिक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत हैं, जबकि नौ लाख श्रमिकों का पंजीयन असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि श्रम विभाग के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में भवनों तथा सड़कों आदि के निर्माण से संबंधित  42 प्रकार के कार्यों में लगे श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें मंडल की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। इनमें पत्थर काटने, तोड़ने, पीसने वाले श्रमिक, राजमिस्त्री, बढ़ाई (कारपेंटर), पोताई करने वाले, फिटर, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, हथौड़ा चलाने वाले, रोलर चालक, पम्प ऑपरेटर आदि को शामिल किया गया है। इसी कड़ी में असंगठित कर्मकार राज्य सुरक्षा मंडल में लगभग 40 प्रकार के श्रमिकों के पंजीयन कर उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है, जिनमें धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर, हाथ ठेला चालक, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, फेरी वाले, कचरा बिनने वाले, सब्जी, फल-फूल के चिल्हर विक्रेता, चाय ठेला, फुटपाथ व्यापारी, हमाल, रेजा-कुली, जनरेटर/लाईट उठाने वाले, टेन्ट हाउस में काम करने वाले, चना-मुर्रा फोड़ने वाले, मोटर साईकिल और साईकिल मरम्मत करने वाले, पशुपालन, मुर्गीपालन और मछली पालन में लगे मजदूर, दुकानों में काम करने वाले मजदूर, खेतिहर मजदूर, चरवाहा, दूध दूहने वाले, नाव चलाने वाले आदि शामिल हैं।

आपदाग्रस्त किसानों को हरसंभव मदद दिलवाने के लिए हाई-पावर कमेटी की बैठक शीघ्र
जयपुर, 14 मई। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा है कि असमय वर्षा एवं भारी ओलावृष्टि से प्रभावित राजस्थान के किसानों को हरसंभव मदद दिलवाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी की यथाशीघ्र बैठक होगी, इसमें राज्य सरकार से मिले ज्ञापन पर विचार कर समुचित निर्णय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हुए नुकसान को उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर देखा है और यह सही है कि राज्य में फसलों की बहुत अधिक क्षति हुई है, जिसकी भरपाई होना जरूरी है। गृह एवं आपदा राहत मंत्री श्री गुलाब चंद कटारिया ने गुरूवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य के आपदाग्रस्त किसानों के लिए राहत पैकेज पर विस्तार से चर्चा की।  श्री कटारिया की केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री जेटली और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक से बुधवार सायं राज्य की मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की श्री जेटली से हुई भेंट और राजस्थान को 11 हजार 886 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने की मांग के क्रम में आयोजित हुई।
उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री को बताया कि आपदा राहत के नए मापदंडों के अनुरूप फसलों में 33 से 100 प्रतिशत खराबा होने पर करवाई की गई नई गिरदावरी के अनुसार राज्य सरकार ने केन्द्र को विगत 16 अप्रेल को 11 हजार 886 करोड़ रुपये का संशोधित ज्ञापन प्रस्तुत किया है।उन्होंने बताया कि राजस्थान में असमय वर्षा एवं भारी ओलावृष्टि से 11 हजार 735 गांवों के 28.35 लाख किसान प्रभावित हुए हैं और 24.37 लाख हैक्टेयर भूमि में फसलों को भारी नुकसान हुआ है तथा गेहॅंू, चना, जौ, जीरा, ईसबगोल, लहसुन, धनिया, संतरा एवं अन्य सब्जियों वाली फसलों को भारी क्षति हुई है। साथ ही जबर्दस्त ओलावृष्टि से प्रदेश में जान-माल एवं पशुधन को भी नुकसान पहुॅंचा है।  श्री कटारिया ने बताया कि राजस्थान सरकार ने अब तक 14 लाख किसानों को तात्कालिक मदद पहुंचाई है और इसके लिए जिला कलेक्टरों को 1219 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, लेकिन 33 प्रतिशत खराबा के नए मापदंड के अनुरूप अब राज्य सरकार को वांछित राहत पैकेज 11 हजार 886 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसके अलावा एस.डी.आर.एफ. के तहत कृषि आदान अनुदान के लिए 3 हजार 198 करोड़ रुपये और इस मद में बढ़ी हुई दरों से 6 हजार 578 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद की भी आवश्यकता है।

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