खुशहाली का मूलमंत्र है- स्वच्छता

7 नरेन्द्र मोदी, विलेज टाइम्स वह हमारी शिक्षा, संस्कृति, सभ्यता, संस्कार ही थे जिसके चलते स्वच्छता को सर्वोपरि रख कभी हमारे पूर्वजो ने...

7 नरेन्द्र मोदी, विलेज टाइम्स
वह हमारी शिक्षा, संस्कृति, सभ्यता, संस्कार ही थे जिसके चलते स्वच्छता को सर्वोपरि रख कभी हमारे पूर्वजो ने एक ऐसा खुशहाल भू-भाग बनाया जिसे हिन्दुस्तान भारत जैसे नामो से नवाजा गया। एस वक्त भी कई धर्म, जातिया, भाषाऐं थी अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग बोलियाँ और सत्ताये भी कई भांगों में बठी थी, मगर हम खुशहाल थे। कई आक्रान्ताओं के आक्रमण इस बात के गवाह है कि कुछ तो था हमारे पास जो आक्रान्ताओं को आक्रसित कर हमारी ओर खींच लाता था।

अन्तिम आक्रान्ता बतौर आये अंगे्रजो ने अपनी हुकूमत के विद्ववान लार्ड मैकाले को इसलिये भारत भेजा कि वह अपने मनमाफिक भारत की स यता, संस्कृति, और संस्कारों को गढ़ अपने माफिक लेागेा को बना सके। उस ब्रिटेन के विद्ववान पुरुष ने ाी भारत भ्रमण पश्चात ब्रिटेन की संसद में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया था कि मैंने विश्व के कई देश भू-भागो का भ्रमण किया मगर भारत जैसा खुशहाल स पन्न राष्ट्र भू-भाग नहीं देखा।
कारण हमारे धर्माे में स्वच्छता कर्मो में स्वच्छता हमारी सोच में स्वच्छता थी, कारण हमारी स यता, संस्कृतिक, संस्कार स्वच्छता से लवरेज थे।
चूकि महात्मा गांधी जी की गहरी आस्था धर्म में थी। इसलिये उन्होंने कहा था कि कभी राजनीति को धर्म से अलग नहीं किया जा सकता। वह यह भी कहते थे कि अच्छे साध्य के लिये अच्छे साधनों की जरुरत होती है।
कुल मिलाकर स्वच्छता वह मूल मंत्र है जिससे एक खुशहाल राष्ट्र, समाज का निर्माण किया जा सकता है। क्योंकि आज अस्वच्छता का नंगा नाच चहुं ओर व्याप्त है चाहे व्यवस्था हो या राजनीति या फिर समाज।
जिस तरह से किसी स्वस्थ शरीर को, अस्वच्छता रोगी बना, कष्टों को परोस मृत्यु शैया तक पहुंचा, खुशहाल जीवन नरक बना देती है। उसी तरह समाज, राजनीति एवं व्यवस्था में व्याप्त अस्वच्छता इनका विक्रत स्वरुप बना। इनका अस्तित्व समाप्त कर देती है। पुरानी कहावत है
पहला सुख निरोगी काया।
दूजा सुख घर में हो माया।
ये पक्तियां भी दर्शाती है। कि जीवन में स्वच्छता का क्या महत्व है। इसलिये गांधी जी द्वारा शुरु किये गये स्वच्छता आन्दोलन का अर्थ केवल साफ सफाई तक सीमित नहीं था इससे कहीं अधिक ज्यादा था।
उसी प्रकार देश के प्रधानमंत्री का स्वच्छता अभियान केवल साफ सफाई तक सीमित नहीं। क्योंकि यह किसी भी खुशहाल राष्ट्र और समाज के विकास और खुशहाली की पहली सीढ़ी हो सकती है। मगर इसके व्यापाक अर्थ और परिणाम भारत को एक बार फिर से खुशहाल स पन्न राष्ट्र बना सकते। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रकृति ने इस पृथ्वी पर हर जीव को स्वच्छ और साफ सुथरा सुन्दर, खुशहाल बनाकर भेजा है। और जब तक वह प्रकृति के स पर्क में रहते है, चाहे वह जानवर, जीव, पशु, पक्षी, मानव या फिर वृक्ष हो, जब तक वह साफ सुथरे, सुन्दर, खुशहाल नजर आते है। जैसे ही उनका प्रकृति से स पर्क खत्म होता है। वह कुरुप हो कष्टो से घिर जाते है। यह एक सात्विक ही नहीं वैज्ञानिक सत्य भी है।

क्योंकि स्वच्छ वातावरण जहां मन को प्रसन्न रख, कहीं अधिक ऊर्जा प्रदान कर हमें स्वस्थ रख, हमारा स्वस्थ विकास और खुशहाली के नये-नये मौके प्रदान करता है। वहीं हमें निरोगी रख हमें जीवन के उस आनन्द की अनुभूति भी कराता है। जिसके लिये हम जीवन भर संघर्ष करते है।
इसलिये हम स्वयं स्वच्छ रहकर परिवार, मोहल्ला, समाज, और राष्ट्र व्यवस्था में स्वच्छता की शुरुआत करते है। तो राष्ट्र का खुशहाल, और स पन्न बनना लाजमी है।
साफ सफाई के माध्ययम से स्वच्छता तो हर समाज राष्ट्र के लिये सबसे निचले स्तर पर एक प्रतीक मात्र है। इसका असली स्वरुप तो बहुत व्यापाक है।

अनादी काल से हर धर्म, समाज में घर की और शरीर की स्वच्छता पहली शर्त रही है। जिसे हम सर्वोपरि मानते है। जिसका पालन हमें हर धार्मिक स्थल पर जाने से पूर्व करना होता है।
तो फिर सार्वजनिक जीवन में क्यों नहीं ? जिससे एक स्वस्थ, शसक्त और खुशहाल समाज और राष्ट्र का निर्माण किया जा सके है। जो हम सभी भारत वासियों का अहम कत्र्तव्य हो सकता है।

COMMENTS

Name

तीरंदाज,328,व्ही.एस.भुल्ले,523,
ltr
item
Village Times: खुशहाली का मूलमंत्र है- स्वच्छता
खुशहाली का मूलमंत्र है- स्वच्छता
http://4.bp.blogspot.com/-ObbL2B4-opE/VTFTgxZLoEI/AAAAAAAANlA/Om_gsQeGpGE/s1600/photo.jpg
http://4.bp.blogspot.com/-ObbL2B4-opE/VTFTgxZLoEI/AAAAAAAANlA/Om_gsQeGpGE/s72-c/photo.jpg
Village Times
http://www.villagetimes.co.in/2015/04/blog-post_17.html
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/2015/04/blog-post_17.html
true
5684182741282473279
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy