अभिव्यक्ति की आजादी और लहुलुहान लोकतंत्र

व्ही.एस.भुल्ले। जिस तरह से विचारों की अभिव्यक्ति और लेाकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता हथियाने खूनी खेल शुरु हुआ है। उसका भविष्य जो भी हो मगर इतना तय है, कि यह हमारे महान लोकतंत्र के लिये शुभ संकेत नहीं है। आज ही हमारे समाचार पत्रों में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के विचारों के अभिव्यक्ति और कार्यपालिका के मप्र के पूर्व मुख्य सचिव के विचारों से संबंधित खबरे है। 


जहां देश के सर्वोच्चय न्यायालय के पूर्व न्याय मूर्ति के विचारों की अभिव्यक्ति को लेकर कई विद्ववानो के अपने विचार है, वहीं म.प्र. में विपक्ष द्वारा म.प्र. के मु यमंत्री के खिलाफ खुली सभाओं में व्यापाम घोटाले के माध्ययम से उन्हें शिकत देने की असफल कोशिस के बारे उनका विचार है। 

मगर इस सबसे इतर सच जो भी हो, न तो पूर्व न्यायमूर्ति की भावनाओं को उनके अनुसार की गई अभिव्यक्ति को लेाकतांत्रिक व्यवस्था के चलते दरकिनार किया जा सकता है। न ही म.प्र. के मु य सचिव रहे महानुभाव के तर्को को झुठलाया जा सकता है। मगर इस सब के बीच में सत्ता हथियाने ग्राम स्तर पर ग्राम स्वराज के लिये हुई जंग ने हमारे लेाकतंत्र को ही लहुलुहान कर दिया है। 

जिस तरह से गांवों की सत्ता हथियाने ल_, लुहांगी, तमंचे, बन्दूके गरजी और खुल के शराब और पैसे की यूति चली उसे देखकर नहीं लगता, कि अब बहुत दिनों तक आम गरीब लेाकतंत्र की छत्र-छाया में खुली सांस ले पायेगा। क्योंकि जिस तरह से पंचपरमेश्वर चुनते वक्त लेागों का ईमान ढोला और जिस तरह से जनपत या जिला अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने लेागों ने खजाने का मुंह खोला जिसे चर्चाओं में कहते लेाग नहीं थकते आज सत्ता गांवों की सत्ता उन धनकुबेर और बाहुबलियों के हाथ जा पहुंची है। जिनका जनकल्याण से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। 
बहरहॉल जो भी हों, अभिव्यक्ति की आजादी का खेल स्वयं के स्वार्थो और अंहकार के लिये हमारे लेाकतंत्र में जो शुरु हुआ है समाज ही नहीं, राष्ट्र के लिये भी घातक है। जिस तरह से पंचायती राज में ल_, लुहांगी, क_े, बन्दूकों का उपयोग हुआ है उससे ग्राम स्वराज की भावना ही बैमानी है। फिलहॉल हमारा महान लोकतंत्र एक ऐसे चौराहे पर आ खड़ा हुआ है जहां से सही रास्ता चुन पाना मुश्किल ही नहीं नमुकिन हो गया है। तो कोई अतिसंयोक्ति न होगी। 

मौसम की अनिश्चितता के प्रति सावधानियाँ जरूरी, कटाई के बाद शीघ्र गहाई करें किसान
भोपाल : शुक्रवार, मार्च 13, 2015 प्रदेश में कुछ जिलों में रुक-रुककर हो रही वर्षा से गेहूँ की खड़ी फसल को संभावित क्षति से बचाने के यथा-संभव प्रयास किये जाने जरूरी हैं। प्रदेश में इस साल लगभग 58 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूँ की फसल बोयी गयी है। यद्यपि गेहूँ की बोवाई के समय में पर्याप्त अंतर है, इसलिये कुल उत्पादन पर कम ही प्रभाव पड़ेगा। किसानों को मौसम की विपरीत परिस्थितियों के अनुसार ही कृषि कार्य अपनाने की सलाह दी जा रही है।संचालनालय किसान-कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार किसान गेहूँ की फसल भली-भाँति सूखने के बाद ही कटाई करें। काटी गई फसलों को खेत में देर तक छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है। अत: जल्दी ही फसल संकलित कर खलिहानों में सुरक्षित स्थान पर रखा जाये। इसके लिये तिरपाल या अन्य साधनों से आवश्यकता पड़ने पर वर्षा से सुरक्षा का प्रबंध करें। इसके अलावा खलिहानों को विद्युत ट्रांसफार्मर से दूर बनायें।एडवाइजरी के अनुसार जहाँ कहीं फसल गीली हो गई हो, वहाँ छोटे-छोटे गठ्ठे बनाकर अच्छी तरह सुखाने के बाद ही गहाई करें। इन गठ्ठों को उलटते-पलटते रहें। यदि थ्रेसिंग का काम पूरा कर लिया गया हो तो अनाज का सुरक्षित भण्डारण किया जाये। इसके लिये सूखी अनाज कोठियों को अच्छी तरह साफ और कीटाणु-रहित कर लें। सलाह के अनुसार किसान कटाई या अन्य कृषि कार्यों के समय मौसम की सूचनाओं पर अवश्य ध्यान दें। इस संबंध में विभागीय माध्यमों से भी एसएमएस द्वारा सूचनाएँ किसानों को दी जा रही हैं।

अनियमितता पर दो राशन दुकानें निलंबित
अम्बिकापुर 13 मार्च 2015 कलेक्टर श्रीमती ऋतु सैन के निर्देशानुसार समय-समय पर उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है। कलेक्टर ने उचित मूल्य दुकान के संचालकों से कहा है कि वे नियमानुसार सामानों की मूल्य सूची का प्रदर्शन करें, स्टॉक पंजी को अद्यतन रखें तथा तौल की मशीन को भी सही रखें, ताकि लोगों को सही तौल का सामान प्राप्त हो सके। उन्होंने संचालकों को निर्देशित किया है कि उचित मूल्य दुकानों को निर्धारित समय तक खुला रखें।
खाद्य अधिकारी ने बताया कि 3 मार्च 2015 को शासकीय बहुउद्देशीय सहकारी समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 391001030 की जांच कराए जाने पर पीडीएस मशीन में मात्रा का भौतिक सत्यापन करने पर अंतर पाए जाने के कारण छ.ग. सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश का उल्लघंन होने के कारण उक्त दुकान को निलंबित करते हुए अस्थायी रूप से शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 391001012 महिला स्व सहायता समूह नवागढ़ से संबद्ध कर दिया गया है। इसी प्रकार 20 फरवरी को खाद्य निरीक्षक द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 392001004 भगवानपुर की जांच किए जाने पर जांच में स्कंध एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने तथा खाद्यान्न की हेराफेरी करने के कारण शासकीय उचित मूल्य दुकान को निलंबित करते हुए आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 391001044 उजाला महिला स्व सहायता समूह से संबद्ध कर दिया गया है। 

हर व्यक्ति पर 42 हजार का कर्ज: मुख्यमंत्री
जयपुर, 13 मार्च। मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने शुक्रवार को बजट बहस का जवाब देते हुए कहा कि यह पूर्ववर्ती सरकार के लचर वित्तीय प्रबन्धन का ही परिणाम है कि आज राजस्थान के हर व्यक्ति पर 42 हजार रुपये का कर्जा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 की समाप्ति पर राज्य पर कुल खर्च 1 लाख 47 हजार करोड़ रुपये हो गया है। अगर इसमें बिजली क पनियों तथा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम का कर्ज भी शामिल कर लिया जाये तो कुल कर्ज 2 लाख 90 हजार करोड़ रुपये हो जाता है। ऐसी कठिन परिस्थिति में भी हम सबको साथ लेकर और सबके विश्वास से जनआकाक्षांओं की पूर्ति करने का प्रयास करेंगे। 


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