सच से मुंह, छिपाता, अंहकार सदन की मर्यादा से खिलवाड़ सर्वनाश के संकेत

व्ही.एस.भुल्ले | अब दल जो भी हो अगर वह अंहकार बस सच से मुंह छिपा जनता को बैबकूफ बना, सदन की मर्यादाओं से खिलबाड़ करते है। तो निश्चित ही लेाकतंत्र के सफाये के स्पष्ट संकेत है। लेाग माने या न माने मगर सच यहीं है। 

व्यक्तिगत राजनीति की हद तो तब हो जाती है जब किसी सरकार का वित्तमंत्री तो सदन में अपना भाषण पूरा कर लेता है। मगर उस सरकार का मुखिया अपना भाषण पूरा नहीं कर पाता है। और बजट पास हो जाता है। क्योंकि सरकार प्रचण्ड बहुमत में है।
ऐसे में लेाकतंात्रिक भावनाओं पर पराओं का क्या जो पक्ष-विपक्ष के अघोषित फिक्स मलयुद्ध में दम तोड़ रही है। अब्वल होना, तो यह चाहिए था कि जो सरकार के वितमंत्री ने भाषण पढ़ा उस पर रचनात्मक बहस होना चाहिए थी। 
महामहीम का अभिभाषण तो मु यमंत्री की भावना का याल रख मु यमंंत्री को जनहित में सुना जाना चाहिए था। 
मगर दुर्भाग्य कि म.प्र. में ऐसा कुछ न हो सका। और वहीं हुआ जो स्वयं अंहकार चाहता था। और ठीक बैसा ही हुआ। 
मगर दुर्भाग्य कि सच से सहमत आमजन मजबूरीबस झूठ को स्वीकार करने मजबूर जो है। फिर कीमत जो भी हो, आखिर रोटी, कपड़ा, मकान की मंशा लिये 60 फीसदी लेागों को उ मीद जो है अपने जनप्रतिनिधियों से की वह उनका भविष्य बेहतर ढंग से गड़ेगें, मगर सत्ता मद में डूबे पक्ष, विपक्ष को जनभावनाओं से क्या लेना देना और क्यो ?
फिलहॉल सत्तासीन स्वयं के अंहकार का शिकार हो ये समझते है कि उसे 2/3 से अधिक समर्थन और जनता का बहुमत प्राप्त है। वहींं विपक्ष समझता है कि अगर बिल्ली के भाग्य से छीका टूटा तो सत्ता उसके पास होंगी मगर लेाकतंत्र के नाम जो जगहसाई अपनी नेकनियती की बांट जो रही है वह पक्ष-विपक्ष दोनो के कृत्य से बड़ी परेशान है।
फिलहॉल तो पक्ष-विपक्ष का मैच फिक्स हो सदन चल रहा है। मगर लेाकतंत्र के मन्दिर में जो चल रहा है वह अक्ष य ही नहीं लोकतंत्र के खिलाफ है, फिलहॉल जिस तरह से सदन चलाने या चलने का कृत्य सरकार द्वारा विगत वर्षो से चल रहा है। उसे आने वाली पीढ़ी न तो कभी माफ करेगी, न ही कभी स्वीकार करेगी। क्योंकि म.प्र. देश का दिल ही नहीं, लेाकतंत्र ही जान है जिस भू- ााग पर भोले भाले लेाग बसते हो, वहां ईश्वर स्वयं विराजमान रहते है। अगर सत्ता पक्ष वाक्य में ही लेाकतांत्रिक भावनाओं अनुरुप सदन चलाना चाहता है। तो उसे स्वयं का अंहकार छोड़ प्रदेश की निरीह जनता की भावनाओं को याल रख, विपक्ष के दुव्र्यवहार को भी सहना चाहिए। और विपक्ष को हो हल्ला प्रदर्शन का ज्यादा शौक है तो उसे सड़क पर उतर, उस जनता को सच बता बताना चाहिए कि जिस सरकार को अपना चुना है वह हमारी बात न सुन सदन में क्या कर रही है। उस सरकार का आचरण क्या है। तभी लेाकतंत्र बचेगा और सदन की मर्यादा बनी रहेगी। 

उद्योग मंत्री श्रीमती सिंधिया द्वारा ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए केमरा सर्विलांस के निर्णय का स्वागत
भोपाल : शुक्रवार, फरवरी 27, 2015 उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु के महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर लिए गए निर्णय का स्वागत किया है। श्रीमती सिंधिया ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चुनिंदा सवारी डिब्बों और उप नगरीय ट्रेन के महिला कोच में केमरे से निगरानी किए जाने की व्यवस्था से कु. रति त्रिपाठी जैसे यात्रियों के साथ हुए हादसे भविष्य में नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में श्रीमती सिंधिया की दिल्ली यात्रा के दौरान कुछ महिला यात्रियों से दुर्व्यवहार की घटना घटी थी। दिल्ली में उन्होंने केन्द्रीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु से मुलाकात के दौरान इस घटना का उल्लेख करते हुए उनसे महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी केमरे लगाने का सुझाव दिया था।
श्रीमती सिंधिया ने रेल मंत्री श्री प्रभु को बायो टायलेट, हाउसकीपिंग सेवाओं में सुधार जैसे निर्णय पर भी बधाई प्रेषित की है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कम्पनी ’इन्टेल’ ने किया पहला एमओयू छत्तीसगढ़ सरकार के साथ डिजिटल छत्तीसगढ़ निर्माण में सहयोग प्रदान करेगी इन्टेल
रायपुर, 27 फरवरी 2015 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित डिजिटल इण्डिया की अवधारणा को छत्तीसगढ़ में साकार करने के लिए राज्य सरकार ने आज रायपुर में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय आई.टी. कम्पनी इण्टेल इंडिया लिमिटेड के साथ एम.ओ.यू. किया। इन्टेल कम्पनी ने दुनिया मंे अपना पहला एम.ओ.यू छत्तीसगढ़ सरकार के साथ किया है। यह एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह की उपस्थिति में एम.ओ.यू. पर छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार और इंटेल कम्पनी दक्षिण एशिया क्षेत्र की उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुश्री देवजानी घोष ने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि इन्टेल सूचना प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में चिप्स और माईक्रोप्रोसेसर निर्माण करने वाली अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित निजी कम्पनी है। यह कम्पनी कम्प्यूटर, लैपटाप, टेबलेट और मोबाईलों में काम आने वाली 96 प्रतिशत चिप्स का निर्माण अकेले करती है। एम.ओ.यू के अनुसार डिजिटल इंडिया के अनुरूप डिजिटल छत्तीसगढ़ के निर्माण में यह कम्पनी चिप्स के साथ मिलकर काम करेगी। राज्य में स्मार्ट सिटी के निर्माण और कौशल उन्नयन के लिए जरूरी इन्क्यूबेशन केन्द्रों के निर्माण में आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इसके अलावा कम्पनी की अनेक सहयोगी संस्थाएं भी हैं, जो नया रायपुर सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाश करेंगी। 
एम.ओ.यू. के अनुसार इन्टेल कम्पनी सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र. में छत्तीसगढ़ सरकार को इलेक्ट्रॉनिक्स, सिस्टम डिजाईनिंग और मेन्यूफेक्चरिंग (ई.एस.डी.एम.) तथा हार्डवेयर के क्षेत्र में तकनीकी परामर्श दाता के रूप में काम करेगी। कम्पनी द्वारा चिप्स को भी तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। चिप्स और इन्टेल कम्पनी मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे। कम्पनी छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग तथा सरकार के अन्य विभागों को उनकी आवश्यकता के आधार पर चिप्स के साथ मिलकर जरूरी तकनीकी सहयोग प्रदान कर सकेगी। कम्पनी के छत्तीसगढ़ में आने से यहां कौशल विकास उन्नयन कार्यक्रम को गति मिलेगी और राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा। आई.टी. उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। एम.ओ.यू. के अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, संचालक जनसम्पर्क श्री रजत कुमार और इण्टेल कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

सूचना एवं जनस पर्क निदेशक से राजस्थान लघु समाचार पत्र स पादक मण्डल ने मुलाकात की सार्थक वार्ता के बाद धरना वापस लिया
जयपुर, 27 फरवरी। सूचना एवं जनस पर्क निदेशक श्री अनिल गुप्ता से शुक्रवार को उनके कक्ष में राजस्थान लघु समाचार पत्र स पादक संघ ने अपने 10 सूत्री मांगों के स बन्ध में मुलाकात की एवं ज्ञापन सौंपा। उल्लेखनीय है कि संघ द्वारा अपनी मांगों के निराकरण के लिए एक मार्च से धरना दिया जाना प्रस्तावित था। श्री गुप्ता से संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री बाबूलाल भारती के नेतृत्व में आये प्रतिनिधि मण्डल ने 10 सूत्री मांगों के स बन्ध में विचार-विमर्श किया।
सूचना एवं जनस पर्क निदेशक ने संघ के पदाधिकारियों को विभाग स्तर पर निराकरण की जाने वाली मांगों पर शीघ्र ही निर्णय का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों से स बन्धित मांगों के स बन्ध में राज्य स्तर एवं स बन्धित विभागों को मांगे पे्रषित कर समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया जायेगा। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई इस वार्ता में राजस्थान लघु समाचार पत्र स पादक कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष श्री श्याम सुन्दर तंवर, महामंत्री श्री कमलेश गोयल, इण्डियन फैडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट राजस्थान इकाई के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश नारायण जैमन और उपाध्यक्ष श्री मूलचन्द अग्रवाल शामिल थे। निदेशक के साथ हुई इस वार्ता को संघ के पदाधिकारियों ने सार्थक बताया और कहा कि अपनी मांगों के निराकरण के लिए एक मार्च से उद्योग मैदान में दिये जाने वाले धरने को वापस ले लिया गया है। 

SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment