कलफति आत्मा और ,विजय पथ पर बढ़ता अन्तोदय् का कांरवा

व्ही.एस. भुल्ले। देश के बाद, एक एक करके कई प्रदेशों में फैलता अन्तोदय् वालो का कॉरवा भले ही अपनी कामयाबी पर मंत्रयुग्ध हो, मगर सच यह है कि समाज की अन्तिम पन्ति में खड़ा आम व्यक्ति आज भी अन्तोदय वालो के राज मेे अकेला खड़ा अभी भी कलफ रहा है। मगर देश भर में आय दिन निकलते विजय जुलूसो में वह अन्तिम व्यक्ति भी अपनी विजय को तलाश फिलहॉल हताश खड़ा है।

क्योंकि उसे एहसास है कि वह जहां से चला था आज भी वह वहीं खड़ा है। जहां उसे मिलने वाली सेवाये,सुविधाये तो दूर कोणी प्रकृति प्रदत्त नैसर्गिक सुख सुविधाओं का भी मोहताज बना है। चाहे वह शुद्ध पेयजल, हवा, पानी, सड़क हो या फिर सर छिपाने छत सभी का एनकेन प्राकेरण अकाल पड़ा है। रहा सवाल व्ववस्था गत सुविधाओं का तो वहां भी खुलेयाम जान की वाजी लगाकर लूटमार का खेल चल रहा है जिन्हें आम व्यक्ति अन्तिम छोर पर खड़ा रह, स्वयं का खैरोगार समझता था। उन्होंने देश भर की सत्ता में स्वयं को काबिज करने का गुर सीख लिया है अब ऐसे में अन्तिम छोर पर खड़ा व्यक्ति जाये तो जाये कहां क्योंकि दहशत सुधा विपक्ष आज भी सत्ता सुख के सपने लिये जी रहा है। या फिर भविष्य को सुरक्षित रख सत्ता में बने रहने की जुगत लगा एक जुट प्रदर्शन कर अपनी अन्तिम लड़ाई लड़ रहा है।

मगर हालात कुछ ऐेसे है कि देश भर में अन्तोदय वालो का डंगा बोल रहा है। मगर अन्तोदय वालो की शल्तनत का लाभ, अन्तोदय वालो के राज में अन्तोदय को नहीं मिल रहा है।

कारण साफ है अन्तोदय वालो की सरकारों के , एक दो कुनवा ही नहीं, अब्बल सारे कुंऐं में ही भांग पड़ी है। और अन्तिम पन्ति में खड़ी नंगे भूखो की फौज ही नहीं शेष जमात भी जरुरत के साथ मांग पूर्ति के बीच मोहताज खड़ी है।

बहरहॉल देश दुनिया का भविष्य जो भी हो, अगर कुछ दिनो और ऐसा ही अन्तोदय के नाम चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब अन्तोदय वालो एवं इस व्यव्स्था से अन्तिम पन्ति में खड़े व्यक्ति की आस टूट जायेगी।
और देश ही नहीं पूरी दुनिया इस कलयुग में उस अन्तिम व्यक्ति को नहीं समझ पायेगी जिससे आज देश, दुनिया ही नहीं इन्सानियत और मानवता चल रही है।

अस्‍सी घाट, वाराणसी पर स्‍वच्‍छता कार्यों के निरीक्षण के बाद मीडिया को प्रधानमंत्री का वक्‍तव्‍य
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अस्‍सी घाट, वाराणसी में स्‍वच्‍छता कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ने 8 नवम्‍बर, 2014 को अस्‍सी घाट से ही देशव्‍यापी स्‍वच्‍छता अभियान की शुरूआत की थी। उन्‍होंने अस्‍सी घाट के नजदीक जगन्‍नाथ गली में भी स्‍वच्‍छता अभियान में भाग लिया। अस्‍सी घाट पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा - “मैं विशेष रूप से काशी के नागरिकों का और स्वैच्छिक संगठनों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। बहुत वर्षों से यह घाट जो करोड़ों-करोड़ों देशवासियों की श्रद्धा का केंद्र है, जो काशी की पहचान है, वो मिट्टी में दबे पड़े थे। नवंबर में जब मैं आया था तो, मैंने यहां पर श्रमानुभव का कार्यक्रम प्रारंभ किया था लेकिन बाद में लोगों ने, सामाजिक संस्थाओं ने, नगर निगम ने, सरकार ने इसे एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना और आज हम देख रहे हैं कि सफाई के कारण जो घाट कभी मिट्टी के ढ़ेर थे वो अपने पुराने सौंदर्य के साथ मां गंगा के सामने प्रस्तुत हैं। मैं इस कार्य में योगदान करने वाले सभी लोगों का हृदय से अभिनंदन करता हूं और 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर जो स्वच्छता का अभियान शुरू किया है, उसे देश के सभी वर्गों ने सराहा है, अपना बनाया है और हर कोई सकारात्मक रूप से इस बात को आगे बढ़ा रहा है। मैं आज इस निमित्त मां गंगा के सामने खड़े होकर देश में इस काम को आगे बढ़ाने में, हर किसी की जो भूमिका रही है उनका भी अभिनंदन करता हूं, उनका भी धन्यवाद करता हूं और मैं आज फिर से एक बार मां गंगा के सामने प्रस्तुत होकर उस श्रमानुभव का मैं आज भी लाभ उठाने वाला हूँ। लेकिन इसके साथ एक बार आज फिर मैं कुछ लोगों को नामांकित करने जा रहा हूं । इस बार व्यक्तियों को भी नामांकित कर रहा हूं और कुछ संस्थाओं और संगठनों को भी नामांकित करता हूं और वो संगठन और संस्थाएं ऐसी हैं जिनकी अपनी एक बहुत बड़ी ताकत हैं और वे बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं। नागालैंड के गर्वनर श्रीमान पद्मनाभाचार्य, डॉ. किरण बेदी, नृत्य के क्षेत्र में राष्ट्र का नाम रोशन करने वाली सोनल मान सिंह, कॉमेडी नाइट्स में प्रसिद्ध हुए श्रीमान कपिल शर्मा, खेल जगत में क्रिकेट के माध्यम से भारत को गौरव दिलाने वाले श्रीमान सौरव गांगुली, आंध्र प्रदेश में इनाडु ग्रुप लंबे अरसे से इस काम को कर रहा है लेकिन विशेष रूप से मैं आज रामजी राव और पूरे इनाडु ग्रुप को निमंत्रित करता हूं। श्री अरुण पुरी इंडिया टुडे ग्रुप, उनके तो कई साथियों ने तो मुझे ट्वीट करके भी कहा था। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में उनके जो प्रमुख लोग हैं उन्होंने ट्वीट करके कहा था कि हम भी जुड़ना चाहते हैं। मैं आज अरुण पुरी और इंडिया टुडे ग्रुप के पूरे देश में उनके सभी साथियों को निमंत्रित करता हूं। भारतीय चार्टटेड अकाउंटेंट संस्‍थान (आईसीएआई) अपने आप में एक बहुत व्यापक संगठन है। उनको भी मैं निमंत्रित करता हूं। कि वे कागज में हिसाब-किताब की सफाई तो करते ही हैं अब वे देश की सफाई में भी हमारा हाथ बटाएं। मुंबई के डिब्बे वाले, जो भोजन का डिब्बा पहुंचाते हैं। बहुत बड़ा संगठऩ है और एक समर्पित संगठऩ है, मैं उन सबको भी निमंत्रित करता हूं कि वे भी इस काम में हमारा हाथ बटाएं और मैं फिर एक बार इस काम को गति देने के लिए सारे देशवासियों को निमंत्रित करता हूं। आज 25 दिसंबर है। मैं देश और दुनिया में सब को क्रिसमस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आज महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी और मां भारती के सपूत भारत रत्न श्रीमान अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिन है उनको भी मैं हृदय से बुहत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आज 25 दिसंबर को काशी नरेश विभूति नारायण सिंह जी ने अपना देह छोड़ा था। उनकी पुण्य स्मृतियां भी हमेशा काशी का गौरव गान बनी रही हैं। मैं उनको भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।

पुलिस थाने में जमा करायें आग्नेय शस्त्र
कवर्धा, 25 दिसंबर 2014। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री पी.दयानंद ने जिले में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2014-15 के निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण सुनिश्चित करने हेतु तथा लोक शांति की सुरक्षा के साथ आम व्यक्ति की सुरक्षा हेतु सीमित अवधि के लिये आग्नेय शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों से जमा कराने आदेश जारी किये है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया एवं निर्वाचन के दौरान भय तथा आतंक का वातावरण निर्मित न हो सकें और इन शस्त्रों का दुरूपयोग होने से बचा जा सकें। इसलिये आयुध अधिनियम 1059 की धारा 17 उपधाारा (3) के उप क्लाज(बी) सहपठित धारा 21 आयुध अधिनियम के तहत जिला कबीरधाम के जिला के जनपद पंचायत कवर्धा, सहसपुर लोहारा, बोड़ला, पंडरिया की सीमा में रहने वाले समस्त अनुज्ञप्तिधारियों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने अस्त्र-शस्त्र नजदीकी पुलिस स्टेधन में तत्काल जमा करें तथा संबंधित पुलिस थाने से उसकी पावती प्राप्त कर लेवें। यह आदेश जनपद पंचातय क्षेत्र में निवासरत बाहर के जिलो से प्राप्त अनुज्ञप्तिधारियों पर भी लागू होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रभावशील रहेगा। इसके पश्चात् वैध अनुज्ञप्तिधारी अपने अस्त्र-शस्त्र थाने से वापस प्राप्त कर सकेंगे। इस अवधि के लिये समस्त शस्त्र अनुज्ञप्ति निलंबित किये जाते हैं।

उदयपुर के स्वतंत्रता सेनानी का निधन पूर्ण राजकीय स मान से हुई अन्त्येष्टि
जयपुर, 25 दिस बर। स्वतंत्रता आन्दोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाले उदयपुर के वयोवृद्घ स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय महेन्द्र प्रताप बया का बुधवार को दोपहर बारह बजे निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे। वे पिछले कुछ माह से हृदयरोग का उपचार ले रहे थे तथा बुधवार दोपहर अचानक हृदयघात से घर पर ही उन्होंने अन्तिम सांस ली। स्वर्गीय बया का अन्तिम संस्कार पूर्ण राजकीय स मान से उदयपुर के अशोक नगर स्थित मोक्षधाम पर गुरुवार सुबह किया गया। वे अपने पीछे धर्मपत्नी श्रीमती शीला बया सहित भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। बया की पार्थिव देह पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ ही राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री छोगाराम देवासी ने पुष्पचक्र अर्पित किया। उनके स मान में पुलिस सशस्त्र जवानों ने फायर कर अन्तिम सलामी दी।

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