भगवान की पीड़ा से, अनभिज्ञ भक्त

मप्र शिवपुरी। मप्र का जर्रा जर्रा यूं तो मामा भांजे, भांजियों के इतिहास से भरा पढ़ा है। मगर भक्त भगवान का इतिहास इतनी जल्द धूमिल हो जायेगा किसी ने सपने में भी न सोचा होगा भगवान की फजीयत पर भक्त का यह सवाल क्या बोला है ? और तत्काल शीशा चढ़ा चलने के इसारे ने साफ कर दिया कि प्रदेश के भक्त की माली हालत क्या है। सो भगवानो को भी बहुत कुछ उम्मीद अपने भक्त से सिवाये सेवा के नहीं रखनी चाहिए।

अब इसे भक्त की मजबूरी कहे या लेाकतंत्र के भगवानो का दुर्भाग्य जो जनता का सच्चा सेवक भी उसी की सरकार के सदस्य द्वारा खुले मंच से धमकाने के बावजूद कुछ बोलने तैयार नहीं। अब यहांं सवाल यह है कि प्रदेश में भक्त के सहयोगियों के व्यानो को लेकर भूचाल मचा हो या उसे अपने सदस्य मंत्रियों की करतूत का भक्त को पता न हो। तो क्या गलत कहते है हम जैसे चिन्दी पन्ने वाले की भाईयों भक्त की मजबूरी की उसका बोलना आज के लेाकतंत्र में मुनासिफ नहीं। बहरहॉल कुछ तो दाल में काला है जो भक्त अपने भगवानो को धमकाने पर भी चुप है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा देखेंगे बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा
रायपुर, 27 नवम्बर 2014/ गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित अमेरिकी राष्ट्रपति श्री बराक ओबामा नई दिल्ली के राजपथ पर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक बस्तर दशहरा को देखेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य की बस्तर के ऐतिहासिक दशहरा की विषय वस्तु पर आधारित झांकी गणतंत्र दिवस परेड के लिए अंतिम रूप से चयनित कर ली गयी है। तीन माह की दुरूह चयन प्रक्रिया से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ की झांकी को रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने हरी झंडी दिखायी। देश के 28 राज्यों में से छत्तीसगढ़ सहित केवल 15 राज्यों को गणतंत्र दिवस पर अपनी झांकी दिखाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इससे बस्तर के दशहरा को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन ने बताया कि बस्तर के ऐतिहासिक दशहरा पर आधारित इस झांकी की विषय वस्तु का चयन इस बात को ध्यान में रखकर किया गया था कि बस्तर की इस अनूठी और समृद्ध संस्कृति के बारे में देश-विदेश के लोगो को जानकारी मिले। इससे जहा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति के बारे में लोग जानेंगे वही दूसरी और इससे राज्य के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

जनसंपर्क विभाग के संचालक श्री रजत कुमार ने कहा कि सितम्बर माह से प्रारंभ हुई इस चयन प्रक्रिया में डिजाईन, थ्री डी मॉडल, संगीत के कई दौर से गुजरने के बाद छत्तीसगढ़ की इस झांकी का चयन हुआ है। झांकी के साथ बस्तर के 30 से अधिक लोक नर्तक भी होंगे जो अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष छत्तीसगढ़ के लोक नृत्य की प्रस्तुति भी करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के बाद से छत्तीसगढ़ की गणतंत्र दिवस की झांकी को तीन बार पुरस्कार पाने का सम्मान भी मिला है। वर्ष 2006 में छत्तीसगढ़ की परम्परागत शिल्प पर आधारित झाकी को प्रथम पुरस्कार, वर्ष 2010 में कोटमसर गुफा पर आधारित झांकी तथा वर्ष 2013 में सिरपुर पर आधारित झांकी को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

बस्तर दशहरा देश में और संभवतः विश्व में सबसे लंबे समय 76 दिन तक मनाया जाने वाला ऐतिहासिक पर्व है। यह लगभग 532 वर्ष पुराना पर्व है। रावण वध की परिपाटी से परे यह रथ परिचालन की विशिष्ट परम्परा से जुड़ा है। श्रावण मास की अमावस्या से प्रारंभ होकर अश्विनी मास के शुक्ल पक्ष की तेरस तक यह पर्व चलता रहता है। इस दौरान काछिन गादी, जोगी बिठाई, रथ परिक्रमा, निशा जात्रा, जोगी उठाई, मावली परघाव, भीतर रैनी, बाहरी रैनी और मुरिया दरबार जैसी परम्पराओं का उत्साहपूर्ण आयोजन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होता है।

जयपुर नगर निगम चुनाव 2014 भारतीय जनता पार्टी के भारद्घाज निर्विरोध बने जयपुर नगर निगम के उप मेयर
जयपुर, 27 नव बर। भारतीय जनता पार्टी के मनोज भारद्घाज जयपुर नगर निगम के उप मेयर पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए है। जिला निर्वाचन अधिकारी( यूनिसिपल) श्री कृष्ण कुणाल के अनुसार जयपुर नगर निगम चुनाव 2014 के तहत गुरूवार को जयपुर नगर निगम के उप मेयर पद पर भारतीय जनता पार्टी के मनोज भारद्घाज निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं।

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