गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा भारत को दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल कर सकती है : राष्‍ट्रपति

दिल्‍ली 26-नवंबर, 2014 राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज वर्धा में शिक्षा मंडल के शताब्‍दी समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने अपने संबोधन में स्‍वाधीनता संग्राम में वर्धा के महत्‍व की ओर संकेत करते हुए कहा कि वर्धा पर इतिहास की छाप अंकित है। यह स्‍वाधीनता के संग्राम की भावना से परिपूर्ण है।
उन्‍होंने कहा कि वर्धा, सादगी की ताकत, विचारों की ताकत, प्रतिबद्धता की ताकत का प्रतीक है और इसके बाहरी हिस्‍से में सेवाग्राम में गांधीजी का आश्रम है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि गुणवत्‍ता पूर्ण शिक्षा प्रणाली ऐसी बहुमुखी ताकत है, जो भारत में बदलाव लाते हुए उसे दुनिया के अग्रणी देशों की कतार में शामिल कर सकती है। भारत का भविष्‍य और महान तथा शक्तिशाली राष्‍ट्र के रूप में विश्‍व का नेतृत्‍व करने की उसकी आकांक्षाओं की डोर युवाओं के हाथों में हैं। देश के बहुसंख्‍यक युवाओं को शिक्षा का उपयुक्‍त माहौल उपलब्‍ध कराने के प्रति समर्पित शैक्षिक संस्‍थानों के माध्‍यम से ही योग्‍य बनाया जा सकता है। अच्‍छे शिक्षकों का होना बहुत जरूरी है। हमारे शैक्षिक संस्‍थानों में उत्‍कृष्‍टता की संस्‍कृति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। हमें अच्‍छी व्‍यवस्‍था बनाने की जरूरत है। हमें शिक्षा का इस्‍तेमाल सभी नागरिकों के लिए समावेशन और समानता सुनि‍श्चित करने के साधन के रूप में करना चाहिए।

लखनऊ को अत्याधुनिक शहर बनाने के लिये सरकार ने कई योजनाऐं लागू की- मुख्यमंत्री
लखनऊ: 25 नवम्बर, 2014 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां लखनऊ महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब ही लखनऊ की पहचान है। यह शहर अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए प्रसिद्ध है। इस महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य लखनऊ की तहजीब और यहां की विरासत से लोगों को परिचित कराना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लखनऊ महोत्सव इस वर्ष की अपनी थीम ‘शान-ए-अवध, जश्न-ए-लखनऊ’ पर खरा उतरेगा और लोगों को इसके जरिये भाईचारे का सन्देश मिलेगा। श्री यादव ने कहा कि लखनऊ अपनी तहजीब, कला, संस्कृति, खान-पान और भाषा के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। अवध की गंगा-जमुनी तहजीब का केन्द्र लखनऊ हम सभी को शान्ति व अमन-चैन से एक साथ रहने का सन्देश देता है। हम सभी को यहां की संस्कृति और भाईचारे को बरकरार रखने के लिए हर सम्भव प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती नदी के किनारे बसे हुए लखनऊ शहर का इतिहास प्राचीन है और उत्तर भारत का यह एक महत्वपूर्ण शहर है। यहां की आलीशान इमारतें एक अलग छटा बिखेरती हैं। उन्होंने कहा कि नवाबों के दौर में इस शहर ने काफी प्रगति की। श्री यादव ने कहा कि वर्तमान समाजवादी सरकार लखनऊ के चतुर्दिक विकास के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल के दौरान लखनऊ के विकास तथा इसे अत्याधुनिक शहर बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें से सी0जी0 सिटी, जनेश्वर मिश्र पार्क, 2 साइकिल टैªक्स की स्थापना, आई0टी0 सिटी, आई0आई0आई0टी0 की स्थापना, कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना, मेदान्ता हाॅस्पिटल इत्यादि प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त लखनऊ शहर में मेट्रो रेल परियोजना पर कार्य चालू हो गया है। साथ ही, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भी काम शुरू हो गया है। इस एक्सप्रेस-वे से उन शहरों और उनके आस-पास के क्षेत्रों में तेजी से प्रगति होगी, जहां से यह होकर गुजरेगा। उन्होंने कहा कि इसका सर्वाधिक लाभ लखनऊ तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों को मिलेगा।

दिल्ली हाट में राष्ट्रीय बाँस एक्सपो 28 नवम्बर से
भोपाल : बुधवार, नवम्बर 26, 2014, देश में पहली बार 'दिल्ली हाट' में मध्यप्रदेश राज्य बाँस मिशन द्वारा राष्ट्रीय बाँस मिशन के सहयोग से 28 से 30 नवम्बर, 2014 तक 'राष्ट्रीय बाँस एक्सपो मार्ट' का आयोजन किया जा रहा है। 'हरित उपभोक्तावाद की ओर' विषय पर इस तीन दिवसीय एक्सपो में मध्यप्रदेश, केरल और भारत के उत्तरी-पूर्वी राज्यों के बाँस उत्पादकों, बाँस शिल्पियों और बाँस उद्यमियों के 100 स्टॉल होंगे। इन स्टॉल में बाँस से बनी हुई दैनिक उपयोग की वस्तुएँ- टोकरी, बेग, बुक-सेल्फ, ज्वेलरी, वॉल हेंगिंग से लेकर बाँस निर्मित फर्नीचर, मशीनें और कपड़ा भी उपलब्ध रहेंगे। संचालक, मध्यप्रदेश राज्य बाँस मिशन श्री ए.के. भट्टाचार्य ने बताया कि एक्सपो से मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्य के बाँस-शिल्पियों को अपने उत्पादों के लिये बेहतर बाजार मिल सकेगा। इस दौरान केरल और नागालेंड के शिल्पियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, बॉयर्स-सेलर्स मीट, बाँस के विभिन्न पक्ष से संबंधित व्याख्यानमाला, छात्र-छात्राओं के लिये प्रतियोगिताएँ, बाँस शिल्पों एवं उत्पादों की डिजाइन प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जायेगा। इनके अलावा एक्सपो भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान, इनबार और आईपीआरटीआई के बाँस विशेषज्ञ भी भाग लेंगे।

मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के प्रतीक चिन्ह का अनावरण
रायपुर, 26 नवम्बर 2014/ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की प्रथम बैठक में निगम के प्रतीक चिन्ह (लोगो) का अनावरण किया। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर निगम की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटसीजीआरडीसीडॉटइन ¼www.cgrdc.in½ का शुभारंभ किया। लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री शिवराज सिंह, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव द्वय श्री डी.एस. मिश्रा और श्री एम.के. राउत, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, वन तथा नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर.पी. मंडल, सचिव खनिज विभाग श्री सुबोध कुमार सिंह, राजस्व सचिव श्री बी.एल. अग्रवाल, छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. रोहित यादव और जनसंपर्क विभाग के संचालक श्री रजत कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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