जनता के सवालो से सनाके में प्रत्याशी, जनजागरण, मजबूत होता लोकतंत्र

म.प्र. ग्वालियर। यूं तो मप्र के शिवपुरी शहर में जनजागरण की शुरुआत आज से 10 वर्ष पूर्व हो हुई थी। और उसके ऐतिहासिक परिणाम भी जनता जनार्दन ने दिये थे। यह शुरुआत भी विलेज टाईम्स की थी। मगर 10 वर्ष गुजर जाने के बाद एक बार फिर से विलेज टाईम्स ने शहर के बुद्धि जीवी, समाज सेवी संस्थाओं से रायशुमारी कर की है।

उसके सार्थक परिणाम अब आना शुरु हो गये है। जागरुरक जनता अब वोट लेने वालो से सवाल करते नहीं चूक रही है। वहीं शहर की समाजसेवी कुछ संस्थाओं और बुद्धि जीवियों द्वारा लिये निर्णय अनुसार हुई रायसुमारी पश्चात हुई जनजागरण की पहल से लेाकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में इसे एक नया आयाम मिला है। साथ ही नगरीय निकाय चुनावों को नई दिशा।

लेाग आपसी चर्चा में यह कहते नहीं थकते की नगरीय निकाय संस्थाओं में राजनीति बन्द होना चाहिए। क्योंकि किसी भी नगर शहर, महानगर की चुनी जाने वाली सरकार के अधिकार सीमित और कत्र्तव्य असीमित होते है। जिनका निवर्हन उसे मौजूद संसाधनो के बीच संविधान प्रदत्त शक्तियों के बीच करना होता है।

अर्थात शहर की, नगर की, महानगर की, सरकारों को नगर शहर, महानगर के नागरिकों को सेवा, सुविधा जुटा संसाधन जुटाने होते है क्योकि कानून बनाने का कार्य विधानसभा, लेाकसभा की सरकारो मेंं होता है। न कि शहर की सरकारों में होता है। अर्थात सेवा, सुविधा मुहैया कराने का कार्य नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायतो में होता है। जिनके मुखिया या सरकार चुनने का कार्य इन चुनावों में होता है।

मगर दूषित स्वार्थ परख राजनीति ने इन सेवा भावी संस्थाओं को दलो के स्वार्थो के चलते राजनीति का अखाड़ा बना कर छोड़ दिया है।
परिणाम नगर, शहर, महानगर के लेाग आज त्राही-त्राही कर रहे है शिवपुरी शहर में जनजागरण के चलते अब वोट मांगने वालो से औपचारिक अनौपचारिक सवाल हो रहे है।
सूत्रों की माने तो वह वोट मांगने वालो और चुनाव लडऩे वालो से उनकी योग्यता, घर, मित्र, गली, मोहल्ला शहर या किसी समाज और गरीब के लिये दी गई सेवाओं का व्यौरा ही नहीं, उजाड़ हो चुके शहर को फिर से सुन्दर सर्वसुविधा युक्त बनाने विजन (योजना) डी.पी.आर. के साथ ही क्रियान्वयन का तरीका पूछ रहे है। नगरीय निकाय चुनावो में घर कर चुकी राजनीति के परिणाम देख वह अब यह भी पूछ रहे है। कि क्या नगरीय निकाय चुनाव में राजनीति उचित है।
यह स्वार्थ परख दूषित राजनीति का ही परिणाम है कि 50 वर्ष पूर्व एक सर्व सुविधा युक्त मिनी शिमला कहे जाने वाले छोटे से शिवपुरी शहर की हुई बरबादी, सुविधाओं के विनाश के रुप में लेागों के सामने है।

क्योंकि नगर, शहर, महानगर एक परिवार के समान होता है। क्योंकि इन संस्थाओं में सेवा, सुविधा मुहैया कराने का कार्य होता है। तथा उसे केन्द्र व राज्य की सरकारों द्वारा बनाई गई कई जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून का पालन करना होता है।

मगर राजनीति के मूल स्वभाव स्वार्थ। जैसा कि कभी कई पीढिय़ो तक सिंहासन से जुड़े सिद्धान्तो की राजनीति में महारात हासिल महान योद्धा पितामह ने अपने अन्तिम वक्त अर्जुन को ज्ञान देते हुये उनके एक सवाल के जबाव में की राजनीति के क्या सिद्धान्त होते है। पर उनका जबाव था कि राजनीति में स्वार्थ ही सबसे बड़ा सिद्धान्त होता है। तों देखा जाये तो आज स्वार्थो की राजनीति ने इन सेवा भावी संस्थाओं को कहीं का नहीं छोड़ा।

देखा जाये तो नगर शहर, महानगरो की सरकारो के काम साफ सफाई, शहर की रोशनी, पेयजल, सड़क और शहरो को व्यवस्थित रख सुन्दर बना शहर के नागरिको सुविधाये, मुहैया कराना है। अर्थात माता-बहिनो के कार्य मगर इन सेवा भावी संस्थाओं में घुसी राजनीति ने सब कुछ चौपट कर दिया है। एक छोटे से शहर में सुखी जीवन व्यतित कर रहे लेागों को दलो में बांट, उनकी नैसर्गिक और मौजूद सुविधा ही नहीं सेवाओं तक का बेड़ा गरग कर दिया है।
सुविधा विहीन लेाग आज चिल्ला रहे है। मगर राजनैतिक दल राजनेता आज भी जनभावाना नहीं समझ पा रहे है। जबकि होना तो यह चाहिए था इन समाज सेवी, नगर, शहर, महानगर की संस्थाओं में सभी दलो, बुद्धि जीवी, आम गरीब की भावनाओं का स मान होना चाहिए। जो शहर का विकास और भला चाहते हो फिर वह किसी भी दल से संगठन संस्था से ही क्यों न हो। होना तो यह भी चाहिए कि सभी को मिलकर, नगर, शहर, महानगर को सुन्दर बना सुविधाये जुटाना चाहिए। तभी हम शसक्त और जागरुक लेाकतंत्र बन पायेगें।

और सच्चे और अच्छे दल तथा अच्छे और सच्चे जनप्रतिनिधियों के अस्तित्व को स्वार्थ परख राजनीति में जिन्दा रख स्वयं भी स्वच्छ, सुविधा युक्त जीवन जी पायेगें।

भारी मतदान हमारे लोकतंत्र के लिए सकारात्‍मक संकेत - केंद्रीय गृह मंत्री
नई दिल्ली 25-नवंबर, 2014 केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जम्‍मू कश्‍मीर और झारखंड चुनाव में बड़ी तादाद में मतदान होना हमारे लोकतंत्र के लिए सकारात्‍मक संकेत है। आज के चुनाव में वोट डालने वाले मतदाता‍ओं पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि उन्‍हें जानकर बेहद खुशी हुई है कि चुनाव के प्रथम चरण में भारी तादाद में मतदान हुआ है। उन्‍होंने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए सकारात्‍मक संकेत है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों और नक्‍सलियों की धमकियों की परवाह न करते हुए जम्मू कश्मीर और झारखंड की जनता ने आतंक एवं हिंसा की विचारधारा को नकार दिया है।

नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ का यूथ हॉस्टल : राज्य के 58 विद्यार्थी कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
रायपुर, 25 नवम्बर 2014 राज्य सरकार द्वारा उच्च स्तरीय कोचिंग सुविधा का लाभ दिलाने के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली के द्वारका में वर्ष 2013-14 से आदिवासी यूथ हॉस्टल संचालित है। वर्तमान सत्र 2014-15 में 58 बच्चे प्रवेश लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हुए हैं। राज्य के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित यूथ हॉस्टल द्वारका में विभिन्न वर्गों के प्रतिभावान छात्रों को कोचिंग तथा उच्च शिक्षा के लिए निःशुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसमें प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। आदिवासी यूथ हॉस्टल द्वारका में पिछले वर्ष 2013-14 में 39 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया। इसी तरह वर्ष 2014-15 में यहां 58 प्रतिभावान विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें संघ लोक सेवा आयोग की सिविल परीक्षा की कोचिंग के लिए 37 बालक और 13 बालिकाओं सहित कुल 50 विद्यार्थी और उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए पांच विद्यार्थी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए तीन विद्यार्थी छात्रावास में प्रवेश लेकर निःशुल्क आवासीय सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

समाज के विकास में महिला शिक्षा आवश्यक- उच्च शिक्षा मंत्री
जयपुर, 25 नव बर। उच्च शिक्षा मंत्री श्री कालीचरण सर्राफ ने कहा कि समाज के विकास एवं उन्नति के लिये महिलाओं का शिक्षित होना आवश्यक है। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में स्व. ब्रहमचारिणी कमलाबाई के योगदान से प्रेरणा लेकर अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिये। शिक्षा मंत्री सोमवार को श्रीमहावीरजी में श्री दिग बर जैन आदर्श महिला महाविद्यालय समिति द्वारा कमलाबाईजी की पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर स्मृति ग्रंथ विमोचन एवं सुमेरचंद जैन सभागार के लोकार्पण के अवसर पर उपस्थित लोगों को स बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षित होगी तो परिवार शिक्षित होगा जिससे समाज की नींव मजबूत होगी। शिक्षित महिला समाज में अच्छे गुणों का विकास करने में सहायक होती है तथा किसी भी परिस्थिति में उनका सामना करने में सक्षम होती है। उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि संस्कृृत भाषा हमारी प्राचीन भाषा है जिसकी बालक-बालिकाओं को शिक्षा के प्रारंभिक स्तर से शिक्षा देनी चाहिये। उन्होंने महिला शिक्षा के लिए स्व. कमला बाई जी के योगदान की सराहना करते हुए उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कुमार गोधा,एडीएम श्री अतरसिंह मेवला एवं अति. पुलिस अधीक्षक विश्नाराम विश्नोई उपस्थित रहे। 
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