चुनावी जन जागरण के लिये एकजुट हुये शहर के जागरुक बुद्धिजीवि

म.प्र. शिवपुरी। नगरी निकायों में चुनावी जन जागरण के लिये शहर के जागरुक बुद्धिजीवियों की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें जाने पहचाने कुछ चहरों और समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया। 

सामान्य चर्चा में शहर के विकास और अधिक से अधिक मतदान के लिये उपस्थित महानुभावों ने अपने-अपने विचार रखे जिसमें तय किया गया कि वोट मांगने या वोट लेने वालो से अपना बहुमूल्य वोट देने से पहले कुछ सवाल अवश्य करें, कि क्या नगर पालिका चुनावों में राजनीति उचित है? क्या शहर के विकास के लिये आपके पास कोई विजन है ? जो विजन शहर के विकास का प्रस्तुत किया जा रहा है ? उसे आप कैसे पूरा करेगें ? और आपके पास नगर पालिका जैसी बहुत ही अहम और सेवा भावी संस्था को सकुशल चलाने क्या अनुभव और योग्यता है ? तथा शहर के आम नागरिकों, समाज और शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने और समस्याओं के निदान में आपका क्या योगदान रहा है।

चर्चा में यह भी तय किया गया कि किसी भी राजनैतिक दल या किसी भी प्रत्याशी का नाम लिये बगैर शहर भर में विभिन्न माध्ययमो से प्राप्त सुझावो के आधार पर आम जन की जन आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु एक मांग पत्र तैयार किया जायेगा। जिसके आधार पर शहर के जागरुक बुद्धिजीवी अपनी स्पष्ट राय बगैर किसी राजनैतिक दल तथा प्रत्याशियों का नाम लिये बगैर जनसमस्याओं और शहर की बर्बाद हालात को सामने रख आम जनता के सामने इस अपील के साथ रखेगें कि शहर का हर मतदाता अपना मतदान अवश्य करें। मगर इन सारे सवालो, मांग पत्र, शहर की वर्तमान हालात, समस्याओं, अच्छे कार्यो का अपनी मनह स्थिति से आकलन कर करे, जो भी अच्छा-सच्चा, सेवक और कुशल शासक हो उसे अपना मत दें। अगर किसी को लगता है कि कोई दल अच्छा है, तो उसे दें, कोई प्रत्याशी अच्छा हों उसे दें, किसी पर भी शहर के जागरुक बुद्धिजीवियों की कोई सलाह नहीं है। मगर वोट देने से पहले मांगने वालो से सवाल अवश्य करें। क्योंकि यह मौका पांच वर्ष बाद ही आता है।

चर्चा में जागरुक बुद्धिजीवियों का मानना था कि आजादी से लेकर आज तक वोट लेने और वोट देने का क्रम हर 5 वर्ष में विगत 65 वर्षो से चलता चला आ रहा है। कभी शहर में सुन्दर चौराहे, बाग बगीचे, तालाब, सड़क, साफ-सफाई और नियमित नालियों की धुलाई हुआ करती थी घरों में दो समय नियमित नल आते थे शहर की गन्दगी और गन्दे पानी की निकासी के लिये सीवर लाइन थी। वर्षाती पानी और तालाबों में से ऑवर फलो हों, निकलने वाले पानी के लिये अब नाले बन चुकी बेस्टवीयर थी। जिसका पानी जाधौसागर तालाब से होता हुआ सीधे चाँदपाठे में इक_ा हो पेयजल के रुप में शहर वासियों को उपलब्ध रहता था। मगर अब हालात ये है कि न तो शहर के तालाब बचे न ही बगीचे और न ही बर्षात का शुद्ध पानी बहने वाले वो बेस्ट वीयर और न ही शहर वासियों को पीने योग्य शुद्ध पेयजल। कभी जिस शहर में दो फीट गहरा गड्डा खोदने पर गीली मिट्टी निकल आती थी लेाग शान से जिस शहर को मिनी शिमला कहते नहीं थकते थे आज उस शहर में सेकड़ों फीट खुदाई के बाद भी धूल उड़ती नजर आती है। यहीं दर्द है, शहर की जनता और शहर के जागरुक बुद्धिजीवियों का। अगर आज भी हम लेाग चूक गये तो अगले पांच वर्ष तक उसी तरह हमें मायूस रहना पड़ेगा जैसा कि आज तक हम रहते चले आ रहे है।

भारतीय सिनेमा युवा मस्तिष्क को सीखने एवं प्रतिभा विकास का विजन देता है प्रसिद्ध अभिनेता श्री रजनीकांत को वर्ष के भारतीय फिल्म व्यक्तित्व के लिए शताब्दी पुरस्कार दिया गया
नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त, कॉर्पोरेट मामले तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा है कि विभिन्न भाषाओं में बनने वाली फिल्मों की संख्या तथा थीमों को विविधता देने की दृष्टि से भारतीय फिल्म उद्योग ने एक युग पूरा कर लिया है। आज सिनेमा वैकल्पिक धर्म बन गया है। सिनेमा मनोरंजन करता है, शिक्षा देता है, विभिन्न विषयों पर सामाजिक पक्ष को रखता है और उभरते मस्तिष्क को सीखने और प्रतिभा विकसित करने का विजन देता है। श्री जेटली आज गोवा में शुरू हुए ४५वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री जेटली ने कहा कि सिनेमा माध्यम के रूप में देश में परिपक्व हो गया है, सिनेमा को पेशवर और जीवंत बनाने के लिए उद्योग का निगमिकरण हुआ है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने जोर देकर कहा कि नीति प्रयास के रूप में राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन को मुख्यधारा में लाने के प्रयास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा किये जा रहे हैं। इससे डिजिटल रूप में भारतीय सिनेमा के रिकॉर्ड को संरक्षित रखना सुनिश्चित होगा। श्री जेटली ने आतिथ्य सत्कार, विकास, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के संदर्भ में गोवा के भारत-अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के स्थाई स्थान बनने की चर्चा की। इस अवसर पर रक्षामंत्री श्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि अगला भारत-अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह स्थायी स्थान पर आयोजित करने के सभी प्रयास किये जाएंगे। इस मौके पर सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री बिमल जुल्का ने कहा कि भारत-अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह का उद्देश्य भारतीय सिनेमा को विकसित, उत्साहित तथा प्रेरित करना है और देश के दर्शकों के साथ-साथ बाहर की दुनिया से भारतीय सिनेमा का परिचय कराना है। प्रत्येक भारत-अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह से नई रणनीतियों में मदद मिली है और इससे देखने का व्यापक अनुभव सुनिश्चित हुआ है। भारत-अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह का विजन फिल्म कला की उत्कृष्टता दिखाने के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना है। श्री जुल्का ने बताया कि चीन के समकालीन सिनेमा पर एक विशेष पैकेज की व्यवस्था है। भारत अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव के मुख्‍य अतिथि श्री अमिताभ बच्‍चन ने अपने संबोधन में विभिन्‍न कालखंडों में छा जाने वाली थीम पर बनी उत्‍कृष्‍ट फिल्‍मों का जिक्र करते हुए भारतीय सिनेमा के आकर्षक विकास पर रोशनी डाली। श्री बच्‍चन ने भारत की विविधिता एवं अनेकता के संदर्भ में भारतीय सिनेमा की भूमिका एवं प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया। केन्‍द्रीय वित्‍त, कम्‍पनी मामले और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अरुण जेटली और मुख्‍य अतिथि श्री अमिताभ बच्‍चन ने भारतीय सिनेमा में उल्‍लेखनीय योगदान के लिए श्री रजनीकांत को वर्ष के भारतीय फिल्‍म व्यक्तित्व के लिए शताब्‍दी पुरस्‍कार प्रदान किया। इसके तहत दस लाख रुपये का नकद पुरस्‍कार, प्रमाणपत्र और रजत मयूर पदक प्रदान किया गया है। भारतीय सिनेमा के १०० वर्ष पूरे होने के अवसर पर पिछले साल यह पुरस्‍कार शुरू किया गया था।


मनरेगा में छत्तीसगढ़ को ४१२ करोड़ रूपए तत्काल मंजूर : गरियाबंद और बालोद बीआरजीएफ योजना में शामिल, नवगठित जिले भी होंगे शामिल
रायपुर, २० नवम्बर २०१४ राज्य सरकार के प्रस्तावों पर विचार करने के बाद केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना (मनरेगा) के तहत विभिन्न निर्माण कार्यो के लिए ४१२ करोड़ रूपये की स्वीकृति तत्काल प्रदान कर दी है। यह स्वीकृति आज नई दिल्ली में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर के साथ हुई बैठक के बाद दी। बैठक में केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव तथा छत्तीसगढ़ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत भी उपस्थित थे। एक घंटे से भी अधिक समय तक चली इस बैठक में केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने राज्य के सभी प्रस्तावों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर प्रस्तावों पर अपनी सैद्धांति सहमति दी तथा अधिकारियों इन प्रस्तावों पर कार्रवाई जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया था कि राज्य में मनरेगा के तहत मजदूरों की मजदूरी का काफी पैसा बकाया है और इसका षीघ्र भुगतान किया जाना आवष्यक है। केन्द्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देष दिया कि राज्य की बकाया ४१२ करोड़ रूपये की राषि का तत्काल भुगतान किया जाये ताकि यह पैसा मजदूरो को भुगतान किया जा सके। श्री चन्द्राकर ने केन्द्रीय मंत्री से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गैर नक्सल प्रभावित ;नान आईएपी जिलों में फेस-२ के तहत सड़क निर्माण को स्वीकृति प्रदान करने की मांग भी की। उन्होंने नक्सल प्रभावित १४ जिलों;आईएपी में से षेष बचे ६ जिलों में भी सड़क निर्माण कार्य नामांकन पद्धति से आवंटित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य के आईएपी जिलों में सड़क निर्माण के लिए जो मापदंडो में षिथिलता प्रदान की है वही षिथिलता षेष ४७ विकास खंडों के लिए भी प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि इससे इन चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करने में सुविधा होगी। केन्द्रीय मंत्री ने इन दोनो मांगो पर भी अपनी सहमति प्रदान करते हुए अधिकारियों को संबंधित परिवर्तन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देष दिए। श्री चन्द्राकर ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने योजना के तहत ३२४ सड़कों और ५८ पुलों के निर्माण के लिए ६७८ करोड़ रूपये की स्वीकृति का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा है । उन्होंने इसकी स्वीकृति की भी मांग की। बैठक में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्री चन्द्राकर ने बीआरजीएफ योजना के तहत दो नये जिले गरियाबंद और बालोद को सम्मिलित करने की मांग की। उन्होंने राज्य के नवगठित जिलों मुंगेली, सुकमा, कोण्डागंाव, बलरामपुर तथा सूरजपुर को जो पहले बीआरजीएफ जिलों में सम्मिलित थे को भी इस योजना का लाभ प्रदान करने की मांग की। केन्द्रीय मंत्री ने दोनो ही मांगो पर सहमति जाहिर करते हुए अधिकारियों को इस संबंध में निर्देषित किया। बैठक में केन्द्रीय मंत्री ने क्षमता विकास मद में राषि प्रदान करने के प्रस्ताव पर भी अपनी सहमति प्रदान की।
बैठक में इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत प्रथम किष्त और द्वितीय किष्त की रािष में एक और डेढ़ साल का समय लगने पर केन्द्रीय मंत्री ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे हर हाल में तीन से छह महीने के अंदर जारी करने का निर्देष दिया। उन्होंने राज्य में जनपद स्तर पर प्रषासनिक अमले की आवष्यकता पर भी सहमति जताते हुए इस संबंध में आवष्यक कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया।

जयपुर नगर निगम चुनाव-2014 पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से चुनाव स पन्न करायें- पर्यवेक्षक श्री गोयल


जयपुर, 20 नव बर। जयपुर नगर निगम क्षेत्र के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक श्री पवन कुूमार गोयल ने लोकतंत्र में चुनाव को महत्वपूर्ण कार्य बताते हुये कहा, कि जयपुर नगर निगम चुनाव-2014 के तहत जयपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड सं या एक से 91 में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी बेहतर समन्वय से पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा शांतिपूर्वक चुनाव स पन्न करायें। सामान्य पर्यवेक्षक श्री गोयल गुरूवार को कलक्टे्रट के सभागार में जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 22 नव बर को होने वाले मतदान एवं 25 नव बर को होन वाली मतगणना संबंधी तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होनें कहा कि 21 नव बर को सभी मतदान दल संबंधित मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान की सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लें तथा मतदान दिवस 22 नव बर को प्रात: ठीक 7 बजे मतदान की प्रक्रिया प्रार भ कर दें। पर्यवेक्षक श्री गोयल ने एरिया एवं सेक्टर मजिस्टे्रट्स तथा पुलिस अधिकारियोंं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरन्तर भ्रमण कर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आदर्श आचार संहिता की पालना अक्षरक्ष: सुनिश्चित करायें। उन्होनें सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों एवं नगर निगम के जोन आयुक्त को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में राजस्थान संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम 2006 की पालना स ती से करें। इसमें किसी भी तरह की कोताही नही बरती जाये। उन्होंने कहा कि मतदान करने के लिए आवश्यक है कि मतदाता का नाम संबंधित वार्ड सं या की मतदाता सूची में होना चाहिए, तभी वह मतदान कर सकेगा। उन्होनें निर्देश दिए कि किसी भी मतदान केन्द्र पर यदि ईवीएम खराब हो जाये तो संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी तत्काल उस मतदान केन्द्र पर दूसरी ईवीएम पहुंचाकर मतदान की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से जारी रखें। बैठक में पुलिस आयुक्त श्रीनिवास राव जंगा ने कहा कि जयपुर नगर निगम क्षेत्र में स्वतंत्र, भयमुक्त, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए पुलिस के माकूल प्रबन्ध किये गये हैं। उन्होनें अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की पहचान स्थापित करने का कार्य बहुत सतर्कता से किया जाये। उन्होंने कहा कि चुनाव अवधि एवं मतदान दिवस को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस चाक-चौबन्द है।
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