थर्ड फ्रन्ट की आहट, रोचक हो सकता है चुनाव

व्ही.एस.भुल्ले। मप्र शिवपुरी नगर पालिका परिषद शिवपुरी के अध्यक्ष और पार्षद पद के फार्म भरने की अन्तिम तारीख गुजर जाने के साथ ही अब यह स्पष्ट हो चुका है कि किस दल का कौन अधिकृत और कौन निर्दलीय प्रत्याशी होगा।

पार्षदी के चुनावों का अक्स, जीत हार का जो भी हो, मगर अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने अघोषित रुप से तैयार हो रहे, थर्ड फ्रन्ट की सुगबुहाहट ने नोटा का मन बनाने वालो को एक नई उ मीद की किरण जगा दी है। साथ ही उन लेागोंं को भी उत्साहित करने का कार्य इस अपुष्ट खबर ने कर दिया है। जो हर चुनाव में झूठे वादो से छले जाने के बाद मायूस होकर रह जाते थे। हो सकता है, या फिर आक्रोश बस मतदान करने ही नहीं जाते थे।

मगर अघोषित थर्ड फ्रन्ट की आहट ने फार्म भरने की अन्तिम तारीख के दिन अपनी आहट का इसारा कर, साबित कर दिया कि इस मर्तवा पालिका अध्यक्ष का चुनाव रोचक ही नहीं ऐतिहासिक हो सकता है। मगर लगता नहीं कि अघोषित थर्ड फ्रन्ट का मंसूबा कामयाब हो, जैसी कि मंशा पूर्व शिवपुरी नगरीय चुनाव में देखी गई है। मगर 10 वर्ष पूर्व शिवपुरी की महान जनता ने एक निर्दलीय को ऐतिहासिक जीत दिला, जो इतिहास रचा था, उसे भी भुलाया नहीं जा सकता।

सो चुनावों में स भावनाओं की कोई सीमा नहीं होती, अगर इस नगरीय निकाय चुनाव में कोई थर्ड फ्रन्ट आता भी है जैसी कि स भावना भी है। तो सारा कुछ शिवपुरी की महान जनता पर निर्भर होगा।
थर्ड फ्रन्ट से जुड़े अपुष्ट सूत्रों का कहना है जिन सरकारों के मु यमंत्री अपनी जनता से झूठ बोलते हो, उनसे क्या उ मीद की जा सकती है ? फिर वो चाहे किसी भी दल से हो।

जिन दलो द्वारा प्रस्तुत अध्यक्ष खुलेयाम जनता जनार्दन की भावनाओं की उपेक्षा कर, सरेयाम जनभावनाओं की कीमत पर भ्रष्टाचार करते हो, और दलो का उन पर अधिपत्य न हो, ऐसे दलो पर बार-बार विश्वास करना, स्वयं के साथ विश्वास घात के अलावा और कुछ नहीं।

अपुष्ट सूत्र तो यहां तक कहते नहीं थकते कि, जिस शहर में शुद्ध पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता के संसाधान शौचालय, वाथरुम, शुद्ध वातावरण मौजूद न हो ? जहां रोजगार के नाम पर मानवीय शोषण हो
जिन कार्यो को अनादी काल से हमारी माता बहिने करती आई हो उन कार्यो को स्थापित सरकारे और दलो के द्वारा र्निवाचित अध्यक्ष न कर सके, तो उ मीद की जा सकती है। कि आम जनता का दर्द क्या है ?
मगर लगता नहीं कि आम जन के इस दर्द को जानने की फुरसत किसी भी सरकार या दल को हो, सिवाये हर चुनाव में वोट मांगने के, जैसा कि अपुष्ट सूत्र कहते है।

बहरहॉल जो भी हो जिस तरह की सुगबुहाहट अघोषित थर्ड फ्रन्ट को लेकर चल रही है। अगर अपुष्ट सूत्रो की माने तो उनकी लड़ाई किसी दल विशेष या फिर किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं यह वोटो की लड़ाई तो आम प्रताडि़त गरीब और उन स्वाभिमानी व्यवसायी, मजदूरो के लिये है। जो शहर में स मान जनक जीवन जीना चाहते है। साथ ही अपने नौनिहालो का भविष्य स्वस्थ और सुरक्षित रखना चाहते है। क्योंकि वह जानते है कि परिवार के मुखिया द्वारा 18 घन्टो कड़ी मेहनत और करोड़ों की योजनायें लाने की बाद भी शहरी क्षेत्र में चुनाव हार जाते है। तो जनता की मनोस्थति को समझा जा सकता है। बरना क्या कसूर था उस मुखिया का जिसने अपने कत्र्तव्यों का ईमानदारी से पालन कर विगत 10 वर्षो में अरबों की योजनाये स्वीकृत कराई। मगर उन्हें भी भ्रम बस जनता जनार्दन के आक्रोश का शिकार होना पढ़ा।

आज उसी जगह थर्ड फ्रन्ट खड़ा है अगर जन सेवा का पूर्ण ईमानदारी के साथ जजबा लेागों के जहन में होगा। तो जनता का ही असली प्रतिनिधि चुना जायेगा। बरना 65 वर्षो से चला आ रहा राज विभिन्न दलो का, थर्ड फ्रन्ट को दरकिनार कर एक बार फिर से भोली भाली जनता को बरगला, चुनाव जीत जायेगा।
इसलिये शिवपुरी जैसे शहर को बेहतर होगा कि वह किसी ऐसे जनप्रतिनिधि को चुने जो पूर्ण निष्ठा ईमानदारी के साथ शहर और शहर के लेागों को सुविधायें और सेवाये मुहैया कराने के साथ शहर की सरकार में अच्छा और पारदर्शी शासन दे सके।

मु यमंत्री की बाल दिवस पर शुभकामनाएं बच्चे हमारे देश का भविष्य- मु यमंत्री
जयपुर, 13 नव बर। मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने बाल दिवस पर बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। श्रीमती राजे ने अपने संदेश में कहा है कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। वे पढ़ लिखकर भारत के सुयोग्य नागरिक बनें, इसके लिए जरूरी है कि हम बच्चों को संस्कारवान बनाएं और अच्छे माहौल में उनकी परवरिश करें।
मु यमंत्री ने कहा कि दुनिया के बेहतर कल के लिए बच्चों का आज सुरक्षित होना चाहिए। बच्चों के संतुलित और समग्र विकास से ही हम देश और समाज को खुशहाल बना सकते हैं।


वृक्षो की अवैध कटान पर मुख्यमंत्री का रूख
लखनऊ: 13 नवम्बर, 2014 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में वृक्षों की अवैध कटान पर गम्भीर रुख अपनाया है। उन्होंने रामपुर जनपद में तैनात वन विभाग के 04 अधिकारियों/कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों/कर्मचारियों में श्री एस0पी0 सिंह, क्षेत्रीय वनाधिकारी, श्री राजबीर सिंह, आशुलिपिक, श्री सोमपाल, वनरक्षक, श्री रामनाथ, अनुभाग अधिकारी, सैदनगर अनुभाग सम्मिलित हैं। यह जानकारी देते हुए आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने श्री बी0सी0 ब्रह्माप्रभागीय वनाधिकारी सा0वा0 वन प्रभाग मुरादाबाद के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए हैं। अधीनस्थ कार्मिकों पर प्रभावी नियंत्रण न रखने, पर्यवेक्षण के अभाव, वृक्षों के अवैध पातन तथा प्रकाष्ठ की अवैध निकासी को रोकने में असफल रहने के कारण प्रभागीय वनाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई का यह निर्णय लिया गया है। प्रवक्ता के अनुसार जनपद रामपुर में कुल 97 वृक्षों के पातन की अनुज्ञा जारी हुई थी किन्तु कुल 366 वृक्षों का अवैध पातन पाया गया। इस प्रकार 269 वृक्षों का अवैध पातन हुआ तथा उत्पादित प्रकाष्ठ की अवैध निकासी भी हुई। उक्त अधिकारी/कर्मचारी इस पर प्रभावी अंकुश नहीं रख पाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों/कर्मचारियों को सचेत किया है कि कार्य में शिथिलता बरतने तथा उदासीनता दिखाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

भारत की महिलाएं प्रदर्शनी-2014 देशभर से महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प वस्तुओँ की नई दिल्ली में प्रदर्शनी की शुरूआत
13-नवंबर, 2014 महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘भारत की महिलाएं- 2014’ प्रदर्शनी की शुरूआत आज दिल्ली हाट, नई दिल्ली में हुई। पूरे भारत से महिलाओं द्वारा बनाए गये हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री विनयशील ओबराय ने किया। प्रदर्शनी का आयोजन 13 से 19 नवम्बर 2014 तक किया गया है। इस अवसर पर श्री ओबराय ने कहा कि इस प्रदर्शनी का आयोजन भारत की महिलाओं के प्रयास और पहल का जश्न मनाने के लिए किया गया है। उऩ्होंने कहा कि भारत की महिलाओं को समर्पित प्रदर्शनी में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिला उद्यियों और कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने एवं बेचने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शनी से देश के कोने-कोने में काम कर रही महिलाओं को नये अवसर मिलेंगे। श्री ओबराय ने कहा कि इस प्रदर्शनी का श्रेय केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री मेनका संजय गांधी को देना चाहिए। यह प्रदर्शनी न केवल महिलाओं को सशक्त करेगी बल्कि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों, योजनाओं और कार्यों के बारे में शिक्षित करने के मंच की भूमिना निभाएगी। मंत्रालय के विभिन्न परियोजनाओँ और नई पहलों को भी इस स्थल पर प्रदर्शित किया गया है। मंत्रालय की नवीनतम योजना बेटी बचाओ, बेटी पढाओ पर भी इस प्रदर्शनी में प्रकाश डाला गया है । अतिथियों तथा भागीदारों का स्वागत करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आई.एस चहल ने कहा कि इस प्रदर्शनी को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है और 180 से ज्यादा स्टाल लगाये गये हैं। प्रदर्शनी के दौरान दिल्ली हाट में आने वाले दर्शकों का प्रवेश निशुल्क होगा। 

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