बातों के बताशों में, खड़पुड़ी की मिठास ग्लोबल का समापन और करवा चौथ का आगमन

तीरंदाज@व्हीएस भुल्ले। 
भैया- काश एक दिन पहले हुआ होता हारे महान ग्लोबल का समापन, तो मने भी चालना मुंह पर लगा हारे देश-विदेश के धन कुबेरो की भ्रकुटी झांक मुंह को निहार लिया होता। मगर कै करुं थारी भाभी बोल्यी कि कै थारे को मालूम कोणी करवा चौथ आज नहीं कल शै। थारे को इतनी जल्दी कै पड़ी है सो नई चलनी की जगह चालना ले आयो। और मारो फोटो थारी झड़ चुकी फोटो के साथ अखबार में छपवा आयो।
कै थारे को ाी बातो के बतासो में खड़पुड़ी की मिठास नजर आवे। आखिर तू ही बता भाया मने कै गलत बोल्या। पहले दिन ग्लोबल में केन्द्रीय मंत्री, मु यमंत्री बोल्या, फिर दूसरे दिन देश के सामने 5 वर्ष बाद नये कार्ड के साथ प्रस्तुत होने वाले हारे प्रधानमंत्री ने बोल्या हारा प्रदेश देश का ड्रायविंग फोर्स बनेगा। तीसरे दिन थारे जैसा अखबार आड़ा बोल्या कि हारे प्रदेश में 6 लाख 89 हजार करोड़ का निवेश होगा। और अगला ग्लोबल पांचवी मर्तवा 19 से 21 अक्टूबर 2016 को इन्दौर में ही होगा। आखिर सच क्या है? सो मने तो बोल्यूं भाया करवा चौथ का हारा निरहार वृत है। इसलिये तने सच ही बोलना क्योंकि इस मर्तवा थारे अखबार में हारे फोटो के साथ थारी भाभी का भी फोटो संग है।

ौये- मुंये चुप कर निराहार होकर ाी ऊल-जुलूल बोलता है दिवाली से धन की बर्षा थारे प्रदेश पर जो हुई है उसकी असलियत क्यों बोलता है? कै थारे को मालूम कोणी इस मर्तवा ग्लोबलाइजेशन के दौर में हुये ग्लोबल में जमकर धन वर्षा हुई है, थारे जैसे बीमारु राज्य को 6 लाख 89 हजार करोड़ की ऑफर जो मिली है। जिससे तू क्या थारी सात पीढ़ी तक तर जायेंगी एक नहीं थारे प्रदेश में पूरी की पूरी पांच स्मार्ट सिटियाँ बनाई जायेंगी। इतना ही नहीं पी.सी.पी.आई.आर. रीजन के तहत कई यूनिटे म.प्र. में लगाई जायेंगी। जिसमें जेपी, रिलायंस, अडानी, एस्सार, एनटीपीसी, एस्सेल, एडीएजी, सेल, बीओआरएल, एनएफएल, नालको, बेलस्पन, केन्द्र कई और विदेशी क पनियाँ स्वयं का भाग्य आजमा थारे जैसे लेागों को 17 लाख रोजगार मुहैया करायेंगी। अब इसे तने बातों के बतासे समझ या फिर करवा चौथ पर खड़पुड़ी की मिठास।

भैया- कै करुं सीधी बात हारे मगज में जावे ही उल्टी, मने इससे पूर्व भी खुजराहो और ग्वालियर की ग्लोबल के बारे में सुन पड़ देख चुका हूं। मगर हारे बिजली, पानी, सड़क , सुरक्षा और नगर पालक सुने तब न। मुई सड़को की हालात तो देखो देश की रीड़ कहीं जाने वाली आगरा-मु बई राष्ट्रीय राजमार्ग उधड़ी पड़ी है। कभी दिन भर का जाम तो कभी तीन-तीन दिन का जैम। बिजली कब आयेगी कब जायेगी, हारी सरकार को भी मालूम कोणी। किस माता-बहिन की चैन किस शहर में खींच ली जाये किसी को पता नहीं। कब चलती सड़क पर लूट, अपहरण, लूट के लिये हत्या हो जाये किसी को पता नहीं। नगर पालको की हालात ऐसी कि नये शहर तो दूर की कोणी पुराने सुस्सजित शहर ही सड़ांध मारते नहीं थकते कै आला अधिकारी और मंत्री ही नहीं मु यमंत्री तक झूठ बोलते नहीं रुकते। भ्रष्टाचार ऐसा कि नीचे से लेकर ऊपर तक सभी ने मुंह में मुसी का डाल रखा है, तभी तो ग्वालियर के शिवपुरी जिले में मनरेगा के 21 करोड़ से अधिक के प्रमाणित घोटाले की जांच के बावजूद नीचे से ऊपर तक सभी मुंह में मुसी का डाले बैठे है। और 181 हेल्प लाइन में भी लेाग फोन पर मजा लेते है कि क्या आपकी समस्या का समाधान हुआ। तीन-तीन मर्तवा 181 से फोन आने के बाद भी समाधान तो नहीं हुआ अलबत्ता अब तो फोन आना भी बन्द हो लिया।

भैये- ये तो व्यवस्था है सो बिगड़ती बनती रहती है, और सरकारे इसी तरह चलती रहती है। मगर मने विश्वास दिलाना चांहू कि पूर्व की भांति ही हमारे सार्वजनिक चिन्दी पन्नो को छोड़ मल्टी कलर गज, हाथियो को खूब बटा है। मगर भाग्य से भले ही मेहनत किसी की भी हो, म.प्र. को बहुत कुछ मिला है। भैया- मैं समझ लिया थारा इशारा एक लगाओगे, दस पायोगे, चल गया तो जादू, चूक गये तो मौत, क पनी का प्रचार है।


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