विकास के वोट पर बातों का बखेड़ा खतरनाक

देश के महापुरुषों को जो कुछ अपने राष्ट्र और जनता के लिये जननायको के तौर पर करना था वे कर गये जो इतिहास में ही नहीं लेागों के दिलो में दर्ज है। जिसमें न तो कुछ घट सकता है न ही कुछ बढ़ सकता यह अलग बात है कि वह देश और देश के लोगों के लिये मार्गदर्शक होने के नाते अपने ही लेाग के बीच स मान के हकदार अवश्य है जो उन्हें हर भारतीय से प्राप्त भी है।

और होना भी चाहिए मगर अपनेे स्वार्थ बस शहीदो, महापुरुषों के नाम इतिहास से छेड़छाड़ की राजनीति उचित नहीं। अगर सोच, संस्कारो से इतर इसी तरह महापुरुषों के नाम और उनके स मान की खातिर इतिहास से खिलबाड़ होगा तो कैसे होगा सबका साथ, कैसे होगा सबका विकास अगर यो कहें कि विकास के नाम पर मिले वोटो पर बातो का बतंग्गड़ भारतीय लेाकतंत्र की राजनीति के लिये बकवास ही नहीं खतरनाक भी है तो कोई अतिसंयोक्ति नहीं होगी।

जिस तरह से देश में एक चर्चा चल पड़ी है, कुछ शहीद, महापुरुषों के नाम पर चल ही योजनाओं के नाम को बदलकर अन्य देश के महापुरुषों, शहीदो के नाम रखने की यह उतनी हीं खतरनाक है, जितना कि विष। क्योकि इतिहासक की अपनी पर परा और भाषा है। उसे न तो बदला जा सकता है और न ही उसमें कोई संसोधन किया जा सकता है। मगर स्वार्थो की खातिर भारतीय लोकतंत्र में ऐसी चर्चाऐं जोर-शोर से चलाये मान है। वह योजनाऐं चाहे अङ्क्षहसा के पुजारी रहे पूज्य बापू महात्मा गांधी हो, या फिर देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. पं. जवाहर लाल नेहरु, शहीद स्व.राजीव गांधी हो। उनका नया नामाकरण कर उनका नाम बदला जायेगा। अब इन चर्चाओं में कितना दम है यह तो वक्त ही बतायेगा। मगर इतना सच है, कि कोई भी सोच संस्कारित और राष्ट्र भक्त होने के नाते कभी ऐसा नहीं सोच सकते। देश के बेहतर भविष्य और देश की खुशहाली के लिये बेहतर सोचना हर विचारधारा और व्यक्ति का अन्तिम लक्ष्य हो सकता है। मगर अहिंसा वादी देश में हिंसा का पक्षधर नहीं हो सकता। क्योंकि हर धर्म में अहिंसा सर्वोपरि स्थान पर रही है और ङ्क्षहसा मजबूरी। इस सच के बावजूद अगर ऐसा कुछ हो रहा है, तो वह अक्षं य ही नहीं अपराध भी है।

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि देश की आवाम में सत्तारुड़ दल ही नहीं एक व्यक्ति विशेष जिसने अपने जीवन के 55 वर्ष तमाम कुर्बानियों के बावजूद दिये है। उस व्यक्ति की जीवन की तपस्या पर बातो का बतंग्गड़ कतई उचित नहीं। उस दल और उस व्यक्ति के शुभचिन्तको को सोचना चाहिए कि उन राष्ट्र भक्तों को याद रखना चाहिए कि जिस संगठन ने राष्ट्र की खातिर न जाने कितने युवाओं ने अपना जीवन नौछावर किया है। उस विचार धारा और उस नेता के दल नाम पर इस तरह की चर्चाऐं उचित नहींं जिससे भारतीय लेाकतंत्र की पर पराओं और उसकी राजनीति के स मान पर दाग लग जाये जो उनके लिये सर्वोपरि है।

बेहतर हो कि इतिहास से छेड़छाड़ कियें बगैर लेागों की भावनाओं का स मान करते हुये महापुरुषों का स मान किया जाये भले ही योजनाऐं वहीं ही क्यों न हो जो चल रही है। कहते है कि जो इतिहास से छेड़छाड़ करने का प्रयास करता है, उसका अन्तिम स्थान भी इतिहास सुरक्षित रखता है। फिर चाहे वह कोई विचारधारा हो या फिर व्यक्ति हो।

छत्तीसगढ़ में डायबिटीज पीड़ित बच्चों का होगा मुफ्त इलाज: मुख्यमंत्री ने की घोषणा
रायपुर, १५ अक्टूबर २०१४मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ में अब डायबिटीज से पीड़ित शून्य से चौदह साल तक के बच्चों का मुफ्त इलाज किया जायेगा। उन्होने आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना पर आधारित वेबपोर्टलों नवजीवन एवं सचेत का शुभारंभ करते हुए यह ऐलान किया। डॉं. सिंह ने शहीद स्मारक भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन दोनों योजनाओं से संबंधित सफलता की कहानियों की जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका संवेदनाओं की तितलियां का विमोचन भी किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल, कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राजेश मूणत तथा रायपुर उत्तर विधायक श्रीचंद सुंदरानी भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने भी समारोह को संबोधित किया। शहीद स्मारक भवन में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दोनों योजनाओं से लाभान्वित बच्चों को मंच पर आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने इन बच्चों को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों को उनकी पढ़ाई के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखने की सलाह दी। इन बच्चों ने और उनके अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को आज उनके जन्म दिन की बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बाल हृदय सुरक्षा योजना मेरे सार्वजनिक जीवन की सबसे महत्वपूर्ण एवं संतुष्टिदायक योजना है। वर्ष २००८ में इसका शुभारंभ हुआ था। यह सबके मिले जुले प्रयासों का नतीजा है कि अब तक लगभग चार हजार बच्चों को आपरेशनों के जरिये नया जीवन मिला है। डॉ. सिंह ने कहा कि जब तक छत्तीसगढ़ स्वस्थ नहीं होगा तब तक समृद्ध नहीं होगा। हम नक्सलवाद और आतंकवाद से तो लड़ लेगें, विकास के कार्य भी होते रहेगें लेकिन यदि पीढ़ियों के निर्माण में चूक हो जाती तो जीवन भर मां-बाप और बच्चे चिंतित रहते। डॉ. सिंह ने कहा कि पीढ़ियों का निर्माण शासन की प्राथमिकता है। उन्होने सभी बच्चों की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आगामी दिसंबर २०१४ से छत्तीसगढ़ सहित देश के आठ राज्यों में बच्चों की पांच अलग-अलग बीमारियों के लिये एक ही वैक्सीन लगाई जायेगी। राज्य के सभी वर्ग के बच्चों को पेंटावेलेंट वैक्सीन का टीकाकरण किया जायेगा। उन्होने कहा कि पूरे भारत का कोई भी बच्चा हृदय और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित ना रहे इसके लिये उन्होने केंद्र सरकार से सभी राज्यों में छत्तीसगढ़ की ही तरह बाल हृदय एवं बाल श्रवण योजना लागू करने का आग्रह किया है। उन्होने कहा कि मानवीय संवेदनाओं पर आधारित इस प्रकार की योजना दिल से ही बनायी जाती है।

सिंगापुर में आयोजित हुआ बिजनेस सेमीनार मु यमंत्री ने सिंगापुर की बिजनेस कंपनियों से कहा राजस्थान में बनाएं लिटिल सिंगापुर
जयपुर, 15 अक्टूबर। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन एवं उनके द्वारा उठाए गए कदमों से देश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। श्रीमती राजे ने कहा कि निवेश के लिए अनुकुल वातावरण तैयार करने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व्यक्तिगत रूप से रूचि ले रहे हैं ताकि यहां व्यापार करने वालों को आसानी हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार भी निवेश के लिए अनुकुल माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्घ है। श्रीमती राजे बुधवार को सिंगापुर में आयोजित बिजनेस सेमीनार को संबोधित कर रही थीं। सेमीनार में सिंगापुर सरकार के प्रतिनिधियों के अलावा वहां के उद्योग जगत, बैंकिंग सेक्टर एवं सेवा क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ प्रतिनिधि शामिल हुए। श्रीमती राजे ने सिंगापुर की बिजनेस क यूनिटी को निवेश एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के लिए राजस्थान को एक उपयुक्त स्थान के रूप में चुनने का आमंत्रण दिया। उन्होंने राजस्थान में दिल्ली-मु बई इण्डस्ट्रीयल कोरिडोर के आस-पास के क्षेत्र में एक स्मार्ट सिटी ''लिटिल सिंगापुर'' स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार इसके लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध करायेगी। मु यमंत्री ने सिंगापुर में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की कई विशेषताएं वे अपने साथ राजस्थान ले जाएंगी, ताकि इनके आधार पर हमारे प्रदेश में उपलब्ध मानव संसाधन की गुणवत्ता में परिणात्मक परिवर्तन लाया जा सके। श्रीमती राजे ने कहा कि किसी भी स्वस्थ अर्थव्यवस्था के पीछे जनशक्ति होती है और सिंगापुर जनता की इस ताकत के उपयोग का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जनशक्ति का इसी तरह से सही उपयोग हम भी राजस्थान में करना चाहते हैं। उन्होंने सिंगापुर की हाई लक्स एवं आईटीई के राजस्थान के साथ मिलकर कार्य करने के लिए हो रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया।
सेमीनार के दौरान राजस्थान में उपलब्ध निवेश की संभावनाओं पर एक शॉर्ट फिल्म की स्क्रीनिंग की गई। प्रमुख शासन सचिव (उद्योग) श्रीमती वीनु गुप्ता ने एक प्रस्तुतीकरण दिया जिसमें यहां उपलब्ध सुविधाओं और निवेश के अनुकूल माहौल के बारे में जानकारी दी गई। सिंगापुर इंटरनेशनल एंटरप्राइजेज के साउथ एशिया रीजनल डायरेक्टर श्री बेंजामीन येप एवं जापान एक्सटर्नल ट्रेड रिलेशन्स ऑर्गेनाइजेशन के सीनियर इन्वेस्टमेंट एडवाइजर श्री हिरोशी डायकोकू ने राजस्थान में निवेश पर अपने अनुभवों को साझा किया। सेमीनार में आए प्रतिभागी राज्य की सोलर पॉलिसी एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किये जा रहे श्रम सुधारों के बारे में काफी उत्साहित दिखे और उ मीद जताई कि इन प्रयासों के परिणाम जमीन स्तर पर दिखाई देंगे। महिन्द्रा वल्र्ड सिटी के श्री अरूण नंदा, सिक्योर मीटर्स लिमिटेड के श्री सलिल सिंघल एवं नेशनल इंजीनियरिंग इण्डस्ट्रीयल लिमिटेड के श्री रोहित साबू ने सिंगापुर की बिजनेस कंपनियों को राजस्थान की उन्नति में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम के दौरान हाई लक्स इंटरनेशनल पीटीई लिमिटेड एवं ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (बीआईपी), राजस्थान के बीच पेयजल एवं वेस्ट वाटर के क्षेत्र में सीएसआर प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने को लेकर संदर्भ की शर्ताें पर सहमति व्यक्त की गई। इसी प्रकार राज्य सरकार एवं सिंगापुर सरकार की विदेशी मामलों एवं व्यापार से संबंधित एजेन्सी सिंगापुर कॉओपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के बीच भागीदारी को लेकर संदर्भ की शर्ताें को अंतिम रूप दिया गया। इस भागीदारी के तहत शहरी विकास, अर्फोडेबल हाउसिंग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर कार्य किया जाएगा। दोनों मामलों में अंतिम समझौतों पर हस्ताक्षर भारत सरकार की मंजूरी के बाद किये जाएंगे।

ऑपरेशन लहर ने विजाग के लोगों में जगाया विश्‍वास
१५-अक्टूबर, २०१४ सशस्‍त्र सेनाओं द्वारा ऑपरेशन लहर के अंतर्गत राहत अभियान अब विशाखापत्‍तनम पर केंद्रित हो गया है, यह जिला चक्रवाती तूफान हुदहुद से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। विशाखापत्‍तनम के लिए राहत सामग्री के तौर पर खासकर खाद्य पेकैट और तैयार भोजन सामग्री भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्‍टरों द्वारा ४१ टन विजयवाड़ा से और १७ टन राजमुंदरी से भेजी गई। विशाखापत्‍तनम में नौसेना प्रशासन द्वारा तीन सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही हैं इसके अलावा भिमुनिपत्‍तनम, विशाखापत्‍तनम हवाई अड्डे, सीतामधरा और अरकापल्‍ली में दो- दो रसोई चलाई जा रही हैं। प्रभावित जिलों के लोगों को वितरण के लिए इन रसोईओं में तैयार भोजन को विभिन्‍न आपूर्ति केंद्रों पर भेजा जाता है। दूरदराज के इलाकों जैसे रामबिल्‍ली में खाद्य पैकेट हेलीकॉप्‍टर से गिराए जा रहे हैं। थलसेना तथा नौसेना टीमों ने नौसेना के आधार शिविर और भिमुनीपत्‍तनम से विशाखापत्‍तनम सिटी से सडकों को दोबारा अब ठीकठाक बना दिया है। विशाखापत्‍तनम सिटी से राष्‍ट्रीय राजमार्ग-५ के बीच मुख्‍य मार्ग को ठीक किया जा रहा है। आईएनएस देगा स्थित नौसेना की हवाई पट्टी और द नैवेल पोर्ट पर पूरी तरह से कार्य हो रहा है। भारतीय वायुसेना के बडे विमान जैसे सी-१७ ग्‍लोबमास्‍टर, सी-१३० हरक्‍यूलिस और एएन-३२ भी विशाखापत्‍तनम तथा देगा हवाई पट्टी से भोजन आपूर्ति में सहयोग दे रहे हैं। इसके अलावा आवश्‍यक सेवाओं की पुनर्बहाली के लिए जरूरी भारी उपकरणों को भी पहुंचाया जा रहा है। भारतीय थलसेना अब तक २७२ लोगों को बचा चुकी है जबकि भारतीय वायुसेना ने ५० उड़ाने भरकर १४४.५ टन राहत सामग्री विशाखापत्‍तनम और अन्‍य प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित इलाकों तक पहुंचाई है। 

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  1. फेरि केभिन एडम्स, एक बंधक ऋण देखि कम्पनी sunda एडम्स bixenta ऋण देखि एक प्रतिनिधि, हामी 2% ब्याज मा ऋण दिन गुजरात धेरै खुशी नाम। हामी ऋण को सबै प्रकार प्रदान। तपाईं यस इमेल मा अब हामीलाई सम्पर्क गर्न आवश्यक छ भने: adams.credi@gmail.com

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