ग्राम झिरी में अस्पश्यता निवारण एवं सद्भावना शिविर संपन्न सहभोज का हुआ आयोजन

शिवपुरीः ०२ अक्टूबर, २०१४/ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती दो अक्टूबर को आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा पोहरी विकासखण्ड के ग्राम झिरी में अस्पश्यता निवारण एवं सद्भावना शिविर का आयोजन क्षेत्रीय विधायक श्री प्रहलाद भारती के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत पोहरी की अध्यक्ष श्रीमती रामकली चैधरी ने की।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गायत्री बाई वर्मा और ग्राम पंचायत झिरी के सरपंच श्री हमीद खांन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर रूचिकर सहभोज का भी आयोजन किया गया। विधायक श्री प्रहलाद भारती ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में आपसी भाईचारा एवं सामाजिक समरसता बढ़े इसके लिए हमें सामाजिक कुरूतियों को नष्ट करना होगा। उन्होंने कहा कि आज से पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान जन आंदोलन बने इसके लिए हम सभी को पूर्ण सहयोग करना होगा।

श्री भारती ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची पुष्पाजंलि तभी होगी जब हम इनके बताए हुए मार्गों पर चले और इनसे प्रेरणा ले। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जनपद अध्यक्ष श्रीमती रामकली चैधरी ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से हम सामाजिक कुरूतियों के साथ-साथ अस्पश्यता जैसे भेदभाव को दूर कर सकते है। उन्होंने ग्रामीणों से अहवान किया कि वह अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल जरूर भेजे। श्रीमती चैधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने स्वच्छता भारत अभियान शुरू किया है इसके तहत गांव-गांव में शौचालय भी बनाए जाए। जिससे महिलाओं को शौच के लिए खुले में न जाना पड़े। शिविर में विभिन्न विभागों के जिला एवं खण्डस्तरीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदाय की। कार्यक्रम के शुरू में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक श्री आई.यू.खांन ने अस्पश्यता निवारण एवं सद्भावना शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविरों के आयोजन करने के पीछे शासन का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारा और समरसता का भाव पैदा करना है। कार्यक्रम को सामाजिक न्याय के उपसंचालक श्री एच.आर.वर्मा, अनुविभागीय दण्डाधिकारी पुलिस पोहरी श्री एस.के.एस.मुखर्जी, उपपुलिस अधीक्षक अजजा श्री पटेरिया, एडवोकेट सुश्री शैला अग्रवाल आदि ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में शिक्षण संस्थाओं में च्अस्पश्यता समाज के लिए कलंकज् विषय पर आयोजित निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। जिसमें निबंध प्रतियोगिता में उ.मा.विद्यालय स्तर पर श्री मुकुंद को प्रथम, मुलकेश चैरसिया द्वितीय, अनिल शाक्य को तृतीय स्थान, महाविद्यालय स्तर पर कु.स्वाति दीक्षित को प्रथम, कु.अवन्ती लोधी को द्वितीय, कु.भावना शर्मा को तृतीय, उ.मा.विद्यालय स्तर पर भाषण प्रतियोगिता में शिवम गुप्ता को प्रथम, कु.दीपशिखा लोधी को द्वितीय, कृष्णकांत नामदेव को तृतीय, इसी प्रकार महाविद्यालय स्तर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में कु.प्रियंका लोधी को प्रथम, सौम्या शर्मा को द्वितीय और अमित दुबे को तृतीय स्थान पर करने पर क्रमशः प्रथम पुरस्कार के रूप में ५०० रूपए, द्वितीय में ३०० रूपए और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को २०० रूपए की राशि और प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए।

कार्यक्रम के शुरू में सामाजिक न्याय विभाग के कलापथक दल के कलाकारों जिसमें सर्वश्री अरूण अपेक्षित, हरिवंश त्रिवेदी, मनोज बावरा, विनोद श्रीवास्तव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भवन च्च्बैष्णोजन तो तेने कहिए पीर पराई जाने रेज्ज् और नशाबंदी के गीतों की भी प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर विधायक श्री भारती ने स्वच्छ भारत अभियान और नशा मुक्ति की उपस्थित जन समुदाय को शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन छात्रावास अधीक्षक श्री ओमप्रकाश पाण्डे ने किया।

बिलासपुर : वाल्मिकी वार्ड में सफाई अभियान
बिलासपुर/०३ अक्टूबर २०१४गांधी जयंती के अवसर पर कल ०२ अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय बिलासपुर स्थित बाल्मिकी वार्ड में भी सफाई अभियान चलाया गया। सफाई व्यवस्था से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रूबरू हुए और वे वहां पर साफ-सफाई की। मोहल्लेवासी अचानक वरिष्ठ अधिकारियों को अपने बीच पाकर आश्चर्यचकित थे। इसके साथ ही वे साफ-सफाई में जुटे गए। यह उनके लिए कौतुहल का विषय बना रहा। गांधी जयंती के अवसर पर ०२ अक्टूबर को सुबह जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित बापू जी के प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संभागीय कमिश्नर श्री सोनमणि बोरा के नेतृत्व में नगर के साफ-सफाई से जुड़े कर्मियों के आवास स्थल बाल्मिकी वार्ड में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पहुंचें। साफ-सफाई के लिए चार टीम बनी। इसमें से कुछ अधिकारियों ने झाड़ू लगाई। वहीं कुछ अधिकारियों ने नालियों की सफाई की। इसी तरह वहां वर्षों से जमा कुड़ा-कचरा-मलबा को साफ-सफाई की गई। इसके साथ ही सफाई किये गये स्थानों में ब्लीचिंग पाउडर एवं चूना डाला गया। कुछ अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थल में वर्षों से जमे काई के उपर चूने से पोताई की।
इस मौके पर संभागीय कमिश्नर श्री सोनमणि बोरा के साथ पुलिस महानिरीक्षक श्री पवन देव, कलेक्टर श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्य वन संरक्षक श्री अनुप श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री बी.एन.मीणा, अतिरिक्त कमिश्नर श्री हेमंत पहारे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीरज बंसोड़, आयुक्त नगर निगम श्रीमती रानू साहू, अपर कलेक्टर श्री
नीलकण्ठ टेकाम, उपायुक्त श्री पी.डी. झा, प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री शशिकांत कोन्हेर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने हाथों में झाड़ू, फावड़ा, घमेला लेकर साफ-सफाई की।

राज्य सरकार ने पत्रकारों को दिये मेडिक्लेम के दो विकल्प बीमा राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर की 10 लाख रुपये
जयपुर, 3 अक्टूबर। मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की बजट घोषणा वर्ष 2014-15 की अनुपालना मेें राज्य सरकार ने एक परिपत्र जारी कर प्रदेश के अधिस्वीकृत पत्रकारों को मेडिक्लेम बीमा पॉलिसी एवं सामूहिक दर्घटना बीमा सुविधा के लिये दो विकल्प दिये हैं। पहली पॉलिसी में पत्रकार मेडिक्लेम एवं सामूहिक दर्घटना बीमा के तहत 10 लाख रुपये का तथा दूसरी पॉलिसी में 2 लाख रुपये का मेडिक्लेम एवं सामूहिक दर्घटना बीमा करवा सकते हैं। इसके साथ ही अधिस्वीकृत प्रेस फोटोग्राफरों के लिए 2 लाख रुपये की ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट पॉलिसी (ऑप्शनल) इस वर्ष से अलग से दी गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष तक राज्य सरकार प्रदेश के अधिस्वीकृत पत्रकारों को मेडिक्लेम बीमा सुविधा एवं सामूहिक दर्घटना की कवरेज राशि 5 लाख रुपये ही उपलब्ध करवाती थी, लेकिन इस वित्तीय वर्ष से प्रदेश के अधिस्वीकृत पत्रकारों को मेडिक्लेम एवं सामूहिक दर्घटना बीमा की सुविधा को 5 लाख रुपये के स्थान पर 10 लाख की गई है तथा पत्रकारों को 2 लाख की रुपये मेडिक्लेम एवं सामूहिक दर्घटना बीमा की सुविधा अलग से दी गई है। अब पत्रकार अपनी सुविधानुसार दोनों में से कोई भी विकल्प चुन सकेंगे। आदेश अनुसार मेडिक्लेम एवं सामूहिक दर्घटना बीमा की सुविधा बीमा की सुविधा इस वर्ष से लागू कर दी गई है। इस सुविधा के लिये पत्रकारों को मेडिक्लेम एवं सामूहिक दर्घटना बीमा की प्रीमियम की 90 प्रतिशत राशि राजस्थान पत्रकार कल्याण एवं साहित्यकार कल्याण कोष से वहन की जाएगी तथा 10 प्रतिशत राशि संबंधित अधिस्वीकृत पत्रकार से डिमांड ड्रा ट के माध्यम से प्राप्त की जाएगी। जिलों में पदस्थापित विभाग के समस्त संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, सहायक निदेशक एवं सूचना जन संपर्क अधिकारियों को 22 फरवरी 2010 का मेडिक्लेम पॉलिसी का नोटिफिकेशन, अधिस्वीकृत पत्रकारों की मेडिक्लेम पॉलिसी का आवेदन पत्र, अधिस्वीकृत पत्रकारों की समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के लिए आवेदन पत्र, मेडिक्लेम सुविधा के लिए अधिकृत चिकित्सालयों की सूची तथा मेडिक्लेम बीमा पॉलिसी दावा प्रपत्र के प्रारुप दे दिये गये हैं, ताकि वे 7 अक्टूबर तक अपने जिले के अधिस्वीकृत पत्रकारों के मेडिक्लेम प्रपत्रों की पूर्ति कर मय बैंक डीडी के साथ दो प्रतियों में आवश्यक रुप से निदेेशालय में भिजवा सकें। राज्य सरकार द्वारा मेडिक्लेम बीमा कवरेज राशि 2014-15 के लिए 10 रुपये एवं लाख 2 लाख रुपये निर्धारित की गई है। 2 लाख रुपये की मेडिक्लेम बीमा पॉलिसी के लिए कुल वार्षिक प्रीमियम 8000 रुपये है जिसमें से राजस्थान पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से 7 हजार 200 रुपये वहन किया जाएगा व अधिस्वीकृत पत्रकारों से 800 रुपये अंशदान लिया जायेगा। इसी प्रकार 10 लाख रुपये की मेडिक्लेम बीमा पॉलिसी के लिए कुल वार्षिक प्रीमियम 40 हजार रुपये है, जिसमें से राजस्थान पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से 36 हजार रुपये वहन किया जाएगा व अधिस्वीकृत पत्रकारों से 4 हजार रुपये का अंशदान लिया जायेगा। इसी प्रकार उपरोक्त दोनों पॉलिसी तथा प्रेस फोटोग्राफर्स के लिए सामूहिक दुर्घटना बीमा के लिए 500 रुपये कुल प्रीमियम राशि में से राजस्थान पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष 75 प्रतिशत ( 375 रुपये ) व अधिस्वीकृत पत्रकारों से 25 प्रतिशत (125 रुपये)े वहन किया जाएगा।
नवीन मेडिक्लेम पॉलिसी लेने के लिए प्रत्येक अधिस्वीकृत पत्रकार से कुल 925 रुपये या 4 हजार 125 रुपये की राशि का बैंक डीडी ''राजस्थान पत्रकार और साहित्य कल्याण कोष जयपुरÓÓ के नाम से प्राप्त किया जाएगा तथा मेडिक्लेम बीमा पॉलिसी प्रपत्र, समूह दुर्घटना बीमा प्रपत्र, अधिस्वीकरण कार्ड की फोटो प्रति, मूल आवेदन पत्र के साथ अतिरिक्त फोटो सहित प्रस्ताव दो प्रतियों में तैयार कर 7 अक्टूबर तक निदेशालय में प्रस्तुत करना होगा। जिन अधिस्वीकृत पत्रकारों की मेडिक्लेम बीमा की अवधि 19 अक्टूबर को समाप्त हो रही है उन पत्रकारों की मेडिक्लेम पॉलिसी का नवीनीकरण भी किया जाएगा। इसके लिए अधिस्वीकृत पत्रकार से 7 अक्टूबर, 2014 तक आवेदन पत्र, 925 या 4125 रुपये का डिमांड ड्रा ट, मेडिक्लेम कार्ड की फोटो प्रति और अधिस्वीकरण कार्ड की फोटो प्रति के साथ दो प्रतियों में आवेदन पत्र प्राप्त कर निदेशालय को आवश्यक रुप से प्रस्तुत करना है।

अमेरिका के साथ आईपीआर मुद्दे पर चर्चा के लिए द्विपक्षीय व्‍यवस्‍था पर डीआईपीपी का वक्‍तव्‍य
द्विपक्षीय शिखर वार्ता के बाद भारत के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्‍ट्रपति द्वारा जारी अमेरिका-भारत संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में आईपीआर मुद्दों पर इस बात का जिक्र किया गया था- नवाचार को कुछ इस तरह से बढ़ावा दिया जाए, जिससे कि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिले। इसके लिए दोनों नेताओं ने व्‍यापार नीति फोरम के तहत एक वार्षिक उच्‍चस्‍तरीय बौद्धिक संपदा (आईपी) कार्य दल गठित करने का वादा किया है, जिसके अंतर्गत समुचित निर्णय लेने के साथ-साथ तकनीकी स्‍तर की बैठकें भी होंगी। यहां पर इस बात का जिक्र करना उचित होगा कि वर्ष २०१० से ही नवाचार एवं रचनात्‍मकता फोकस समूह वजूद में है। इसका गठन बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण एवं अमल, बौद्धिक संपदा अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, नवाचार एवं रचनात्‍मकता में सहयोग बढ़ाने और अमेरिकी एवं भारतीय अन्‍वेषकों के बीच सहयोग बढ़ाने के वास्‍ते आपस में सलाह-मशविरा करने के लिए किया गया है। इसकी बैठक साल में कम से कम दो बार होती है। मार्च २०१० में तत्‍कालीन वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री और उनके अमेरिकी समकक्ष ने अमेरिका-भारत व्‍यापार नीति फोरम के वक्‍तव्‍य पर हस्‍ताक्षर किए थे। अब जारी संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में वही बातें दोहराई गई हैं जो पूर्ववर्ती व्‍यापार नीति फोरम में थीं। आईपीआर से जुड़े मसले दोनों ही देशों के लिए महत्‍वपूर्ण हैं। भारत कॉपीराइट की पायरेसी एवं परंपरागत ज्ञान को हथियाने के मुद्दे को बार-बार अमेरिका के समक्ष उठाता रहा है। भारत लगातार इस ओर ध्‍यान दिलाता रहा है कि देश में आईपीआर की कानूनी व्‍यवस्‍था पूरी तरह से 'ट्रिप्‍स' के अनुकूल है और जिस मुद्दे पर भी चर्चा की जानी है, उसे द्विपक्षीय फोरमों जैसे व्‍यापार नीति फोरम में ही उठाया जाना चाहिए। विशेष ३०१ रिपोर्ट के तहत अमेरिका द्वारा प्रस्‍तावित एकपक्षीय कार्रवाई पर भारत विरोध जताता रहा है। विशेष ३०१ रिपोर्ट दरअसल अमेरिकी व्‍यापार अधिनियम के तहत आईपीआर पर वार्षिक रिपोर्ट है। व्‍यापार नीति फोरम की द्विपक्षीय व्‍यवस्‍था के जरिए आईपीआर मुद्दों पर चर्चा करने पर अमेरिका ने जो सहमति जताई है, वह असल में भारत के इस रुख की ही पुष्टि करती है कि इन मुद्दों पर द्विपक्षीय चर्चा होनी चाहिए, न कि एपक्षीय कार्रवाई। आईपीआर मुद्दे पर जारी वक्‍तव्‍य से द्विपक्षीय संस्‍थागत व्‍यवस्‍था मजबूत होगी।

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