सिधिया की सीख और मीम का मोदी पर बयान, कॉग्रेस चली अब अपनी चाल

व्ही.एस.भुल्ले। जिन सारी बातों को लेकर विगत 2013 के विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनावों के पूर्व कॉग्रेस से हुये सवाल अनुउत्तरित रहते थे। शायद अब उन सवालो के जबाव अब मिलना शुरु हो गये है। देर से ही सही कम से कम कॉग्रेस को अपने संस्कारों की सुध तो आई।

निश्चित ही कॉग्रेस आलाकमान की साफ सुथरी सूझ-बूझ पर देश के आम कॉग्रेसी विचार धारा में विश्वास रखने वालो को कभी शंका नहीं रही। मगर शिकायते अवश्य और अनन्त रही, खासकर उन नेताओं से जो 24 अकबर रोड और 10 जनपथ के नाम आम कॉग्रेसियों की कड़ी मेहनत और उनकी आकाक्षांओं पर बैरहमी से
कुठाराघात करते रहे।

शायद आलाकमान का अति विश्चास ही रहा हो, ऐसे लेागों के प्रति जो अति महात्वकांक्षी होने के साथ-साथ स्वार्थी और सत्ता भोगी बने रहे। जिस युवा नेतृत्व के नेतृत्व में कॉग्रेस को आगे ले जाने की बात हुई थी और जो लेाग टी.व्ही. चैनल और मंचो से करते रहे है। उन्होंने शायद ही ये सोचा हो कि जिसे वह अपना नेता कह रहे है। उसने सत्ता के बजाये संगठन का रास्ता चुना है। मगर संगठन के रास्ते पर वह बैचारा अकेले ही आगे बढ़ता रहा। और उ.प्र. से लेकर बिहार, म.प्र. राजस्थान, छत्तीसगढ़ और समुचे देश में हुई यू.पी.ए. सरकार की हार का तमगा लिये चुप हो गया। हद तो तब हो गई जब कॉग्रेस की देश भर में हुई करारी हार का राजतिलक लेाग व्यानो के माध्ययम से जब तब करते दिखे।

मगर जो वाणी मीम अफजल के मुख से मोदी के अमेरिका यात्रा पर और उनकी बढ़ती लेाकप्रियता पर एक राष्ट्रीय चैनल पर चर्चा के दौरान दिखी वह काबिलो गौर ही नहीं काबिले तारीफ है। बड़ी ही संयमित, सागर्भित मार्मिक प्रतिक्रियाओं ने कॉग्रेस को एक बार फिर से उस राजनैतिक दल की लाइन में ला खड़ा किया जिसे सकारात्मक सजग विपक्षी दल के रुप में देखा जाता है।

इससे दो कदम आगे पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने म.प्र. में अपने क्षेत्रीय दौरे के दौरान आक्रोशित कार्यकत्र्ताओं के बीच संगठन को सर्वोपरि करार दे बिल्कुल सटीक दिशा में प्रहार किया, उनका कहना था कि मैं भी कॉग्रेंस कार्यकत्र्ता की हैसियत से कॉग्रेस में काम करता हूं मेरे लिये संगठन सर्वोपरि है। इसलिये आप लेागों को भी नाम के चक्कर में न पढ़ संगठन के लिये कार्य करना चाहिए।

बहरहॉल अगर इसी तरह कॉग्रेस उस युवा नेतृत्व के साथ आगे बढ़ती रही तो वो दिन दूर नहीं जब कॉग्रेस पुन: अपने पुराने रसूख में होगी। फिलहॉल तो कॉग्रेस का सफर ल बा है। संगठन काफी कमजेार और कॉग्रेसी अधर में, जरुरत है कांग्रेस आलाकमान को विखरे पड़े उपेक्षित ऐसे कांग्रेसियो को मु य धारो में जोडऩे की जो विगत 20 वर्षो से उपेक्षा का शिकार रहे है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा इन्दौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों की समीक्षा
भोपाल : सोमवार, सितम्बर २९, २०१४, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-२०१४ की चल रही तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी मौजूद थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से विश्व स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन रही है। समिट की देश में ही नहीं वरन विश्व स्तर पर भी चर्चायें हो रही हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल में आज आस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने मुलाकात कर प्रदेश में डेयरी उद्योग में निवेश की संभावनाओं के संबंध में चर्चा की। कनाडा से भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पूर्व, दौरे का प्रस्ताव आया है। इस प्रकार पूरा विश्व हमारी ओर संभावनाओं की दृष्टि से देख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम संभावनाओं का प्रदेश है। प्रकृति ने अपनी अनमोल संपदा से हमें परिपूर्ण किया है। प्रदेश की आर्थिक रेटिंग भी ए ग्रेड में है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रदेश के विकास से जोड़ेंगे और प्रदेश की जनता को भी विकास में सहभागी बनायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट देश में ही नहीं वरन पूरे मध्यप्रदेश के उद्योगपतियों को भी अन्य देशों में व्यापक बाजार उपलब्ध करायेगी। इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सात से अधिक देश अपने प्रेजेन्टेशन देंगे। ये देश निवेश की संभावनाओं तथा अपने देशों में निवेश की संभावनाओं पर अपना दृष्टिकोण रखेंगे। अभी तक ३ हजार से अधिक डेलीगेट्स अपना पंजीयन करा चुके हैं और २५० से अधिक डेलिगेट्स के आवेदन लंबित हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट विश्व स्तर की होना चाहिये। आने वाले सभी डेलिगेट्स को हर तरह से बेहतर माहौल मिले। इसके पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ९ अक्टूबर के आगमन पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। पुराना एयरपोर्ट के बाहर कॉरिडोर का निरीक्षण किया तथा एयरपोर्ट से एमआर-१० से होते हुये ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर तक के मार्ग का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिये कि मार्ग के दोनों ओर सभी व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद हों। आकर्षक होर्डिंग जिसमें मध्यप्रदेश के पर्यटन, उद्योग, संस्कृति, कृषि एवं प्राकृतिक विषयों को अंकित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ब्रिलियेंटर कन्वेंशन सेंटर के मुख्य हाल और व्यवस्थाओं की जानकारी ली, वहाँ के अन्य कक्षों का भी निरीक्षण किया और बैठक व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि निवेशकों और मंच पर उपस्थित अन्य लोगों के लिये एक समान व्यवस्था की जाये। मुख्यमंत्री ने प्रेस ब्रीफिंग कक्ष, मीडिया कक्ष के संबंध में भी चर्चा की और सभी आधुनिक व्यवस्थाएँ उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। पार्किंग व्यवस्था, होटलों की व्यवस्था, बैठक व्यवस्था पूर्ण होने पर पुनः प्रेजेन्टेशन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि इस दौरान आम जनता को कोई परेशानी न हो। मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव श्री एंटोनी डिसा, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, पुलिस श्री सुरेन्द्र सिंह, ट्रायफेक के एमडी श्री डी.पी. आहूजा सहित इंदौर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

स्वच्छता के लिए बना उत्साह जनक माहौल
रायपुर, २९ सितम्बर २०१४ स्वच्छता जागरूकता सप्ताह के तहत आज बिलासपुर संभाग के जिलों में कहीं स्वच्छता जागरूकता रथ और रैली तो कहीं चित्रकला तथा निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से लोगों से स्वच्छता अपनाने की अपील की गई। इसी कड़ी में बिलासपुर संभाग के कमिश्नर श्री सोनमणि बोरा ने संभाग मुख्यालय के जिला पंचायत परिसर से स्वच्छता जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर बिलासपुर महापौर श्रीमती वाणी राव, जिला पंचायत अध्यक्ष अंजना मुलकुलवार, कलेक्टर श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और नगर निगम आयुक्त रानू साहू भी उपस्थित थे। 

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