मप्र निस्तनाबूत होता, कॉग्रेस संगठन

व्ही.एस.भुल्ले। म.प्र. विधानसभा में तीसरी मर्तवा व लेाकसभा में हालिया करारी हार के बावजूद म.प्र. में कॉग्रेस जैसा शसक्त संगठन आज भी वहीं का वहीं खड़ा है। जहां वह लोकसभा चुनावों के वक्त खड़ा था। जिसका भरपूर लाभ सत्ताधारी विरोधी दल भाजपा उठाने में सफल रहा।

लेाकसभा में मिली करारी हार के बाद भले ही प्रदेश सदर की रवानगी डाल, नये प्रदेश सदर अरुण यादव की ताजपोशी और विधानसभा में विपक्ष के नेता के रुपमें सत्यदेव कटारे को आलाकमान ने कमान सौंप दी हो।
मगर संगठन का कार्य आज भी पुराने सूवा सदर कान्तिलाल भूरिया की गठित कार्यकारणी से ही चल रहा है। संगठन के हालात ये है, कि वे आज तक नई कार्यकारणी नहीं बना सके अब ऐसे में म.प्र. के अन्दर कॉग्रेस को लेकर कई तरह चर्चाये सरगर्म है। आम लेागों में चर्चा यह है कि म.प्र. के कद्दावर नेताओं से फिलहॉल आला कमान स त नाराज है। वहीं दूसरी चर्चा यह भी है कि आलाकमान संगठन को लेकर भले हर सांसत में हो मगर उसके सामने महाराष्ट्र के आसन्न चुना है जहां उसे अहम निर्णय लेना है। जहां उसे तय करना है कि वह गठबन्धन के साथ जाये या फिर अकेले की दम पर विधानसभा चुनावों में लड़ जाये।

जहां तक महाराष्ट्र का सवाल है तो अगर कॉग्रेस चाहती है कि वह अपने पुराने मूल स्वरुप मेंं लौटे,तथा संगठन मजबूती के साथ देश की सेवा करे तो उसे महाराष्ट्र के चुनावों में अकेले ही लडऩा होगा। परिणाम जो भी हो, हो सकता है परिणाम कॉग्रेस के पक्ष में रहे। रहा सवाल म.प्र. का तो यहां भी आलाकमान को निर्णय लेना ही होगा वो भी भूलि बाते बिसार कर आलाकमान को चाहिए कि वह ऐसे किसी नेतृत्व को सदल बल पूरी ताकत के साथ म.प्र. में संगठनात्मक दृष्टि से अभी से मैदान में उतारे जिसके रंग रंग में अहिंसाबादी निरन्तर संघर्ष हो, उसके लिये स्वयं आलाकमान को पहल करनी होगी। और प्रदेश कॉग्रेस को फन्ड मुहैया करना होगा जिससे जो कद्दावर कॉग्रेसी मायूस हो घर जा बैठे है या जो युवा बेहतर विकल्प की तलाश में दिशा विहीन हुये है। उन्हें मार्गदर्शन कर संघर्ष के लिये तैयार किया जा सके।

क्योंकि अंहकार में डूबी भाजपा सरकार के चाल चरित्र और झूठे व्यानो से आम जनता विगत 5 वर्षो से भारी परेशान है। जिन्हें आज किसी सहारे की स त जरुरत है।

मगर अफसोस कि न तो कॉग्रेस के ल बरदार बने उन मठाधीसो के पास समय नहीं संगठन पुन: खड़ा करने, और न ही फक्कड़ नेताओं पर फंण्ड जो टिकिट बटबारे के वक्त अपना अपना दावा ढोकने से नहीं चूकते, जो कुछ करना चाहता है उसे कुछ करने नहीं देते। मगर जो हाल खासकर म.प्र. में कॉग्रेस संगठन है वह बड़ा ही विचारणीय है आलाकमान को यह नहीं भूलना कि म.प्र. में कॉग्रेस के नाम जो वर्ग बचा है जिन पर धन और विपक्षियो की मिली भगत से पावर है वह नहीं चाहेगा कि उसे दर किनार कर कॉग्रेस जैसा महान संगठन शसक्त या मजबूत हो। क्योंकि आलाकमान को मजबूर कर अपना बजूद कायम रखने वाले ही वो लेाग है जिन्होंने कॉग्रेस को यहां तक पहुंचाया। इसलिये शेष बची कॉग्रेस को अगर बचाना है और एक ऊर्जावान, चरित्रवान कॉगे्रस को उस युवा नेतृत्व के साथ खड़ा करना है। जिसके हर निर्णय पर चन्द सत्ता लेालुप स्वार्थ बस लेाग टीका टिप्पणी कर कॉग्रेस ही नहीं उस नेतृत्व को कॉग्रेस में ही कमजोर करते रहे है उन्हें सबक सिखाने कड़े निर्णय लेने ही होगें। तभी म.प्र. में कॉग्रेस बच पुन: खड़ी हो सकेगी।

प्रदेश के नगरों से राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय विमान सेवाएँ प्रारंभ की जाये
भोपाल : गुरूवार, सितम्बर २५, २०१४,मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के इन्दौर और भोपाल एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करने तथा यहाँ से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करवाने का आग्रह किया है। श्री चौहान के साथ केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री अशोक गजपति राजू की मध्यप्रदेश में विमान सेवाओं के विस्तार के बारे में आज यहाँ महत्वपूर्ण बैठक हुई। केन्द्रीय नागरिक उ़ड्डयन मंत्री श्री राजू ने कहा कि मध्यप्रदेश में विमानन विस्तार की काफी संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश पहला प्रदेश है जिसने विभिन्न एयरलाइन्स के प्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा करने की पहल की है। बैठक में मौजूद विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइन्स के प्रबंधन से भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर, खजुराहो आदि प्रमुख शहरों से देश-विदेश में उड़ानें प्रारंभ करने के बारे में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक विकास दर वाला प्रदेश है। प्रदेश की कृषि विकास दर भी सबसे अधिक है। अब प्रदेश सरकार का फोकस औद्योगिक विकास पर है। निवेशकों सहित विकास के लिये फ्लाईट कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर से देश के बड़े शहरों तक एयर लाइन की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध बौद्ध स्थल साँची में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए भोपाल और कोलम्बो के बीच अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू की जा सकती है। यह वायु सेवा प्रारंभ करने के लिये श्रीलंका के राष्ट्रपति सहमत हैं। इसी तरह एयर अरेबिया इन्दौर से शारजाह फ्लाइट प्रारंभ करने के लिये तैयार है। नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राजू ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की इस पहल का पूरा लाभ नागरिक उड्डयन विभाग लेगा। एयरलाइन्स प्रदाताओं से भी बेहतर रिस्पांस मिलने की अपेक्षा है। मध्यप्रदेश सरकार पहली राज्य सरकार है, जिसने एयरलाइन्स से चर्चा करने की पहल की है। अन्य प्रदेशों की सरकारें भी इस तरह की पहल करेंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में अर्थ-व्यवस्था में वृद्धि के साथ विमान सेवाओं में भी विस्तार होगा। उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि प्रदेश में ऐविएशन की व्यापक संभावनाएँ हैं। उन्होंने विभिन्न एयरलाइन्स को अगले माह ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट से पहले भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर आदि अन्य शहरों से उड़ानें प्रारंभ करने की सहमति देने के लिये कहा। बैठक में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं विमानन श्री इकबाल सिंह बैंस ने मध्यप्रदेश में विमान तलों की स्थिति तथा वहाँ से संचालित विमान सेवाओं की जानकारी देते हुए इनके विस्तार की संभावनाओं का क्षेत्रवार उल्लेख किया। बताया गया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश में नई विमान सेवाएँ प्रारंभ करने तथा एयरलाइन्स को प्रोत्साहित करने के लिये एटीएफ पर वेट की दर २८ से घटाकर ४ प्रतिशत कर दी गई है। भोपाल, इंदौर तथा खजुराहो विमान तलों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिये एयरपोर्ट अथॉरिटी को लगभग ९०० एकड़ भूमि उपलब्ध करवाई गयी है। औद्योगिक शहर सिंगरौली में विमान तल निर्माण के लिये राज्य शासन द्वारा स्पेशल परपज व्हीकल का गठन किया गया है। आवश्यक भू-अर्जन के लिये सिंगरौली कलेक्टर को १४ करोड़ रूपये भी उपलब्ध करवा दिये गये हैं। बैठक में तय हुआ कि एयर इण्डिया द्वारा भोपाल से दिल्ली की प्रात:कालीन सेवा पहले की तरह पुन: प्रारंभ की जायेगी। इण्डिगो भी भोपाल से व्यावसायिक सेवा प्रारंभ करने का शीघ्र निर्णय लेगी। इंदौर को अहमदाबाद, जयपुर, चैन्नई, खजुराहो, लखनऊ से जोड़ने, भोपाल को हैदराबाद, बेंगलुरू, पुणे, जयपुर तथा ग्वालियर को मुम्बई, इंदौर, खजुराहो से जोड़ने का केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि एयर एमेरेट्स द्वारा इंदौर से कार्गो सेवा प्रारंभ करने की सहमति दी गई है। इसके लिये केन्द्र सरकार की सहमति अपेक्षित है। केन्द्रीय मंत्री श्री राजू ने कहा कि उड्डयन मंत्रालय की इसमें सहमति है। विदेश मंत्रालय की स्वीकृति लेने की भी आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी अपेक्षित सहमतियाँ प्राप्त की जायेंगी। प्रदेश के पर्यटन-स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों तथा अभयारण्यों में पर्यटकों की सहूलियत के लिये विभिन्न स्थानों से पवनहंस के हेलीकॉप्टर प्रारंभ करने की सहमति भी बैठक में व्यक्त की गयी। जबलपुर, ग्वालियर तथा रीवा को लो-कॉस्ट एयरपोर्ट के रूप में चिन्हित कर विकास करने के निर्णय के लिये बैठक में केन्द्र शासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। बैठक में विमानन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव श्री अजयनाथ सहित एयर इंडिया, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, इंडिगो, एमेरेट्स एयरलाइंस, गो-एयर, जेट, स्पाइसजेट, एयर एशिया आदि एयरलाइन्स के प्रबंध संचालक तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

हनुमानगढ में नाबालिक बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म करने वाले को तीन दिन में गिर तार कर 28 दिन में आजीवन कारावास कर दिया
जयपुर 24 सित बर। हनुमानगढ के टाउन कस्बे में 26 अगस्त को बच्ची के साथ दुष्कर्म करने पर सैशन न्यायालय हनुमानगढ द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माने से दण्डित किया गया है। अतिरिक्त महानिदेशक अपराध शाखा श्री अजीत सिंह ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि परिवादी ने उपस्थित थाना होकर बताया कि मेरी डेढ साल की पुत्री के साथ गुरमेज उर्फ फौजी ने गलत काम कर लिया है। उपरोक्त प्रकरण की जॉच एससी/एसटी एक्ट महिला पुलिस थाना हनुमानगढ में दर्ज कर तफतीश श्री बच्चनसिंह पुलिस उप अधीक्षक एससी/एसटी सैल हनुमानगढ द्वारा शुरू की गई। अतिरिक्त महानिदेशक ने बताया कि प्रकरण की ग भीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा पूर्ण तत्परता के साथ तीन दिन के भीतर अन्वेषण पूर्ण कर मुल्जिम गुरमेजसिंह उर्फ फौजी को गिर तार कर चार्जशीट दिनांक 29.08.2014 को न्यायालय में पेश की गईं। अनुसंधान से मुलजिम गुरमेजसिंह उर्फ फौजी के विरूद्घ एससी/एसटी एक्ट प्रमाणित पाये गये। जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ श्री शरद कविराज ने प्रकरण की सवेदनशीलता एवं ग भीरता को देखते हुए प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम के तहत लिया जाकर थानाधिकारी महिला थाना श्री देवानन्द पुलिस निरीक्षक को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया एंव केस ऑफिसर के द्वारा न्यायालय से दिन प्रतिदिन सुनवाई हेतु निवेदन किया जिस पर प्रकरण दर्ज होने के महज 28 दिन में 24 सित बर, 2014 को सेशन न्यायालय हनुमानगढ द्वारा निर्णय दिया गया जिसमें प्रकरण के आरोपी अभियुक्त गुरमेज सिंह उर्फ फौजी को धारा 363 भादस मे तीन साल का कठोर कारावास एंव 2000 रूपये का जुर्माना, 366 भादस मे पांच साल का कठोर कारावास एंव 4000 रुपये का जुर्माना, 376 (2) (1) भादस व धारा 5 (ड) सपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में दोषी मानते हुये आजीवन कारावास अभियुक्त के शेष प्राकृतिक जीवन तक एंव 25 हजार रुपये के जुर्माना, धारा 3 (2) अनुजाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में आजीवन कारावास से दण्डित किया गया। अतिरिक्त महानिदेशक श्री अजीत सिंह ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये है कि इस प्रकार के ग भीर प्रकरणों का स िालित प्रयास कर अतिशीघ्र निस्तारण किया जाये। ताकि जनता को समय पर न्याय मिल सके।

प्रधानमंत्री ने च्मेक इन इंडियाज् पहल की शुरूआत की
२५-सितम्बर, २०१४ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेक इन इंडिया पहल की आज शुरूआत की।
राजधानी के विज्ञान भवन में मौजूद शीर्ष ग्लोबल सीईओ सहित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि च्च्एफडीआईज्ज् को च्च्प्रत्यक्ष विदेशी निवेशज्ज् के साथ च्च्फर्स्ट डेवलप इंडियाज्ज् के रूप में समझा जाना चाहिए। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे भारत को सिर्फ बाजार के रूप में न देखें बल्कि इसे एक अवसर समझें। प्रधानमंत्री ने कहा कि आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़नी चाहिए क्योंकि इससे मांग बढ़गी और निवेशकों को फायदा मिलने के साथ-साथ विकास को बढ़ावा मिलेगा। लोगों को जितनी तेजी से गरीबी से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में लाया जाएगा, वैश्विक व्यवसाय के लिए उतने ही अधिक अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा, इसलिए विदेशों से निवेशकों को नौकरियां सृजित करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सस्ते निर्माण और उदार खरीददार- जिसके पास क्रय शक्ति हो- दोनों की ही जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिक रोजगार का अर्थ है अधिक क्रय शक्ति का होना। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां लोकतंत्र, जनसंख्या और मांग का अनोखा मिश्रण है। उन्होंने कहा कि नई सरकार कौशल विकास के लिए पहल कर रही है ताकि निर्माण के लिए कुशल जनशक्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने डिजीटल इंडिया मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सुनिश्चित होगा कि सरकारी प्रक्रिया कार्पोरेट की प्रक्रिया के अनुकूल रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से वे महसूस कर रहे थे कि नीतिगत मुद्दों पर स्पष्टता का अभाव होने के कारण भारत के व्यावसायिक समुदाय के बीच निराशा है। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां तक सुनने को मिला कि भारतीय व्यवसायी भारत छोड़ कर चले जाएंगे तथा कहीं और जाकर व्यवसाय स्थापित कर लेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे उन्हें दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय व्यवसाय को किसी भी परिस्थिति में देश छोड़ने की बाध्यता जैसी भावना नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के अनुभव के आधार पर वे कह सकते हैं कि अब ये निराशा समाप्त हो गई है।
प्रधानमंत्री ने दस्तावेजों का स्व-प्रमाणीकरण करने की सरकार की नई पहल का उदाहरण दिया और कहा कि यह इस बात को स्पष्ट करता है कि नई सरकार को अपने नागरिकों पर कितना विश्वास है। आइये विश्वास के साथ शुरूआत करें; यदि कोई परेशानी है तो सरकार हस्तक्षेप कर सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वास भी बदलाव की ताकत बन सकता है।

एनटीपीसी द्वारा कौशल निर्माण के प्रयासों, एनपीटीआई साथ साइन्स अनुबंध समझौते
नई दिल्ली एनटीपीसी और नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (एनपीटीआई) देश भर में बिजली संयंत्र इंजीनियरों के कौशल विकास के लिए आज नई दिल्ली में एक अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत एनटीपीसी देश में छह स्थानों पर बहाना की खरीद, इंजीनियरिंग, पर्यवेक्षण और परीक्षण के लिए एनपीटीआई के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा. समझौते श्री आई जे कपूर, निदेशक (वाणिज्य), एनटीपीसी और श्री सुबोध गर्ग, डायरेक्टर जनरल एनपीटीआई की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए थे. ये बहाना केरल में मध्य प्रदेश और ्रद्यद्यड्डश्चश्चह्व5द्धड्ड में पश्चिम बंगाल, नागपुर महाराष्ट्र में, शिवपुरी में हरियाणा, दुर्गापुर में दिल्ली, फरीदाबाद में बदरपुर में एनपीटीआई इमारतों पर स्थापित किया जाएगा.

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