दूर दृष्टि, कड़ी मेहनत, पक्का इरादा ही देश को महान बनाते है

व्ही.एस.भुल्ले। आज भी हमारी पुरानी कहावतों के फॉरमूले किसी फॉरमूले से कम नहीं, अन्तर सिर्फ इतना है, कि साइन्स के किरदार निर्जीव और हमारी कहावतों के किरदारो में जान होती है। साइन्स जबकि उतने व्यवहारिक और परिणाम के प्रति यथार्त नहीं होती जबकि हमारी कहावते व्यवहारिक परिणाम के नजदीक और यथार्त होती है।

इसलिये हमारा देश और उसकी सभ्यता,संस्कृति,संस्कार महान है। मगर आज के युग में अर्थ की अन्धी दौड़ ने हमें हमारी सभ्यता,संस्कृति से दूर कर हमें संस्कार विहीन कर दिया। और हम हमारे ग्रन्थ, कहावतों को भूल साइन्स की निर्जीव दुनिया में ऐसे खोये कि अब अर्थ को भगवान मान अन्धे हो गये है।

मगर एक शुभ शुरुआत मई 2014 से हमारे देश में, देश के मान सम्मान और देश की जनता के स्वाभिमान के लिये हमारी सभ्यता, संस्कृति की छत्रछाया में संस्कारों की देख रेख में हुई है। वह प्रसंशा योग्य है। इसका मतलब कतई ऐसा नहीं कि आजादी के बाद देश में कुछ नहीं हुआ आजादी के 67 वर्षो में जो कुछ भी हुआ उसी का परिणाम है कि देश मजबूती के साथ एक नये भारत निर्माण में जुट चुका है।

इस कथन पर कई क्रिया प्रतिक्रिया हो सकती है। मगर कहावत हे जो जीता वहीं सिकन्दर अब कारण जो भी रहे हो काश कॉग्रेस ने भी अपनी ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इन्दिरा जी का वह नारा याद रखा होता जो उन्होंने 80 के दशक में दिया था दूर दृष्टि, कड़ी मेहनत, पक्का इरादा ही देश को महान बनाते है तो कॉग्रेस को यह दिन ही नहीं देखना पड़ता।

अगर उसी रास्ते कोई चल निकला है, तो परिणाम आने तक लेागों को सकारात्मक सोच रखना चाहिए। क्योंकि राष्ट्र से ऊपर कोई नहीं होता, न जाति, न धर्म और न ही धर्माधिता इन्हें भी संरक्षण, सुरक्षा की जरुरत होती है जिसे राष्ट्र सत्ता ही मुहैया करा सकती है और राष्ट्र सत्ता तब शक्तिशाली बनती है जब राष्ट्र के लेाग, उसके लिये अन्तिम छोर तक जुटे रहे। जिनसे सरकारे बनती है। और लेाक सत्ता तक लेाग पहुंच पाते है।

निश्चित ही भारत की नई रा.ज.गा. सरकार के मुखिया बधाई के पात्र है। जिन्होंने लेाकतंत्र के मन्दिर के अन्दर प्रवेश से पूर्व सीढिय़ों पर अपना माथा टेका वो भी देश के मुखिया रहते, पड़ोसियो की भावनाओं का सम्मान, उनसे लगाव और बदव्यवस्था पर तत्काल आपति यहीं सब बाते हमारी भारतीय सभ्यता,संस्कृति, और संस्कारो में कूट-कूट कर भरी है।

हो सकता है कॉग्रेस की दुर्गति में मूल कारण उसका भारतीय सभ्यता,संस्कृति, और संस्कारो से कट जाना रहा हो। जिसके चलते वह आज बैगानो की तरह अलग थलग पढ़ी है।

मगर लेाकतंत्र में कहावत है जनता पहले मगर राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए साथ ही चरित्र ऐसा हो, जो भारतीय सभ्यता, संस्कृति,संस्कारो से सरावोर हो देश , देश वासियो को महसूस होना चाहिए। तभी लेागों के दिल पर राज और सत्ता में रह राष्ट्र सेवा की जा सकती है। और स्वयं का अस्तिव भी बचाया और बढ़ाया जा सकता है।

प्रदेश की 5 लाख महिलाएँ इंटरनेट उपयोग में सक्षम बनेगी
ई-शक्ति परियोजना में 313 विकासखण्ड में दिया जाएगा प्रशिक्षण
भोपाल : मंगलवार, सितम्बर 2, 2014, प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की ई-शक्ति परियोजनाओं में महिलाओं को इंटरनेट की जानकारी का अभियान चलाया जाएगा। अभियान के जरिये 63 दिन में 5 लाख महिलाओं को इंटरनेट के महत्व और उपयोग के संबंध में जानकारी दी जाएगी। यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक में दी गई। बैठक में महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ई-शक्ति परियोजना की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के उपयोग के प्रति अभिरूचि रखने वाली महिलाओं को बेसिक ट्रेनिंग में चिन्हित किया जाए। उनको एडवांस प्रशिक्षण देने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के उपयोग से महिलाओं को विकास के नये अवसर मिलेंगे। उनके आत्म-विश्वास में वृद्धि होगी। बैठक में बताया गया कि ई-शक्ति परियोजना में प्रदेश के सभी 313 विकासखंड में जानकारी के शिविर लगेंगे। इंटरनेट प्रशिक्षण में महिला-बाल विकास विभाग की 90 हजार आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग की 70 हजार आशा और ए.एन.एम., गृह विभाग की 30 हजार महिला पुलिस और शौर्या दल की सदस्याएँ, नगरीय निकायों की 30 हजार सफाई और चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी, स्कूल-कॉलेजों की एक लाख 80 हजार छात्रा, जिला एवं जनपद एवं स्थानीय निकाय की 80 हजार महिलाकर्मी और 20 हजार महिला कृषक को इंटरनेट की जानकारी दी जाएगी। बैठक में प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया, सचिव मुख्यमंत्री श्री हरिरंजन राव, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री एम. सेलवेन्द्रन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुधीर कोचर एवं गूगल इण्डिया की टीम के सदस्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में अब तक खींची गई डेढ़ लाख किलोमीटर बिजली की लाइनें
राज्य में अब बिजली लाइनों की लम्बाई ढाई लाख किलोमीटर से ज्यादा
रायपुर, दो सितम्बर 2014 अंतिम छोर के गांवों और घरों तक बिजली पहुंचाने के अभियान को छत्तीसगढ़ में उत्साहजनक सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में पिछले करीब ग्यारह वर्ष में (दिसम्बर 2003 से इस वर्ष 31 जुलाई तक) प्रदेश में विभिन्न क्षमता की बिजली लाइनों में एक लाख 36 हजार किलोमीटर का इजाफा हुआ है। इसे मिलाकर राज्य गठन के बाद से अब तक प्रदेश में विभिन्न क्षमता की बिजली लाइनों में लगभग एक लाख 50 हजार किलोमीटर का विस्तार हुआ है।
छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों ने आज बताया कि राज्य में अब इन अतिरिक्त लाइनों को मिलाकर बिजली की लाइनों की लम्बाई दो लाख 54 हजार 721 किलोमीटर तक पहुंच गई है। इनमेंएक लाख 54 हजार 26 किलोमीटर निम्नदाब लाइन, 83 हजार 311 किलोमीटर की ग्यारह के.व्ही. क्षमता की लाइन और 17 हजार 384 किलोमीटर की 33 के.व्ही. क्षमता वाली लाइनें शामिल हैं। ज्ञातव्य है कि राज्य गठन के समय बिजली लाइनों की कुल लम्बाई एक लाख 04 हजार 858 किलोमीटर थी।
बिजली लाइनों के विस्तार के साथ-साथ प्रदेश में इस दौरान ग्रामीण विद्युतीकरण में भी काफी तेजी आयी है। ग्रामीण विद्युतीकरण का प्रतिशत वर्ष 2001 में 90.71 था, जो अब तक बढ़कर 97.39 हो गया है। छत्तीसगढ़ में दिसम्बर 2003 से 31 जुलाई 2014 तक 1154 गांवों का विद्युतीकरण किया जा चुका है। इसमें से 446 गांवों का विद्युतीकरण परंपरागत तरीके से और 706 गांवों का विद्युतीकरण गैर परंपरागत तरीके से क्रेडा द्वारा किया गया है। राज्य गठन से 31 नवम्बर 2003 तक परम्परागत तरीके से 119 गांवों का और 102 गांवों का गैर परम्परागत तरीके से क्रेडा द्वारा किया गया था। राज्य गठन के समय प्रदेश के 17 हजार 682 गांव विद्युतीकृत थे, अब विद्युतीकृत गांवों की संख्या बढ़कर 19 हजार 057 हो गई है। इस अवधि में प्रदेश में विद्युतीकृत मजरे टोलों की संख्या भी 10 हजार 375 से बढ़कर 25 हजार 48 हो गयी।

प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण सभी प्राइवेट विद्यालयों में छात्रों को दिखाने की व्यवस्था करने के निर्देश
जयपुर, 2 सित बर । जिला कलक्टर श्री कृष्ण कुणाल ने 5 सित बर 2014 को शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भाषण का सीधा प्रसारण एवं छात्र-छात्राओं के साथ संवाद अपरान्ह 3 बजे से 4.45 बजे के बीच जिले के सीबीएसई एवं आरबीएसई से स बद्घ सभी प्राइवेट विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को दिखाने की समुचित व्यवस्था कराने हेतु जिले के सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे सभी प्राइवेट विद्यालयों के प्रधानाचार्यो एवं निदेशकों को इसकी पालना सुनिश्चित करने हेतु पाबन्द करें। उन्होनें जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जिले की समस्त प्राइवेट विद्यालयों में 20 ईचं से अधिक साईज का रंगीन टी.वी. स्पीकर सहित लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करावें ताकि छात्रों द्वारा सुग ाता से देश के प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण एवं छात्रों के साथ संवाद को देखा जा सके। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को ये भी निर्देश दिये कि वे 5 सित बर को प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण प्राइवेट विद्यालयों में निर्बाध रूप से छात्र-छात्राओं को दिखाया जा सके इसके लिए सभी संस्था प्रधानाचार्यो व निदेशकों को विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जनरेटर की व्यवस्था आवश्यक रूप से करने के लिए निर्देशित किया जाये। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों के संस्था प्रधानों को छात्र-छात्राओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था कराने के लिए भी निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री ने दै. जनमोर्चा, बरेली संस्करण के स्थानीय सम्पादक के निधन पर शोक व्यक्त किया
लखनऊ: 02 सितम्बर, 2014 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने दैनिक जनमोर्चा के बरेली सस्ं करण के स्थानीय सम्पादक श्री कमलजीत सिहं के निधन पर शोक व्यक्त किया है। श्री यादव ने दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए स्व0 सिंह के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। ज्ञातव्य है कि श्री सिंह का लम्बी बीमारी के बाद बरेली में निधन हो गया। वे 53 वर्ष के थे।

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