कौन है इस दुर्दशा का गुनहगार, ऑवरसिअर हुये लंबरदार

व्ही.एस.भुल्ले। म.प्र.जिधर भी नजर डाले सड़को की दुर्दशा देखने मिल जायेगी, कहीं गड्डों में सड़क तो कभी सड़को में गड्डें तलाशने में दिक्कत आयेगी जिस इन्जीनियरिंग पर कभी समाज को गर्भ होता था। आज इस इन्जीनियरिंग को देखकर शर्म आती है।
इतने पवित्र कार्य से जुड़े लेागों की जि मेदारी को छोड़ ल बरदारी देख किसी भी स य इन्सान को शर्म आना स्वाभाविक है। जिसमें अंहकार में डूबी सरकार तो कहना ही क्या? जिसे न तो कुछ देखने न ही कुछ सुनने की जरुरत है, और न ही उसके हुनर के चलते किसी से भय खाने की और हो भी क्यों न क्योंकि म.प्र. विपक्ष विहीन राज्य की श्रेणी में जो जा पहुंचा है। बरना क्या बात है, कि जनता त्राही-त्राही कर रही है और जनता को खजाना जनसुविधा के नाम सरेयाम लूटा जा रहा है।

हम बात यहां सड़को की दुर्दशा की कर रहे है, फिर चाहे ये सड़के शहरी, ग्रामीण, राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग ही क्यों न हो? अगर लेागों को याद हो तो पहले ऑवरसिअर नाम का कोई पद हुआ करता था। जो नियमित सड़को का भ्रमण कर सड़को का रख रखाव व देखभाल किया करते थे। जिनके अन्डर कई टाईम कीपर और हेलपर हुआ करते थे। वहीं वरिष्ठ इन्जीनियर भी समय समय पर भ्रमण कर मार्गदर्शन दे, आवश्यक निर्देश भी देते थे। मगर इस क्षेत्र में पनपे भ्रष्टाचार ने सबकुछ बर्बाद कर दिया। अगर यो कहें कि अब ऑवरसिअर, ऑवरसिअर न होकर ल बरदार बन गये है। और मार्गदर्शन देने वाले लिफापा बाज तो कोई अतिसंयोक्ति न होगी।

प्रदेश में कई ऐसी सड़के, पुल, पुलिया,छद विच्छद हालात में है जिनके कारण हर वर्ष सेकड़ों लेाग दुर्घटनाओं में रोड टेक्स चुकाने के बावजूद या तो मारे जाते है, या फिर अपाहिज हो जाते है। यह हाल राष्ट्रीय राजमार्ग या राजमार्गो का ही नहीं शहर के अन्दर मौजूद और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का भी है। अब तो मु य मार्गो पर घन्टों जाम आम बात है। मगर उडऩखटोलो में सैर करती सरकार को कोई परेशानी है न ही मंत्री, जनप्रतिनिधि, आला अवसर और उन इन्जीनियरों को जरा सी भी शर्म जो इन सड़को के लिये मोटी पगार जनता के गाड़े कमाई से हर माह उठाती है। अब तो हद है, और हर चाकर के पास कोई न कोई बहाना क्योंकि हमाम में सभी एक है। कौन किसकी कहें और किसकी सुने। सभी को लिफापा संस्कृति ने जो लपेट रखा है।

क्या म.प्र. की सरकार और इन्जीनियर नहीं जानते कि पानी, सड़क का दुश्मन होता है। जो सड़कों के आजू-बाजू नाली न होने से करोड़ों से निर्मित सड़को को एक झटके में बर्बाद कर देता है। एक जरा सा गड्डा न जाने र्दुघटना को भुलावा दे कितनो की जान निगल लेता है। शहरों में तो मानेा नालियो की जरुरत ही नहीं रही। जो सड़के तो करोड़ों की बन जाती है। मगर करोड़ों की सड़को को सुरिक्षत रखने नाली नहीं बन पाती है। कारण साफ है, कि जो उपयंत्री घर बैठ प्राकलन तैयार कर बिल ठोकते हो उनसे उ मीद भी क्या की जा सकती है?

बहरहॉल जब सरकार ही अन्धी बेहरी हो और बेचारी जनता निढाल तो शिकायत कैसी। ऐसे में शायद ये दो पन्तिया सटीक है कि राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट, अन्तकाल पछतायेगा, जब प्रांण जायेगें छूट।

हरियाणा एवं महाराष्ट्र विधान सभा चुनावों और विभिन्न राज्यों में लोकसभा एवं विधान सभा उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा
हरियाणा विधान सभा के चुनाव २७ अक्तूबर, २०१४ को और महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव ८ नवंबर २०१४ को कराए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद १७२ (१) के साथ पठित अनुच्छेद ३२४ और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, १९५१ की धारा १५ के तहत यह कदम उठाया है। हरियाणा और महाराष्ट्र विधान सभा का वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई विधान सभा के गठन के लिए चुनाव कराना जरूरी है।
विधान सभा चुनाव
हरियाणा में विधानसभा की कुल ९० सीट हैं जिनमें से अनुसूचित जाति के लिए १७ सीट आरक्षित हैं।
महाराष्ट्र विधान सभा में २८८ सीट हैं जिनमें से २९ अनुसूचित जाति और २५ अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित हैं।
मतदाता सूचियां
नियत तिथि पहली जनवरी, २०१४ के अनुसार संशोधित मतदाता सूची तैयार की गई है। ३१ जुलाई, २०१४ को हरियाणा में कुल १,६१,५८,११७ और महाराष्ट्र में ८,२५,९१,८२६ मतदाता हैं।
फोटो युक्त मतदाता सूची
हरियाणा में इन चुनावों में १०० प्रतिशत फोटो युक्त मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा जबकि महाराष्ट्र में ९१.३० प्रतिशत मतदाताओं की फोटो युक्त मतदाता सूची उपलब्ध है।
फोटो पहचान पत्र
हरियाणा में १०० प्रतिशत मतदाताओं के पास फोटो पहचान पत्र है जबकि महाराष्ट्र में ९२.४० प्रतिशत मतदाताओं के पास फोटो पहचान पत्र हैं। सभी मतदाताओं को अपनी संबंधित विधान सभा के मतदाता पंजीकरण अधिकारियों से शीघ्र अपना फोटो पहचान पत्र लेने की सलाह दी जाती है।
मतदान केंद्र
हरियाणा में १६,२४४ और महाराष्ट्र में ९०,४०३ मतदान केंद्र हैं। शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के लिए मतदान सुगम बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि सभी मतदान केंद्र धरातल पर हों और वहां जाने के लिए रैम्प लगे हों।
नोटा यानी उक्त से कोई नहीं का विकल्प
उच्चतम न्यायालय के २७ सितंबर, २०१३ के निर्णय के अनुसार मतदाता पत्र और इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में नोटा यानी उक्त में से कोई नहीं का विकल्प होना चाहिए। इसके अनुपालन में मशीन में अंतिम उम्मीदवार के नाम के नीचे नोटा का बटन उपलब्ध कराया जाता है।
मतदाता पर्ची
निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि फोटो युक्त मतदाता पर्ची जिला निर्वाचन अधिकारी सभी पंजीकृत मतदाताओं को वितरित करेंगे। यह निर्देश भी दिया गया है कि उक्त मतदाता पर्ची उस भाषा में होनी चाहिए जिसमें उस विधान सभा के लिए मतदाता सूची प्रकाशित की गई हैं।
लोकसभा और विधान सभा के लिए उपचुनाव
निर्वाचन आयोग ने कुछ लोकसभा सीट और विधान सभा सीट पर उपचुनाव की भी घोषणा की है। महाराष्ट्र की बीड लोक सभा सीट और ओडिशा की कंधमाल सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। अरुणाचल प्रदेश की कनुबरी (अजजा), मणिुपर की हियांगलम, नगालैंड की उत्तरी अंगमी-२ (अजजा), उत्तर प्रदेश की कैराना और गुजरात की राजकोट पश्चिम विधान सभा सीट के उपचुनाव के लिए १५ अक्तूबर, २०१४ को मतदान होगा। २० सितंबर, २०१४ को अधिसूचना जारी होगी और पर्चे भरने की अंतिम तिथि २७ सितंबर, २०१४ है। २९ सितंबर, २०१४ को नामांकनपत्रों की जांच होगी और पहली अक्तूबर, २०१४ तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतगणना १९ अक्तूबर, २०१४ रविवार को होगी। ओडिशा की कंधमाल लोक सभा सीट के लिए उपचुनाव होगा जिसके लिए १५ अक्तूबर, २०१४ को मतदान होगा। १९ सितंबर, २०१४ को अधिसूचना जारी होगी और पर्चे भरने की अंतिम तिथि २६ सितंबर, २०१४ है। २७ सितंबर, २०१४ को नामांकनपत्रों की जांच होगी और २९ सितंबर, २०१४ तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतगणना १९ अक्तूबर, २०१४ को होगी।


टाऊनशिप पॉलिसी और अर्फोडेबल हाउसिंग के लिए राजस्थान पुरस्कृत
जयपुर 12 सित बर। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री श्री वैंकय्या नायडू ने शुक्रवार को नई दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित समारोह में राजस्थान को दो अवार्ड प्रदान किये। यह अवार्ड देश में सर्वश्रेष्ठ टाऊनशिप पॉलिसी और अफोर्डेबल हाउसिंग के क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्यो के लिए प्रदान किये गये हैं।
टाऊनशिप पॉलिसी के लिए अवार्ड राज्य सरकार के नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत शासन विभाग के अतिरिक्त मु य सचिव श्री अशोक जैन ने प्राप्त किया। राजस्थान राज्य में देश में अफोर्डेबल हाउसिंग क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्य के लिए दिये गये अवार्ड को अतिरिक्त मु य सचिव श्री अशोक जैन आवासन आयुक्त, राजस्थान आवासन मण्डल श्री आनन्द कुमार एवं शासन सचिव सवायत शासन विभाग श्री सुधांश पंत ने संयुक्त रूप से प्राप्त किये। समारोह में देश के विभिन्न प्रान्तों से आये करीब बारह सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर अतिरिक्त मु य सचिव श्री जैन ने राजस्थान में नगरीय विकास के क्षेत्र में किये जा रहे प्रगतिशील विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की घोषणा : जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को छत्तीसगढ़ से दस हजार सोलर लैम्प भी दिए जाएंगे
ट्रांसफार्मर और बिजली के अन्य जरूरी उपकरण भी भेजेगी छत्तीसगढ़ सरकार
रायपुर, १२ सितम्बर २०१४ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दस हजार सोलर लैम्प सहित बिजली के ट्रांसफार्मर और अन्य जरूरी विद्युत उपकरण भेजने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जम्मू कश्मीर को बाढ़ प्रभावितों के लिए दस करोड़ रूपए की सहायता का ऐलान पहले ही कर चुके हैं, जिसमें पांच करोड़ रूपए नकद और पांच करोड़ अनाज के रूप में शामिल है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) की बैठक में जम्मू कश्मीर को दस हजार सोलर लैम्पों के अलावा बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति नियमित बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ से ट्रांसफार्मर और अन्य जरूरी उपकरण भी भेजने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने इसके लिए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा के अधिकारियों से भी कहा कि सोलर लैम्प भेजने की व्यवस्था जल्द की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रेडा की पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों सहित इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक विभिन्न योजनाओं में किए गए कार्यों की भी समीक्षा की।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष २०१३-१४ में आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रों के चार लाख ४० हजार ५८२ परिवारों को निःशुल्क सोलर टास्क लैम्प और दो लाख ४४ हजार २८३ छात्र-छात्राओं को निःशुल्क सोलर स्टडी लैम्प दिए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम चार माह में अप्रैल से जुलाई २०१४ तक एक हजार १४६ परिवारों को सोलर टास्क लैम्प और तीन हजार ८३२ छात्र-छात्राओं को सोलर स्टडी लैम्प का वितरण किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष २०१३-१४ में राज्य के २५१ प्राथमिक और सामुदायिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम चार महीने में अप्रैल से जुलाई तक ६० स्वास्थ्य केन्द्रों में बिजली के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली लगाई गई है।

मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से पूर्व की भांति शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव टूण्डला रेलवे स्टेशन पर बनाए रखने का अनुरोध किया
लखनऊ: १२ सितम्बर, २०१४ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने रेल मंत्री से पूर्व की भांति शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव टूण्डला रेलवे स्टेशन पर बनाए रखने का अनुरोध किया है। उन्हांेने कहा कि आगरा भ्रमण के लिए देशी एवं विदेशी पर्यटकों सहित बड़ी संख्या में लोग शताब्दी एक्सप्रेस से टूण्डला स्टेशन पहुंचते हैं। यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री श्री डी.वी. सदानन्द गौड़ा को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि बड़ी संख्या में देशी एवं विदेशी पर्यटक आगरा एवं आस-पास के स्थलों को देखने दिल्ली एवं लखनऊ आदि स्थानों से टूण्डला आते हैं। संज्ञान में आया है कि रेलवे स्टेशन टूण्डला पर शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव समाप्त किया जा रहा है। इससे स्थानीय जनता व पर्यटकों में रोष है। उन्होंने पूर्व की भांति इस ट्रेन का टूण्डला स्टेशन पर ठहराव बनाए रखने का अनुरोध किया है, जिससे स्थानीय जनता एवं पर्यटकों को असुविधा न हो।

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