मप्र बर्बादी के कगार पर निर्माण क्षेत्र, बड़ा बेकारी का खतरा

म.प्र. सरकार ने जिस तरह से शासकीय निर्माण क्षेत्र में ठेकेदारी हेतु एकन पंजीयन सिस्टम इजात किया उससे इस क्षेत्र में कार्य करने वाले लेागों ने राहत की सांस जरुर ली थी। मगर जिस तरह से सरकार की खनिज नीति ने निर्माण क्षेत्र में कोहराम मचाया है, उससे निर्माण क्षेत्र की गति तो अवरुद्ध हुई ही है।
साथ ही बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का खतरा बढ़ गया है। अब इसे म.प्र. के लेागों की नियति समझे या दुर्भाग्य कि उघोग विहीन प्रदेश में खेती मजदूरी ही रोजगार का बढ़ा साधन होने के अलावा दूसरा बड़ा रोजगार का क्षेत्र निर्माण और खनन ही है। मगर भारत सरकार के कानून और म.प्र. सरकार की उदासीनता के चलते आवास भवन निर्माणों की लागत तो बड़ी ही है, साथ ही बड़े पैमाने पर शासकीय अशासकीय क्षेत्रों में भी काफी ायाभय स्थिति निर्मित होती जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जहां प्रदेश की 80 फीसदी जनता निवास करती है वहां सबसे बड़ा रोजगार का साधन कृषि ही है। उसके बाद न बर आता है, खनिज क्षेत्र में लगे मजदूर और भारत सरकार की महात्मा गांधी रोजगार गारन्टी का शेष रोजगार शासकीय क्षेत्रों में निर्माण होने वाले भवन और सड़क निर्माण से लेागों को रोजगार मुहैया होता है।
जहां तक खनिज क्षेत्र का सवाल है, तो भारत सरकार के कानून के चलते जो खदाने, पत्थर, गिट्टी, रेत, मिट्टी पहले लीच पर दी जाकर पुन: लीच पर दे दी जाती थी। 

या फिर शासकीय निर्माण हेतु कलेक्टरो द्वारा अल्प समय अवधि के लिये शासकीय ठेकेदारों को दे दी जाता थी उस पर अब भारत सरकार के नये कानून के तहत मना ही है। जिसके चलते जिन खदानों की लीच खत्म होती जा रही है, अब उन्हें रिन्यू नहीं किया जा रहा, न ही नई लीजे, नये कानून का पालन किये बगैर स्वीकृत की जा रही है। जिसके कारण कुछेक खदाने ही अब चल रही है। जिसका लाभ उठा ादान ठेकेदार जहां मनमानी रायल्टी काट अपनी मोटी जेबे भरने में लगे है वहीं इस व्यवसाय से जुड़े लेाग मोटा मुनाफा कमाने पर तुले है। जिन जिलो में केन्द्र सरकार के कानून का कड़ाई से पालन हो रहा है वहां भवन निर्माता या निर्माण क्षेत्र से जुड़े ठेकेदारो में कोहराम मचा है। वहीं मजदूर बेकार है। मनरेगा में भी विगत 4 माहों से फंण्ड न आने के कारण मजदूरों की हालात खराब है।

अगर यहीं हाल कुछ महिनो और म.प्र. में चलता रहा तो लेागों के आगे रोजी रोटी का बड़ा खतरा बढ़ जायेगा और शासन की भी बड़ी महत्वकांक्षी निर्माण योजनाओं पर भी ग्रहण लग जायेगा। यहां यह बताना उचित होगा कि विगत वर्षो में ठेकेदारों द्वारा अल्प परमीशन के नाम पर बड़े पैमाने पर उत्खनन कर मोटा लाभ कमाया गया है। जिसमें सड़को का निर्माण एक बहुत बड़ा क्षेत्र रहा है। मगर आम जनता आज जिस तरह से छोटा-सा घर बनाने 10 हजार रुपये का रेत, ड पर 20 हजार रुपये में खरीदने मजबूर है व 3-4 रुपये फुट का पत्थर 8-10 रुपये में और 8 हजार रुपये की गिट्टी 13 हजार रुपये में खरीदने पर मजबूर है वहीं हजारों मजदूर बन्द हुई खदानों से बेकार है। ऐसे में सरकार की जि मेदारी बनती है कि वह लोगों को लुटने व बेकार होते हाथों को समय रहते रोजगार मुहैया कराये बरना हालात बिकट होगी

जम्‍मू-कश्‍मीर के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए केंद्रीय डब्‍ल्‍यूसीडी मंत्रालय के राहत उपाय
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ मिलकर जम्‍मू-कश्‍मीर के बाढ़ प्रभावित लोगों के वास्‍ते खाने के लिए तैयार (रेडी-टू-र्इट) पोषक खाद्य सामग्री का इंतजाम किया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुरोध पर आंध्र प्रदेश का महिला विकास एवं बाल कल्‍याण विभाग पिछले दो दिनों में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच १३० एमटी रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों की आपूर्ति कर चुका है। इसके अलावा भारतीय वायु सेना की मदद से ८७ एमटी रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ आज भेजे जा रहे हैं। अगले पांच दिनों में १०० एमटी रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों की आपूर्ति हर रोज की जाएगी। सरकारी स्‍वामित्‍व वाली ए.पी. फूड्स द्वारा उत्‍पादित खाद्य पैकेटों में भुना हुआ गेहूं, भुना हुआ बंगाली चना, मिल्‍क पाउडर, चीनी और तेल शामिल हैं। इन स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक खाद्य पदार्थों में विटामिन और खनिज तत्‍व पर्याप्‍त मात्रा में मौजूद हैं।

प्रदेश में गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता-मु यमंत्री
जयपुर, 11 सित बर। राज्य में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार लाने में देश की अग्रणी निजी संस्था मनीपाल हैल्थ एन्टरप्राईजेज के साथ सहभागिता के क्रम में गुरूवार को मु यमंत्री कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मु यमंत्री श्रीमती राजे ने कहा कि प्रदेश में लोगों को गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सरकार निजी क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ कार्य कर रहें संस्थानों की भागीदारी के साथ आगे बढऩा चाहती है।

बैठक में ई-हैल्थ, सुपर स्पेशलियटी सेवाएं, ट्रोमा सेन्टर, हैल्थ इन्फॉर्मेंशन सिस्टम का विकास, जिला अस्पतालों में नया स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (डी.एन.बी.), मधुमेह, हृदयाघात जैसे असंक्रामक रोगों के निदान पर कार्य योजना बनाने का निर्णय लिया गया। मनीपाल हैल्थ एन्टरप्राईजेज की ओर से राज्य में जनस्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्किल डवलपमेंट, हैल्थ केयर डिलीवरी, मजबूत सूचना तंत्र, चिकित्सा तंत्र में नवाचार और गवर्नेंस के बारे में सुझाव दिए। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार ने जयपुर में प्रस्तावित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री दीपक उप्रेती, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री जे.सी. महान्ति, आयोजना विभाग के सचिव श्री अखिल अरोड़ा, मनीपाल हैल्थ एन्टरप्राईजेज प्रा. लि. के श्री स्वामीनाथन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

नई राजधानी के विकास में नया रायपुर के मॉडल का लाभ लेगी आँध्रप्रदेश सरकार
दिनांक ११ सितम्बर २०१४ आँध्रप्रदेश के शहरी विकास मंत्री डाँ. पी नारायणा आँध्रप्रदेश की नई राजधानी के निर्माण में नया रायपुर के भूमि अधिग्रहण और नियोजन समेत विभिन्न अभिनव प्रयासों को उपयोगी बताया है। उन्होंने नया रायपुर में किये जा रहे ग्राम विकास ,जल संवर्धन और वृक्षारोपण के प्रयासों को अपने राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया. वे आज एक दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचे। डाँ नारायणा ने आवास मंत्री श्री राजेश मूणत से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि वे नई राजधानी के निर्माण के पूर्व नियोजित और आधुनिक राजधानी के तौर पर नया रायपुर का अध्ययन करने आएं है। उन्होंने यहाँ के नियोजन और प्रबंधन की विशेष तौर पर सराहना करते हुए आँध्रप्रदेश को नई राजधानी के विकास में सहयोग का आग्रह किया. इस पर श्री मूणत ने आँध्रप्रदेश की नई राजधानी के निर्माण में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। डॉ नारायणा ने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के छह सदस्यीय दल के साथ नया रायपुर का भ्रमण किया और विभिन्न निर्माण कार्यों और नियोजन की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने नवागांव (झांझ) में किये जा रहे जलाशय संरक्षण और संवर्धन कार्यो का अवलोकन किया ।इस दौरान उन्होंने यहां वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने भूमिगत विद्युत प्रदाय योजना, सिवरेज व्यवस्था,एलईडी स्ट्रीट लाईटिंग, ग्राम विकास योजना, भूमि अधिग्रहण व्यवस्था समेत वित्तीय प्रबंधन की जानकारी ली. डॉ नारायणा ने नया रायपुर डेव्हलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष श्री एन बैजेन्द्र कुमार से भी मुलाकात की. मंत्रालय ( महानदी भवन) में मुलाकात के दौरान नया रायपुर विकास योजना पर प्रेजेन्टेशन भी दिया गया. श्री कुमार ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की मंशा अनुसार शहर को आधुनिक और सुनियोजित बनाया जा रहा है जिसमें हरियाली और जल संवर्धन पर विशेष तौर ध्यान दिया जा रहा है. श्री कुमार ने नया रायपुर डेव्हलपमेंट अथॉरिटी की कार्य प्रणाली एवं शहर विकास की भावी योजना की भी जानकारी दी. डॉ नारायणा ने बताया कि आँध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चन्द्र बाबू नायडू भी नया रायपुर की विकास योजना से प्रभावित है और वे निकट भविष्य में नया रायपुर देखने आएंगे. आँध्रप्रदेश सरकार की ओर से नई राजधानी के निर्माण के पूर्व विभिन्न नियोजित शहरों का भ्रमण किया किया जा रहा है. इससे पूर्व ये दल गाँधीनगर और चंडीगढ़ का दौरा भी कर चुका है. इस दल में शहरी विकास मंत्री के साथ आयुक्त सह निदेशक शहरी विकास श्रीमती वाणी मोहन, नेल्लूर नगर निगम के महापौर श्री अजीज, आँध्रप्रदेश शहरी अधोसंरचना विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री मधुसूदन रेड्डी, सलाहकार समिति के सदस्य श्री बेदा मस्तान राव, मुख्य अभियंता शअरी पांडू रंगा राव शामिल हैं. नया रायपुर भ्रमण के दौरान एनआरडीए उपाध्यक्ष श्री एस एस बजाज, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार, महाप्रबंधक श्री महादेव कावरे समेत अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद थे.

मुख्यमंत्री द्वारा विश्व बैंक से हिमाचल प्रदेश को विशेष प्राथमिकता वाले राज्यों की सूची में शामिल करने का आग्रह
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह से आज यहां प्रदेश में विकास नीति ऋण परियोजना के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए विश्व बैंक के भारत में निदेशक श्री ओनो रूहल ने प्रतिनिधिमण्डल के साथ भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्री रूहल को सम्मानित किया और आग्रह किया कि विश्व बैंक विकास परियोजनाओं को वित्त पोषित करने के लिये हिमाचल प्रदेश को विशेष प्राथमिकता वाले राज्यों की सूची में शािमल किया जाए। श्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं के लिये तकनीकी सहायता और परियोजनाओं के विस्तृत विकास के लिये सहयोग का आग्रह किया। श्री वीरभद्र सिंह और श्री ओनो रूहल ने प्रदेश के विकास के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर चर्चा की। श्री रूहल ने प्रदेश में विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर संतोष व्यक्त किया और प्रदेश को वित्तीय सहयोग और तकनीकी सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया। इससे पूर्व श्री ओनो रूहल, कम्यूनिकेशन विशेषज्ञ श्रीमती सोना ठाकुर, वरिष्ठ सामाजिक विकास विशेषज्ञ श्रीमती मैत्रेयी बी. दास, वरिष्ठ पर्यावरण विशेषज्ञ श्री पूष डोगरा ने मुख्य सचिव श्री पी.मित्रा के साथ बैठक की और प्रदेश में विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति पर चर्चा की। बैठक में सभी प्रशासनिक सचिव तथा विभागाध्यक्ष उपस्थित थे। 

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