ऐसा हो, सबका साथ, सबका विकास

व्ही.एस.भुल्ले। क्रिमिनोलॉजी से दूर इन्सानियत के नजदीक, विश्वास की छत्रछाया में सकारात्मक पहल हो, क्योंकि मसले कोई अलहदा नहीं जरुरत है इन्सानियत के लिये ईमानदारी से उन्हें हल करने की।

आज देश ही नहीं समुची विश्व बिरादरी के सामने भी यहीं यक्ष प्रश्र है, कि कैसे हो सबका साथ और सबका विकास मौका है, न्यूर्याक 24 सित बर 2014 से 1 अक्टूबर 2014 तक चलने वाली विश्व संसद कहीं जाने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा का जिसमें दुनिया भर के 200 शीर्ष विदेशी नेता जिनमें खासकर विभिन्न देशो के राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,शासक, विदेश मंत्री, राष्ट्राध्यक्ष, सेना प्रमुख, राजनियक समाज के महत्वपूर्ण सदस्य उघोगपति, भाग ले दुनिया से जुड़े मुद्दो पर बहस करेगें।

यूं तो हर वर्ष न्यूयार्क में सयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों पर बहस होती रही है। और मुद्दों के हल भी आते रहे है मगर सित बर 2014 में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की अहमीयत इसलिये बढ़ जाती है। कि भारत जैसे महान देश में स भवत: एक नई शुरुआत होने जा रही है। जिसका मूल मंत्र सबका साथ, सबका विकास है। जिसे अमेरिका ही नहीं, ऐसियाई देशो में भी बड़ी उत्सुकता के साथ देखा जा रहा है।

मगर यह भारत जैसे महान देश ही नहीं विश्व बिरादरी में तभी स भव है। जब समुचे विश्व के राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र महासभा जैसे मंच का लाभ उठा। महान मानवीय जीवन के लिये इन्सानियत की खातिर प्रकृति से छेड़छाड़ किये बगैर सुसंस्कृत सुरक्षित और खुशहाल बनाये जिसके लिये अनादी काल से विभिन्न स प्रदाय अपने धर्म अर्थात विश्वास के माध्ययम से करते रहे है। मगर मानव जाति का दुर्भाग्य यह है कि जो विश्वास या मार्ग मानव जाति के उत्थान और विकास के लिये अस्तित्व में आये आज वहीं मार्ग और विश्वास सुसंस्कृत, सुरक्षित खुशहाल मानव जीवन के लिये खतरा वन, विश्व विरादरी के बीच न सुलझने वाली समस्याये बन कर रह गये है।

जिसके मूल में जहां स्वार्थ भारी क्रि नोलॉजी है। नहीं तो क्या कारण जो विश्व में बड़े पैमाने पर फैली हिंसा के बीच मानव जाति का सरेयाम कत्ल हो रहा है। तो कहीं, मानव खाल की चादर हड्डियों पर लपेट भूख और ग भीर बीमारियो से मर रहा है। इन्सानियत के नाम हैवानियत का जुनून ऐसा कि मानव जाति के जीने विश्वास, धर्म और व्यवस्था सहित जाति, सम्प्रदाय, सम्राज्य के लिये, सरेयाम खूनी खेल चल रहा है।

शायद ही आज विश्व का कोई भी विकसित, विकासशील, या अविकसित देश इस हैवानियत से अछूता रहा हो, या फिर इतिहास में अछूता रहा हों,या जिसके भविष्य में अछूता रहने की स भावना हों, देखा जाये तो अफ्रीकी देशो से लेकर खड़ी, एशियाई, या यूरोपियन देश, सभी जगह निर्दोष मानव जाति का खून वह रहा है। इस हैवानियत भरी ङ्क्षहसा की आग का खौफनाक नजारा जहां अमेरिका, रुस, ब्रिटेन जैसी महाशक्तियों ने देखा है। तो वहीं भारत, पाकिस्ताान , अफगानिस्तान, ईराक, मलेशिया, नाईजीनिया, सीरिया, लेवनान, फिलीस्वीन, सीरिया जैसे अन्य देश देख रहे है। ऐसे में जरुरत है संयुक्त राष्ट्र महासभा जैसे मंच को और मजबूत बना विश्व की मजबूत आवाज बनाने की जिसके मूल में बस एक ही मंत्र हो सबका साथ, सबका विकास और यह तभी सं भव है। जब विश्व विरादरी के देश क्रि नोलॉजी से इतर स्वयं के स्वार्थो को त्याग अपने विश्वास की छत्र छाया में प्रकृति से छेड़छाड़ किये बगैर इन्सानियत के लिये एक हो सकारात्मक पहल करे। और अपनी-अपनी सम्राज्यवादी सामन्ती, विस्तारवादी नीति को त्याग सिर्फ मानव जीवन को सुरक्षित, सुसंस्कृत, खुशहॉल बनाने इन्सानियत के नाते आध्यात्म और विज्ञान के रास्ते ऐसी नीतियाँ निर्धारित करे जिससे मानव जीवन इन्सानियत की छत्रछाया में फलफूूल, सुरक्षित सुसंस्कृत और खुशहाल बन सके।
अगर 69 वी संयुक्त राष्ट्र की महासभा की बहस इन्सानियत को और मजबूत, धारदार बनाने में कामयाब होती है। तो मानव जाति की सबसे बड़ी जीत होगी। और विश्व बिरादरी को एक मजबूत बैचारिक मंच मिल जायेगा, जिसकी विश्व विरादरी ही नहीं समुची मानव जाति को स त जरुरत है।

नेपाल की संविधान सभा में प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक संबोधन
नई दिल्ली,नेपाल ०३-अगस्त, २०१४ प्रधानमंत्री ने आज काठमांडू में नेपाल की संविधान सभा को संबोधित करते हुए नेपाल की मदद के लिए हिट फार्मूले का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि हाईवेज़ यानी राजमार्ग, इनर्फामेशन हाईवेज़ यानी सूचना राजमार्ग और ट्रांसवेज़ यानी ट्रांसमिशन लाइन्स में मदद करके भारत नेपाल के विकास में योगदान कर सकता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत नेपाल के विकास में सहायता करने के लिए दस हजार करोड़ नेपाली रुपये प्रदान करेगा।
उन्होंने घोषणा की कि वे नेपाल को बिजली का आपूर्ति बढ़ा कर दो गुनी करना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल में तेल की आपूर्ति के लिए पाइप लाइने बिछायी जाएंगी। उन्होंने कहा कि नेपाल के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियों में बढ़ोतरी की जाएगी। भारत जड़ी बूटियों का प्रमुख निर्यातक बनने में नेपाल की मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भारत आध्यात्मिक और साहसिक दोनों प्रकार के पर्यटन को बढ़ावा देने में नेपाल की क्षमता के विकास में भी सहायता करेगा।
उन्होंने कहा कि जितना जल्द नेपाल भारत के करीब आएगा उतना ही उसके लिए अच्छा होगा। प्रधानमंत्री ने महाकाली नदी पर पुल बनाने और पंचेश्वर बहु प्रयोजनीय परियोजना को शीघ्र शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच टेलीफोन कॉल करना भारत से अमरीका कॉल करने की तुलना में मंहगा पड़ता है। वे चाहते हैं कि इस स्थिति में परिवर्तन लाया जाए।
उन्होंने कहा कि भारत नेपाल सीमा एक बैरियर नहीं, बल्कि सम्पर्क सेतु बनना चाहिए जो दोनों देशों में खुशहाली लाने में मददगार हो।
श्री नरेंद्र मोदी ने कार्बनिक खेती और मृदा स्वास्थ्य के क्षेत्रों में नेपाल की सहायता करने की भी पेशकश की।


एक लाख ५५ हजार विद्यार्थी को मिलेंगे स्मार्ट-फोन
विद्यार्थियों को आई.टी. से जोड़ने मध्यप्रदेश शासन की एक अभिनव पहल
भोपाल : रविवार, अगस्त ३, २०१४, राज्य शासन द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्मार्ट-फोन देने का निर्णय लिया गया है। इस शैक्षणिक सत्र २०१४-१५ में ही महाविद्यालयों के नव-प्रवेशित लगभग एक लाख ५५ हजार विद्यार्थी को स्मार्ट-फोन दिये जायेंगे।
विद्यार्थियों को यह सुविधा दुनिया के अन्य विकसित देशों के विद्यार्थियों के समकक्ष लाने और ग्लोबलाइजेशन के इस युग में ई-लर्निंग को बढ़ावा देने के लिये संचार के विभिन्न माध्यमों से परिचित करवाने के उद्देश्य से दी जा रही है। साथ ही इससे सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग विद्यार्थी अपने ज्ञान-विज्ञान के संवर्धन के लिये भी कर सकेंगे।
नहीं है आय और जाति का बँधन
मध्यप्रदेश के मूल निवासी सभी विद्यार्थी, जो स्नातक प्रथम वर्ष में नियमित प्रवेश लेंगे, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इसमें आय-सीमा और जाति का बँधन नहीं है। लाभान्वित विद्यार्थी द्वारा असमय पढ़ाई छोड़ने तथा अध्ययन निरंतर नहीं रखने पर स्मार्ट-फोन वापस ले लिया जायेगा। योजना से दूरस्थ अंचल में स्थित महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी लाभान्वित होंगे। इससे सकल मूल्यांकन अनुपात में वृद्धि होगी।
विगत दो वर्ष में भारत में स्मार्ट-फोन उपयोगकर्ताओं में लगभग ३३ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साथ ही उपयोगकर्ताओं द्वारा स्मार्ट-फोन के इस्तेमाल करने के समय में भी २० प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गयी है। एक भारतीय उपयोगकर्ता औसत रूप से प्रतिदिन ३ घंटे स्मार्ट-फोन के साथ समय व्यतीत करता है। पच्चीस प्रतिशत उपयोगकर्ता द्वारा प्रतिदिन १०० बार से अधिक स्मार्ट-फोन को चेक किया जाता है। स्मार्ट-फोन के विभिन्न एप्लीकेशंस का उपयोग करने में उपयोगकर्ता का एक तिहाई समय व्यतीत होता है।
प्रदेश में नेटवर्किंग कनेक्टिविटी के विस्तार से स्पीड वृद्धि और २जी, ३जी एवं ४जी के आगमन से मोबाइल कम्प्यूटिंग की दुनिया में आमूल-चूल परिवर्तन आया है। ङ्खद्धड्डह्लह्य्रश्चश्च, ङ्खद्गष्टद्धड्डह्ल जैसे मोबाइल अनुप्रयोगों ने सामाजिक परिदृश्य में बदलाव करते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज की है। मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए स्मार्ट-फोन एक पॉकेट लर्निंग उपकरण के रूप में अपना स्थान बनाने में सफल हुआ है।
कार्य-स्थल एवं घरों में वाई-फाई, ब्रॉड-बेण्ड का यथोचित विस्तार न होने के कारण १० में से ८ लोग स्मार्ट-फोन द्वारा मोबाइल-ब्रॉडबेण्ड अथवा २जी, ३जी एवं ४जी का इस्तेमाल करते हैं। इस प्रकार स्मार्ट-फोन के रूप में एक नई पॉकेट टेक्नालॉजी का उपयोग युवाओं द्वारा किया जा रहा है।
शिक्षा का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा है, इस टेक्नालॉजी के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में कई कार्य किये जा रहे हैं। हाल ही में सम्पन्न ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत एन.आई.सी. के सहयोग से स्मार्ट-फोन उपयोगकर्ताओं के लिये ऐसे एड्रंरायड (्रठ्ठस्रह्म्शद्बस्र) मोबाइल एप्लीकेशन तैयार कर उपलब्ध करवाये गये। जिससे आवेदक महाविद्यालयों संबंधी जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त कर सके। विद्यार्थी अपने प्रवेश संबंधी विवरण भी ऑनलाइन मोबाइल पर ही देख पा रहे थे।
ऑनलाइन कम्प्यूटिंग की दुनिया में अध्यापन में सहयोग करने के लिये ऐसे स्मार्ट-फोन एप्लीकेशन विकसित हो रहे हैं, जिन पर ऑनलाइन क्विज, रियल-टाइम सम्प्रेषण, ई-रीडर, बुक-स्केन, आवाज सुनकर उसे रिकार्ड कर नोट्स बनाना, वेब-क्लीपिंग को एकत्रित करना, जैसे महत्वपूर्ण कार्य विद्यार्थी अपने मोबाइल पर ही कर सकते हैं। इससे विद्यार्थी पाठ्यक्रम सामग्री खरीदने एवं नोट्स की फोटोकॉपी करवाने से भी बचेंगे।

गुजरात के अध्ययन दौरे से लौटे रायपुर जिला पंचायत के सदस्य : मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने दी अध्ययन दौरे की जानकारी
रायपुर, ३ अगस्त २०१४ गुजरात के तीन दिवसीय अध्ययन दौरे से लौटकर रायपुर जिला पंचायत के सदस्यों के प्रतिनिधि मण्डल ने आज दोपहर रायपुर में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाकात की। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने मुख्यमंत्री को यात्रा के अनुभवों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की पंचायत सदस्य प्रशिक्षण योजना के तहत जिला पंचायत रायपुर के सदस्यों का ३० सदस्यीय दल ने गुजरात का अध्ययन दौरा किया। यह दल २६ जुलाई से २८ जुलाई तक गुजरात के विभिन्न जिलों में पंचायती राज संस्थाओं के कार्यों का अवलोकन किया। श्रीमती वर्मा ने सांबरकांठा जिले की पुनसरी ग्राम पंचायत का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि इस पंचायत में आज अपने स्रोतों से ७३ लाख रुपए जमा है, जबकि आठ साल पहले केवल एक लाख रुपए था। उन्होंने बताया कि गुजरात की पंचायतों मंे जनभागीदारी अधिक है। ग्राम सभा वहां काफी सशक्त दिखाई दी। स्व-सहायता समूहों के जरिए वहां पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय आमदनी का बढ़िया साधन बनाकर सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। प्रतिनिधि मण्डल ने गुजरात की मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदी बेन पटेल से भी मुलाकात की और पंचायती राज संस्थाओं के बारे में विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अध्ययन यात्रा की सराहना करते हुए सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वहां मिले सीख से छत्तीसढ़ की पंचायतों को भी फायदा मिलेगा। प्रतिनिधि मण्डल में जिला पंचायत रायपुर के सदस्य और विधायक श्री जनकराम वर्मा सहित सदस्य सर्वश्री मुरारी मिश्रा, सुनील माहेश्वरी, टेश्वर बघेल, राजेश साहू, अरूणारानी बघेल आदि शामिल थे।

मु यमंत्री ने गोल्डन शूटर अपूर्वी चंदेला के स्वदेश लौटने पर स मान किया
जयपुर, 3 अगस्त। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज सुश्री अपूर्वी चंदेला का स्वदेश लौटने पर स मान किया है। सुश्री चन्देला के रविवार को मु यमंत्री से मिलने राजकीय निवास पर पहुंचने पर श्रीमती राजे ने उनका तिलक लगाकर स्वागत किया।

श्रीमती राजे ने सुश्री चंदेला को उनकी गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने न केवल तिरंगे की शान को बुलंद किया है बल्कि खेल जगत में राजस्थान की उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ा है।

मु यमंत्री ने होनहार निशानेबाज सहित देश के अन्य पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले सभी खिलाडिय़ों पर देशवासियों को गर्व है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से नई पीढ़ी को जीवन में आगे बढऩे व नई ऊंचाइयां छूने की प्रेरणा मिलती है।

श्रीमती राजे ने कहा कि राज्य सरकार खिलाडिय़ों के लिए अधिक से अधिक खेल सुविधाएं विकसित करेगी, ताकि खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के भरपूर अवसर मिल सकें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अन्य खिलाड़ी भी ऐसे ही पदक जीतकर देश को गौरवान्वित करेंगे।

श्रीमती राजे ने कहा कि जीत की उपलब्धि के लिए सुश्री चंदेला को राज्य सरकार की ओर से आवासीय सुविधा भी दी जायेगी। इसके अलावा उन्हें 15 लाख रुपए की नकद पुरस्कार राशि देने की भी घोषणा की है। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, जयपुर ग्रामीण से सांसद श्री राज्यवद्र्घनसिंह राठौड़, मु य सचिव श्री राजीव महर्षि व सुश्री चंदेला के परिजन मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि सुश्री चंदेला ने 20वें राष्ट्रमंडल खेलों के 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग स्पर्धा (महिला वर्ग) में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। जयपुर निवासी सुश्री चंदेला ने मेयो गल्र्स कॉलेज अजमेर व महारानी गायत्री देवी स्कूल से शिक्षा हासिल की है। राज्य सरकार ने उन्हें अलग-अलग अवसरों पर प्रशिक्षण के लिए व राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर पदक जीतने पर पुरस्कार स्वरूप 21 लाख रुपये से अधिक की राशि दी है। 
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