अंधकार में डूबी अटल ज्योति, सच से कोसो दूर सरकार की सफाई

व्ही.एस.भुल्ले। प्रदेश में घूम-घूम कर वैल फर्निस्ड तंबूओं के नीचे डिजिटल स्क्रीन पर अटल ज्योति की शुरुआत करने वाले मप्र के मुख्यमंत्री ने कभी सपने में भी न सोचा होगा कि जिस अटल ज्योति के सहारे आम गरीब, किसान के खेत और घरों को रोशन करने निकले है। कभी उनके ही मातहत इस अटल ज्योति को अंधकार में डुबो देगें जिसको लेकर ग्वालियर-चंबल ही नहीं समुचे म.प्र. में हा,हा,कार मचा है।

बातों के बतासे बांटने वाली मप्र की शिवराज सरकार का आलम यह है कि सरकार के नुमायदे टी.व्ही. चैनलो पर बैठ सरेयाम झूठ बोल रहे है। कि जिला और संभाग मुख्यालयों पर किसी प्रकार की कटौती नहीं। वहीं उसी दिन ग्वालियर और मुरैना के किसान बिजली कटौती के चलते बर्बाद होती फसलों को बचाने विधुत कंपनियों के दरवाजे प्रदर्शन कर रहे थे। इससे बड़ा सफेद झूठ इस भाजपा सरकार का क्या होगा, जो किसान और गरीबों की हिमायती बनती नहीं थकती? आखिर क्या कारण है, जो विधुत क पनियाँ जनता तो दूर की कोणी स्वयं सरकार को भी अंधेरे में रख झूठी जानकारियाँ परोस रही है।

म.प्र की भोली जनता के साथ यह छलावा कोई नई बात नहीं, फिर बात चाहे म.प्र. में मौजूद कुपोषण की हो या फिर मध्ययान भोजन और मजदूरों की सबसे महत्वकांक्षी योजना मनरेगा की हो। जिसमें पानी,सड़क की दुर्गति का तो भगवान ही मालिक उस पर से पहले अटल आरोग्य मिशन और अब अटल ज्योति का अंधकार चींख-चींख कर कहता है, कि उसे छला गया है। बहरहॉल सरकार भले ही म.प्र. में भाजपा की तीसरी बार काबिज हो चुकी हो। मगर जिस तरह से जनता की अंधदेखी सरकार मीडिया को अघोषित रुप से मैनेज कर रही है, उसके परिणाम भविष्य में इतने भयानक हो सकते है, जिसकी कल्पना शायद ही सरकार ने की हो।

सभी के लिए 24 घंटे बिजली प्रधानमंत्री कहते हैं
स्वच्छ ऊर्जा बिजली क्षेत्र में हमारा ध्यान होगा और सभी १०००रूङ्ख (२ङ्ग५०० मेगावाट) रूशह्वस्रड्ड सुपर थर्मल पावर परियोजना के चरण मैं समर्पित करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा के लिए मिशन के लिए 24 घंटे बिजली होगी एनटीपीसी का जिले में आज रूशह्वस्रड्ड में राष्ट्र के लिए. नागपुर, महाराष्ट्र. रुपये के निवेश के साथ. ५४५९ चरण मैं में करोड़ और रुपये के प्रस्तावित निवेश. चरण द्वितीय के लिए ७९२१ करोड़, परियोजना राज्य में एनटीपीसी का सबसे बड़ा पावर स्टेशन होने की ओर अग्रसर है. इंफ्रास्ट्रक्चर प्रधानमंत्री का जोर देते महत्व हम देश के विकास के लिए तत्पर कर सकते हैं कि एनटीपीसी रूशह्वस्रड्ड तरह इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं स्थापित करने में सक्षम हैं जब यह केवल है, कोई भी देश के बुनियादी ढांचे के बिना विकसित कर सकते हैं कहा. उन्होंने कहा कि वर्तमान दिन परिदृश्य बिजली में गुणवत्ता जीवन व्यतीत करने के लिए राष्ट्र और समाज के सभी वर्गों की जरूरत के विकास की मुख्य प्रस्तावक, ने कहा. यहां तक ​​कि बिजली उपलब्ध लोग एक दिन में केवल ४-६ घंटे मिल रहा है, जहां देश के अन्य क्षेत्रों में, बिजली नहीं है के रूप में हमारे गांवों में शाम को एक ठहराव के लिए आते हैं.
मैं देश के विकास के लिए बिजली सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं और मैं देश के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद इसलिए मैं इस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूँ. स्वच्छ ऊर्जा बिजली क्षेत्र में हमारा ध्यान होगा और मिशन के लिए २४ घंटे बिजली होगी सभी के लिए उन्होंने कहा.
अपने संबोधन में उन्होंने बिजली न सिर्फ हमारे जीवन से अंधकार को हटा बल्कि इसके साथ उद्योग, रोजगार और समृद्धि लाता कहा. इसलिए, यह, यह हवा हो सौर, कोयला, गैस या अपशिष्ट पदार्थ शक्ति के सभी उपलब्ध स्रोतों से बिजली उत्पन्न करने के लिए हमारे प्रयास किया जाएगा. छत के ऊपर सौर नीति के लिए हमें का नेतृत्व करेंगे यह बहु ईंधन दृष्टिकोण प्रत्येक घर धारक जहां होगा खुद के लिए बिजली पैदा करने में सक्षम. उन्होंने कहा कि वह बिजली की बचत पर जोर दिया. हम बिजली की अधिकतम उत्पादन के लिए हमारे बिजली परियोजनाओं के लिए ईंधन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन हम विवेकपूर्ण तरीके से उत्पन्न बिजली का उपयोग करने की आवश्यकता है और कहा है कि यह स्कूलों में छात्रों के लिए अनिवार्य विषय बनाया जाना चाहिए कि सुझाव और सभी ने एक मिशन के रूप में लिया.
श्री शंकरनारायणन, माननीय. जल एवं स्वच्छता एवं श्री पीयूष गोयल, बिजली, कोयला और नवीन और नवीकरणीय के लिए केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीने महाराष्ट्र के राज्यपाल, नितिन गडकरी, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, ​​ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज, महाराष्ट्र राज्य, श्री डी चौधरी, अपर सचिव से अन्य नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के साथ ऊर्जा. पावर, सरकार. भारत और डा, अरूप रॉय चौधरी भी उपस्थित थे रूशह्वस्रड्ड चरण मैं से पावर महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, जम्मू कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेशों दमन दीव और दादर नगर ​​हवेली के राज्यों को आपूर्ति की है. नागपुर जिले में स्थित. महाराष्ट्र, परियोजना २३२० मेगावाट की परम क्षमता होगा. १३२० मेगावाट (२ङ्ग६६०रूङ्ख) चरण जल्दी १३ वीं योजना में लक्ष्य कमीशन के साथ परियोजना के द्वितीय.


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