सिंधिया ने सलामी ले, देश के भविष्यों को हाथो से भोजन खिलाया

शिवपुरी, 15 अगस्त 2014/ मप्र शासन की मंत्री श्रीमती यसोधरा राजे सिंधिया ने आज 68वे स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजा रोहण कर, निरीक्षण पश्चात संयुक्त परेड की सलामी ली! उसके बाद उन्होने स्कूली बच्चों के मध्ययान भोजन कार्यक्रम में पहुंच स्वयं बच्चों को भोजन ही नहीं परोसा बल्कि कुछ बच्चों को अपने हाथों से भी उन्होंने भोजन कराया!
देश के भविष्यों के साथ उघोग मंत्री का स्नेह देखते ही बनता था! ज्ञात हो कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में स्वतंत्रता दिवस गरिमापूर्ण एवं पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय मुख्य समारोह प्रदेश की वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे के मुख्य आथित्य में जिला पुलिस परेड ग्राउण्ड शिवपुरी में सम्पन्न हुआ। पुलिस परेड ग्राउण्ड पर प्रातः 9ः00 बजे स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि श्रीमती यशोधरा राजे ने ध्वजारोहण कर संयुक्त परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। इस दौरान जिला कलेक्टर श्री राजीव चंद्र दुबे, पुलिस अधीक्षक श्री एम.एस.सिकरवार उनके साथ थे।

समारोह के मुख्य अतिथि श्रीमती राजे ने ध्वजारोहण कर पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल, होमगार्ड, वन विभाग, एन.सी.सी. सीनियर एवं जूनियर, एन.सी.सी. एयरविंग, स्काउट-गाइड की मिली-जुली टुकड़ियों की संयुक्त परेड की सलामी ली, परेड का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक श्री अरविंद सिंह सिकरवार ने किया तथा सेकेण्ड कमाण्ड के रूप में सूबेदार पुरूषोत्तम विश्नोई उनके साथ थे। समारोह में राष्ट्रगान एवं मध्यप्रदेश गान के उपरांत मुख्य अतिथि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान का प्रदेशवासियों के नाम संदेश का वाचन किया।

इस अवसर पर शहर की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं द्वारा रंग बिरंगी पोषाकों में आकर्षक एवं मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। शासकीय अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के लगभग ढेड हजार बच्चों द्वारा सामूहिक व्यायाम का प्रर्दशन किया गया, हैप्पीडेज स्कूल, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्र.-1 शिवपुरी, गणेशा ब्लास्ड स्कूल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोर्ट रोड तथा बाल शिक्षा निकेतन के छात्र-छात्राओं द्वारा देश भक्ति व राष्ट्रप्रेम पर आधारित गीतों पर आकर्षक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को उनकी सेवाओं के लिए प्रस्तति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीदों को नमन करते हुए जिले के वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्र्राम सैनानी श्री प्रेम नारायण नागर का शाॅल, श्रीफल एवं पुष्पहारों से सम्मान किया गया।


प्रधानमंत्री ने 68वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सभी नागरिक राष्‍ट्रीय चरित्र निर्माण में सहभागी बनें। 68वें स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि सभी लोगों के लिए ये आत्‍म–मंथन का अवसर है कि राष्‍ट्रीय हित में उनके कार्यों को कैसे आंका जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे सभी कार्य राष्‍ट्र के हित में होने चाहिए और राष्‍ट्र निर्माण में भागीदार के रूप में दिखाई देने चाहिए। स्‍वतंत्रता दिवस पर लोगों को बधाई देते हुए श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि प्रधान सेवक के रूप में उनके बीच उपस्थित हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आम लोगों के सशक्तिकरण और देश के युवाओं की क्षमता का अधिकाधिक उपयोग करने के उद्देश्‍य से कई कदमों की घोषणा की। बैंक तक पहुंच को सार्वभौमिक बनाने और वित्‍तीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री ने नई जन-धन योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए एक बैंक खाता, एक डेबिट कार्ड और एक लाख रुपए तक का बीमा की सुविधा प्रदान की जाएगी।

कौशल को बढ़ावा देने के लिए राष्‍ट्र स्‍तर पर ‘स्किल इंडिया’ अभियान शुरू किया जाएगा ताकि रोजगार सुनिश्चित हो सके।
विश्‍व को भारत के निर्माण क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘आओ और भारत में निर्माण करो’ के विजन की भी घोषणा की ताकि देश के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिले। उन्‍होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे अपनी उद्यमशीलता की भावना को बढ़ाएं और निर्माण के क्षेत्र में कार्य करें। उन्‍होंने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ बेहतरीन उत्‍पाद का पर्यायवाची बन जाना चाहिए।
नागरिकों के सशक्तिकरण के लिए डिजिटल इंफ्रास्‍टक्‍चर को प्राथमिकता देते हुए श्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि उनकी सरकार डिजिटल इंडिया के लिए कार्य करने के प्रति कटिबद्ध है जिससे लोगों को सूचनाएं और सेवाएं समय पर और प्रभावी तरीके से मिल सकेंगी।

सफाई की जरूरत पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने ‘स्‍वच्‍छ भारत’ के लिए अपनी सरकार के संकल्‍प की घोषणा की। ‘स्‍वच्‍छ भारत’ एक विजन है, जिसकी शुरुआत इस वर्ष 2 अक्‍टूबर को की जाएगी और इसे महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती पर पूरा कर लिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘स्‍वच्‍छ भारत’ की दिशा में पहला कदम, एक साल के भीतर लड़कियों के लिए अलग शौचालय समेत सभी स्‍कूलों में शौचालयों के निर्माण कराकर उठाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने ‘संसद आदर्श ग्राम योजना’ की शुरूआत करने की घोषणा की, जिसके तहत संसद के सभी सदस्‍यों को 2016 तक उनके संसदीय क्षेत्र में एक मॉडल ग्राम बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि इस योजना का एक पूरा खाका 11 अक्‍टूबर को श्री जय प्रकाश नारायण की जयंती पर घोषित किया जाएगा।

श्री नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग की जगह एक नए संस्थान के निर्माण की घोषणा की। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि नया संस्‍थान देश के संघीय ढांचे का सम्‍मान करेगा। 
उन्होंने संसद के परिणामोन्‍मुखी सत्र के लिए विपक्षी दलों समेत संसद के सभी सदस्‍यों को धन्‍यवाद देते हुए कहा कि उनकी सरकार सबकी सहमति से आगे बढ़ने की इच्‍छुक है।

प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद से केंद्र सरकार की कार्य संस्‍कृति में सकारात्‍मक बदलाव की खबरों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ऐसी खबरों से चकित हो गए क्‍योंकि नियमानुसार काम करना तो प्रत्‍येक कर्मचारी का धर्म होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि चूंकि यह एक खबर बनी इससे प्रतीत होता है कि दायित्‍व और जिम्‍मेदारियों का हमारा मानक कितना नीचे गिर गया है। प्रधानमंत्री ने समाज से ‘मेरा क्‍या, मुझे क्‍या’ जैसे स्‍वार्थी रवैये को छोड़ने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब उन्‍होंने पदभार संभाला तो वह विभिन्‍न सरकारी विभागों के बीच मनमुटाव और समन्‍वय की कमी को देखकर चकित रह गए। उन्‍होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि वह इन मुद्दों का समाधान करेंगे जिससे भारत सरकार एक एकल इकाई की तरह काम करे। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास और सुशासन ही ऐसे रास्‍ते हैं जो देश को आगे ले जा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने देश में दुष्‍कर्म की घटनाओं पर निराशा जाहिर की। उन्‍होंने कहा कि किसी परिवार में लड़कियों से काफी सवाल पूछे जाते हैं। उन्‍होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बेटों से भी सवाल पूछें और उनकी गतिविधियों पर भी अंकुश लगाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर दुष्‍कर्म करने वाला किसी न किसी का बेटा होता है। इसी प्रकार, उन्‍होंने आतंकवादी या माओवादी बन चुके भ्रमित युवकों से हिंसा छोड़ने और राष्‍ट्र की मुख्‍यधारा में लौटने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने श्री अरविंदो और स्‍वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए कहा कि वे भारत को एक बार फिर जगत गुरू बनते देखना चाहते थे और यह सभी भारतवासियों का कर्तव्‍य है कि वे उनके उस विजन को वास्‍तविकता में तब्‍दील करने में मदद करें। 


पुलिस कल्याण की योजनाएँ बनायें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की राष्ट्रपति पदक विजेता पुलिस अधिकारियों से सौजन्य भेंट 
भोपाल : शुक्रवार, अगस्त 15, 2014,मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ राष्ट्रपति पदक विजेता पुलिस अधिकारी और उनके परिवार को अपने निवास पर सम्मान स्वरूप आमंत्रित किया। श्री चौहान ने अपने उदबोधन में पुलिस अधिकारियों की कठिन ड्यूटी और उन पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस की सजगता से ही शांति व्यवस्था कायम है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के कल्याण और विशेष रूप से बच्चों की उच्च शिक्षा के लिये विशेष योजनाएँ बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाये रखना न सिर्फ विकास बल्कि आम जनजीवन के लिये जरूरी है। मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिये सराहनीय भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाने में जन-भागीदारी को भी महत्व दिया गया है। महिलाओं द्वारा शराब की दुकान बन्द करने संबंधी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। पिछले तीन-चार साल में शराब की एक भी नई दुकान नहीं खुली। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि जिस प्रकार चंबल से डाकुओं का सफाया किया गया है उसी प्रकार गैरकानूनी नशीली दवाइयाँ बेचने वालों पर भी प्रभावी कार्रवाई करें।
पुलिस महानिदेशक श्री नंदन दुबे, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे। अपर पुलिस महानिदेशक श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।

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