प्रधानमंत्री ने ट्रांसमिशन लाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग-9 के 4 लेन निर्माण कार्य राष्ट्र को समर्पित किया

मुम्बई। १६-अगस्त, २०१४ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश में बुनियादी ढांचे के विकास के नये तरीकों के लिए व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख किया जिसमें सड़कों, विद्युत ट्रांसमिशन लाइनों, गैस ग्रिडों और जल ग्रिडों का राष्ट्रव्यापी जुड़ाव नेटवर्क बनाया जाएगा। सोलापुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ७६५ केवी सोलापुर–रायचूर ट्रांसमिशन लाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग-९ के पुणे-सोलापुर खंड के पूरे हुए ४ लेन के निर्माण कार्य को राष्ट्र को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-९ के सोलापुर-महाराष्ट्र/कर्नाटक सीमा खंड को चार लेन में बदलने के कार्य का भी शिलान्यास किया। दक्षिण कोरिया का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनियाभर में जिन देशों ने बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश किया था वहां उन्होंने काफी विकास और समृद्धि अर्जित की है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई स्वर्णिम चतुर्भुज और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से प्रोत्साहित होकर नई सरकार सड़कों और राजमार्गों के विकास को उच्च प्राथमिकता देगी।
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री पृथ्वीराज चव्हाण द्वारा कोयले और गैस की कमी के कारण सुस्त पड़े बिजली संयत्रों के बारे में व्यक्त की गई चिंता से सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर इस मुद्दे को उठाते रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार बिजली संयंत्रों को पर्याप्त ईंधन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचाए बिना कोयला निकाला जाएगा। प्रधानमंत्री ने छात्रों का आह्वान किया कि वे अपने परिवार का बिजली बिल घटाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करें। यह भी एक किस्म से राष्ट्र की सेवा होगी। छात्रों को अपने परिवार के सदस्यों को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए समझाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने केन्द्र सरकार के नर्मदा बांध की ऊंचाई बढ़ाने की मंजूरी देने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निर्णय पिछले कई वर्षों से लंबित पड़ा था और ऩई सरकार ने पदभार ग्रहण करने के बाद बहुत जल्दी इस बारे में निर्णय लिया। एक बार यह परियोजना पूरी हो जाए तो महाराष्ट्र को प्रत्येक वर्ष ४०० करोड़ रुपए मूल्य की बिजली मुफ्त मिलेगी।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए सोलापुर के लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे उनके प्यार के तोहफे को विकास के रूप में लौटाएंगे। उन्होंने कहा कि सोलापुर वस्त्र उद्योग का स्थापित केन्द्र था और इस उद्योग का पुनरुद्धार केन्द्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, श्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी समारोह को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा जबलपुर में अमर शहीद रानी अवंती बाई की प्रतिमा का अनावरण
भोपाल : शनिवार, अगस्त १६, २०१४,मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर के धनवंतरी नगर चौराहे पर अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी तब जाकर स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए शहीद प्रदेश के वीर सपूतों की स्मृति में भोपाल में एक भव्य शहीद स्मृति स्थल का निर्माण किया जाएगा, जहाँ उनके तैलचित्र एवं स्मृतियाँ संजोयी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठय-पुस्तकों में भी रानी अवंती बाई सहित प्रदेश के शहीदों के नाम पर एक पाठ जोड़ा जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हजारों क्रांतिकारियों ने जब अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, तब कहीं हमें स्वतंत्रता हासिल हुई। उन्होंने तात्या टोपे, लाला हरदयाल, कुंवर सिंह, अशफाक उल्ला खाँ, राजगुरु, भगत सिंह, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह, भीमा नायक, टंट्या भील जैसे अमर शहीदों को याद किया । श्री चौहान ने वीरांगना की जयंती पर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित कर नागरिकों को रानी अवंती बाई के बताये रास्ते पर चलने का संकल्प दिलवाया। उन्होंने लोधी समाज की पत्रिका का विमोचन भी किया।मुख्यमंत्री ने त्रिपुरी वार्ड में ६६ लाख से बने स्कूल भवन का लोकार्पण भी किया।
समारोह को सासंद राकेश सिंह, सासंद प्रहलाद पटेल एवं महापौर प्रभात साहू ने भी संबोधित किया। लोधी समाज ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का अभिनंदन किया । समाज ने प्रतिमा स्थापना में विशेष सहयोग के लिये महापौर प्रभात साहू, पूर्व महापौर श्रीमती सुशीला सिंह एवं श्री सदानंद गोडबोले का भी सम्मान किया।
कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री अशोक रोहाणी, तरूण भानोत, जालम सिंह पटेल, प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री राजबहादुर सिंह, पूर्व मंत्री हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, पूर्व सांसद शिवराज सिंह लोधी, पूर्व विधायक दशरथ सिंह एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से राजधानी में दंतेवाड़ा-बीजापुर जिलों के आदिवासी बच्चों की मुलाकात
रायपुर, १६ अगस्त २०१४ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज राजधानी रायपुर में उनके निवास पर बस्तर राजस्व संभाग के नक्सल हिंसा पीड़ित दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के हायर सेकेण्डरी स्कूलों के लगभग एक सौ आदिवासी बच्चों ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मुख्यमंत्री निवास परिसर का भी अवलोकन करवाया।
डॉ. रमन सिंह ने जनदर्शन कक्ष में बच्चों के साथ बैठकर उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा होती है। किसी भी बच्चे का दिमाग गरीबी और अभाव के कारण कमजोर नहीं होता बल्कि संसाधन कम रहते हैं, इसलिए वे कुछ पिछड़ जाते हैं। राज्य सरकार आदिवासी बहुल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के लिए हर प्रकार की सुविधा और हर प्रकार के संसाधन दिला रही है। उन्हें इनका उपयोग कर मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई में ध्यान लगाना चाहिए। सरकार आपके साथ है। आप डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी बनने का बड़ा लक्ष्य मेहनत करें और आगे बढ़ते रहें। कामयाबी जरूर मिलेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि गांवों के सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ सकता है। मैंने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल में प्राप्त की है।
उल्लेखनीय है कि इन बच्चों ने दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के पहले दिन आज सबसे पहले राजधानी में मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। इन बच्चों का यह अध्ययन भ्रमण राज्य सरकार के आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में भी बताया। डॉ. रमन सिंह ने इन छात्र-छात्राओं से उनके गांव, घर, परिवार, खेत-खलिहान सहित स्कूली शिक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को भारतीय संविधान के शिल्पी डॉ. भीमराव अम्बेडकर और देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण दिया और कहा कि इन दोनों महान विभूतियों का विद्यार्थी जीवन भी गरीबी और अभाव में गुजरा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और देश के सर्वोच्च पदों को सुशोभित किया। सुदूर आदिवासी बहुल अंचल में सीमित संसाधनों के बावजूद लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करने के लिए उनकी प्रशंसा भी की। इस मौके पर स्कूल शिक्षा, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, राज्य सरकार के मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, आदिम जाति विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एन.के. असवाल, सचिव श्री मुरूगन, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के मिशन संचालक श्री रजत कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डॉ. सिहं ने बच्चों से चर्चा में बस्तर की तारीफ करते हुए कहा कि यह प्राकृतिक दृष्टि से दुनिया का सबसे खूबसूरत इलाका है। साल और साजा के वृक्षों से परिपूर्ण तथा महुआ, कुसुम, आंवला, हर्रा, बहेड़ा, तेन्दू, डुमर आदि लघु वनोंपजों की वहां भरपूर पैदावार होती है। राज्य सरकार वहां के वनवासियों को इन लघु वनोपजों का उचित मूल्य दिलाने के लिए उनकी सरकारी खरीदी करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने बच्चों से गांवों में उपलब्ध बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी आदि सुविधाओं के बारे में भी पूछा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि विशेष रूप से हायर सेकेण्डरी यानी ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई बच्चों की उच्च शिक्षा बुनियाद होती है। इसलिए इन कक्षाओं के बच्चों को अपना लक्ष्य तय कर कड़ी मेहनत से पढ़ाई करनी चाहिए साथ ही अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन कुछ समय कबड्डी, फुटबाल आदि खेलों में भी लगाना चाहिए। डॉ. सिंह ने इन बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि आप अभी पढ़ाई के लिए जो मेहनत करोगे वह जीवन भर काम आएगी।
मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बस्तर (जगदलपुर) में मेडिकल कॉलेज खुल चुका है। बस्तर विश्वविद्यालय की स्थापना हो गयी है। हर जिले में आश्रम छात्रावासों की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि बस्तर के लौह अयस्क से भिलाई नगर स्थित भारत का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र चलता है। अब आपके बस्तर में भी जगदलपुर के पास नगरनार में इस्पात संयंत्र की स्थापना जल्द होने वाली है, जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलेंगे। शैक्षणिक भ्रमण के तहत इन बच्चों को राजधानी रायपुर में के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नगर निगम भवन, बूढ़ातालाब परिसर और इंडोर स्टेडियम, आकाशवाणी, दूरदर्शन, विधानसभा, विज्ञान केन्द्र, एक शापिंग मॉल, प्रयास आवासीय विद्यालय, ऊर्जा पार्क, नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, मंत्रालय (महानदी भवन), माना स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल और दुर्ग जिले में भिलाई इस्पात संयंत्र दिखाने का दो दिवसीय कार्यक्रम है।

अधिकारी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ करें कार्य -मु यमंत्री
जयपुर, 16 अगस्त। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा है कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में अधिकारी इस दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ काम करें कि ज्यादा से ज्यादा समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो जाये। जनता को अपनी समस्या व पीड़ा के लिए राजधानी के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
मु यमंत्री शनिवार को उदयपुर संभाग में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के लिए राजस्थान कृषि महाविद्यालय के सभागार में ब्रीफिंग बैठक में बोल रही थी। बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, अतिरिक्त मु य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान कितने लोग अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन देते हैं, इससे प्रशासन की संवेदनशीलता सामने आयेगी। कोई भी व्यक्ति बिना वजह आवेदन नहीं देता है।
श्रीमती राजे ने कहा कि उदयपुर संभाग बड़ा होने के कारण यहां सरकार आपके द्वार कार्यक्रम एक ही चरण में पूरा करने का निर्णय लिया गया है, साथ ही क्षेत्र में भ्रमण करने वाली टीमों की सं या बढ़ाकर 24 कर दी गई है। मंत्रियों की 10 टीमों के अतिरिक्त वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में 14 टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों के साथ स्थानीय विधायक एवं जनप्रतिनिधि भी रहेंगे।
मु यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं अतिरिक्त मु य सचिव व प्रमुख शासन सचिवों को निर्देश दिए कि वो ग्राम पंचायत स्तर पर अपने भ्रमण के दौरान भामाशाह योजना, श्रीयोजना एवं खुले में शौच से मुक्ति अभियान के बारे में ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी दें। मु यमंत्री ने ब्रीफिंग बैठक में कहा कि इस संभाग की 1500 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश ग्राम पंचायतों में यह टीमें जाकर जन-अभाव अभियोग सुनेंगी एवं उनका मौके पर ही निराकरण का प्रयास करेंगी। प्रत्येक टीम प्रतिदिन अपने दौरे की रिपोर्ट मु यमंत्री को भिजवायेगी। 24 अगस्त को सभी मंत्री संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक में अपने-अपने विभाग के कार्याें की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा 25 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक होगी।
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी प्रमुख विभागों के उपखंड स्तरीय अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर भ्रमण करने वाली टीमों के साथ रहकर अपने विभाग से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास करेंगे।
मु य सचिव श्री राजीव महर्षि ने राज्य में तीसरे संभाग स्तर पर होने वाले सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के लिए की गई तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत समिति स्तर पर आयोजित होने वाली जनसुनवाई में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो मु यमंत्री की समीक्षा के लिए प्रतिदिन अपने भ्रमण की सूचना समय पर भिजवायें।
बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य श्री गुलाबचंद कटारिया, श्री राजेन्द्र राठौड़, श्री कालीचरण सराफ, श्री नंदलाल मीणा, श्री गजेन्द्र सिंह, श्री प्रभुलाल सैनी, श्री युनूस खान, श्री अरूण चतुर्वेदी, श्री अजय सिंह किलक एवं श्री हेम सिंह भड़ाना उपस्थित थे। 
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