स्वयं की बेबसी पर बोले सिंधिया: भाजपा सरकार काम में कम, ब्याज बनाने में व्यस्त रही

व्ही.एस.भुल्ले। खुद के द्वारा सेकड़ों करोड़ की महात्वकांक्षी योजनाओं को स्वीकृति और पैसा दिलाने वाले क्षेत्रीय सांसद पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खबरनबीसों के बीच कोणी कोणी का हिसाब गिनाते हुये कहा कि केन्द्र में शिवपुरी-गुना का प्रतिनिधि होने के नाते मैंने अपने कत्र्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा ईमानदारी से किया।
मगर श्रेय की होड़ और राजनैतिक द्वेश के चलते भाजपा की शिवराज सरकार ने अपने राजधर्म का पालन नहीं किया। उन्होंने दुखित मन से कहा कि अब तो केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार है अगर श्रेय लेने की लड़ाई है तो श्रेय वो ले ले कम से कम जनता से जुड़ी इन महात्वकांक्षी योजनाओं को तो पूरा समय रहते करा दे। क्योंकि कार्य कराने का जि मा राज्य सरकार का होता है। ऐसी संबेधानिक व्यवस्था लोकतंत्र में है। 

इसलिये केन्द्र सरकार व सांसद वेबस रहते है अपनी कड़ी मेहनत से लाई गई करोड़ों रुपये की योजनाओं को पूर्ण कराने क्योंकि क्रियान्वयन एजेंन्सी तो राज्य सरकार ही होती है। न कि सांसद और केन्द्र सरकार। उन्होंने पत्रकारों से कहा चाहे चाँदपाठा झील मर मत,300 विस्तरों वाला जिला चिकित्सालय का नवीन भवन,एन.टी.टी.पी इन्जीनियरिंग कॉलेज मेडिकल कॉलेज,सीवेज प्रोजक्ट,सिन्ध पेयजल,पॉलोटेक्निक कॉलेज,ए.पी.डी.आर.पी. इनमें से अधिकांश योजनायें 4-5 वर्ष पुरानी है। और लेट लतीफी के कारण बड़ी लागत से जहां इन परियोजनाओं के पूर्ण होने में परेशानी होती है। वहीं इन योजनाओं की लागत दिन व दिन बढ़ रही है। इससे राज्य सरकार की कार्य करने की मानसिकता का पता चलता है क्योकि मेरा कार्य योजना स्वीकृत कराना पैसा दिलाना था  जिसे मैंने वखूबी किया। मगर राज्य सरकार केन्द्र से मिले पैसे से व्याज तो कमा रही है। मगर जन हितैशी कार्य नहीं करा रही। ज्ञात हो कि उक्त बात शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में सर्तकता मूल्याकंन समिति की बैठक के बाद कहीं।

व्यापाम घोटाले में बच्चे बच्चियों के भविष्य से हुये खिलवाड़ पर उन्होंने मु यमंत्री का इस्तीफा और सी.वी.आई. जांच की बात कहीं साथ ही उन्होंंने यह भी कहा मेरा जीवन खुली किताब है जिसको जिससे भी जैसी भी मेरी जांच कराना हो वो करा ले। मुझे कोई अपत्ति नहीं।

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