रैप क्राइसिस सेन्टरो के साथ महिला बालिका संरक्षण ग्रह भी खोले भारत सरकार

व्ही.एस.भुल्ले। अभी हाल ही में केन्द्र सरकार ने दुष्कर्म की घटनाओं में तत्काल कार्यवाही करने और पीडि़ता को कानूनी जरुरते उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाते हुये भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने देश के हर्ष जिले में रैप क्राइसिस सेन्टरो की मंजूरी दे दी है। जिसमें अब केवल केबिनेट की मोहर लगना बाकी है। ज्ञात हो कि महिला एवं बाल विकास द्वारा देश भर में 660 रैप क्राइसिस सेन्टरो की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।

अब ऐसे में जब भारत सरकार का वित्त मंत्रालय देश भर में 660 रैप क्राइसिस सेन्टरो की स्थापना का मन बना चुका है। तो अगर इनके साथ ही देश भर में 660 महिला एवं बालिका संरक्षण ग्रह खोले जाते है, तो यह देश भर में मानव तस्करी एवं वैश्या बृति कराने वाले अपराधियों पर कारगार अंकुश लगाया जा सकता है। सूत्रो की माने तो देश भर में मानव तस्करी कर वैश्या वृति में बच्चों एवं महिला का अपहरण कर उनके साथ पैचासिक बर्ताव हो रह है। जो मानव स यता पर कलंक ही नहीं एक बदनुमा दाग है। 

अब्बल तो महिलाओं बच्चियों का अपहरण कर वैश्या वृति कराने वाले पकड़े नही जाते अगर पकड़ भी जाये तो उनके खिलाफ उतनी स त कानूनी कार्यवाही नहीं हो पाती जिसके कारण वह अपने इस घिनोने अपराध को निरन्तर करते रहते है। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जिला स्तर पर महिला एवं संरक्षण ग्रह न होने के कारण वैश्या वृति कराने वाले अपराधी बड़ी ही चतुराई से पुलिस द्वारा इनके चंगुल से छुड़ाई गई महिला एवं बच्चियों को अपनी सुपुर्दिगी में ले लेते है। और बैचारी वह फिर से वैश्या वृति के नरक में पहुंच जाती है। जहां से उनका निकल पाना मुश्किल ही नहीं न मुमकिन होता है। 

एक-दो उदाहरण छोड़ दें तो शायद ही कोई ऐसा प्रकरण रहा हो, जहां इन महिलाओं या बच्चियों के परिवार जन इन्हें अपनी सुपुर्दिगी में लेने आते हो। बेहतर हो कि इस गन्दगी से पूर्णता निजात दिलाने देश में प्रताडि़त कई महिला बच्चियों को न्याय दिलाने और उनका जीवन सुन्दर बनाने भारत सरकार रैप क्राइसिस सेन्टरों साथ ही महिला एवं बालिका संरक्षण ग्रह भी खोले।

अदभुत और अनूठा होगा शौर्य स्मारक
भोपाल : मंगलवार, जुलाई २९, २०१४ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शहीद सैनिकों की स्मृति में भोपाल में बन रहे अनूठे शौर्य स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिये प्रवेश द्वार के समीप शौर्य स्तंभ बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ इस निर्माणाधीन अदभुत स्मारक का अवलोकन किया। उन्होंने स्मारक निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा ने स्मारक की प्रगति की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक अदभुत और अनूठा होगा, जो शहीद सैनिकों के प्रति श्रद्धा का भाव तथा युवाओं में देश भक्ति की उत्कट भावना का संचार करेगा। यह ऐसा स्मारक होगा जहाँ जो भी भोपाल आयेगा, शहीदों को नमन करने जरूर आयेगा। यह मध्यप्रदेश के लिये गर्व का विषय होगा। इसकी कला वीथिका में शहीदों के जीवन तथा सेनाओं की उपलब्धियों का दृश्य-श्रव्य सजीव प्रदर्शन होगा। यह स्मारक देश भक्ति का जज्बा पैदा करेगा और जीवन के सत्य को भी प्रदर्शित करेगा।

स्मारक में बने ओपन थियेटर में वीरता के नाटक प्रदर्शित किये जायेंगे। देश भक्ति के गीतों पर म्यूजिकल फाउन्टेन चलेगा। इसमें पचास सीट की क्षमता वाला मिनी सिनेमा घर होगा जिसमें युद्ध संबंधी फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा निर्मित किये जा रहे स्मारक की वार गेलरी में वीर सेनानियों की शौर्य गाथा, भारतीय थल, जल और नौ सेना के इतिहास और उपलब्धियाँ, सभी राष्ट्रपतियों के पोर्ट्रेट, परमवीर चक्र और महावीर चक्र प्राप्त सैनिकों की शौर्य गाथा, चित्र और वीरता पदकों, विभिन्न महत्वपूर्ण सैन्य लड़ाइयों की जानकारी प्रदर्शित की जायेगी। स्मारक परिसर में एक सोवेनियर शाप होगी जिसमें सेना से संबंधित साहित्य और बैज आदि प्रदर्शित किये जायेंगे। अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव और श्री एस.के. मिश्रा, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री के.के.सिंह, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री एस.एन. मिश्रा और मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।

शौर्य स्मारक
शौर्य स्मारक भोपाल नगर के महत्वपूर्ण एवं दर्शनीय स्थल चिनार पार्क के समीप अरेरा पहाड़ी पर बनाया जा रहा है। इसके रूपांकन में जीवन-मृत्यु, युद्ध शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे जटिल अव्यक्त अनुभवों को सरल, सहज तरीके से रूपांकित करने के लिये आकार, रंग-रूप, सामग्री और तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। दीवार, छत, रंग-रूप, सामग्री और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है। अरेरा पहाड़ी की भौगोलिक विशेषताओं, उतार-चढ़ाव, चट्टानों के बीच जीवन का उत्सव मनाते वृक्षों को प्रतीकों के रूप में रूपांकन में बखूबी से उपयोग किया गया है। स्मारक में जीवन की विभिन्न अवस्थाओं यथा-जीवन, युद्ध का रंगमंच, मृत्यु तथा मरणोपरान्त जीवन को प्रांगणों की श्रंखला के रूप में दर्शाया जायेगा।

स्मारक में प्रवेश करते ही मिट्टी के रंग तथा घास लगी सीढ़ियों से निर्मित चौकोर खुला आँगन मन को एक सरल तथा पवित्र वातावरण का अनुभव करवायेगा। चौकोर आँगन वाले प्रवेश प्रांगण के अनुभव के पश्चात आगंतुक एक वृत्त आकार के आँगन में पहुँचेगा। वृत्त का यह आकार युद्ध की विभीषिका से आहत धरती को दर्शायेगा। मृत्यु की भयावहता के दर्शन के लिये स्मारक में एक छोटा वर्गाकार क्षेत्र पूर्णत: अंधकारमय तथा काला होगा जिसमें एक बारीक छिद्र के माध्यम से प्रकाश की अटूट किरण प्रवेश करेगी। दिन में प्राकृतिक प्रकाश तथा रात में फाइबर आप्टिक्स लाईट से उत्सर्जित प्रकाश की बारीक रेखा आत्मा की द्योतक होगी, जो मृत्यु उपरांत देह का त्याग करती है।

आत्मा की अजर-अमरता के दर्शन के लिये परिसर प्रांगण में २ से ३ मीटर ऊँची धातु की छड़ों को सेना की टुकड़ियों की तरह सुव्यवस्थित रूप से स्थापित किया जायेगा। इन छड़ों के उपरी सिरों पर फाइबर आप्टिक्स लाइट्स के प्रकाश पुँज रात के अंधेरे में जगमगायेंगे। एक ३०० मीटर ऊँची लेजर बीम का प्रकाश, स्मारक की उपस्थिति एवं अस्तित्व को रात्रि में भी स्थापित करेगा। धातु की छड़ें तथा लेजर बीम के आधार पर बिछी जल की चादर, शांति तथा पवित्रता का प्रतीक होगी। प्रांगण में निर्मित वातावरण से आगंतुकों को जीवन के चरम लक्ष्य को प्राप्त शूरवीरों के बलिदान का अहसास होगा। इससे उनके मन में सहज ही शूरवीरों के प्रति नमन का भाव जागृत होगा।

राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों से सौजन्य मुलाकात की
रायपुर, २९ जुलाई २०१४ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने आज यहां राजभवन में स्थानीय प्रिन्ट मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री सुनील कुजूर एवं संचालक जनसंपर्क श्री रजत कुमार भी उपस्थित थे।

मु यमंत्री की हरियाली तीज पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं कहा सभी लगायें एक-एक वृक्ष
जयपुर, 29 जुलाई। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने श्रावण मास की हरियाली तीज के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
मु यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि श्रावणी तीज हरियाली और कजली तीज के रूप में मनाई जाती है, जिसमें महिलाएं उपवास और व्रत रखकर मां गौरी की पूजा करती हंै। इस समय प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर सी बिछा देती है। इस छटा को देखकर सभी का मन पुलकित हो जाता है।
श्रीमती राजे ने इस पावन पर्व पर प्रकृति द्वारा प्रदत हरियाली के अनुपम उपहार को कायम रखने के लिए सभी से एक-एक वृक्ष लगाने की अपील की है।

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