छत्तीसगढ़ में अति भारी और असाधारण भारी वर्षा होने की चेतावनी

रायपुर, 21 जुलाई, 2014 राजधानी रायपुर के लालपुर स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र ने अगले दो दिनों में 48 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों में अतिभारी और एक-दो स्थानों पर असाधारण भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है।
राज्य सरकार राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस बारे में मौसम विज्ञान केन्द्र की रिपोर्ट प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को भेजकर उन्हें सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक के अनुसार आज 21 जुलाई से कल 22 जुलाई को सवेरे साढ़े आठ बजे तक और 22 जुलाई से भी अगले चौबीस घंटों में यानी 23 जुलाई को सवेरे आठ बजे तक राज्य के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने और एक-दो स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केन्द्र लालपुर से यह भी जानकारी दी गयी है कि एक अवदाब उत्तर-पूर्व ओड़िशा और गांगेय पश्चित बंगाल के ऊपर आज 21 जुलाई को सवेरे तीन बजे ओड़िशा के बारीपदा से 50 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। इस आधार पर मौसम विज्ञान केन्द्र ने छत्तीसगढ़ में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से कुछ भारी वर्षा होने की चेतावनी दी है।

संसद में राजस्थान राजस्थान के मोबाइल कनेक्टिविटी सुधार के लिए बी.एस.एन.एल कटिबद्घ
जयपुर, 21 जुलाइ। संसद सत्र के दौरान कोटा के सांसद श्री ओम बिरला द्वारा पूछे गये अतारांकित सवाल में जवाब में केन्द्रीय संचार एवं प्रौद्योगिकी तथा विधि और न्याय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि बी.एस.एन.एल द्वारा राजस्थान के दूरदराज के इलाकों में मोबाइल सेवाओं को पहुंचाने एवं उनके विस्तार के लिए सभी हर संभव प्रयास किये जो रहे है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार के लिए बी.एस.एन.एल ने अपने 7 वें चरण जी.एस.एम. विस्तार योजना के अन्तर्गत राजस्थान में 645 नोड बीएस (3जी) और 1109 बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) (2जी) तथा इससे संबंद्घ कोर उपकरण जोडऩे की योजना बनाई है। इस निर्धारित संवर्धन में से बीएसएनएल ने 218 नोड बीएस और 575 बीटीएस (2जी) पहले ही संस्थापित दिए हैं। चालू वष 2014-15 में मई, 2014 तक ग्रामीण क्षेत्रों में नौ 2जी तथा चौदी 3जी बीटीएस तथा शहरी क्षेत्रों में पांच 2जी एवं पांच 3जी बीटीएस स्थापित किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि उपभोक्ताओं की सं या में लगातार घटोत्तरी के बावजूद बी.एस.एन.एल द्वारा देश के हर कोने में मोबाइल सेवाएं प्रदान करने के प्रयास लगातार किये जा रहे है।

मध्यप्रदेश में एक वर्ष में 466 नई बैंक शाखा खुली
बैंकों में लगभग ढाई लाख करोड़ जमा
साख जमा अनुपात राष्ट्रीय औसत से अधिक
भोपाल : सोमवार, जुलाई 21, 2014 मध्यप्रदेश में बैंक शाखाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। मार्च 2013 की तुलना में वर्ष 2014 के मार्च तक 466 नई बैंक शाखा खुलीं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 182, अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 136 तथा शहरी क्षेत्रों में 148 शाखा शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 6415 बैंक शाखा हैं। इनमें 2730 ग्रामीण क्षेत्रों में, 1975 अर्ध-शहरी तथा 1710 शहरी क्षेत्रों में हैं। बैंक शाखाओं में से 4102 वाणिज्यिक बैंक, 1121 सहकारी बैंक तथा 1192 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक हैं।

जमा राशि बढ़ी
प्रदेश की बैंक शाखाओं में मार्च 2014 की स्थिति में 2 लाख 49 हजार 525 करोड़ रुपये जमा हैं। यह पिछले वर्ष मार्च 2013 में जमा 2 लाख 20 हजार 689 करोड़ की तुलना में 28 हजार 836 करोड़ अधिक है। यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सूचक है। इससे यह भी पता चलता है कि लोगों के पास पहले की तुलना में ज्यादा पैसा आ रहा है। घरेलू बचत के प्रोत्साहन तथा बैकिंग के जरिये उसके वित्तीय बाजार में संचार में वृद्धि का भी पता चलता है।

साख जमा अनुपात
मध्यप्रदेश में मार्च 2014 की स्थिति में साख जमा अनुपात 66 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय मानक 60 प्रतिशत से अधिक है। इसी तरह कुल अग्रिम का प्राथमिक क्षेत्र में अग्रिम राष्ट्रीय मानक 40 प्रतिशत की तुलना में 59 प्रतिशत है। कुल अग्रिम में कृषि अग्रिम राष्ट्रीय मानक 18 प्रतिशत की तुलना में 34 प्रतिशत है। प्रदेश में कुल अग्रिम में कमजोर वर्गों को दिया गया अग्रिम कुल अग्रिम का 13 प्रतिशत है, जबकि इसका राष्ट्रीय मानक 10 प्रतिशत है। प्रदेश में पिछले वर्ष मार्च 2014 तक एक लाख 64 हजार 877 करोड़ का अग्रिम दिया गया इसमें 55 हजार 681 करोड़ कृषि क्षेत्र को, 22 हजार 937 लघु उद्योग क्षेत्र को तथा 21 हजार 271 करोड़ कमजोर वर्गों को दिया गया अग्रिम शामिल है।

वित्तीय समावेशन
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा बैकिंग सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिये वित्तीय समावेशन का काम तेजी से चल रहा है। दो हजार से ज्यादा जनसंख्या वाले चिन्हित 2736 गाँव में वित्तीय समावेशन का काम शुरू हो चुका है। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में हुए बेहतर कार्यों के लिये मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित स्कॉच फायनेंशियल इन्क्लूजन और डीपनिंग अवार्ड 2014 से सम्मानित किया गया है। वित्तीय समावेशन का लाभ जरूरतमंदों ग्रामीणों को आसानी से पहुँचाने के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में हर पाँच किलोमीटर के दायरे में अल्ट्रा स्माल बैंक खोली जा रही है। इन बैंक के जरिये 1500 करोड़ से अधिक का कारोबार हो चुका है।

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