खराब मॉनसून और महंगाई के मुद्दे पर मोदी कैबिनेट की बैठक

नई दिल्ली:  खराब मॉनसून और महंगाई के मुद्दे पर आज मोदी कैबिनेट की बैठक है। मॉनसून में देरी और तेजी से बढ़ रही महंगाई मोदी सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
आज की बैठक में केंद्रीय खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग के मंत्री राम विलास पासवान और कृषि मंत्री राधामोहन सिंह पूरे हालात का ब्यौरा देंगे। इसके साथ ही प्याज और आलू की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिये मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति यानी सीसीईए आज दोनों सब्जियों के लिये भंडार सीमा नियत करने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। 

फिलहाल भंडार सीमा दाल, खाद्य तेल तथा तिलहन पर सितंबर 2014 तक लागू है जबकि चावल और धान के मामले में यह इस साल नवंबर तक है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने प्रस्ताव जारी किया है जिसका मकसद आवश्यक जिंस कानून, 1955 के तहत राज्य सरकारों को जमाखोरी रोकने के लिये प्रभावी कदम उठाने में सक्षम बनाना तथा बढ़ती कीमत की समस्या से निपटने में मदद करना है एवं दोनों सब्जियों की उपलब्धता बढ़ाना है।

जननी एक्सप्रेस के संचालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
भोपाल : बुधवार, जुलाई 2, 2014,प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उनके कार्यक्षेत्र में जननी एक्सप्रेस के बेहतर संचालन पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि उनके जिले में संचालित जननी एक्सप्रेस संचालकों को अवगत करवाया जाए कि रोगियों के लिए वाहन एवं वाहन चालक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। 

इस कार्य में यदि त्रुटि पाई जाती है तो जननी एक्सप्रेस संचालक को जिम्मेदार मानते हुए सख्त कार्यवाही की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने एक प्रकरण में वाहन चालक की लापरवाही सिद्ध होने पर जननी एक्सप्रेस के संचालक पर अर्थदंड किया है। जननी संचालक से एक लाख रुपए की मुआवजा राशि का भुगतान भी दिवंगत महिला के परिवार को करवाया गया है। रीवा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दामोरा में विगत वर्ष उपचार के लिए आई गर्भवती महिला को गंभीर दशा में संजय गाँधी चिकित्सालय रेफर किया गया था। जननी एक्सप्रेस पर वाहन चालक उपलब्ध न होने के कारण महिला को चिकित्सालय नहीं पहुँचाया जा सका और उसकी मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए इससे शिक्षा लेने और भविष्य में सभी स्थान पर आवश्यक सतर्कता और जिम्मेदारी से कर्त्तव्य निर्वहन के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने की घोषणा : प्रदेश के सभी जिलों में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू
रायपुर, 02 जुलाई 2014 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सभी 27 जिलों में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने की घोषणा की है। उनके निर्देश पर कृषि विभाग ने यहां मंत्रालय से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने आज यहां बताया कि यह योजना चालू खरीफ मौसम में धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग तथा उड़द फसल के लिए लागू की गयी है। डॉ. रमन सिंह ने कृषि विभाग सहित सभी एजेंसियों को इस योजना का क्रियान्वयन गंभीरता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार द्वारा अधिकृत कृषि बीमा कम्पनियों के माध्यम से किया जाएगा। 

योजना के तहत प्रीमियम अनुदान का भुगतान वित्तीय वर्ष 2014-15 में प्रावधानित राशि से कृषि विभाग द्वारा किया जाएगा। भारत सरकार कृषि मंत्रालय, कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा समय-समय पर जारी प्रशासकीय निर्देशों तथा ऑपरेशनल गाईड लाईन के अनुसार ही यह योजना लागू की गयी है। कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के किसानों से योजना का लाभ लेने की अपील की है। श्री अग्रवाल ने कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को सभी जिलों में इस महत्वपूर्ण योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। योजना के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार खरीफ मौसम 2014 के लिए योजना की गाइड लाईन के प्रावधानों के अनुसार छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए फसल बीमा कम्पनियों का चयन कर लिया गया है। संबंधित बीमा कम्पनियों द्वारा उन्हें आवंटित जिलों में इस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।

आई.सी.आई.सी. लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेस कम्पनी लिमिटेड को रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, महासमुन्द, कबीरधाम , सरगुजा, कृषि बीमा कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को दुर्ग, बालोद, मुंगेली, जांजगीर-चाम्पा, उत्तर बस्तर (कांकेर), बजाज एलायन्स जनरल इंश्योरेस कम्पनी लिमिटेड को धमतरी, बेमेतरा, राजनंादगांव, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा कोरिया जिला आवंटित किया गया है। इसी प्रकार चोलामण्लम एम.एस जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को जशपुर, सूरजपुर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), सुकमा, यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को बलरामपुर-रामानुजगंज, जगदलपुर, नारायणपुर, फ्यूचर जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को कोण्डागांव तथा एच.डी.एफ.सी. ईरगो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को बीजापुर जिला आवंटित किया गया है। 

राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से परसो तीस जून को जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना अधिसूचित फसल व अधिसूचित क्षेत्र के ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य तथा अऋणी किसानों के लिए ऐच्छिक होगी। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा फसल बीमा कम्पनियों से प्राप्त उत्पादों तथा मौसम विज्ञान केन्द्र के औसत (सामान्य) वर्षा के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद फसलवार तथा जिलेवार कुल बीमा राशि, प्रीमियम दर तथा प्रीमियम राशि का निर्धारण किया गया है। यह समिति राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति द्वारा संचालक कृषि के अधीन गठित की गयी है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रीमियम राशि का पचास प्रतिशत हिस्सा किसानों को देना होगा। शेष पचास प्रतिशत प्रीमियम का 25-25 प्रतिशत भाग केन्द्र और राज्य शासन की ओर से दिया जाएगा। अधिसूचित फसल बीमा कम्पनियों को टर्मशीट को मान्य करने की बाध्यता होगी तथा दावे की गणना इसी आधार पर की जाएगी। फसल बीमा कम्पनियों को आवंटित जिलों के सभी क्षेत्रांे में मौसम आधारित फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी बीमा कम्पनी द्वारा उन्हें आवंटित जिलों में से किसी जिले में इस योजना का क्रियान्वयन नहीं किया जाता है, तो उस कम्पनी को इस योजना के लिए ब्लेकलिस्ट किया जाएगा।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि रेगहा और अधिया (बटाईदार) में खेती करने वाले किसान भी इस बीमा योजना का लाभ ले सकेंगे। बीमा विपणन के कार्यों, गैर ऋणी तथा ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने की तिथियां निर्धारित कर दी गयी है। ऋणी किसानों के लिए ऋण स्वीकृत होने पर बीमा की अवधि एक अप्रैल से 15 जुलाई 2014 होगी। गैर ऋणी किसानों से बीमा प्रस्ताव प्राप्त होने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2014 निर्धारित की गयी है। ऋण स्वीकृत करने वाले बैंक शाखाओं से नोडल बैंक को किसानों से (ऋणी अनिवार्य तथा गैर ऋणी स्वैच्छिक आधार पर) घोषणा पत्र प्राप्त होने की अंतिम तिथि 21 जुलाई रखी गई है। 17 जुलाई तक गैर ऋणी किसानों से प्राप्त घोषणा पत्र बीमा कम्पनियों को उनके अधिकृत बीमा एजेंटों द्वारा भेजा जाएगा। ऋणी (अनिवार्य) तथा गैर ऋणी (स्वैच्छिक) किसानों के घोषणा पत्र नोडल बैंक से बीमा कम्पनियों को प्राप्त करने के लिए 15 अगस्त तक का समय रहेगा। बीमा दावों का भुगतान (मौसम के आंकड़े प्राप्त होने की स्थिति मेें) जोखिम अवधि समाप्त होने के 45 दिन के अन्दर किया जाएगा।

मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से शिष्टाचार भेंट
जयपुर, 2 जुलाई। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि वे अन्तर्राज्यीय जल विवादों का अतिशीघ्र निपटारा करवाने में सहयोग करे, ताकि राजस्थान जैसे रेगिस्तान प्रधान प्रदेश को सिंचाई एवं पेयजल सुविधा का अधिकाधिक लाभ मिल सके। श्रीमती राजे ने बुधवार को नई दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा पुनरूद्वार मंत्री सुश्री उमा भारती से भेंट कर यह आग्रह किया। उन्होंने त्वरित सिंचाई लाभांवित परियोजना (ए.आई.बी.पी.) के लिए राजस्थान को विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया।

इस भेंट के दौरान श्रीमती राजे ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री का ध्यान पंजाब में सतलुज नदी में व्याप्त भयंकर प्रदूषण की ओर दिलवाते हुए बताया कि सतलुज में प्रदूषण के दुष्प्रभाव की वजह से राजस्थान में फसलों की भारी बर्बादी हो रही है। साथ ही लोग चर्म रोग एवं केंसर जैसे भयावह रोग से ग्रहित हो रहे हैं। उन्होंने इन चितांजनक हालातों को तत्काल प्रभाव से काबू में लाने और सतलुज में प्रदूषण रोकने के लिए केंद्र से पंजाब सरकार को समुचित निर्देश जारी करने का आग्रह किया ।

राजस्थान को पानी के मामले में कोई दिक्कत नहीं आने दी जायेगी : सुश्री उमा भारती मुलाकात के बाद केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि जल की दृष्टि से राजस्थान वंचित राज्य में से एक है। उन्होंने बताया कि राजस्थान को पानी के लिए केन्द्र की और से कोई दिक्कत नहीं आने दी जायेगी।

SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment