ऐसी हिम्मत सरकार में दिखाई होती तो ये हालात ही न होती

व्ही.एस.भुल्ले। देश के एक निर्भीक पत्रकार ही नहीं पत्रकारिता जैसे पुण्य कार्य को करते वक्त किसी पत्रकार की आड़ में कुछ नेताओं द्वारा सरक...

व्ही.एस.भुल्ले। देश के एक निर्भीक पत्रकार ही नहीं पत्रकारिता जैसे पुण्य कार्य को करते वक्त किसी पत्रकार की आड़ में कुछ नेताओं द्वारा सरकार पर निशाना साधना कहां तक उचित है जिन्होंने लेाकतंत्र को निस्तानाबूत होते देखते हुये सरकारों में रहने के बावजूद ऐसी हि मत नहीं दिखाई जो देश के दोनों सर्वोच्च सदनों में देखने मिली।

काश सवाल खड़े करने वाले उन लोगों ने यह हि मत सरकार में रहते दिखाई होती तो विपक्ष के नेता पद के लिये संघर्ष करते करते आज उन्हें मजबूरन विपक्ष के पद का मोह नहीं त्यागना पढ़ता।

लेाकतंत्र में हार जीत पक्ष,विपक्ष समय के साथ बदलते रहते है। मगर 10 साल तक केन्द्र में सरकार में रहने के बावजूद सत्ता से अपनी गलतियों या अन्तरद्वन्ध के चलते अलग हुई कॉग्रेस इस कदर धैर्य खो ऊल जुलूल कार्य करेगी। कि केन्द्र सरकार बने महिने दो महिने भी न हुये और धरने प्रदर्शन और पुतले फूंक, व्यानबाजी बेमतलब के मुद्दों पर शुरु हो गई।
विरोधी दल होने के नाते सरकार का विरोध तो उचित था मगर अब तो लेाकतंत्र के चौथे स्त भ की निष्ठा पर ग भीर सवाल खड़े कर भाई लेागों ने दोनो सदनो में हुड़दंग काट डाली तो कुछ ने उनकी आड़ मेंसरकार पर निशाना साधते हुये कार्यवाही की मांग कर डाली।

देखा जाये तो जिस कार्य को लेकर 10 वर्ष सरकार में रहे लेागों को शर्मिदा होना था सुरक्षा एजेन्सियों पर सवाल खड़ा करना था। वहां अपनी नाकामी छिपाने किसी देश भक्त पत्रकार पर उंगली उठाना देश के प्रति ही नहीं उस दल के प्रति महापाप है जिसने इन्हें सदनों में बोलने और सरकार में सत्ता भोंगने लायक बनाया।

यह कार्य तो देवताओं एवं स्वयं भगवानों के समय में भी नहीं हुआ जो आज राजनीति ने कर दिखाया। प्रभु नारद भी देव लेाक, व राक्षसों के बीच जाते थे और मानवीयता और धर्म की रक्षा हेतु समाचार सही जगह तक पहुंचाते थे। तब न तो राक्षसो ने कभी नारद जी का अनादर किया न ही देवी,देवताओं ने कभी नारंद जी के स मान में ऐसा कुछ कहां जो असंस्कार पूर्ण रहा हो।

मगर अपने कर्तव्यों से विमुख रहे लेागों को क्या अधिकार जिन्हें सत्ता और सवैधानिक सरंक्षण रहा मगर वह उस अंतिकी की हवा तक नहीं देख पाये जिससे एक पत्रकार सिद्धान्त: मुलाकात कर लौट आया और राष्ट्र को भी अवगत करा बता दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है? स्वार्थ नहीं।
मगर देश के सबसे महान दल के जो हालात फिलहाल है वह किसी तावूत में अन्तिम कील ठोकने से कम नहीं।

संसद में राजस्थान रेल बजट पर चर्चा दिल्ली-जयपुर के मध्य बुलेट ट्रेन और टोंक को रेलमार्ग से जोडऩे की त्वरित कार्यवाही की जाए
जयपुर, 15 जुलाई। टोंक-सवाई माधोपुर के सांसद श्री सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने केंद्रीय रेल बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए लोकसभा में मांग की कि दिल्ली से जयपुर वाया सवाई माधोपुर बुलेट ट्रेन चलाने पर गंभीरता से विचार किया जाए। साथ ही टोंक जिला मु यालय को रेल से जोडऩे के लिए त्वरित कार्यवाही अमल में लाई जाए। श्री जौनपुरिया ने सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन पर फूड कोर्ट की स्थापना करने की मांग करते हुए बताया कि इसके अभाव में हजारों की सं या में रणथ भौर बाघ अ यारण्य फोर्ट एवं गणेश मंदिर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को काफी असुविधा होती है। सांसद ने बताया कि सवाईमाधोपुर में प्रकाश टाकिज से वन विभाग कार्यालय तक अन्डर पास बनना बहुत जरूरी है, क्योकि आधा-आधा क्षेत्र रोड़ के दोनों तरफ पड़ता है यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो लोगों को करीब दो से तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। जन भावनाओं को देखते हुए इस मांग को तुरन्त पूरा किया जाए। इसी प्रकार सवाईमाधोपुर में खेरदां रेलवे फाटक खुलवाने की अनुमति भी दी जाये और ब्रह्मपुरी कॉलोनी के चारों तरफ रेलवे विभाग द्वारा लोहे के ऐंगल की फेन्सिंग कर रखी है, उसमें से सिर्फ मोटरसाईकिल ही निकल सकती है। अगर कॉलोनी में कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो वहां ए बुलेन्स व फायर-बिग्रेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकती इसलिए जनता की परेशानियों को देखते इस समस्या का हल निकाला जाये।
उन्होंने इंदौर से जयपुर चलने वाली सुपर फास्ट ट्रेन को प्रतिदिन चलाने एवं जबलपुर से अजमेर के मध्य चलने वाली दमोदया एक्सप्रेस का इसरदा रेलवे स्टेशन पर ठहराव को स्वीकृति प्रदान कराने का आग्रह भी किया।
श्री जौनपुरिया ने बताया कि केंद्र की पिछली सरकार ने देवली-टोंक-सकेतपुरा रेलवे लाईन का एक सर्वे कराया था। यह सर्वे बजट की किताब (अनुदान मांग) में सिर्फ 62 किलोमीटर दर्शाया हुआ है, जबकि हकीकत में इसकी ल बाई करीब 150 किनलोमीटर है। उन्होंने देवली टोंक सकेतपुरा की रेल लाईन का कार्य जल्द से जल्द मंजूर करके इसे शुरू कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि करीब सत्रह वर्ष पहले दौसा से गंगापुर सिटी रेलवे लाईन का कार्य शुरू हुआ था उस समय उसका बजट 208 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 410 करोड़ रुपये हो गया है। यह कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है इस कार्य को गति देकर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही यह भी बताया कि गंगापुर सिटी मै रेलवे विभाग की करीब 200 एकड़ जमीन है। आज से करीब 20 साल पहले यहां पर 126 स्टीम इंजन संचालित किये जाते थे जिसमें करीब 8000 कर्मचारी कार्य करते थे और लगभग 1000 से 1500 स्टाफ क्वार्टर बने हुए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि पिछली सरकार ने रेल वर्कशॉप भीलवाड़ा में मंजूर किया था। इस रेल वर्कशॉप को गंगापुर में बताया जाए या और कोई नई स्कीम दी जाए ताकि रेलवे की इस भूमि एवं बिल्डिंग का सदुपयोग हो सके। सांसद ने आग्रह किया कि हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर मेवाड़ एक्सप्रेस का गंगापुर सिटी स्टेशन पर अस्थाई ठहराव को स्थाई ठहराव में परिवर्तित करने की स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि टोंक जिले के निवाई में वनस्थली विद्यापीठ देश का वि यात विश्वविद्यालय है जिसमें देश के हर कोने से लगभग 12000 छात्राएं पढ़ रही हैं। टोंक जिले के वनस्थली-निवाई स्टेशन एक मात्र स्टेशन है, उन्होंने आग्रह किया कि यहां से गुजरने वाली चौदह सुपर फॉस्ट एवं एक्सप्रेस ट्रेनों 12956 जयपुर से मु बई, 12955 मु बई से जयपुर, 12980 जयपुर से बांद्रा, 12979 बांद्रा से जयपुर, 12974 जयपुर से इंदौर, 12973 इंदौर से जयपुर, 12968 जयपुर से चैन्नई, 12967 चैन्नई से जयपुर, 12969 जयपुर से कोय बटूर, 12970 काय बटूर से जयपुर, 12977 जयपुर से अर्णाकूलम, 12978 अर्णाकूलम से जयपुर, 12976 जयपुर से बैंगलोर, 12975 बैंगलोर से जयपुर केे ठहराव की स्वीकृति प्रदान की जाए। श्री जौनपुरिया ने बताया कि टोंक जिले में वनस्थली निवाई रेलवे स्टेशन पर ओवर ब्रिज का शिलान्यास करीब दस वर्ष पहले हुआ था, लेकिन अभी तक उसका निर्माण नहीं हो पाया है जिसके कारण यात्रियों को काफी असुविधा व जोखिम का सामना करना पड़ रहा है, अत: इसका निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाना चाहिए।

मानसून सक्रिय पर वर्षा ५४ प्रतिशत कम
भोपाल : मंगलवार, जुलाई १५, २०१४,देर से ही सही पर मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया है। प्रदेश में अब तक ११९.८ मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है जो इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा २६०.३ मिलीमीटर से ५४ प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में १५ जुलाई, २०१४ तक १५६.३ मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत वर्षा २९६.३ मिलीमीटर से ४७ प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सबसे अधिक २६५.२ मिलीमीटर वर्षा मण्डला जिले में हुई है। यह वर्षा भी इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा से २८ प्रतिशत कम है। यहाँ सिंगरौली में सबसे कम ८९ मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से ६१ प्रतिशत कम है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में वर्षा की स्थिति अपेक्षाकृत अच्छी नहीं है। यहाँ रतलाम जिले में अवधि की सामान्य औसत वर्षा से ९४ प्रतिशत कम मात्र १४.१ मिलीमीटर ही वर्षा हुई है। इसी तरह अलीराजपुर में अब तक अवधि की सामान्य वर्षा से ८६ प्रतिशत, भिण्ड में ८२, ग्वालियर में ८१, झाबुआ में ८३, इंदौर में ८१ और मंदसौर में ९१ प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में अब तक कुल ९१.२ मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो अवधि की सामान्य वर्षा २३२.२ मिलीमीटर से ६१ प्रतिशत कम है।

मानसून की सक्रियता से बारिश की स्थिति में हुआ सुधार
प्रदेश में कल तक १९६ मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज
रायपुर, १५ जुलाई २०१४ पिछले चार-पांच दिनों से प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण बारिश की स्थिति सुधरी है। इस बारिश के कारण खेती-किसानी के काम में तेजी आयी है। कृषि विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया कि एक जून से कल १४ जुलाई तक की स्थिति में प्रदेश में १९६ मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ४०८ मिलीमीटर औसत वर्षा हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में अभी तक कोरिया जिले में सबसे अधिक २६१ मिली मीटर बरसात हुई है। सरगुजा जिले में १३०.३ मिली मीटर, सूरजपुर में जिले में २०६.६ मिली मीटर, बलरामपुर जिले में १४० मिली मीटर, जशपुर जिले में १६३.८ मिली मीटर, रायगढ़ जिले में २०३.८ मिली मीटर, जांजगीर-चाम्पा जिले में १९८.४ मिली मीटर, कोरबा जिले में १६५.५ मिली मीटर, बिलासपुर जिले में २३१.१ मिली मीटर, मुंगेली जिले में २३९.४ मिली मीटर, महासमुंद जिले में १६४.६ मिली मीटर, रायपुर जिले में १९८.७ मिली मीटर, बलौदाबाजार जिले में २३४.४ मिली मीटर, गरियाबंद जिले में १८५.४ मिली मीटर, कबीरधाम जिले में २१९.१ मिली मीटर, राजनांदगांव जिले में २३४.५ मिली मीटर, दुर्ग जिले में १९०.७ मिली मीटर, बेमेतरा जिले में २४३ मिली मीटर, बालोद जिले में १६८.५ मिली मीटर, धमतरी जिले में १२५ मिली मीटर, कांकेर जिले में १६२.२ मिली मीटर, जगदलपुर जिले में २२९.९ मिली मीटर, कोण्डागांव जिले में १६३.१ मिली मीटर, नारायणपुर जिले में १९२ मिली मीटर, दंतेवाड़ा जिले में १९७.३ मिली मीटर, सुकमा जिले में २४०.८ मिली मीटर तथा बीजापुर जिले में २१७.८ मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। 

COMMENTS

Name

तीरंदाज,328,व्ही.एस.भुल्ले,523,
ltr
item
Village Times: ऐसी हिम्मत सरकार में दिखाई होती तो ये हालात ही न होती
ऐसी हिम्मत सरकार में दिखाई होती तो ये हालात ही न होती
http://3.bp.blogspot.com/-MDwVZkkvVP0/U8V5Kqi-u7I/AAAAAAAA4yk/SWmp2vAkgn8/s1600/dr.vaid_prakash_vaidik.jpg
http://3.bp.blogspot.com/-MDwVZkkvVP0/U8V5Kqi-u7I/AAAAAAAA4yk/SWmp2vAkgn8/s72-c/dr.vaid_prakash_vaidik.jpg
Village Times
http://www.villagetimes.co.in/2014/07/blog-post_15.html
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/2014/07/blog-post_15.html
true
5684182741282473279
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy