ईमानदार राजनीति की कद्र नहीं करते मतदाता: रघु ठाकुर

शिवपुरी। आज यदि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी कहीं पिछड़ रही है तो इसके लिए वह मतदाता अधिक जि मेदार है जो ईमानदार राजनीति की कद्र नहीं करते, देश में कितनी सरकारें आई और गई लेकिन हमने अपना सिद्धांत कभी नहीं बदला,
हम शुरू से ही ईमानदार पर चले है हमें जातिवाद, साम्राज्यवाद और ना ही परिवारवाद में विश्वास है रही बात कोर्पोरेट घरानों की तो उनसे हमारा दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है उक्त बात कही लोकतांत्रिक समाजवदी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघु ठाकुर ने जो स्थानीय सर्किट हाउस शिवपुरी पर संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पार्टी के महासिचव भाई वीरेन्द्र शर्मा, जिलाध्यक्ष संजीव पुरोहित, नगर अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा, मणिकांत शर्मा, एकता परिषद के नेता रामप्रकाश शर्मा आदि सहित अन्य लोसपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

व्यापमं घोटाले को लेकर मांगा शिवराज का इस्तीफा
अपनी बेबाक आवाज को बुलंद करते हुए लोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघु ठाकुर ने कहा कि केन्द्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तो उनकी मांग थी कि व्यापमं घोटाले की जांच न तो एसटीएफ और न ही सीबीआई से कराई जाए, बल्कि इसके स्थान पर न्यायिक जांच आयोग गठित कर जांच कराई जाए। लेकिन अब तो केन्द्र में भी भाजपा सरकार है। इसके बाद भी मु यमंत्री सीबीआई जांच से हिचक रहे हैं। इसका अर्थ यह है कि उन्हें केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा नहीं है। श्री ठाकुर ने मांग की कि जांच सीबीआई से कराई जाए और जांच पूरी होने तक मु यमंत्री इस्तीफा दें तथा निर्दोष साबित होने पर पुन: मु यमंत्री पद की कमान संभालें। रघु ठाकुर ने एसटीएफ की जांच पर उगुंली उठाते हुए कहा कि मु यमंत्री के पूर्व सचिव प्रेमप्रसाद की अग्रिम जमानत की अर्जी का एसटीएफ ने विरोध नहीं किया। यह भी सवाल है कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद मु यमंत्री ने डीजीपी और एसटीएफ के चीफ को बुलाकर उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी। ऐसी स्थिति में एसटीएफ कैसे निष्पक्ष जांच कर सकता है?

एफडीआई में 49 प्रतिशत निवेश मोदी सरकार का असली चेहरा उजागर
श्री ठाकुर ने मोदी सरकार की चर्चा करते हुए कहा कि अभी उन्हें सत्ता में आए एक महीने से कुछ अधिक ही समय हुआ है। इसलिए अभी उनका मूल्यांकन नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं और बजट से मोदी सरकार का असली चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि बीमा और रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में 49 प्रतिशत एफडीआई को वह किसी भी दृष्टि से उचित नहीं मानते। रक्षा में एफडीआई लाने से सेना की गुप्त रणनीतियों की भनक भी विदेशी कंपनियों को मिलेगी। वित्त मंत्री जेटली ने 100 स्मार्ट शहरों के लिए 7070 करोड़ का प्रावधान किया है जबकि ग्रामीण विकास के लिए मात्र 100 करोड़ रूपये की राशि रखी गई है। बजट में महंगाई पर रोकथाम के लिए भी कोई उपाय नहीं सुझाएं गए हैं।

राज्यसभा से ट्राई बिल पास कराना मोदी सरकार की पहली परीक्षा!
रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र की नियुक्ति को कानूनन सही ठहराने के लिए कल लोकसभा में ट्राई संशोधन विधेयक पेश किया गया. इस बिल को पेश करते सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर ने कहा कि ट्राई के नियमों और कानूनों में बदलाव करने का सरकार को पूरा हक है, इसलिए वे सरकार की तरफ से इस विधेयक को पेश कर रहे हैं.

जब उन्होंने इस बिल को पेश किया, तो विपक्ष ने इस बिल का काफी विरोध किया. गौरतलब है कि सरकार ने नृपेंद्र मिश्र की नियुक्ति अध्यादेश के जरिये की थी, जिसके बाद विपक्ष ने इसका काफी विरोध किया था. लेकिन सरकार नृपेंद्र मिश्र की नियुक्ति को लेकर कृपसंकल्पि है, इसलिए वह ट्राई संशोधन बिल को संसद से पास कराकर ही रहेगी.

राज्यसभा से बिल पास कराने में सरकार को करनी होगी मशक्कत
लोकसभा में मोदी सरकार बहुमत में है, इसलिए ट्राई संशोधन बिल तो यहां से आसानी से पास हो जायेगा. लेकिन ट्राई संशोधन बिल को राज्यसभा से पास कराने में सरकार को मेहनत करनी पड़ेगी. राज्यसभा में सरकार को बहुमत नहीं है. राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या है २४५, जिनमें से एनडीए ५८, यूपीए ८० और अन्य पार्टियों के सांसदों की संख्या ८६ है.

इस स्थिति में सरकार ट्राई संशोधनबिल पास कराने के लिए अन्य पार्टियों के सांसदों को विश्वास में लेना होगा. एआईडीएमके के ११, डीएमके के ४ , बीजू जनता दल के सात सहित राष्ट्रीय लोकदल के सांसदों को सरकार अगर मैनेज कर लेती है, तो उसे बिल को राज्यसभा से पास कराने में कोई परेशानी नहीं. मनोनीत सांसद भी १० है, साथ ही खाली दो सीट भी सरकार के लिए वरदान बन सकते हैं. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि मोदी सरकार की यह पहली परीक्षा है, जिसमें उन्हें पास होना होगी?

छत्तीसगढ़ में १८.२५ लाख तक पहुंची क्रेडिट कार्ड धारक किसान परिवारों की संख्या
रायपुर, १२ जुलाई २०१४ खेती के लिए खाद, बीज और नगद राशि के रूप में किसानों को ऋण सुविधा आसानी से मिल सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की ओर से उन्हें क्रेडिट कार्ड दिए जा रहे हैं। राज्य में किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसान परिवारों की संख्या १८ लाख २५ हजार तक पहुंच गई है। इनमें से दो लाख २२ हजार किसानों को पिछले वित्तीय वर्ष २०१३-१४ में क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के सभी किसानों से क्रेडिट कार्ड योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने और समितियों में आकर क्रेडिट कार्ड बनवाने की अपील की है।

राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) मुख्यालय के अधिकारियों ने आज बताया कि क्रेडिट कार्ड के आधार पर किसानों को प्रदेश की एक हजार ३३३ प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खेती के लिए ऋण सुविधा मिल सकती है। अपेक्स बैंक से सम्बद्ध सात जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के अंतर्गत इन समितियों से किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष २०१३-१४ में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के अंतर्गत शामिल पांच जिलों रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुन्द और धमतरी में ५० हजार ४९१, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग में शामिल तीन जिलों दुर्ग, बालोद और बेमेतरा में २३ हजार ७४१, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव में शामिल दो जिलों कबीरधाम और राजनांदगांव में ४१ हजार ९१८, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक जगदलपुर में शामिल सात जिलों - बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में ६३ हजार ६६७, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर में शामिल पंडरिया शाखा को मिलाकर बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों में २७ हजार ८८७, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अम्बिकापुर में शामिल चार जिलों - सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर और कोरिया में चार हजार ४२५ तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायगढ़ में शामिल जशपुर और रायगढ़ जिलों में नौ हजार ७२५ किसान परिवारों को क्रेडिट कार्ड दिए जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन्हें मिलाकर अब किसान क्रेडिट कार्ड धारक परिवारों की संख्या जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के जिलों में पांच लाख १४ हजार ४९४, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के जिलों में दो लाख ९७ हजार २४२, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव के जिलों में दो लाख ९२ हजार २९७, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर के जिलों में एक लाख ९६ हजार ०६४, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सरगुजा के जिलों में एक लाख ८३ हजार ६६३ और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायगढ़ के कार्यक्षेत्र में ६० हजार ५७५ हो गई है।

प्रदेश में 8 माह बाद 24 घंटे बिजली आपूर्ति की सुविधा मिलेगी- ऊर्जा मंत्री
जयपुर, 12 जुलाई। ऊर्जा मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश में आगामी आठ माह बाद 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की सुविधा मिलने लगेगी। ऊर्जा मंत्री शनिवार को लौहावट विधानसभा क्षेत्र में 4 करोड़ 22 लाख 67 हजार रुपये की लागत से पाटिया, कड़वा, उनावड़ा व जेरिया में बने चार 33 के वी विद्युत सब स्टेशन के उद्घाटन के अवसर पर विभिन्न समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फीडर सुधार व विद्युत छीजत सुधार के बाद प्रदेश में अगले आठ माह बाद 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी। उन्होंने कहा कि अन्य कई प्रदेशों के मुकाबले राजस्थान विद्युत के क्षेत्र में बेहतर स्थिति में है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विद्युत चोरी किसी भी स्तर पर सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। जहां पर ऐसा पाया जा रहा है वहंा स त कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि जी एस एस के निर्माण में विद्युत की गुणवता में सुधार आ रहा है और बेहतर बिजली मिलती है। छीजत में कमी आती है। उन्होंने कहा कि लौहावट में पहले मात्र 13 जी एस एस थे जबकि उनके विधायक काल में 87 जी एस एस बने है व 27 और स्वीकृत किए गए है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में लौहावट के विकास के और नये आयाम स्थापित होंगे। उनके विशेष प्रयासों से लौहावट विधानसभा क्षेत्र में 150 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि पुनासर, बापिणी, जाखण़ की सीमा पर 132 के वी का विद्युत सब स्टेशन स्वीकृत किया गया है। 220 के वी सब स्टेशन लोहावट में, 132 के वी जी एस एस भीकमकौर, शैतानसिंह नगर व ऊटवालिया में बनेगे। जहंा ट्यूबवेल की आवश्यकता होगी वहंा ट्यूबवेल खुदवाये जाएंगे।

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