खराब मानसून से पांच साल में पहली बार देश में सूखे का मंडराता खतरा

नई दिल्ली: देश में कमजोर मॉनसून चिंता का विषय है। हालात यह है कि देश के कई हिस्सों में अभी तक बारिश की एक बूंद भी नहीं पड़ी है। मौसम के जानकारों के मुताबिक कमजोर मानसून की वजह से पांच साल में पहली बार देश में सूखा पड़ सकता है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिक अब भी अगले हफ्ते अच्छी बारिश की संभावना जता रहे हैं लेकिन जो हालत बन रहे है वह देश में सूखे जैसी स्थिति के उपजने की है और अब तक की तस्वीर ठीक नहीं है। यानी पांच साल में पहली बार देश में सूखे की आशंका कमजोर मानसून की वजह से प्रबल होती चली जा रही है। ७ जुलाई तक ४३ प्रतिशत बरसात कम हुई है और बुवाई भी ४५ प्रतिशत कम हुई है जो एक गंभीर स्थिति का सूचक है। सूखे के कारण सिर्फ मौजूदा फसल ही नहीं बल्कि रबी की अगली फसल भी प्रभावित हो जाती है। 

सूखे की आशंका को देखते हुए सरकार ने कई त्वरित कदम उठाये हैं। देश में मौजूदा मानसून के मौसम में बारिश औसतन ९३ प्रतिशत होने की संभावना है जो सामान्य से कम है। जून से सितंबर के बीच देश में ९३ प्रतिशत बारिश होने का पूर्वानुमान है जिसमें ४ प्रतिशत की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। जून महीने में बारिश की कमी केरल में मानसून के देरी से दस्तक देने के कारण रही जो देश में धीरे धीरे बढ़ रहा है।

सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों को भी मिलेगी छात्रवृत्ति- मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान
भोपाल : शुक्रवार, जुलाई ११, २०१४, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज इंदौर में पूर्व शिक्षा मंत्री स्व.श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ की स्मृति में हिन्द रक्षक संगठन के पुण्योदय प्रकल्प कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में अब सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति दी जायेगी। बच्चों की शिक्षा में राज्य सरकार कोई कमी नहीं आने देगी। बच्चों को हर जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जायेगी, जिससे कि वे बेहतर अध्ययन कर अपने भविष्य को उज्जवल बना सकें। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि वे विकास की ऊँची उड़ान भरें।

मुख्यमंत्री ने हिन्द रक्षक संगठक की ओर से स्कूली बच्चों को कॉपियाँ वितरित की। जिले के प्रभारी तथा परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, महापौर श्री कृष्णमुरारी मोघे, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री विक्रम वर्मा, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, श्री रमेश मेंदोला, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री महेन्द्र हार्डिया तथा श्री राजेन्द्र वर्मा, पूर्व विधायक श्री जीतू जिराती, श्री मधु वर्मा तथा श्री सत्यनारायण सत्तन उपस्थित थे। श्री चौहान ने हिन्द रक्षक संगठन के प्रकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे जरूरतमंद बच्चों को अध्ययन में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि वे प्रदेश के श्रेष्ठ शिक्षा मंत्री रहे। उनके कार्यकाल में शिक्षा जगत को नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर एक बच्चे का उज्जवल एवं बेहतर भविष्य बनाने के लिये दृढ़-संकल्पित है। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें अवसर मिले तो वे हर मंजिल को आसानी से पा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्कूली बच्चों के लिये संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि बच्चे इन योजनाओं का लाभ लें।


योजना आयोग की ताजा सर्वे रिपोर्ट : राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को मिली शानदार कामयाबी
रायपुर, ११ जुलाई २०१४ राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ ने कामयाबी का एक और परचम लहराया है। मेन्यूफेक्चरिंग और कारोबार के लिए अनुकूल वातावरण देने के मामले में छत्तीसगढ़ इस समय देश के सभी राज्यों में पहले नम्बर पर आ गया है। नई दिल्ली से राज्य सरकार को आज यहां मिली चालू वर्ष २०१४ की सर्वे रिपोर्ट में योजना आयोग ने यह जानकारी दी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में वाणिज्य और उद्योग तथा वित्त विभाग की उद्योग-व्यापार हितैषी नीतियों के चलते नये राज्य को इस वर्ष यह शानदार कामयाबी मिली है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रदेश के उद्योग-व्यापार जगत को बधाई दी है। योजना आयोग की वर्ष २०१४ की सर्वे रिपोर्ट में देश के विभिन्न राज्यों द्वारा औद्योगिक विकास के लिए बनायी गयी नीतियों और क्रियान्वयन के आधार पर कारोबार के लिए नियामक वातावरण का आंकलन किया गया और उस आधार पर राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया। छत्तीसगढ़ को आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, केरल, मध्यप्रदेश, ओड़िशा, राजस्थान और तमिलनाडु के साथ सर्वश्रेष्ठ श्रेणी के नौ राज्यों में शामिल किया गया है। योजना आयोग ने इस आंकलन के लिए राज्यों के नियामक वातावरण की तुलना छह विभिन्न मापदण्डों पर की है। इनमें से तीन मापदण्डों- वित्त एवं करों के पालन, अधोसंरचना और उपयोगिता से संबंधित स्वीकृतियांे और पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियों में छत्तीसगढ़ की गिनती सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में की गयी है।

योजना आयोग की इस सर्वे रिपोर्ट के अुनसार आंकलन में वित्त और करों के अनुपालन में मूल्य संवर्धित टैक्स (वैट), उत्पादन एवं प्रवेश-कर तथा व्यावसायिक कर आदि के लिए पंजीयन और भुगतान में कारोबारी के अनुभव को आधार के रूप में लिया गया। आंकलन के लिए आधारभूत संरचना और उपयोगिता से संबंधित स्वीकृतियों में बिजली, पानी और नाली-निकासी आदि के नये कनेक्शन तथा फायर लायसेंस को लिया गया। आंकलन के अनुसार व्यावसायियों के अनुभवों के दृष्टि से राज्य मैन्यूफेक्चरिंग उद्योग तथा कारोबार से जुड़े क्षेत्रों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।

अपना गांव अपना काम योजना होगी शुरू
जयपुर, 11 जुलाई। राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं रोजगार सृजन तथा सामुदायिक परिस पत्तियों के निर्माण रख-रखाव में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपना गांव अपना काम योजना वर्ष 2014-15 से लागू की जा रही है। योजनान्तर्गत विकास कार्यों का जन समुदाय की आवश्यकता के अनुसार कार्य कराये जायेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री श्रीमत पाण्डे ने अपना गांव अपना काम योजना के दिशा निर्देश जारी करते हुए बताया कि योजना का मु य उद्देश्य गांंव के विकास के लिए आवश्यक सामुदायिक परिस पतियों का निर्माण, रोजगार के अतिरिक्त अवसरों का सृजन, स्थानीय समुदाय के स्वाल बन एवं आत्म निर्भरता को प्रोत्साहन, सामुदायिक परिस पत्तियों के निर्माण के रख रखाव में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहन तथा ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों के जीवन स्तर में सुधार करना होगा उन्होंने बताया कि यह योजना राज्य वित्त पोर्षित योजना है, यह केवल राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ही लागू होगी। योजना के तहत नवीन कार्य स्वीकृत किये जायेंगे। विशेष परिस्थितियों में अन्य योजनान्तर्गत निर्माणाधीन अपूर्ण कार्यों को इस योजना में स िमलित किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अपना गांव अपना काम योजना में जन सहयोग से सामुदायिक परिस पत्तियों के सृजन हेतु 30 प्रतिशत, सृजित परिस पत्तियों पर दानदाताओं के नाम अंकित करने की स्थिति में 51 प्रतिशत तथा श्मशान, कब्रिस्तान की चार दीवारी मय सुविधाओं, वृक्षारोपण, टीन शैड, चबूतरा आदि निर्माण के लिए 10 प्रतिशत राशि जनसहयोग से ली जायेगी। अनुसूचित जाति जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में मापदण्डों के अनुसार 20 प्रतिशत राशि जनसहयोग से लेने के पश्चात् शेष राशि राज्य मद से उपलब्ध कराई जाएगी। श्री पाण्डे ने बताया कि जनसहयोग की राशि का वहन स्थानीय समुदाय, सामाजिक संगठन, गैर सरकारी संस्था, ट्रस्ट, पंजीकृत संस्था, व्यक्तिगत दानदाता द्वारा किया जा सकेगा। जन सहयोग की राशि पंचायत समिति या जिला परिषद में नकद व डिमाण्ड ड्राफ से जमा कराई जा सकेगी।

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