गंगोत्री में आस्था पर भारी मौसम, बाबा रामदेव समेत 400 यात्री फंसे

देहरादून। घाटी में ब‍िगड़ रहे मौसमी हालात अब बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। उत्‍तराखंड में ज्‍यादातर रास्‍तों को बंद कर दिया गया है। खबर है कि योगगुरु बाबा रामदेव लगभग 400 लोगों के साथ गंगोत्री में फंस गए हैं। उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते आज भी चारधाम यात्रा रुकी हुई है। राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के बाद सैकड़ों यात्री फंस चुके हैं।

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 10 जगह से टूट गया है। यहां कई गांवों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया है। चारधाम यात्रा की राह में मुश्किलें खड़ीं हो रही हैं जिसकी वजह से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रोक दी गई है। विजयनगर के पास लैंड स्लाइड होने के बाद नेशनल हाइवे को बंद कर दिया गया है। रास्ता साफ करने का काम तेजी से किया जा रहा है।

खराब मौसम की आशंका के चलते चारधाम यात्रा फिलहाल रोकनी पड़ी है। मौसम विभाग ने राज्य के ऊपरी इलाकों में अगले 18 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। साथ ही हाईअलर्ट जारी कर लोगों को जल्द सुरक्ष‍ित स्थान पर ले जाने की कवायद शुरु हो गई है। शासन-प्रशासन ने भी हाईएलर्ट के चलते सुविधाएं मुहैया करवाने का भरोसा दिया है।

प्रदेश को अच्छी वर्षा की दरकार
भोपाल : बुधवार, जुलाई 16, 2014, प्रदेश में अब तक मात्र 143.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा 270.5 मिलीमीटर से 47 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 16 जुलाई, 2014 तक सामान्य औसत वर्षा से 44 प्रतिशत कम मात्र 172 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसी तरह पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से 49 प्रतिशत कम यानी 122 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
आज पश्चिमी मध्यप्रदेश में अपेक्षाकृत अच्छी वर्षा हुई। इंदौर में 40.4 मिलीमीटर, हरदा 53.4, ग्वालियर 40.5, बुरहानपुर 46.1, बैतूल 69, सीहोर 52, उज्जैन 51.9, शाजापुर में 40.4, रतलाम में 31.5 और अशोकनगर में 43 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

खरीफ मौसम 2014 : छत्तीसगढ़ में 23.41 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की हुई बोआई
रायपुर, 16 जुलाई 2014 छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों से हो रही मानसूनी बरसात से खरीफ फसल की बोआई में गति आई है। कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने यहां बताया कि बीते परसों तक की स्थिति में राज्य में लगभग 23 लाख 41 हजार 250 हेक्टेयर रकबे में अनाज सहित दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई हो चुकी है, जो विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 49 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में खरीफ मौसम में धान, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मुंगफली, तिल, सोयाबीन, रामतिल, सूरजमुखी, अरंडी, ज्वार आदि की फसल ली जाती है। श्री अग्रवाल ने बताया कि चालू खरीफ मौसम में लगभग 48 लाख 12 हजार हेक्टेयर में फसल बोने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि मंत्री ने बताया कि रायपुर जिले में एक लाख आठ हजार 80 हेक्टेयर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में एक लाख 81 हजार 470 हेक्टेयर, गरियाबंद जिले में 74 हजार 930 हेक्टेयर, महासमुन्द जिले में एक लाख 44 हजार 630 हेक्टेयर, धमतरी जिले में 18 हजार 500 हेक्टेयर, दुर्ग जिले में 99 हजार 380 हेक्टेयर, बालोद जिले में एक लाख छह हजार 480 हेक्टेयर, बेमेतरा जिले में एक लाख 73 हजार 480 हेक्टेयर, राजनांदगांव जिले में दो लाख 44 हजार 640 हेक्टेयर, कबीरधाम जिले में एक लाख 18 हजार 990 हेक्टेयर, बिलासपुर जिले में 95 हजार 890 हेक्टेयर, मुंगेली जिले में 75 हजार 920 हेक्टेयर, जांजगीर-चांपा जिले में एक लाख 84 हजार 870 हेक्टेयर, कोरबा जिले में 55 हजार 160 हेक्टेयर, रायगढ़ जिले में एक लाख 80 हजार 480 हेक्टेयर, सरगुजा जिले में 30 हजार 970 हेक्टेयर, सूरजपुर जिले में 23 हजार 770 हेक्टेयर, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 11 हजार 500 हेक्टेयर, जशपुर जिले में 97 हजार 150 हेक्टेयर, कोरिया जिले में 43 हजार 340 हेक्टेयर, जगदलपुर जिले में 70 हजार 400 हेक्टेयर, कोण्डागांव जिले में 59 हजार 890 हेक्टेयर, नारायणपुर जिले में 13 हजार 250 हेक्टेयर, दंतेवाड़ा जिले में 42 हजार 660 हेक्टेयर, सुकमा जिले में 39 हजार 810 हेक्टेयर, बीजापुर जिले में 11 हजार 200 हेक्टेयर तथा कांकेर जिले में 26 हजार 410 हेक्टेयर रकबे में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है।

राजस्थान सांसद प्रकोष्ठ की बैठक सांसदों के विषयवार समूहों का गठन और कार्यशालाओं का होगा आयोजन
जयपुर, 16 जुलाई। राजस्थान सांसद प्रकोष्ठ की बुधवार को नई दिल्ली के राजस्थान भवन में प्रकोष्ठ संयोजक सांसद श्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में स पन्न हुई बैठक में राजस्थान के विभिन्न जनहित एवं राज्यहित के मुद्दों को संसद में सामूहिक रूप से उठाने के लिए सांसदों के विषयवार समूहों का गठन करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही नवनिर्वाचित सांसदों के लिए दो वर्कशॉप (कार्यशाला) आयोजित करने पर भी सहमति हुई। बैठक में सांसदों ने राजस्थान विधानसभा में मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा पेश किए गये बजट का स्वागत करते हुए मु यमंत्री के विजन एवं उनकी प्रगतिशील एवं विकासोन्मुखी सोच की प्रशंसा की।
बैठक में प्रकोष्ठ के संयोजक श्री भूपेन्द्र यादव ने बताया कि कार्यशालाओं में संसदीय कार्यप्रणाली, प्रश्नोत्तर एवं अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी विषय विशेषज्ञों के द्वारा दिलवाई जायेगी। साथ ही संसदीय क्षेत्रों से समन्वय एवं संपर्क रखते हुए केन्द्र एवं राज्य स्तर से विकास स बन्धी विषयों को क्रियान्वित करने की प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी जायेगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि मु यमंत्री श्रीमती वसुंंधरा राजे की भावना के अनुरूप सभी सांसद एकजुट होकर राज्यहित के मुद्दों को संसद में उठाने के लिए सक्रियता से कार्य करेंगे और संसद सत्र के दौरान हर सप्ताह बैठक कर राज्य के लंबित विषयों एवं विकास के मुद्दों और प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें संसद में और उचित मंच पर उठायेंगे और केन्द्र एवं राज्य सरकार के साथ समन्वय एवं संपर्क रखते हुए उनका हल निकलवाने का हर संभव प्रयास करेंगे। नीतिगत मामलों में मु यमंत्री कार्यालय से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही की जायेगी। बैठक में सांसदों ने मानसून के देरी से प्रदेश में पेयजल, बिजली एवं सूखे की संभावित परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की तथा केन्द्र स्तर से प्रदेश को हर संभव मदद दिलवाने के लिए प्रयास करने पर बल दिया। साथ ही अन्तर्राज्यीय मामलों में रावी-व्यास के जल में प्रदेश के हिस्से का पानी और अन्य स बद्घ मामलों को भी उचित माध्यम से केन्द्र स्तर पर प्रभावी ढंग से रखे जाने पर सहमति व्यक्त की गई। बैठक में सांसद विकासनिधि का सदुपयोग किए जाने के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए जनहित के कार्यो को हाथ में लेने पर भी चर्चा हुई। बैठक में केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्री निहाल चंद, सांसद प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री भूपेन्द्र यादव, सांसद श्री अर्जुनराम मेघवाल, श्री नारायण लाल पंचारिया, श्री ओम बिरला, श्री रामनारायण डूडी, श्री रामचरण बोहरा, श्री देवजी पटेल, श्री राहुल कस्वां, श्री हरीश चंद्र मीना, श्री चन्द्र प्रकाश जोशी, श्री सुभाष बहेडिय़ा, श्री मानशंकर निनामा, श्री अर्जुन लाल मीणा, कर्नल सोनाराम, श्री बहादुर सिंह कोली, श्रीमती संतोष अहलावत, श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री सी.आर चौधरी, श्री सुमेधानन्द सरस्वती, श्री पी.पी. चौधरी, श्री हरिओम सिंह राठौड, श्री सुखबीर सिंह जौनपुरिया, डॉ. मनोज राजोरिया आदि मौजूद थे।

SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment