21 करोड़ है आबादी, नहीं रुक सकते सारे क्राइमः मुलायम सिंह यादव

यूपी की जनता बेहाल है. यहां कानून-व्यवस्था बदहाल है, पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का कहना है कि अखिलेश सरकार राज्य में होने वाले हर क्राइम पर अंकुश नहीं लगा सकती और न ही उनसे ऐसी उम्मीद की जाए.

मोहनलालगंज गैंगरेप के बारे में सवाल पूछे जाने पर मुलायम ने कहा, 'उत्तर प्रदेश की आबादी 21 करोड़ है. सूबे में हर अपराध को रोका नहीं जा सकता. अगर कोई घटना घटती है तो पुलिस क्रिमनल के खिलाफ कार्रवाई करती है.'

सपा मीडिया को ठहरा रही है जिम्मेदार
सपा के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल ने मीडिया पर क्राइम के मामलो की रिपोर्टिंग में उत्तर प्रदेश सरकार पर जानबूझकर सवाल उठाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, 'मीडिया को आजकल यूपी से कुछ ज्यादा ही प्यार हो गया है. सूबे में हुई किसी भी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. ऐसी घटनाएं दूसरे राज्यों में भी घट रही हैं. बेंगलुरू में कुछ दिनों पहले ऐसी ही घटना घटी पर कोई होहल्ला नहीं मचा.'
सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अपने राज्य में हो रही घटनाओं को लेकर बेखबर नजर आते हैं. भले ही उन्होंने लखनऊ गैंगरेप मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का फैसला किया है लेकिन उनके एक भी बयान मीडिया में नहीं आया है.

बेहतर राजस्व सुविधाओं के लिये तहसील मुख्यालयों का प्रभावी प्रबंधन करें
भोपाल : शनिवार, जुलाई 19, 2014,मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य शासन आम लोगों को बेहतर राजस्व प्रशासन और सुविधाएँ देने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से आग्रह किया कि वे तहसील मुख्यालयों का प्रभावी प्रशासनिक प्रबंधन करें जिससे आम लोगों को बेहतर राजस्व सेवाएँ और सुविधाएँ मिल सके। श्री चौहान आज यहाँ समन्वय भवन में मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर 'राजस्व प्रशासन के जनोन्मुखीकरण'' विषय पर कार्यशाला भी की गई।
मुख्यमंत्री ने संघ के ज्ञापन और राजस्व अधिकारी संवर्ग संबंधी उठाये गये मुद्दों पर चर्चा के लिये प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव को संघ के साथ चर्चा करने और सरकार को सुझाव देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने राजस्व अधिकारियों को प्रशासन की धुरी और राज्य सरकार का चेहरा बताते हुए कहा कि निचले स्तर पर राज्य सरकार के सभी महत्वपूर्ण कार्यों में राजस्व अमले का सराहनीय योगदान रहता है। उन्होंने उत्तराखंड त्रासदी में मध्यप्रदेश से भेजे गये राजस्व अधिकारियों के कार्यों और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरी दक्षता और कौशल के साथ पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार 2700 करोड़ की राहत राशि वितरित की गई। राजस्व अमले की सहायता के बगैर यह संभव नहीं होता।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश : आवेदकों के स्व-प्रमाणित दस्तावेज अनिवार्य रूप से स्वीकार किए जाएं: डॉ. रमन सिंह केन्द्र का फैसला छत्तीसगढ़ में भी लागू
रायपुर, 19 जुलाई, 2014 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार के सभी राजपत्रित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नौकरी और अन्य प्रयोजनों से आवेदकों द्वारा अपने आवेदन पत्रों के साथ संलग्न किए जाने वाले प्रमाण पत्रों और दस्तावेंजों की छायाप्रतियों में उनके स्वयं के प्रमाणीकरण को अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाए। उन्होंने आज यहां बताया कि आवेदन के समय राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र या फोटो मांगने की अनिवार्यता आवेदकों की सुविधा की दृष्टि से अब समाप्त कर दी गई है। अब उन्हें केवल साक्षात्कार अथवा चयन आदि के अंतिम चरण में मूल प्रमाण पत्र या मूल दस्तावेज सक्षम अधिकारी के सामने सत्यापन के लिए प्रस्तुत करना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित प्रदेश सरकार के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र के रूप में यह आदेश इस महीने की सोलह तारीख को जारी कर दिया है। डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि इस आदेश का गंभीरता से पालन किया जाए। यह नया प्रावधान केन्द्रीय कार्यालयों सहित राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में लागू हो गया है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग की बारहवीं रिपोर्ट में इस संबंध में की गई अनुशंसा को स्वीकार कर देश के करोड़ों नागरिकों और विशेष रूप से छात्र-छात्राओं तथा बेरोजगार आवेदकों को एक बड़ी राहत दी है। केन्द्र का निर्देश पूरे देश में सुशासन और जन-सुविधा की दिशा में एक नया संदेश लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए श्री मोदी को धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री ने आज यहां बताया कि इस संबंध में केन्द्र सरकार के निर्देशों को छत्तीसगढ़ सरकार ने भी स्वीकार कर लिया है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आम जनता और अन्य सरकारी सेवकों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए विभिन्न विभागों और कार्यालयों में आवेदन दिए जाते हैं। इन आवेदनों के साथ लगने वाले जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यताओं के प्रमाण पत्र, स्वयं के फोटो आदि को अब तक राजपत्रित अधिकारियों से सत्यापित करवाने का प्रावधान था, लेकिन आम नागरिकों, छात्र-छात्राओं और बेरोजगार आवेदकों की सुविधा की दृष्टि से इस प्रक्रिया का छत्तीसगढ़ सरकार ने भी सरलीकरण किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रमाण पत्रों, दस्तावेजों और फोटो आदि को संवैधानिक/विधि/नियमों के तहत विशेष रूप से राजपत्रित अधिकारियों द्वारा सत्यापित कराने की अनिवार्यता न होने पर अब ऐसे दस्तावेज आवेदक अथवा हितग्राही स्वयं सत्यापित कर आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे आवेदकों को सिर्फ अभिलेख अथवा प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए सरकारी दफ्तरों के अधिकारियों का चक्कर लगाने की समस्या से मुक्ति मिल गई है। अब आवेदक अथवा हितग्राही अपने आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले सभी आवश्यक दस्तावेजों की छायाप्रतियों को स्वयं सत्यापित कर आवेदन के साथ संबंधित दफ्तरों को भेज सकेंगे। बाद में साक्षात्कार अथवा सत्यापन के अंतिम चरण में आवेदक अपने मूल दस्तावेज सक्षम अधिकारियों के सामने सत्यापन के लिए प्रस्तुत कर सकेंगे। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने परिपत्र में कहा है कि इस निर्णय अनुपालन में सभी कार्यालयों में विभिन्न प्रयोजनों के लिए निर्धारित आवेदन पत्रों में उल्लेखित वर्तमान प्रावधानों संशोधित किया जाए और निर्देशांे का कड़ाई से पालन किया जाए।

सड़क तंत्र की मजबूती के साथ राजस्थान बनेगा मॉडल स्टेट 'श्रीÓ के साथ आगे बढ़ेगा राजस्थान-सार्वजनिक निर्माण मंत्री
जयपुर, 19 जुलाई। सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री यूनुस खान ने कहा है कि राज्य को न सिर्फ सड़कों के मामले में, बल्कि सेनिटेशन, हैल्थ, एनर्जी, एजुकेशन एवं अन्य विविध विषयों को भी समाहित करती हुई 'श्रीÓ जैसी योजनाओं के जरिए, सभी को साथ लेकर एक मॉडल स्टेट बनाया जाएगा। राज्य में रोड सेक्टर की मजबूती के लिए 20 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओ को कुुशल एवं कठोर वित्तीय अनुशासन एवं प्रशासकीय प्रबन्धन से पूरा किया जाएगा। श्री खान शनिवार को राज्य विधानसभा में सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनुदान मंागोंं पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। इसके बाद सदन ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2014-15 अनुदान मांग सं या- 19 लोक निर्माण कार्य की 18 अरब, 9 करोड़ 25 लाख 93 हजार रुपए एवं मांग सं या- 21 सड़कें एवं पुल की 50 अरब, 2 करोड़, 64 लाख 31 हजार रुपए की अनुदान मांगेंं ध्वनिमत से पारित कर दीं। इस दौरान अपने स बोधन में सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री यूनुस खान ने विस्तृत चर्चा का जवाब देते हुए कई घोषणाएं की एवं बहस के दौरान उठाई गई शंकाओं का भी समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने देश में सड़क तंत्र को एक नई दिशा देते हुए विकास के स्वर्णिम द्वार खोलने वाले श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद किया। साथ ही मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के विकास के विजन और उसके दूरगामी परिणामें से राज्य में होने वाले विकास को रेखांकित किया। सानिवि मंत्री ने अपने स बोधन में अंग्रेजी शब्द रूह्रष्ठश्वरु की व्या या 'मैन्डेट ऑफ डवलपमेंट, एफिशिएंट फिनेंस एण्ड लीस्ट इनकन्वीनियेंस टू कॉमन मैनÓ के रूप में करते हुए कहा कि सुराज संकल्प यात्रा के दौरान तैयार किए गए सुराज संकल्प पत्र में जनता से किए गए वायदों को बजट में की गई घोषणाओं में अक्षरक्ष: शामिल किया गया है। उन्होंने टोल से जनसामान्य को परेशानी, ओपीआरसी में संवेदकों के आगे नहीं आने, 20 हजार किलोमीटर सड़कों के लक्ष्य, पीपीपी मॉडल आदि को लेकर उठाई गई शंकाओं का अपने स बोधन में समाधान किया। सानिवि मंत्री ने सड़क सुरक्षा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण गौरव पथ, सानिवि द्वारा किए जा रहे नवाचार, राजस्थान स्टेट हाईवे अथॉरिटी, डाक बंगलों के सुधार की योजना आदि विविध विषयों पर सदन को जानकारी दी। उन्होंने कहा पिछले शासन काल में मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने अपने पिछले शासन की बागडोर संभालते समय कहा था कि वे शासन नहीं बल्कि सेवा के लिए आई हैं और इसी के अनुरूप इस बार भी उन्होंने अपने मंत्रियों को शासन में आते ही काम में जुटने के निर्देश दिए। श्री खान ने अनेक आंकड़े और उदाहरण देते हुए पूर्ववर्ती सरकार के कार्यों की तुलना वर्तमान सरकार के पूर्व एवं इस कार्यकाल से करते हुए बताया कि राज्य सरकार सड़क तंत्र के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए सही दिशा में अग्रसर है। पीपीपी योजना में टोलों नाकों की अधिकता और जनसामान्य को परेशानी की शंका निर्मूल है क्योंकि 99 प्रतिशत लोग ऐसे वाहनों का उपयोग करते हैं जिन पर टोल नहीं लगता। इसके अलावा सभी सड़कों पर टोल नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में बिना वित्तीय व्यवस्था किए घोषणाएं की गईं जिससे जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं जबकि वर्तमान सरकार ने पहले वित्तीय प्रबन्धन किया एवं इसके बाद ही इस बजट में घोषणाएं कीं हैं। उन्होंनें अपने स बोधन के अन्त में पालसर से कालूसर सड़क निर्माण की भी घोषणा भी की। श्री खान ने सदन को विश्वास दिलाया कि वे आगामी पांच वर्ष में सभी के सहयोग एवं मार्गदर्शन से राज्य में सड़क तंत्र के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के साथ सभी को संतुष्ट करने के प्रयासों में कोई कमी नही ंछोडेंग़े। 

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