देश की सड़कों पर, दौड़ती मौत, देश का दिल दहला देने वाला सच

व्ही.एस.भुल्ले/ सूत्रों की माने तो 10 वर्ष 10 लाख मौतें यानी हर तीन मिनिट में मौत,देश की सड़कों पर सड़क दुर्घटनाओं में मरने का यह आंकड़ा कितना सच कितना झूठ है ये तो भारत सरकार ही जाने मगर इतनी बड़ी तादाद में दर्दनाक मौत से मरने वालो का आंकड़ा किसी ग भीर बीमारी या अन्य किसी कारण से कम नहीं। यह आंकड़ा सड़क दुर्घटनाओं में ही मरने वालो का ही और किसी का नहीं।

मगर सड़कों पर बढऩे वाली मौतों पर सरकारों का संज्ञान कहा है। भारतीय मोटर व्हीकल एक्ट या राज्य सरकारों के मोटर व्हीकल एक्ट या तो समय से दुरुस्त नहीं होते या फिर इनका सारा ध्यान रोड टेक्स या फिर चालानों से प्राप्त होने वाले राजस्व पर है। न ही सड़कों पर, बैलगाम दौड़ती मौतों पर?

देखा जाये तो जब 21वी सदी के वाहन सड़को पर है तब कानून 18 वी सदी का और सड़के 20 वी सदी से गई गुजरी। तथा ड्रायविंग लायसन्स देने की प्रक्रिया रेबडिय़ा बांटने जैसी,रहा सवाल देश में वाहनो केे उत्पादनों का तो अंधाधुंध उत्पादन और बढ़ते उधार ने देश के बड़े छोटे शहर की सड़के ही नहीं गांव की पगढंडियो को वाहनों से पाट दिया है।

देखा जाये तो देश के किसी भी शहर या सड़कों पर ऐसा कोई पैमाना निर्धारित नहीं कि किस गांव शहर सड़कों पर कितने वाहन चलेगें। देश के अन्दर बड़े छोटे वाहन, टू व्हीलर वाहनों के ड्रायविंग लायसन्स हासिल करने ब्लॉक जिला गांव या जिला मु यालयों पर कोई प्रशिक्षण केन्द्र दिखाई नहीं देते। जो है,वह किसी न किसी नेता या मंत्री या नौकरशाह की सरपरस्ती में कागजों के अन्दर चल रहे है। जिनकी बिना पर अंधा धुंध ड्रायविंग लायसन्स बांटे जाते है।

देश में बढ़ते वाहन और असुरक्षित ड्रायविंग से देश के शहर ही नहीं सड़के भी असुरक्षित होती जा रही है। जब भी कोई वाहन दुर्घटना होती है निर्दोष नागरिक इस देश का या तो अकारण ही काल का शिकार हो जाता है या फिर अपाहिज हों अंपगों का जीवन बिताता है।

मगर देश का दुर्भाग्य इस देश में जब भी किसी मंत्री,नौकरशाह की सड़क दुर्घटना में मौत होती है,तो हो हलला मच जाता है। मगर सूत्रों से मिले आंकड़ों सच माने तो देश के अन्दर हर तीन मिनिट में सड़क दुर्घटना में मरने वाले की कोई आवाज नहीं उठाता है। तब सरकारें क्यों सो जाती है,क्यों देश के आम नागरिक की मौत पर शोक मातम मनाती है? अगर देश में 10 वर्ष 10 लाख मौतो का सड़क दुर्घटना में मरने का आंकड़ा सही है,तो यह देश और देश वासियों सहित उन चुने हुये जनप्रतिनिधियों के लिये खतरनाक है। जिन्हें जनता ने चुनकर उनकी जान की हिपाजत के लिये लेाकसभा,विधानसभाओं में भेजा है। क्योकि दुर्घटनायें किसी को देखकर नहीं होती कि यह गरीब है,अमीर है,मंत्री है या फिर नौकरशाह अगर अभी भी सरकारों जनप्रतिनिधियों ने वहिंगम बीमारियों या आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक होता लेागों के भविष्य पर ध्यान नहीं दिया और अंधाधुंध वाहन उत्पादन में जुटी क पनियों पर अंकुश लगा यह निर्धारण नहीं हुआ कि कितने वाहन सड़कों पर सुरक्षित है और कितने ड्रायविंग लायसन्स प्रशिक्षित व्यक्तियों को दियें है। तो देश का आने वाला भविष्य बढ़ती दुर्घटनाओं के चलते बड़ा ही दिल दहला देने वाला होागा। बेहतर हो,कि सरकारें कड़ाई से कानून बनाये कि सड़क और किसी भी शहर के आकार और जरुरत के आधार पर वाहनो का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें। साथ ही बगैर किसी प्रशिक्षण केन्द्र के प्रमाण पत्र और आवेदक को सामने वाहन चलाने का अनुभव तथा यातायात नियमों की जानकारी से अनभिज्ञ लेागों को लायसन्स न दें। साथ ही सरकारें कानून बना यह भी सुनिश्वित करें कि कोई भी कंपनी बगैर ड्रायविंग लायसन्स धारी उपभोक्ता को वाहन विक्रय नहीं करेगी। साथ ही हर वाहन उत्पादन क पनी को शासन के सहयोग से बेचे जाने वाले वाहनो की तुलना में ड्रायविंग प्रशिक्षण केन्द्र खोलने होगें। यह वो मोटी बातें है,जिन पर हमारे जन प्रतिनिधि गौर फरमा कानून बना लाखों जाने बचा सकते है। बरना आने वाले कुछ वर्षो में सड़कों पर वाहनों के रुप में दौड़ती मौतों से बचना मुश्किल नहीं नमुमकिन होगा। क्योकि देश की राजधानी दिल्ली में ही वाहनो का आंकड़ा लगभग 80 लाख के आस-पास है।

निवेश आकर्षित करने मुख्यमंत्री श्री चौहान विदेशों में करेंगे रोड-शो
भोपाल : गुरूवार, जून ५, २०१४ मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान विदेशों में रोड-शो की श्रंखला की शुरूआत दक्षिण अफ्रीका से कर रहे हैं। श्री चौहान ७ से १५ जून तक दक्षिण अफ्रीका के औद्योगिक शहरों में रोड-शो करेंगे और संभावित निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं से अवगत करवायेंगे। श्री चौहान ६ जून को दोपहर दो बजे मुम्बई जायेंगे और रात्रि में दक्षिण अफ्रीका की औद्योगिक नगरी जोहांसबर्ग के लिये रवाना होंगे। जोहांसबर्ग में वे प्रतिनिधि मंडल के साथ ७ जून को हाई कमिश्नर से मिलेंगे। वे ८ जून को निवेशकों के साथ चर्चा करेंगे। श्री चौहान ९ जून को गुटेंग क्षेत्र के प्रमुख और इण्डियन बिजनेस फोरम के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। वे १० एवं ११ जून को क्रूगर में स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। श्री चौहान १२, १३ एवं १४ जून को दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केपटाउन में व्यापार और औद्योगिक जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों से भेंट करेंगे। श्री चौहान १५ जून को रात्रि मुंबई लौटेंगे और १६ जून को प्रात: ८ बजे भोपाल पहुँचेंगे।

राज्य शासन की वर्ष २०१४-१५ की स्थानांतरण नीति घोषित
रायपुर, ०५ जून २०१४ राज्य सरकार ने चालू वर्ष २०१४-१५ के लिए आज अपनी स्थानांतरण नीति की घोषणा कर दी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शाम यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से प्रदेश के समस्त विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जारी परिपत्र में स्थानांतरण नीति का पालन सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि जिला स्तर और राज्य स्तर पर स्थानांतरण १६ जून २०१४ से १५ जुलाई २०१४ तक होंगे। दोनों स्तर के तबादलों के लिए कर्मचारियों से आवेदन पत्र छह जून २०१४ से १६ जून २०१४ तक प्राप्त किए जा सकेंगे।

परिपत्र में बताया गया है कि जिला स्तरीय स्थानांतरण के अंतर्गत तृतीय श्रेणी (गैर कार्यपालिक) और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कलेक्टर द्वारा किए जा सकेंगे। इसके लिए छह जून से १६ जून तक आवेदन पत्र संबंधित विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों में प्राप्त किए जाएंगे। स्थानांतरण प्रस्ताव विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा तैयार कर कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद कलेक्टर आदेश प्रसारित करेंगे। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामले में उनके संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम दस प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामले में अधिकतम पांच प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे। परस्पर सहमति से स्वयं के व्यय पर होने वाले तबादलों की गणना इस सीमा के लिए नहीं की जाएगी। स्थानांतरण के समय यह ध्यान रखा जाएगा कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण का प्रस्ताव है तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर अनुसूचित क्षेत्र से हों) अनिवार्य रूप से रखा जाए। कलेक्टर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि यथासंभव अनुसूचित क्षेत्र के रिक्त पद भरें जाएं। शहरी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्तियों का जो असंतुलन है, उसे संतुलित करने का विशेष ध्यान रखा जाए।

विकास के लिए सभी का साथ जरूरी- मु यमंत्री
जयपुर, 5 जून। मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि विकास सभी के साथ और भागीदारी से संभव होता है। सभी साथ चलेंगे तो बदलाव आयेगा और राजस्थान प्रगति के नये सोपान तय करते हुए सबको रास्ता दिखायेगा। उन्होंने कहा कि हम जमीन पर पांव रखकर कार्य करने में विश्वास रखते हैं, राज्य सरकार सभी के सहयोग से आने वाले 5 वर्षों में नया राजस्थान बनाने के प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। श्रीमती राजे गुरूवार को यहां बरकत नगर में जयपुर नगर निगम द्वारा विकसित आदर्श बाजार के लोकार्पण तथा पुस्तकालय एवं फूड कोर्ट के शिलान्यास समारोह को स बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हैरिटेज के रंग और मॉडर्न ढंग की इसी तर्ज पर अन्य जगहों पर भी लोगों की मंशा के अनुरूप विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य कराने को प्रतिबद्घ है।

मॉडर्न एवं हैरिटेज का संगम
मु यमंत्री ने कहा कि राजधानी के बरकत नगर में विकसित आदर्श बाजार मॉडर्न एवं हैरिटेज का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि बरकत नगर के इस क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने को आये युवा बहुतायत में रहते हैं। यहां पुस्तकालय फूड कोर्ट विकसित होने से यह इलाका जयपुर में युवाओं के प्रमुख केन्द्र के रूप में उभरेगा।

आधुनिक विकास की कल्पना साकार
श्रीमती राजे ने क्षेत्र में आधुनिक तरीके से विकास की कल्पना करने और उसके अनुरूप कार्य कर दिखाने के साथ ही जयपुर में तालकटोरा की तस्वीर बदलकर उसके स्वरूप में निखार लाने के लिए नगरीय विकास विभाग की पूरी टीम की सराहना की। इससे पहले श्रीमती राजे ने विधिवत पूजा-अर्चना कर एवं पट्टिका का अनावरण कर पुस्तकालय भवन एवं फूड कोर्ट की आधारशिला रखी।

बिजली की कमी नहीं, तंत्र को सुधारेंगे
मु यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है लेकिन तंत्र बिगड़ा हुआ है, तार एवं लाइनें झूल रही हैं तथा ट्रांसफार्मर भी सही नहीं हैं। हमारी सरकार जल्द ही इसमें सुधार करते हुए विद्युत सप्लाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य पूरी जि मेदारी से करेगी।

आदर्श बाजार का दौरा
श्रीमती राजे ने खुली जिप्सी में सवार होकर आदर्श बाजार का दौरा भी किया। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने आतिशबाजी और बैण्ड की धुनों से उनका स्वागत करते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। उन्होंने शिलान्यास स्थल पर नगर निगम जयपुर द्वारा वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों एवं प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स की चित्र प्रदर्शनी को भी देखा।

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