मनरेगा में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका

धर्मेन्द्र गुर्जर/विलेज टाईम्स। शिवपुरी। विगत 6-7 वर्षो से शिवपुरी जिले में प्रचलित रोजगार गारन्टी योजना कभी इस तरह भ्रष्टाचार का जरिया बन नाम रोशन करेगी किसी ने सपने में भी न सोचा होगा। मगर इस योजना का सच आज सबके सामने है।
सुशासन का दावा करने वाली भाजपा सरकार का सुशासन देखना हों,तो हर माह के प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई में उमडऩे वाली भीड़ बताती है कि कितना सुशासन इस जिले में है। कारण साफ है कि जिस बेरोजगाारी ग्रामीण स्तर पर ही हल कर रोजगार मुहैया कराने केन्द्र सरकार ने कानून बना रोजगार की गारन्टी देने पहले ही रोजगार गारन्टी अब महात्मा गांधी रोजगार गारन्टी कि शुरुआत की गई थी। वह आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है।

अपुष्ठ सूत्रो की माने तो केन्द्र व राज्य सरकार से इस जिले को सेकड़ों करोड़ रुपया रोजगार मुहैया कराने इस जिले को हासिल हुआ। मगर दुर्भाग्य कि इस परियोजना को परियोजना अधिकारी प्रति नियुक्ति पर बाबू स्तर का मिला,साथ ही हर जनपद को सहायक यंत्री उपयंत्री स्तर का मिला। जिसमें 2-3 तो स्थानान्तरित हो अन्य जिलो में पदस्थ हो गये मगर शेष आज भी 6-7 वर्षो से जिले में ही अपने-अपने पदों पर जमे है। 4-4 चुनाव पश्चात अपने-अपने पदों पर निर्भीक जमे रहना इस बात का प्रमाण है,कि कहीं तो कोई गड़बड़ है।

रहा सवाल इस योजना के परियोजना अधिकारी का तो वह अपनी राजनैतिक हनक के चलते प्रति नियुक्ति समाप्त होने के बावजूद वेबाक रुप से अपने पद पर सारे नियम कानूनों को धता बता जमे हुये है। वहीं मौजूद जिले के 8 जनपदो के सहायक यंत्री अपने पदो पर आशीन है। जिनमें कई तो इतनी बड़ी हनक वाले है कि दो सहायक यंत्रियों का कार्य अकेले ही स हाल रहे है।

जिसमें कुछ उपयंत्री,सहायक यंत्री तो ऐसेे भी है जो या तो किसी क पनी के पंजीयन पर खुलेयाम ठेकेदारी के रहे है,या फिर अपने नाते रिस्तेदारों,परिवार जनो के नाम पंजीयन पर ठेकेदारी कर रहे है। मामला यहीं पर नहीं रुकता इससे भी आगे वित्तीय पावर के साथ पंचायतों का मूल्याकंन करने वाले इन उपयंत्री और सहायक यंत्रियों की पौ बारह है। जो बगैर किसी जबावदेही के सूखा धन काटने में लगे है। जबकि दण्ड बैचारे सचिव और सरपंच भुगत रहे है। इससे बड़ी नजीर भ्रष्टाचार की और क्या होगी कि जैसे ही चुनावों से पूर्व पंचायतों के वित्तीय पावर 15 लाख क्या हुये जिलें में आर.ईएस. द्वारा निर्मित 50 पंचायत भवनों के निर्माण के अलावा 150 पंचायत भवनो का निर्माण आनन फानन में आर.ईएस. से छुड़ा ग्राम पंचायतो को दे दिया गया। सच जो भी हो।

इसी प्रकार 2006-2007 में निर्मित सड़कों पर करोड़ों रुपये के मुरमीकरण का कार्य दिखा करोड़ोंं बांटने वाले इस जिले में कहानियाँ कम नहीं। मगर अपराध के पैमाने को लेकर छिड़ी बहस से साबित होता है कि कहीं तो आर्थिक अपराध हो रहा है।

रहा सवाल मु यमंत्री सड़क और खेत,सड़क सहित केटल और खेत, सड़क निर्माण का। तो इनका मोर्चा मजदूरों के बजाऐं फिलहाल मशीनों ने स हाल रखा है। मगर इस जिले का दुर्भाग्य यह है,कि यह सब देखने के बावजूद अंधदेखी करने वालो का हुजूम बड़ा है। सुनते है,कि सरकार की आर्थिक अपराध शाखाऐं फिलहाल कुछ भ्रष्ट लेागों की ल बाई नापने लगी हुई है। मगर उड़ती खबरों की माने तो मनरेगा और आर.ई.एस. सहित ग्राम पंचायतें फिलहाल सुरक्षित है। अगर निष्पक्षता से इस जिले मेंं भ्रष्टाचार की जांच हो तो शिकायतों को कचरे का कागज मानने वाले इन महान भ्रष्टाचारियों सारे राज उजागार हो सकेगें। जो वेतन तो अदना सा पाते है,मगर उनकी वर्तमान हैसियत किसी करोड़पति अरबपति से कम नहीं। देखना होगा कि भय,भूत भ्रष्टाचार को मिटाने की विज्ञापन छपवाने वाली शिवराज सरकार कितना कुछ गरीबों के हक पर पड़े ढाके पर कितना कुछ कर पाती है।

उद्योग मंत्री श्रीमती सिंधिया से मिले महिला उद्यमी संगठन के प्रतिनधि
भोपाल : सोमवार, जून ३०, २०१४ मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमन इन्टरप्रेन्योर (रू्रङ्खश्व) के प्रतिनधि-मंडल ने आज मंत्रालय में उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया से सौजन्य भेंट की। एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना भटनागर के नेतृत्व में १५ महिला उद्यमी ने श्रीमती सिंधिया से भेंट कर नीतियों तथा प्राथमिकताओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
श्रीमती सिंधिया ने कहा कि महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ती है महिला उद्यमी भी मध्यप्रदेश को उद्योग क्षेत्र में अव्वल स्थान तक पहुँचाने में प्रयास करें, इसमें सरकार हरसंभव मदद करेंगी।

गौशालाओं के विकास के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध : डॉ. रमन सिंह
रायपुर, ३० जून २०१४ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य में संचालित गौशालाओं के विकास के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। समाजसेवी संस्थाओं और गौसेवकों के सहयोग से इन गौशालाओं का विकास किया जाएगा। आदर्श गौशाला के निर्माण में गौसेवा से जुड़े लोगों के सुझावों का हमेशा स्वागत है। मुख्यमंत्री ने गऊ रक्षा क्रांति संगठन के प्रतिनिधि मण्डल से आज यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में चर्चा कर रहे थे। संगठन के अध्यक्ष श्रीमती स्वपनिल मिश्रा के नेतृत्व में गऊ रक्षा क्रांति के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश में गौशालाओं की बेहतरी और विकास के लिए अनेक सुझाव दिए। प्रतिनिधि मण्डल में सर्वश्री मनोज बोथरा, नारायण भूषणिया, प्रफुल्ल अग्रवाल, बसंत भाई, नमोनिशांत शर्मा, पवन तिवारी, बालकिशोर बर्वा,साकेत मिश्रा, जयश्री वर्मा और ज्योति अग्रवाल शामिल थीं।

बीकानेर में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में ऐतिहासिक फैसले
राजस्थान स्टेट हाइवे अथॉरिटी का गठन होगा ऊंट राजकीय पशु घोषित
जयपुर, 30 जून। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में सोमवार को बीकानेर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य मंत्री परिषद की बैठक में राज्य के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए राजस्थान स्टेट हाइवे अथॉरिटी के गठन, ऊंट को राजकीय पशु घोषित करने, युवाओं को रोजगार के लिए अधिकाधिक अवसरों का सृजन करने एवं औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए बॉयलर्स एक्ट 1923 में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।

बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि बीकानेर संभाग को राज्य सरकार ने अभूतपूर्व सौगातें दी हैं। सरकार का कार्यकाल पांच साल का होता है, बीकानेर संभाग के जो भी मुद्दे ल िबत रहे हैं उनके बारे में भी सही समय पर उचित निर्णय होगा।

श्री राठौड़ ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में आगामी पांच वर्षाें में राज्य के सड़क तंत्र को मजबूत बनाने के लिए राजस्थान स्टेट हाईवे अथॉरिटी के गठन का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 20 हजार किलोमीटर ल बाई की जिला सड़कों व राज्य मार्गों को मेगा हाइवे की तर्ज पर विकसित किया जायेगा। राज्य में ईस्ट-वेस्ट मेगा हाइवे कोरिडोर का निर्माण होगा। शेष रही एक लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों व अन्य सड़कों की मेंटीनेंस का कॉन्ट्रेक्ट दिया जायेगा। संवेदक को 8 वर्ष तक इन सड़कों की मेंटीनेंस करनी होगी। इसके लिए भारत सरकार के प्रारूप के अनुरूप प्रतिस्पर्धात्मक निविदाएं आमंत्रित की जायेंगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद राज्य की सभी सड़कें गड्ढा रहित एवं समतल हो जायेंगी।

ऊंट राजकीय पशु घोषित
श्री राठौड़ ने बताया कि बैठक में रेगिस्तान के जहाज कहलाने वाले ऊंट को राजकीय पशु घोषित करने का अहम फैसला लिया गया। बैठक में ऊंटों के संरक्षण करने, वध और इनकी तस्करी पर रोक लगाने के लिए राजस्थान ऊष्ट्रवंशीय पशु (वध एवं प्रतिषेध और अस्थायी प्रव्रजन एवं निर्यात का विनियमन) अधिनियम 2014 बनाने को मंजूरी दी गई। इस फैसले से ऊंटों के पलायन एवं तस्करी पर रोक लगेगी। 

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