गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने गृहमंत्रालय के टि्वटर एकाउंट की शुरूआत की

19-जून, 2014 सरकार के पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के अभियान के अनुरूप केन्‍द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय की सरकारी टि्वटर सेवा की शुरुआत की। यह सेवा @HMOFFICEINDIA है। इस अवसर पर श्री राजनाथ ने कहा कि मंत्रालय की इस टि्वटर सेवा से लोगों को सरकार की तरफ से लोगों को होने वाली महत्‍वपूर्ण घटनाओं की जानकारी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर उठाए गए कड़े कदम : बगैर मान्यता वाली शिक्षा संस्थाओं के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई
रायपुर, 19 जून 2014 राज्य सरकार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में शासकीय अनुमति के बिना निजी विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों और पाठ्यक्रमों के संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस बारे में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उनके दिशा निर्देशों के अनुरूप उच्च शिक्षा विभाग ने यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र भेजकर कहा है कि बगैर मान्यता अथवा बिना अनुमति के संचालित शिक्षा संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिपत्र में उन्हें इस विषय में तत्काल बैठक लेने और समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि अन्य राज्यों की गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं द्वारा यदि अध्ययन केन्द्र अथवा ऑफ कैम्पस पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं तो छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के हित में इस प्रकार की संस्थाओं को तत्काल बंद करवाया जाए और इनके संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई इस महीने की 30 तारीख तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी परिपत्र में दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने प्रदेश के सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे इस प्रकार की शिक्षण संस्थाओं से सतर्क रहे और प्रवेश लेते समय यह सुनिश्चित कर लें कि जिन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिला ले रहे हैं वे शासन से मान्यता प्राप्त हैं अथवा नहीं। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. बी.एल. अग्रवाल ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा परिपत्र के साथ सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को राज्य शासन से अधिनियमित विश्वविद्यालयों की सूची भी भेजी गई है। परिपत्र में कहा गया है कि राज्य में विगत कुछ वर्षों में अन्य राज्यों के ऐसे निजी विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों और पाठ्यक्रमों के संचालन की जानकारी मिली है जिन्हें छत्तीसगढ़ शासन से अनुमति नहीं है। इस बारे में छत्तीसगढ़ लोक आयोग ने प्रारंभिक प्रकरण भी दर्ज किया है। इस प्रकार के अनाधिकृत शिक्षण संस्थानों द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों और अध्ययन केन्द्रों से प्राप्त डिप्लोमा और डिग्रियां छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय सेवाओं के लिए अमान्य हैं। परिपत्र में बताया गया है कि इस संबंध में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में भी एक प्रकरण में 16 अप्रैल 2014 को निर्णय पारित कर ऐसी संस्थाओं की उपाधियों को छत्तीसगढ़ राज्य में अमान्य कर दिया है। परिपत्र में उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य शासन द्वारा अन्य राज्यों के किसी भी निजी विश्वविद्यालय को छत्तीसगढ़ में अध्ययन केन्द्र संचालित करने की अनुमति नहीं दी गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) के 7 जून 2011 के पत्र और सार्वजनिक सूचना जून 2013 में यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि यू.जी.सी. ने किसी भी विश्वविद्यालय को अपने राज्य की सीमाओं से बाहर अध्ययन केन्द्र और ऑफ कैम्पस पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति नहीं दी है। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि राज्य में अन्य प्रदेशों के विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्र और पाठ्यक्रम संचालित करना अवैधानिक है। यह कृत्य भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 के प्रावधानों केे भी खिलाफ है। कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों से परिपत्र में कहा गया है कि वे इस संबंध में कार्रवाई के दौरान उच्च शिक्षा विभाग से किसी भी प्रकार का मार्गदर्शन लेना चाहें तो संचालनालय के अपर संचालक श्री आर.बी.सुब्रमण्यन से उनके मोबाइल फोन पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं। परिपत्र में राज्य शासन द्वारा अधिनियमित जिन विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है, वे इस प्रकार है - उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्थापित राज्य विश्वविद्यालय- इंदिरा कला, संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर, सरगुजा विश्वविद्यालय अंबिकापुर, बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर और पंडित सुंदरलाल शर्मा (ओपन) विश्वविद्यालय बिलासपुर। निजी विश्वविद्यालयों के अंतर्गत-महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एण्ड टेक्नालॉजी बिलासपुर, मेट्स विश्वविद्यालय, गुल्लू, आरंग जिला रायपुर, सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा, बिलासपुर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर, आई.सी.एफ.ए.आई. विश्वविद्यालय दुर्ग और आई.टी.एम. विश्वविद्यालय, नया रायपुर शामिल है। तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्थापित स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रायपुर, कृषि शिक्षा विभाग के अंतर्गत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर और कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग तथा विधि शिक्षा विभाग के अंतर्गत हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रायपुर शामिल है। इनके अलावा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों और संस्थाओं की सूची इस प्रकार है-गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान (एन.आई.टी.) रायपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉरमेशन टेक्नालॉजी (आईआईआईटी) रायपुर, अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय (ओपन) विश्वविद्यालय नई दिल्ली शामिल हैं।

शिक्षा के बगैर विकास की कल्पना व्यर्थ
भोपाल : गुरूवार, जून 19, 2014 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शिक्षा के बगैर विकास की कल्पना व्यर्थ है। इसलिये प्रदेश का हरेक बच्चा स्कूल जाये और अपनी पढ़ाई पूर्ण करे, यह मेरा सपना है। श्री चौहान ने यह बात आज हरदा के मिडिल स्कूल में 'स्कूल चलें हम'' अभियान के शुभारंभ अवसर पर कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार विभिन्न योजना के माध्यम से बच्चों की निरंतर पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिये कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तक, साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति, रहने-खाने की सभी व्यवस्थाएँ सरकार द्वारा की जा रही हैं। बच्चों से अपेक्षा है कि वे अपनी पढ़ाई निरंतर रखकर शीर्ष पर पहुँचें। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि जब छोटे-से गाँव जैत के किसान का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री बन सकता है, तो लक्ष्य निर्धारित कर कोई भी शिखर तक पहुँच सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के क्षेत्र में धन की कमी नहीं आने दी जायेगी। हरदा ने जिस तरह सम्पूर्ण प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है, उसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में भी गौरव हासिल करे, ऐसी मेरी अपेक्षा है। श्री चौहान ने जन-सामान्य को बच्चों का प्रेरक बनने की अपील के साथ संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्व-रोजगार अपनाना होगा। इसके लिये सरकार ने अब मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना में लोन की सीमा एक करोड़ रुपये कर दी है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश द्वारा बिहार और दिल्ली जैसे राज्य को बिजली देना हमारे लिये गर्व की बात है।
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