सूत्रों का सच, पूरी कीमत,कड़ी मशक्कत,गारन्टी नहीं

व्ही.एस.भुल्ले/शिवपुुरी। बिजली है,मगर कब मिलेगी या नहीं मिलेगी कोई गारन्टी नहीं? टेलीफोन, मोबाईल, नेट है, मगर कब खराब हो जाये कब सुधरेगें कोई गारन्टी नहीं? स्कूल है कब शिक्षक आयेगें कब पढ़ायेंगे कोई गारन्टी नहीं? राशन की दुकाने है मगर राशन नियमित मिलेगा या नहीं मिलेगा कोई गारन्टी नहीं? पेयजल पर्याप्त है पानी कब किसको मिलेगा नहीं मिलेगा कोई गारन्टी नहीं?
युवा बेरोजगार है शाासन की योजनायें अनेक रिण कब किसको मिलेगा कोई गारन्टी नहीं? पुलिस है कौन कहां पिट जाये,हत्या बलात्कार,लूट,चोरी हो जाये कोई गारन्टी नहीं? गांव गांव गली मोहल्ले पोषण आहार केन्द्र है। पोषण कब मिलेगा या नहीं कोई गारन्टी नहीं? नक्शे पर सुन्दर सड़के मगर सड़क में गड्डे या गड्डों में सड़क ऊपर से अतिक्रमण की चपेट में सड़के न बचेगी या नहीं, कोई गारन्टी नहीं?
जिला चिकित्सालय,पशु चिकित्सालय है मगर मरने वालो की लापरवाही के चलते जिन्दा बचाने की कोई गारन्टी नहीं। कृषि विभाग,सिंचाई विभाग है मगर नकली बीज खाद किस खेत में कब पढ़ जाये,गरीब किसान की फसल कब चौपट हो जाये गरीब किसान सिंचाई को कलप कलप कर परेशान हो जाये तो सिंचाई की कोई गारन्टी नहीं।
कल्याणकारी योजनाओं सेवाओ के लिये 73,74 वे संसोधन के तहत नगरीय प्रशासन एवं पंचायती राज है मगर लेागों को समय से सेवा सुविधा मिलेगी कोई गारन्टी नहीं?
बाजार में हरी भरी सब्जियाँ,दूध,घी,तेल है मुंह मांगी कीमत पर असली मिल जाये इसकी कोई गारन्टी नहीं?
यह कड़वा सच है, सिंधिया स्टेट की राजधानी रहे उस शहर का है जहां जि मेदार लेागों के मन में अपराध बोध के बजाये कत्र्तव्यों के प्रति मक्कारी कूट-कूट कर भरी है। जो आम नागरिक की परेशानी पर शासकीय नौकर होने का रुतवा झाड़ स्वयं को स्वयंभू सरकार मानने से भी नहीं चूकत? बहरहॉल जिस पार्टी की सरकार म.प्र. में है उस पार्टी का तो फिलहॉल वादा है अच्छे दिन आने वाले है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया क्रूगर नेशनल पार्क का भ्रमण
भोपाल : गुरूवार, जून १२, २०१४ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में संवहनीय पर्यटन के साथ वन्य-प्राणी संरक्षण के उद्देश्य से रणनीति बनाने के कार्य में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक दल को संलग्न किया जायेगा। श्री चौहान ने आज दक्षिण अफ्रीका के विश्व प्रसिद्ध क्रूगर नेशनल पार्क एण्ड वाइल्ड लाइफ कॉलेज का भ्रमण किया। उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी उनके साथ थीं। मुख्यमंत्री के समक्ष क्रूगर नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ कॉलेज के अधिकारियों ने संवहनीय और योजनाबद्ध पर्यटन के लिये अपनी कार्यशैली और रणनीति पर एक प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वन्य-जीव संरक्षण, स्थानीय समुदाय का कल्याण और आर्थिक विकास, पर्यटन के माध्यम से आपस में जुड़े हैं। उल्लेखनीय है कि क्रूगर नेशनल पार्क अफ्रीका के सबसे बड़े नेशनल पार्कों में एक है। कुल १९ हजार ६३३ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह पार्क लिम्बपोपो और एम्पोमलंगा प्रांतों में स्थित है। इसमें विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ और पेड़-पौधों के साथ वन्य-पशु पाये जाते हैं। इसमें अधिकतर वृक्ष आकाशिया प्रजातियाँ के हैं, जबकि मारूला वृक्ष बड़ी संख्या में हैं। वन्य पशुओं के लिये यहाँ बहुत बड़ा चारा क्षेत्र है। यहाँ रेड ग्रास और बफेलू ग्रास की प्रजातियाँ मुख्य रूप से हैं। इस पार्क में ५१७ तरह के पक्षी पाये जाते हैं। इनमें २३५ तरह के पक्षी यहीं रहते हैं, ११७ तरह के नॉन-ब्रीडिंग माइग्रेन हैं और १४७ तरह के पक्षी घुमक्कड़ प्रवृत्ति के हैं। इस पार्क का क्षेत्र पहले दक्षिण अफ्रीकी गणतंत्र द्वारा संरक्षित था और १९२६ में यह दक्षिण अफ्रीका का पहला नेशनल पार्क बन गया। पार्क में अनेक प्रजाति के स्तनपायी वन्य-पशु हैं। अफ्रीकन बफेलू, ब्लेक राइनोसेरोस, जेब्रा, चीता, जिराफ, हिपो-पोटेमस, लेपर्ड, हाथी, ब्लू, वाइल्ड विस्ट आदि की बहुतायत हैं।

छत्तीसगढ़ में घरेलू बिजली की दरें अन्य राज्यों से आज भी काफी कम : बिजली दर न्यूनतम रखने राज्य शासन ने दी ४६५ करोड़ की सब्सिडी
रायपुर १२ जून २०१४ देश के अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में घरेलू बिजली की दरें आज भी काफी कम हैं। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष २०१४-१५ के लिये विद्युत की दरों का पुनरीक्षण किया गया है, जो आगामी ०१ जुलाई २०१४ से प्रभावशील होगी। राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनी को ४६५ करोड़ की सब्सिडी देकर उपभोक्ताओं के ऊपर बढ़ने वाले विद्युत दर के बोझ को न्यूनतम करने का प्रयास किया गया है। फलस्वरूप विद्युत दरों में लगभग १५ प्रतिशत औसत की ही बढ़ोत्तरी हुई है। विद्युत वृध्दि का भार बीपीएल एवं कृषि पम्प उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा, चूंकि इसका वहन राज्य शासन द्वारा किया जाता है। इस बढ़ोत्तरी के बावजूद छत्तीसगढ़ में घरेलू विद्युत की दर मध्यप्रदेश, उड़ीसा,आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, गुजरात की तुलना में काफी कम है, ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ में वर्ष २०१२ से अभी तक विद्युत उपभोक्ताओं की दर में कोई वृध्दि नहीं होने के कारण विद्युत वितरण कंपनी को राजस्व की भारी कमी हो रही थी। जिससे कंपनी पॉवर परचेज तथा ट्रांसमीशन चार्ज आदि का समय पर भुगतान नही कर पा रही थी। कंपनी के सुचारू संचालन एवं उपभोक्ताओं को सतत् गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कंपनी की आवश्यकता के अनुरूप आर्थिक सुदृढ़ता के लिये विद्युत की दरों में आंशिक एवं वाजिब वृध्दि अपरिहार्य हो गई थी। विद्युत आपूर्ति की लागत में भी लगातार निम्नलिखित कारणों से वृध्दि हो गई थी-
(१) राज्य विद्युत उत्पादन कपंनी एवं एनटीपीसी से विद्युत क्रय लागत में लगभग २६ प्रतिशत की वृध्दि हुई है। (२) अन्तराज्जीय विद्युत पारेषण में लगभग ३३ प्रतिशत की वृध्दि हुई है।
(३) विद्युत क्रय लागत जो कि कुल लागत का लगभग ८० प्रतिशत है, में वृध्दि प्रमुखता कोयला, पेट्रोलियम जैसे पदार्थों की कीमतों में वृध्दि के परिणामस्वरूप हुई है, जबकि पारेषण एवं अन्य आपूर्ति लागत इस हेतु प्रयुक्त सामग्रियों की कीमतों में अप्रत्याशित वृध्दि के कारण हुई है। (४) उपरोक्त सभी कारणों के परिणामस्वरूप विद्युत दरों में केवल एक वर्ष की राजस्व आवश्यकता के अनुसार २८ प्रतिशत की वृध्दि अपेक्षित थी, जिसे नियामक आयोग ने पुनरीक्षित कर २३ प्रतिशत वृध्दि को ही आवश्यक समझा। राज्य शासन ने भी एक साथ इतनी भारी वृध्दि के प्रभाव को कम करने के लिए तथा आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिये ४६५ करोड़ रूपये की सब्सिडी प्रदान कर विद्युत दरों की वृध्दि को २३ प्रतिशत के बजाय १५ प्रतिशत तक सीमित कर दिया। इस वृध्दि के उपरांत भी राज्य के सर्वाधिक उपभोक्ताओं (घरेलू उपभोक्ता) के लिये प्रयुक्त विद्युत दर अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। राज्य के उपभोक्ताओं हेतु विद्युत की औसत आपूर्ति लागत वर्ष २००५-०६ में ३.४५ पैसे थी, जो कि वर्ष २०१४-१५ में बढकर ४.४० हुई है। इन अर्थों में विद्युत दरों में प्रतिवर्ष मात्र ३ प्रतिशत की ही वृध्दि दर्ज हुई जो कि नगण्य है।

युवाओं ने बजट पर की मु यमंत्री से खुलकर चर्चा
जयपुर, 12 जून। मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि राज्य के बजट को ज्यादा इन्क्लूसिव बनाने के लिए उनकी सरकार ने प्रदेश में पहली बार युवाओं, प्रतिभावान छात्रों, महिलाओं, प्रोफेशनल्स और आदिवासी संगठनों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ा है। राज्य सरकार ने बजट से पहले हर वर्ग के विचार जानने की अभिनव पहल की है ताकि प्रदेशवासियों को महसूस हो सके कि यह उनका अपना बजट है। वे गुरूवार को बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में युवा, महिला, प्रोफेशनल्स एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को स बोधित कर रही थी। इनके अलावा इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी संगठनों, उपभोक्ता मंच तथा सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में युवाओं और प्रतिभावान छात्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने मु यमंत्री के समक्ष खुलकर अपने विचार साझा किए। बजट प्रक्रिया को लेकर उन्होंने अच्छी दिलचस्पी दिखाई। मु यमंत्री ने भी उनके रचनात्मक सुझावों को सराहा। श्रीमती राजे ने दो सत्रों में करीब सात घंटे तक बजट को लेकर इन सभी के साथ चर्चा की।
मु यमंत्री ने कहा कि राज्य के बजट में प्रदेश के सभी वर्गों की भावनाओं का ध्यान रखा जायेगा। हमने इस बजट को समावेशी (ञ्जह्म्ह्वद्गद्य4 ढ्ढठ्ठष्द्यह्वह्यद्ब1द्ग) बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को भागीदार बनाया है। हमारी सोच है कि बजट को लोक कल्याणकारी बनाने के लिए स्वयंसेवी संगठनों, उपभोक्ता मंच तथा सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के सुझाव भी महत्वपूर्ण हैं। श्रीमती राजे ने कहा कि राज्य सरकार स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की क्रियान्विति कराकर समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के सारगर्भित सुझावों का परीक्षण कराकर उन्हें बजट में स िमलित करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान घरेलू महिला कामगारों, महिला एवं बाल कल्याण, रिक्शा चालक यूनियन, एकल नारी शक्ति संगठन, ग्रामोद्योग एवं जन चेतना विकास, नारी उत्थान, ग्रामीण उपभोक्ताओं, उपभोक्ता सुरक्षा एवं संरक्षण, मुस्लिम महिला कल्याण, स्थानीय विकास अनुसंधान व मजदूर-किसान शक्ति आदि क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिये। श्रीमती राजे ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की तरक्की के लिये प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए हमने पिछले कार्यकाल में महिला अधिकारिता निदेशालय का गठन और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा हस्तनिर्मित वस्तुओं को वैट मुक्त किया था। इस बार भी हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए और कदम उठायेगी। मु यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिये अकादमियों एवं खेल संकुलों का विकास कर रही है। हमने पिछले कार्यकाल में राइफल शूटिंग रेंज, सवाई मानसिंह स्टेडियम में सिन्थेटिक एथलेटिक ट्रेक, टेनिस कोर्ट, हॉकी एस्ट्रोटर्फ और ऑल वेदर स्वीमिंग पूल का निर्माण कराया था। श्रीमती राजे ने कहा कि युवाओं को रोजगार और उद्योगों के उचित अवसर प्रदान करने के लिये राजस्थान ने देश में सर्वप्रथम आजीविका मिशन की स्थापना की। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद सब प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव प्रभावी कार्य योजना बनाने में उपयोगी होंगे।इन सत्रों में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री श्री गुलाबचंद कटारिया, जनजाति क्षेत्र विकास मंत्री श्री नन्दलाल मीणा, चिकित्सा मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़, शिक्षा मंत्री श्री कालीचरण सराफ, कृषि मंत्री श्री प्रभुलाल सैनी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री श्री हेमसिंह भड़ाना सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मु य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, सचिव भी उपस्थित थे। प्रमुख शासन सचिव (वित्त) श्री सुभाष गर्ग ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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