दक्षिण अफ्रीका के निवेशकों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति गहरी रूचि

भोपाल : मंगलवार, जून 10, 2014 प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की जा रही दक्षिण अफ्रीका यात्रा के दौरान निवेशक मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्र में निवेश करने में गहरी रूचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश की उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया और प्रदेश का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि मण्डल भी है।
अपनी मुलाकातों में मुख्यमंत्री दक्षिण अफ्रीका के उद्योगपतियों और निवेशकों को अक्टूबर में इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने का न्यौता भी दे रहे हैं। अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रीटोरिया में भारत के उच्चायुक्त श्री वीरेन्द्र गुप्ता से जोहान्सबर्ग में सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने दक्षिण अफ्रीका के निवेशकों के लिये मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर श्री गुप्ता से विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के दौरान जोहान्सबर्ग में काउंसुल जनरल ऑफ इंडिया श्री रणधीर जायसवाल और उप उच्चायुक्त श्री टी.आर. स्ट्राँग चेन्गसन भी उपस्थित थे। 

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने साउथ अफ्रीका के प्रमुख दो निवेशक के साथ अलग-अलग मुलाकात की। इनमें जे एण्ड जे ग्रुप तथा एमएसए ग्रुप शामिल हैं। जे एण्ड जे ग्रुप के निवेशकों के साथ मुख्यमंत्री की अनेक सेक्टर में तथा एमएसए ग्रुप के साथ चर्चा में माइनिंग सेक्टर में निवेश के संबंध में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जे एण्ड जे ग्रुप के एक्जीक्यूटिव चेयरमेन श्री जयेन्द्र नायडू के साथ खाद्य प्र-संस्करण, पर्यटन, नवकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, परिवहन और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में परस्पर सहयोग पर चर्चा की। 

मुख्यमंत्री ने श्री नायडू को इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने का निमंत्रण दिया। एमएसए ग्रुप के श्री कीथ स्कॉट और श्री राबर्ट एप्पलबॉम ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश में खनिजों के अन्वेषण और उत्खनन क्षेत्र में सहयोग की रूचि दिखाई। एमएसए ग्रुप माइनिंग कन्सलटेंसी के क्षेत्र में एक अग्रणी समूह है। श्री एप्पलबॉम ने मध्यप्रदेश में पर्यटन, विशेषकर वन्य-प्राणी प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने की इच्छा जताई।

बि‍जली मंत्री ने दि‍ल्‍ली में बि‍जली की स्‍थि‍ति‍ पर आपात बैठक की
केंद्रीय बि‍जली मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज यहां अपने कार्यालय में दि‍ल्‍ली में बि‍जली की स्‍थि‍ति‍ पर एक वि‍स्‍तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल तथा दि‍ल्‍ली सरकार के बि‍जली मंत्रालय और बि‍जली वि‍तरण कंपनि‍यों के वरि‍ष्‍ठ अधि‍कारी उपस्‍थि‍त थे। बैठक में जो बातें सामने आईं और जो नि‍र्णय लि‍ए गए वे संक्षेप में नि‍म्‍नानुसार हैं:-

1. अत्‍यधि‍क गर्मी के कारण दि‍ल्‍ली में इस वर्ष बि‍जली की मांग बढ़कर लगभग 5400 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसके कारण लोड शेडिंग हो रहा है। यह स्‍थि‍ति‍ हाल में 30 मई 2014 को आए तूफान के कारण और खराब हो गई क्‍योंकि‍ इससे दि‍ल्‍ली में पारेषण और वि‍तरण प्रणाली प्रभावि‍त हुई थी। 220 के.वी. की तीन मुख्‍य पारेषण लाईनों-गोपालपुर-मंडोला, बामनौली-पप्‍पनकलां और बवाना-रोहि‍णी लार्इनों की काफी क्षति‍ हुई, जि‍ससे पूर्वी दि‍ल्‍ली, पश्‍चि‍मी दि‍ल्‍ली और मध्‍य दि‍ल्‍ली में बि‍जली आपूर्ति‍ प्रभावि‍त हुई।

2.बैठक में यह बात भी सामने आई कि‍ दिल्‍ली की पारेषण प्रणाली बि‍जली की अधि‍क मांग को पूरा करने में समर्थ नहीं है क्‍योंकि‍ इस प्रणाली का पि‍छले 12 वर्षों में पर्याप्‍त उन्‍नयन नहीं कि‍या गया है। पारेषण और वि‍तरण प्रणाली को सशक्‍त करने के लि‍ए पर्याप्‍त नि‍वेश नहीं कि‍या गया। इसके साथ ही 400/220 के.वी. लाईनों और सब-स्‍टेशनों की आयोजना और कार्यान्‍वयन के संदर्भ में भी ऐसा ही हुआ। इसके कारण मौजूदा प्रणाली पर लोड बढ़ा और बि‍जली आपूर्ति‍ में बाधा उत्‍पन्‍न हुई है।

3.हालांकि‍ बि‍जली मंत्रालय ने शीघ्र कार्यवाही करते हुए पीजीसीआईएल द्वारा उपलब्‍ध कराई गई आपात पुनर्स्‍थापना प्रणाली (ईआरएस) के माध्‍यम से तूफान से क्षति‍ग्रस्‍त तीनों लाईनों को फि‍र से स्‍थापि‍त करने में दि‍ल्‍ली सरकार की मदद की। दो लाईनों को तत्‍काल ही ठीक कर लि‍या गया था और तीसरी लाईन बवाना-रोहि‍णी को आज दुरुस्‍त कर दि‍या गया है। बि‍जली मंत्री द्वारा आयोजि‍त बैठक में पीजीसीआईएल को यह नि‍र्देश दि‍या गया है कि‍ दो सप्‍ताह में इन लाईनों को स्‍थायी तौर पर पुनर्स्‍थापि‍त कि‍या जाय, जि‍समें सामान्‍य तौर पर लगभग दो माह का समय लगता है।

4. एनटीपीसी ने अन्‍य स्‍टेशनों से अपनी आंबटित गैस को स्‍वेच्‍छा से छोड़ दिया है और गैल से अनुरोध किया है कि वे इसे दिल्‍ली के बवाना संयंत्र को आंबटित कर दे ताकि यह 400 मैगा वाट अतिरिक्‍त बिजली अथवा दिल्‍ली की आवश्‍यकता अनुसार इसका उत्‍पादन कर सकें। हालांकि राज्‍य सरकार की निष्क्रियता के चलते अपर्याप्‍त टी एण्‍ड डी प्रणाली के कारण, दिल्‍ली केवल 400 मैगा वाट अतिरिक्‍त बिजली ही दे पाने में समर्थ है। माननीय ऊर्जा मंत्री ने इस डायवर्जन के लिए माननीय पेट्रोलियम मंत्री की स्‍वीकृति ले ली है। और गैल ने उन्‍हें पहले ही गैस देना शुरू कर दिया है। बवाना स्‍टेशन से 400 मैगा वाट अतिरिक्‍त बिजली की आपूर्ति आज रात से ही होने की सम्‍भावना है।

5. बीएचईएल को निर्देश दिये गये है कि वह प्रगति गैस आधारित संयंत्र की इकाई को तुरंत शुरू करे। इस इकाई पर अभी मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है।

6. दिल्‍ली सरकार को भी निर्देश दिया गया है कि वह अपने निर्माणाधीन 8 सब-स्‍टेशनों तथा 7 ट्रांसमिशन लाईनों पर प्रभावी निगरानी रखें। इससे बिजली सप्‍लाई की विश्‍वसनीयता स्‍थापित हो सकेगी। डिस्‍कॉम, योजनाबद्ध बिजली कटौती के लिए प्रयास करेगा।

7. इसके आलावा, अन्‍य संवेदनशील और महत्‍वपूर्ण लाईनों की भी समीक्षा की गई। पीजीसीआईएल की मदद से महारानी बाग-गाजीपुर लाईन का कार्य एक सप्‍ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिया गया है।

8. डीएमआरसी को कहा गया कि वह महारानी बाग-ट्रॉमा सेन्‍टर लाईन की एक सप्‍ताह के भीतर मरम्‍मत में डीटीएल की सहायता करें। इसी प्रकार 400 किलोवाट दादरी-लोनी-हर्ष विहार लाईन 2 सप्‍ताह में पूरी कर ली जायेगी ताकि बिजली की मांग बढ़ने पर पूर्वी दिल्‍ली को इससे राहत मिल सके।

9. दक्षि‍ण दिल्‍ली को राहत देने के लिए मस्जिद मोठ स्थित 100 एमवीए ट्रांसफार्मर की तत्‍काल मरम्‍मत की जा रही है। यह भी निर्देश दिया गया है कि बदरपुर-नोएडा-गाजीपुर लाईन की खराबी को तत्‍काल ठीक किया जाना चाहिए।

10. दिल्‍ली सरकार की मदद करने की दृष्टि से पीजीसीआईएल को निर्देश दिये गये है कि वे अपने स्‍तर पर 315 एमवीए ट्रांसफार्मर तत्‍काल दिल्‍ली में लगाये और इसे प्राथमिकता के आधार पर चालू करें।

11. वितरण यूटिलिटीज्/ डिस्‍कॉम को तुरंत अपनी वितरण प्रणाली के रख- रखाव और उन्‍नयन तथा उपभोक्‍ताओं की परेशानियों को दूर करने के लिए 24 घंटे उपलब्‍ध रहने के लिए कहा गया है।

12. योजनाबद्ध बिजली कटौती पर डिस्कॉम, रोजाना सुबह आठ बजे एक दैनिक बुलेटिन जारी करेगा।

13. दिल्ली सरकार प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति पर शाम पाँच बजे एक दैनिक बुलेटिन जारी करेगी।

14. उपरोक्‍त तत्‍काल उपायों के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि दिल्ली में विश्‍वसनीय विद्युत प्रणाली परिचालन के लिए और आवश्‍यक मूल ढांचे के उन्‍नयन तथा सृजन के लिए दिल्‍ली सरकार तुरंत दीर्घकालीन योजना बनाएगी।

15. केन्द्र सरकार दिल्‍ली के उपभोक्‍ताओं को जल्‍द से जल्‍द लगातार बिजली उपलब्‍ध कराने के लिए एक चरणबद्ध कार्यक्रम के अंतर्गत सभी कार्य पूरा करने के लिए दिल्‍ली सरकार और उनकी यूटिलिटीज की सहायता करेगी।

केन्द्र स्तर पर लंबित छत्तीसगढ़ की विभिन्न कृषि योजनाओं का जल्द होगा निराकरण : केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह से की मुलाकात
रायपुर, 10 जून 2014 केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह से केन्द्र स्तर पर छŸाीसगढ़ की विभिन्न कृषि योजनाओं के जल्द निराकरण किये जाने की बात कही है। छŸाीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज नई दिल्ली के कृषि भवन में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह से मुलाकात कर राज्य की केन्द्र स्तर पर लंबित विभिन्न कृषि योजनाओं पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया है। मुलाकात के दौरान राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय भी उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में राज्य को कुल 407.63 करोड़ की राशि वर्ष 2013 में मिलनी थी, जिसमें वर्ष 2013-14 में कुल 233.82 करोड़ ही प्राप्त हुए है , अभी भी इसमें 173.81 करोड़ प्राप्त होना शेष है। इतनी बड़ी राशि न मिलने से कृषि संबंधी विकास के विभिन्न कार्य राज्य में प्रभावित हो रहे है। श्री अग्रवाल ने राज्य के पशु चिकित्सालयों एवं औषधालयों के सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत नये भवन निर्माण के लिए कुल 1435 लाख रूपये की राशि केन्द्र सरकार से दिये जाने का आग्रह किया है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से दलहन एवं तिलहन के प्रमाणित बीज के वितरण/प्रदर्शन पर दस वर्ष से कम पुरानी किस्मों को ही वितरित करने की बाध्यता को समाप्त किये जाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि, इससे कृषकों को सस्ते दर पर उच्च गुणवŸाा के बीज उपलब्ध होगें तथा राज्य में धान, दलहनी एवं तिलहन के फसलों के क्षेत्र विस्तार के साथ उत्पादन और उत्पादकता दोनों में ही वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि, राज्य के अधिकांश क्षेत्र में दस वर्ष से अधिक अवधि की ही किस्में ली जाती है। देश तथा प्रदेश में दलहन एवं तिलहन की कुल उपलब्ध किस्मों में से 5 प्रतिशत किस्में की 10 वर्ष से कम पुरानी तथा 95 प्रतिशत किस्में 10 वर्ष से अधिक पुरानी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से राजस्थान में घटाई गई
मेडिकल सीटें पुन: बहाल करने का अनुरोध
जयपुर, 10 जून। जयपुर के सांसद श्री रामचरण बोहरा और प्रदेश के चुनिंदा विधायकों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से भेंट कर प्रदेश में मेडिकल छात्रों के लिए घटाई गई सीटों को पुन: बहाल करने की पुरजोर मांग की है।
श्री बोहरा ने मंगलवार को नई दिल्ली में विधायक श्री लक्ष्मी नारायण बैरवा श्री मोहनलाल गुप्ता तथा डॉ. एस.एस. अग्रवाल के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भेंट की और बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने राजस्थान के जयपुर एवं अजमेर मेडिकल कॉलेज में 50 सीटें कम कर दी हंै। इससे मेडिकल विद्यार्थियों को बहुत परेशानी हो रही है। उन्होंने डॉ. हर्षवर्धन को बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जिन त्रुटियों को इंगित किया गया है, उन्हें सुधारने के लिए राज्य सरकार द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत कर दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राजस्थान में पहले ही चिकित्सकों की भारी कमी है और मेडिकल सीटें कम करने से प्रदेश की चिकित्सा सुविधाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए घटाई गई सीटों को पुन: बहाल किया जाना चाहिए।

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