मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सजग हुआ प्रशासन : संक्रामक बीमारियों की समय पूर्व रोकथाम की कवायद तेज

रायपुर, 06 मई 2014 पीलिया सहित अन्य मौसमी संक्रामक बीमारियों की समय पूर्व रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य के बिलासपुर राजस्व संभाग के सभी जिलों में प्रशासन द्वारा सावधानी की दृष्टि से कई ठोस कदम उठाए गए हैं।
संभाग के सभी पांच जिला मुख्यालयों बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, जांजगीर-चाम्पा और कोरबा के शासकीय जिला अस्पतालों में और विकासखंड मुख्यालयों में कंट्रोल रूम बनाया जा चुका हैं। कॉम्बेट टीमों का गठन किया गया है। आवश्कता के अनुरूप स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। पेयजल शुद्धिकरण और जन-जागरण के लिए प्रचार-प्रसार का कार्य भी मैदानी स्तर पर किया जा रहा है। संभागीय कमिश्नर श्री के.डी.पी. राव ने आज बिलासपुर शहर में कलेक्टर श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी के साथ शहर के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और वहां नालियों की साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति आदि के बारे में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। संभागीय कमिश्नर श्री राव ने शहर के तोरवा (पटेल पारा) में आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और वहां की पानी टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने हेमूनगर में भी पेयजल आपूर्ति और पानी टंकी की व्यवस्था देखी। श्री राव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से कहा कि जहां थोड़ी भी आशंका हो, वहां पाईप लाईनों और पेयजल टंकियों से पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता का समुचित परीक्षण किया जाए। बिलासपुर कलेक्टर श्री परदेशी ने आज वहां स्थानीय निजी अस्पतालों (नर्सिग होम) के संचालकों और डॉक्टरों की बैठक लेकर उन्हें राज्य सरकार के निर्देशों की जानकारी दी। कलेक्टर ने उन्हें बताया कि बिलासपुर जिले में अभी पीलिया जैसी बीमारी की शिकायत नहीं मिली है, लेकिन सावधानी जरूरी है। उन्होंने निजी नर्सिग होम संचालकों से कहा कि अगर उनके अस्पताल में पीलिया का कोई मरीज आता है, तो वे तत्काल जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अथवा सिविल सर्जन को अनिवार्य रूप से सूचित करें, ताकि शासन की ओर से भी उचित व्यवस्था की जा सके।
कलेक्टर ने बिलासपुर जिले में संक्रामक मौसमी बीमारियों की समय पूर्व रोकथाम के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति का भी गठन किया गया है। इसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुक्त नगर निगम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, गृह निर्माण मंडल, जल संसाधन के कार्यपालन अभियंता शामिल हैं। इसी तरह विकासखण्ड स्तर पर भी कॉम्बेट टीम का गठन किया गया है। कॉम्बेट टीम मौसमी बचाव हेतु सतत् निगरानी रखने के साथ ही इसके प्रति लोगों में जागरूकता लायेंगे, वहीं क्षेत्र में किसी प्रकार की मौसमी बीमारी की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए जिला स्तरीय निगरानी समिति को अवगत करायेंगे। जिला स्तरीय निगरानी समिति क्षेत्र से बीमारी के संबंध में प्रतिदिन जानकारी लेंगे। जानकारी में यदि बीमारी की सूचना प्राप्त होने पर आवश्यकता के अनुरूप तत्काल कॉम्बेट टीम को चिकित्सा हेतु रवाना करेंगे और इसकी सूचना संभागायुक्त एवं जिला कलेक्टर को भी देंगे। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पॉम्पलेट एवं मुनादी के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बिलासपुर नगर में संभावित पीलिया एवं अन्य संक्रामक बिमारियों की रोकथाम के लिए विभिन्न वार्डों में शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। अब तक चांटीडीह ईरानी मोहल्ला, बंधवापारा, तालापारा, मधुबन दयालबंद नारियल कोठी, चिंगराजपारा, कतियापारा, सरकण्डा माताचौरा एवं तोरवा पटेलपारा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये गए हैं। इन शिविरों में लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही मौसमी बिमारियों से बचाव के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी जा रही है। नगर निगम द्वारा सड़े-गले फल एवं सब्जियों को जप्त कर नष्ट करने की कार्यवाही की जा रही है। रायगढ़ जिले से प्राप्त जानकारी के अनुसार रोग पीलिया और जल जनित मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कलेक्टर श्री मुकेश बंसल द्वारा जिले में 59 स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों के आयोजन की तारीखें घोषित कर दी गयी हैं। जिला प्रशासन द्वारा 120 आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी स्वास्थ्य शिविर लगाने का कार्यक्रम बनाया गया है। सभी सरकारी अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाईयां उपलब्ध करा दी गयी है। मुंगेली जिले में भी आंगनबाड़ी केन्द्रों के स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की तैयारी चल रही है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री परशुराम 8 को उज्जैन तथा 9 मई को इंदौर में
भोपाल : मंगलवार, मई 6, 2014 राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री आर. परशुराम 8 तथा 9 मई को क्रमश: उज्जैन और इंदौर में प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव तैयारी की समीक्षा करेंगे। श्री परशुराम 8 मई को संभागीय मुख्यालय उज्जैन में दोपहर 2 बजे बैठक में संभागायुक्त, संभाग के सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) तथा आयुक्त नगर निगम के साथ इन चुनाव की तैयारी के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर बिन्दुवार समीक्षा करेंगे।
श्री परशुराम 9 मई को इंदौर संभागीय मुख्यालय में प्रात: 9.30 बजे चुनाव तैयारी की समीक्षा करेंगे। दोनों बैठक में मुख्य रूप से संसाधनों की उपलब्धता, चुनाव में ई.व्ही.एम. के उपयोग, ई.व्ही.एम. के सुरक्षित भण्डारण, जिलों में ई.व्ही.एम. के बारे में जागरूकता अभियान के संचालन, फोटोयुक्त मतदाता सूची की तैयारी, परिसीमन प्रक्रिया की स्थिति, सूचना के त्वरित आदान-प्रदान में आई.टी. के अधिकतम उपयोग, सघन प्रशिक्षण तथा हाल के विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव संचालन में अपनायी गई 'बेस्ट प्रेक्टिसेज' पर चर्चा होगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री परशुराम इसके पूर्व नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी के संबंध में ग्वालियर, खजुराहो तथा रीवा में संभागीय समीक्षा कर चुके हैं। उज्जैन तथा इंदौर में होने वाली बैठक इसी क्रम में हो रही है।

कालीसिन्ध थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट पहली इकाई से व्यावसायिक विद्युत उत्पादन आर भ
जयपुर, 6 मई। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के झालावाड स्थित कालीसिन्ध थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट की 600 मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई ने मंगलवार रात्रि 8 बजे से व्यावसायिक विद्युत उत्पादन आर भ कर दिया है। इस इकाई से राज्य ग्रिड को औसतन 130 लाख यूनिट अत्तिरिक्त बिजली प्रतिदिन मिलेगी। कालीसिन्ध थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट की 600 मेगावाट की इस नवनिर्मित पहली इकाई को विभिन्न परीक्षणों के अन्र्तगत संचालित किया जा रहा था। लगातार 72 घंटे पूर्ण क्षमता पर संचालन के फलस्वरुप अब इस इकाई को व्यावसायिक उत्पादन उपयुक्त माना गया है। इस परियोजना के अन्र्तगत 600 मेगावाट क्षमता की द्वितीय इकाई भी निर्माणाधीन है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। अगले माह जून के अन्त तक इस इकाई को सिन्क्रोनाइज किये जाने का लक्ष्य है।

डीजीसीए द्वारा हवाई जहाज के कर्मी-दल की स्वास्थ्य योग्यता के लिए नए नियम जारी
06-मई, 2014 नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पहली बार हवाई जहाज के कर्मी-दल की मेडिकल जांच के लिए नए नियम, सिविल एविएशन रिक्वायर्मेंट (सीएआर) जारी किए हैं। सीएआर ने अधिक वज़न वाले कर्मी-दल से संबंधित बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के लिए नए नियम तथा अधिक बीएमआई मामलों को हटाने के लिए नियम जारी किए हैं। महानिदेशालय ने श्रेणी-2 की मेडिकल जांच के समक्षक प्राथमिक व पुनः की जाने वाली मेडिकल जांच के लिए सिविल एविएशन रिक्वायर्मेंट (सीएआर) धारा-7, कर्मी-दल के मेडिकल योग्यता के मानदंड तथा सीरीज-सी भाग-2, जारी किए हैं। यह योग्यता नियम हवाई जहाज नियम, 1937 के नियम 38-बी की धाराओं के अंतर्गत जारी किए गए हैं। इनमें कहा गया है कि हवाई जहाज के चालन संबंधित नियमावली के अनुसार हवाई जहाज की आपातकालीन स्थिति सहित उड़ान के समय अपने कर्तव्य पूरे करने के लिए कर्मी-दल का पूर्ण तरह स्वस्थ होना आवश्यक है। उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तथा जहाज में सुरक्षा के कर्तव्य को निपुणता से निभाने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कर्मी-दल के लिए मेडिकल जांच की अवधि इस प्रकार निर्धारित की गई है. 40 साल की उम्र तक हर 4 साल में एक बार 50 साल तक की उम्र तक हर 2 साल में एक 50 साल से अधिक उम्र होने पर प्रत्येक वर्ष
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कर्मी-दल को पूर्ण तरह स्वस्थ, अस्थाई रूप से अस्वस्थ तथा पूर्ण तरह अस्वस्थ की श्रेणी में रखा जाएगा। सीएआर अस्थाई रूप से अस्वस्थ कर्मी-दल तथा पूर्णः अस्वस्थ कर्मी-दल के मामलों के निपटान के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करता है। सीएआर में डाक्टरी जांच से संबंधित किसी शिकायत पर पुनर्विचार का प्रावधान भी है। सीएआर सभी हिस्सेदारों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद जारी किए गए हैं तथा इन्हें फौरन लागू कर दिया गया हैं। इन्हें डीजीसीए की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। 

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