मोदी के खिलाफ उन्हीं के अंदाज में राहुल का चुनाव प्रचार

वाराणसी: पहले मोदी,फिर केजरीवाल अोर अब पहुंचे राहुल जी हां प्रधानमंत्री पद के भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने जिस तरह अमेठी में चुनाव प्रचार कर स्थानीय उम्मीदवार राहुल गांधी पर निशाना साधा था, उसी तरह कांग्रेस महासचिव भी उसी तरह वाराणसी में चुनाव प्रचार कर रहे है।
अाज उनके प्रचार का आखिरी दिन है। मोदी वाराणसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। गांधी टोपी पहने ४३ वर्षीय राहुल ने कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय के साथ मुस्लिम बहुल गोल गद्दा इलाके में अपना रोडशो शुरू किया। सबसे पहले राहुल ने वहीं पहुंचने पर अपने पिता को नमन नहीं किया। बता दे कि कल आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अरविंद्र केजरीवाल ने एक बड़ा रोड शो किया था। दो दिन पहले मोदी ने भी यहां एक रोडशो किया था। राहुल का रोडशो करीब दस किलोमीटर की दूरी तय कर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार के पास लंका में खत्म होगा। इसी जगह से केजरीवाल और मोदी दोनों ने अपने अपने रोड शो शुरू किए थे। राहुल के रोड शो में मौजूद नेताओं में गुलाम नबी आजाद, मधुसूदन मिस्त्री, सीपी जोशी और राज बब्बर शामिल हैं।

राजपत्रित अधिकारी करेंगे डाक-मत पत्र की गिनती
भोपाल : शनिवार, मई १०, २०१४ मध्यप्रदेश में १६ मई को होने वाली मतगणना में सबसे पहले सुबह ८ बजे डाक-मत पत्र की गणना की जायेगी। डाक-मत पत्र की गणना प्रारंभ होने के ३० मिनट बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोट की गिनती शुरू की जायेगी। डाक-मत पत्र की गणना के लिए केवल राजपत्रित अधिकारियों को ही लगाया जायेगा। इसमें रेण्डमाईजेशन कर कार्य का आवंटन किया जायेगा। डाक-मत पत्र को समय पर संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में प्राप्त करने के संबंध में डाक विभाग द्वारा नोडल ऑफिसर नियुक्त किये गये हैं। डाक-मत पत्र की गणना केवल रिटर्निंग ऑफिसर के मुख्यालय पर होगी, जिनकी संख्या २९ है। ईवीएम के अंतिम राउण्ड से पहले वाले राउण्ड तक समस्त डाक-मत पत्र की गणना पूर्ण कर ली जायेगी। डाक-मत पत्र की गणना के लिए रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल के समक्ष टेबल लगाई जायेगी। एक टेबल पर अधिकतम ५०० डाक-मत पत्र की गणना होगी। मतगणना स्थल पर अधिकतम चार टेबल लगाई जा सकेगी। डाक-मत पत्र की गणना के लिएकुल ५६ टेबल लगाई जायेगी । इतने ही सहायक निर्वाचन अधिकारी की तैनात किये जायेंगे। डाक-मत पत्र की गणना के लिए।

प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है पीलिया
रायगढ, १० मई २०१४ जिले में संक्रामक रोग पीलिया के प्रकोप से बचाव, रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों पर प्रभावी अमल हेतु विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के १५ से ५० दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रकट होते है इससे गर्भवती महिलाओं को खतरा अधिक है, अतएव गर्भवती महिलाएं बचाव एवं उपचार हेतु विशेष रूप से ध्यान रखें।
प्रमुख लक्षण-भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब आना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना एवं आंखे और तत्वा का रंग पीला होना आदि पीलिया के प्रारंभिक लक्षण है। पीलिया के विषाणु पीलिया के मरीज के मल के साथ विसर्जित होते हैं। इसी तरह पसीना नहीं आना व भूख कम लगना शामिल है। उपरोक्त लक्षण होने पर-सलाह दी गई है कि वे तत्काल मेडिकल कालेज अस्पताल, जिला अस्पताल या निकट के स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क कर उपचार लें। यदि स्वास्थ्य केन्द्र तक जाने में असुविधा हो तो टोल फ्र ी नंबर १०८ किसी भी फोन से डॉयल करें और नि:शुल्क संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें। चिकित्सकीय सलाह व अस्पताल के संबंध में जानकारी हेतु १०४ स्वास्थ्य परामर्श सेवा टोल फ्री नंबर पर किसी भी फोन से सलाह प्राप्त करें।
बचाव के बिन्दु-इसके बचाव उपाय के तहत पानी २० मिनट तक उबालकर ठंडा कर पीयें, २० लीटर पीने के पानी में एक क्लोरीन गोली पीस कर डालें एवं ३० मिनट पश्चात उपयोग करें। शौच के पश्चात एवं भोजन के पहले हाथ साबुन से धोवें। खुली में रखी, बासी व सडी-गली खाद्य सामग्री का सेवन न करें।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिये जिला स्तरीय कमेटियां बनेंगी
जयपुर, 10 मई। मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले मेंं जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जायेगी, जो साप्ताहिक रूप से इन बीमारियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा करेगी।
मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के निर्देश पर शनिवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़, जल संसाधन मंत्री श्री सांवरलाल जाट तथा मु य सचिव श्री राजीव महर्षि की उपस्थिति में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। मु य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं स्थानीय निकाय के अधिशाषी अधिकारी या आयुक्त इस कमेटी के सदस्य होंगे। कमेटी हैपेटाइटिस-बी, हैजा, आंत्रशोथ सहित अन्य मौसमी बीमारियों के संबंध में नियमित समीक्षा करेगी।

स्वाइन लू की 24 घंटे में नि:शुल्क जांच
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वाइन लू के लक्षण पाये जाने पर स बन्धित रोगी की 24 घंटे के भीतर नि:शुल्क जांच की जाये ताकि रोगी को समय पर उचित उपचार उपलब्ध हो सके। इसके लिये प्राइवेट अस्पतालों को भी पाबन्द करने के निर्देश दिये।

लीकेज लाइनें तुरन्त दुरुस्त कराएं
बैठक में दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिये तत्काल कदम उठाने, प्रदेशभर में लीकेज पाइप लाइनों को तुरन्त प्रभाव से दुरुस्त करने तथा शुद्घ पानी के लिये नियमित रूप से क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिये गये। गर्मियों में पानी की कमी से प्रभावित क्षेत्रोंं को चिन्हित करने और वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था करने, हैण्डपंपों की मर मत करने सहित सभी समुचित प्रबन्ध करने के निर्देश दिये गये। राज्य स्तर पर अतिरिक्त मु य सचिव श्री सी.एस. राजन मौसमी बीमारियों व शुद्घ पेयजल आपूर्ति से स बन्धित सभी मामलों की नियमित समीक्षा करेंगे।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास श्री डी.बी. गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री दीपक उप्रेती, रीको की चेयरमैन श्रीमती वीनू गुप्ता सहित स बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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