मिशन भाजपा में उलझी कॉग्रेस: फैसला जनता के हाथ

व्ही.एस.भुल्ले/ सटीक जबावों के आभाव में जो दुर्गति कॉग्रेस विचार धारा की विगत वर्षो में हुई है। वह किसी से छिपी नहीं। आजादी के 65 वर्ष बाद सवाल तो होना ही थे। जो मजबूत लेाकतंत्र का तकाजा भी था सो विगत वर्षो में कॉग्रेस से खूब सवाल हुये और जब 16 वी लेाकसभा के गठन के लिये 3 चरणों का चुनाव शेष है तब विपक्ष की ओर से तीखे सवालों की झड़ी ने कॉगे्रस को एक खलनायक के रुप में प्रस्तुत कर दिया है।
चाहे वह सवाल,अन्ना,केजरीबाल,लेाकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के रहे है। या फिर देश की जागरुक जनता के सटीक जबाबों के आभाव में मानो कॉग्रेस मिशन भाजपा में उलझ कर रह गयी। जो अभी भी सफाई देने के बजाये हमलावर बन बौखलाई स्थति में है और सिर्फ धर्मनिरपेक्षता और एकता पर छितड़े उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। यह सबकुछ कांग्रेस जैसी महान विचार धारा के साथ उस वक्त हो रहा है जबकि उसके पास उसका सुनहरा इतिहास वर्तमान और भविष्य उसके पास है। मगर अफसेास कॉग्रेस के थिंकटेक या फिर चापलूसी के सहारे अपने औहदे बजाये बैठे। रणनीतिकारों की रणनीति पर कि वह पर परागत सालीन राजनैतिक जबावों के बजाये बौखलाहट में कुछ तो भी बोल रहे है। कारण साफ है जब राजा या नेता चाटूकार पसन्द हो,विद्धवान चुप, और स्वार्थी सलाहकार हो तो ऐसा होना तो आवश्यक हो जाता है। जो चुनावों के दौरान देखने और सुनने मिल रहा है।

एक कारण यह भी हो सकता कि 10 साल चली सरकार में देश के स्वाभिमानी मुद्दों पर समय पर सटीक निर्णयों का न हो पाना और ज्वलंत मुद्दों पर चुप रह जाना, जिनके जबावों की दरकार देश वासियों को समय वेसमय रही और सरकार अनिर्णय की स्थिति में बनी रही। जिस तरह से जनता के सवालो का जबाव अंहकारी ढंग से विगत वर्षो में सरकार द्वारा दिया गया। उसे शायद समझ ही नहीं रही कि जिन सवालो को वह दुदकार रही है। कल उन्हीं सवाल कत्र्ताओं के दर उसके नुमाईन्दों को वोटो की भीख मंागने जाना है।

जिस सरकार में जब बगैर वोट मांगे ही सरकार में अहम औहादा हासिल हो और सरकार में अहम भूमिका निभा रहे हो उनसे आम जन के साथ सालीन व्यवहार की उ मीद भी कैसे की जा सकती है। शायद यहीं कारण रहा कि देश की जनता को आज चुनावों के दौरान सवालों में दिलचस्वी अधिक मगर जवावों से सतुंष्टी नहीं।
यहीं कारण है कि मिशन भाजपा में कॉग्रेस के लिये खासी तैयारी हुई होगी जिसके सटीक बार कॉग्रेस में बौखलाहट ला जनसमर्थन अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।

इसमें कोई दो मत नहीं कि कॉग्रेस जैसा वृहत संगठन किन्हीं विचारको की बिना और किसी विचार धारा के लिये न लढ़ यह चुनाव कुछ व्यक्तियों के लिये लड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जो चापलूस चाटूकारो की जमात से घिरा दिखाई पड़ता है। नहीं तो क्या कारण जो देश का जनमानस आज जहर का घूट पी उस विचार धारा को झेलने तैयार है। जिसे वह 3 दशक तक पूरे भारत में ठीक से स्वीकार नहीं कर पाया।

वहीं निर्णय क्षमता के विश्वास और सबको साथ लेकर चलने वालो के व्यान और बादे लेागों का ज्यादा लुभाते नजर आ रहे है। न कि वो सच्चाई देखने सुनने तैयार जिसकी बिना पर वह 55 वर्षो में खड़ा हो जो आम देश वासी आज उसी से सवाल करने और परिणाम बताने की जिद पर अड़ा है। जिसकी नीतियों ने उसे इस लायक बनाया। बेहतर हो कि कॉग्रेस सोचे और शेष बचे 3 दौर के चुनावों में परफोरमेन्स समझे और देखे। तथा आरोपों से विचलित हुये बगैर अपनी विचार धारा और नीतियों पर डटी रहे तब तो ठीक बरना 16 मई दूर नहीं जब जनता का फैसला सभी के सामने होगा।

पेसा अधिनियम लागू करने पंचायतों को अधिक प्रभावी और सहभागी बनाएं: श्री अजय चंद्राकर
रायपुर २८ अप्रैल २०१४ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने आज यहां निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में च्च्छत्तीसगढ़ में पेसा (पंचायत एक्सटेंशन इन सेड्यूल एरिया) अधिनियम का क्रियान्वयन एवं चुनौतीज्ज् विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। पेसा अधिनियम पर अनुसूचित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की क्षमता वृद्धि व प्रशिक्षण के द्वारा संस्थागत संरचना की समझ विकसित करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, श्री एम.के. राउत, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए. के. सिंह सहित राज्य सरकार के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्री चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि पेसा अधिनियम को प्रदेश में लागू करने के लिए पंचायतों को अधिक प्रभावी और अधिक सहभागी बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होनंे राज्य स्तर पर कार्यशील समूह और समिति गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यशील समिति को आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, गुजरात जैसे राज्यों का अध्ययन करना चाहिए और अध्ययन के बाद राज्य सरकार को सुझाव दंे। उन्होनें कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उनके सुझावों पर कैबिनेट स्तर पर भी नीतिगत निर्णयों के प्रयास किए जाएंगे। श्री चन्द्राकर ने इस अधिनियम के माध्यम से कार्यपालिका, न्यायपालिका और व्यवस्थापिका में भी सहयोगी भूमिका निभाने को कहा। प्रमुख सचिव श्री राउत ने कार्यशाला में कहा कि इस अधिनियम के संबंध में पेसा क्षेत्रों के अधिकारियों व कर्मचारियों को न सिर्फ जानकारी होनी चाहिए, बल्कि पेसा अधिनियम को लागू करने में हो रही चुनौतियों के समाधान के लिए भी प्रयास किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस अधिनियम के द्वारा जनजाति क्षेत्रों की ग्रामसभाओं को विशेष अधिकार दिए गए हैं, जिसके तहत नशीली वस्तुओं के उपयोग एवं बिक्री, लघु वनोपज का मालिकाना हक, जमीन की अवैध खरीदी बिक्री पर रोकथाम आदि के संबंध में नियम बनाने तथा उन्हें लागू करने की पूरी शक्ति प्रदान की जाती है। कार्यशाला में आबकारी विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, खनिज विभाग, वन विभाग, जल संसाधन विभाग और पंचायत विभाग के जिला व जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शामिल थे। कार्यशाला में महाराष्ट्र के श्री देवजी तोफा, वृक्ष मित्र के संस्थापक व समाजसेवी और पेशा अधिनियम को पंचायत में लागू करने के प्रयासों के लिए पहचाने जाने वाले श्री श्याम बोहरे मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित है।

ट्राँग रूम की वेबकास्टिंग सुनिश्चित करें सभी जिले
भोपाल : सोमवार, अप्रैल २८, २०१४ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के जिलों को ईवीएम की सुरक्षा एवं पारदर्शिता की दृष्टि से स्ट्राँग रूम की वेबकास्टिंग को सुनिश्चित रूप से करवाने के निर्देश दिये हैं। जिला कलेक्टरों को बताया गया है कि स्ट्राँग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को जन-सामान्य तक पहुँचाने के लिये वेबकास्टिंग को सीईओ की वेबसाइट से लिंक किया जा रहा है। इससे न सिर्फ निष्पक्षता बल्कि पारदर्शिता सबके सामने आ सकेगी। यह जानकारी जिला कलेक्टरों के साथ आज हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ता राव ने दी। इसके पूर्व उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी श्री अभिषेक और जिला कलेक्टरों के साथ मतगणना में प्रयुक्त होने वाले जेनेसिस साफ्टवेयर के उपयोग के संबंध में चर्चा की।

लोकसभा चुनाव-2014 पुनर्मतदान में हुआ रिकॉर्ड मतदान
जयपुर, 28 अप्रेल। टोंक-सवाईमाधोपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में निवाई के अरनिया गांव में बूथ सं या 208 पर सोमवार, 28 अप्रेल को हुए पुनर्मतदान में रिकॉर्ड वोट पड़े। पंजीकृत मतदाताओं के अलावा चार मतदानकर्मियों ने भी यहां मतदान किया। मु य निर्वाचन अधिकारी श्री अशोक जैन ने बताया कि बूथ सं या 208 पर कुल 334 मतदाता पंजीकृत हैं। इसके अलावा 24 अप्रेल को इस बूथ पर मतदान कार्य के लिए लगाए गए चार मतदान कर्मियों ने भी यहां ईडीसी (इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट) के माध्यम से अपने मताधिकार का पुन: प्रयोग किया। इस प्रकार इस बूथ पर पुनर्मतदान के दौरान कुल 338 मतदाताओं में से 337 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में टोंक-सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र में 24 अप्रेल को हुए मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने पर निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन विभाग की सिफारिश पर पुनर्मतदान के आदेश दिए थे।

महानिदेशक दमकल सेवाएं सिविल डिफेंस एवं होम गार्डस पद का अतिरिक्‍त प्रभार
नई दिल्ली। २८-अप्रैल २०१४ राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो के निदेशक श्री आर आर वर्मा भारतीय पुलिस सेवा (बीएच- ७८) दमकल सेवाओं सिविल डिफेंस एवं होम गार्डस के महानिदेशक का अतिरिक्‍त पदभार संभालेंगे। यह आदेश तत्‍काल प्रभाव से लागू होगा और यह तब तक लागू रहेगा, जब तक इस पद के लिए नियमित आधार पर अथवा अगले आदेश तक नियुक्ति नहीं होती।
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