भारतीय पत्रकारिता का अतीत बहुत गौरवशाली रहा है: राज्यपाल

भोपाल। रविवार, अप्रैल 27, 2014 राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने आज माधवराव सप्रे स्मृति समाचार-पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान के 30 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित समारोह में कहा कि भारतीय पत्रकारिता का अतीत बहुत गौरवशाली रहा है।

आजादी की लड़ाई में तमाम नायक पत्रकारिता से जुड़े थे। पत्रकारिता की सार्थकता इसी में है कि वह समाज का उचित मार्गदर्शन करे। मीडिया में सभी पक्ष आने चाहिए किंतु इसमें किसी खास विचारधारा का आधिपत्य नहीं होना चाहिए। राज्यपाल श्री यादव ने इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 पत्रकारों और पत्रकारिता से जुड़े समाज सेवियों का सम्मान किया। अध्यक्षता साहित्य मनीषी प्रो. रमेशचन्द्र शाह ने की। राज्यपाल श्री यादव ने इस अवसर पर प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राज्यपाल श्री यादव ने युवा पत्रकारों से कहा कि युवा शक्ति ने ही देश में हर परिवर्तन का सूत्रपात किया है। 

युवा पत्रकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश के लिए बलिदान करने वाले पत्रकारों से प्रेरणा लेकर देश को एक नई सोच और दिशा देने का प्रयास करें। श्री यादव ने कहा कि समाचार-पत्र और पत्रिकाओं की इबारत में भारत का स्वतंत्रता-संग्राम, समाज सुधार, स्वदेशी और आर्थिक आंदोलन इत्यादि की समूची गाथा सुरक्षित है। श्री यादव ने कहा कि महात्मा गाँधी, शहीद भगत सिंह, पंडित जवाहरलाल नेहरू, बाल गंगाधर तिलक, पंडित मदनमोहन मालवीय, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता की शक्ति को पहचान कर ही उसे समाज सुधार और देश सेवा का माध्यम बनाया। प्रो.शाह ने कहा कि प्राचीन समय से आधुनिक युग तक पत्रकारिता में बहुत बदलाव हुए हैं। हम अपने मूल्यों से न भटकें और पत्रकारिता में अपनी परम्परा और संस्कारों को न भूलें। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में समाचार-पत्र और पत्रिकाओं का अदभुत संग्रह है। सप्रे संग्रहालय के संस्थापक संयोजक श्री विजयदत्त श्रीधर ने संग्रहालय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जनसम्पर्क विभाग के अपर सचिव श्री लाजपत आहूजा ने कहा कि पत्रकारिता की इस रचनात्मक यात्रा का कोई अंत नहीं है। 

हमें मानवीयता और पत्रकारों से अच्छे व्यवहार करने की यह विरासत अपने वरिष्ठजन से प्राप्त हुई है। राज्यपाल श्री यादव ने संतोष कुमार शुक्ल स्मृति लोक संप्रेषण पुरस्कार से अपर सचिव जनसम्पर्क श्री लाजपत आहूजा, राजेन्द्र नूतन पुरस्कार से श्री भगवान उपाध्याय, युगल किशोर शुक्ल पुरस्कार प्रो. कमल दीक्षित और श्री अरविंद शीले, माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार से श्री अरूण चौहान, जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी पुरस्कार से श्री राजेश चतुर्वेदी और श्री चन्द्रवेश पांडे, झाबरमल्ल शर्मा पुरस्कार से श्री ओम प्रकाश गौड़, रामेश्वर गुरू पुरस्कार से डॉ. विद्युल्लता और सुश्री खुशबू जोशी, के.पी. नारायणन पुरस्कार से श्री अनूप दत्त, यशवंत अरगरे पुरस्कार से श्री राजेश गाबा, आरोग्य सुधा पुरस्कार से श्री अनिल सिरवैया, होमई व्यारावाला पुरस्कार से श्री नवल जायसवाल और श्री मुजीब फारूकी को सम्मानित किया। समारोह में संस्थान के अध्यक्ष श्री शिवकुमार अवस्थी, उपाध्यक्ष डॉ. राकेश पाठक, निदेशक डॉ. मंगला अनुजा तथा बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पीलिया के प्रकोप को गम्भीरता से लिया : नई दिल्ली से फोन पर प्रमुख सचिव से ली जानकारी
रायपुर 27 अप्रैल 2014 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर के दीनदयाल नगर सहित कुछ अन्य इलाकों तथा दुर्ग शहर के कुछ मोहल्लों में पीलिया के प्रकोप के बारे में मिली शिकायतों को गंभीरता से लिया हैफ उन्होंने रायपुर में इस बीमारी से एक इंजीनियरिंग छात्र और एक गर्भवती महिला की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। डॉ. रमन सिंह ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में पीलिया तथा अन्य संक्रामक मौसमी बीमारियों की समय पूर्व रोकथाम के लिये पेयजल स्रोतों के शुद्धिकरण, नालियों की साफ-सफाई, हैण्डपम्पों तथा पेयजल पाईप लाईनों को दुरूस्त करने, सभी सरकारी अस्पतालों को चौबीसों घण्टे खुला रखने, मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और बीमारी प्रभावित वार्डो में सवेरे दस बजे से शाम पांच बजे तक विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर लगाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि स्वास्थ्य और पेयजल सेवाओं के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी डॉ. रमन सिंह ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और पंचायत विभाग को पूरे प्रदेश में विशेष सतर्कता बरतने की भी सख्त हिदायत दी है। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता की सेहत को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज यहां दीनदयाल उपाध्याय नगर के सेक्टर चार में पानी टंकी के पास चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में 86 लोगों की सेहत की डॉक्टरी जांच की गयी। इनमें पीलिया के 19 संभावित मरीज पाए गए जिनके खून के नमूने लेकर परीक्षण और पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भिजवाया गया है, जबकि इनमें से पांच मरीजों को भर्ती के लिए स्थानीय जिला अस्पताल रेफर किया गया है। सभावित मरीजों को प्राथमिक इलाज के लिए आवश्यक दवाईयां भी दी गयी। इस दौरान सेक्टर-चार में लगभग 40 सफाई कर्मियों को काम पर लगाकर नालियों की सफाई करवाई गयी और तीन डम्पर कचरा उठवाया गया। नगर निगम के सहयोग से इस स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल चिकित्सा यूनिट द्वारा किया गया। कल 28 अपै्रल को सेक्टर-चार पानी टंकी के पास फिर विशेष चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा। यह शिविर सवेरे 10 बजे शाम पांच बजे तक चलेगा। रायपुर शहर के कॉमरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड में भी श्री सांई बाबा मंदिर के पास कल 28 तारीख को सवेरे 10 बजे से शाम पांच बजे तक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार ने बताया कि डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे नई दिल्ली से फोन पर रायपुर और दुर्ग में पीलिया के प्रकोप के बारे में उनसे पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें पीलिया प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के माध्यम से चिकित्सा शिविर आयोजित करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों में लोगों की समुचित डॉक्टरी जांच की जाए और पीलिया आदि बीमारियों के संभावित मरीजों के रक्त के नमूने लेकर उनका समुचित परीक्षण किया जाए। बीमार मरीजों के इलाज की उचित व्यवस्था की जाए। डॉ. रमन सिंह ने शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछायी गयी पाइप लाइनों की जांच करवाने और आवश्यकता अनुसार उनकी मरम्मत करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन पाईपों में नालियों के गंदे पानी के रिसाव को रोकने के लिये भी हर जरूरी कदम उठाया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति श्री आर.एम. लोढ़ा भारत के मु य न्यायाधीश बने
जयपुर, 27 अप्रेल। राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी से रविवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राजस्थान निवासी न्यायमूर्ति श्री आर.एम. लोढ़ा को भारत के मु य न्यायाधीश पद की शपथ दिलवाई।
इस मौके पर बड़ी सं या में गणमान्य लोग विशेषकर राजस्थान से आये विशिष्टजन भी मौजूद थे।
राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एवं जाने-माने लेखक डॉ. धर्मेन्द्र भंडारी और पूर्व आई.ए.एस. डॉ. महेन्द्र सुराणा ने राजेन्द्र मल लोढ़ा को सर्वोच्चय न्यायालय का मु य न्यायाधीश बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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