क्या हर झूठ का जबाव देगी,जनता, आपका वोट ही करेगा सच झूठ का फैसला, मतदान अवश्य करें

वीरेन्द्र शर्मा/ ग्वालियर-च बल में लाख कोशिसों के बाद आम जनता की पीढ़ा को बिसरा 16वी लेाकसभा के लिये 17 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नदारद रहे अहम मुद्दों का स्थान झूठ,सच कि व्यार में वह गये चुनाव पूर्व और चुनाव प्रक्रिया के दौरान चले सच झूठ के खेल ने साबित कर दिया कि हमारे दल आज भी अहम मुद्देां पर चर्चा के लिये तैयार नहीं।
कारण साफ है सत्ता के लिये भाग्य आजमाने वाला हर दल वो सब कर गुजरने को तैयार है। जिससे उसे चुनावों में फतह हासिल हो सकती हो। यूं तो ग्वालियर-च बल में प्रमुख राष्ट्रीय राजनैतिक दलो के अलावा,क्षेत्रीय राजनैतिक दल सहित कई निर्दलीय अपना भाग्य 16वी लेाकसभा के लिये आजमा रहे है।
अगर भाजपा,कॉग्रेस,ब.स.पा.,स.पा.,आम आदमी पार्टी,लेाकतांत्रिक समाजवादी एवं निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच चल रही रस्सा कसी को देखे तो सबसे तेज वाक युद्ध भाजपा कॉग्रेस के बीच चल रहा है। इस बीच जातियों का गणित अघोषित रुप से भले ही सर चढ़ कर नहीं बोल रहा हो मगर जातियों का धु्रवी करण कैसे हो कैसे उन्हें अपने पक्ष में किया जाये यह प्रयास अवश्य हो रहा है।
मगर इन सब के बीच ग्वालियर-च बल की सबसे प्रतिष्ठा पूर्ण सीट बनी गुना सीट पर सच झूठ को लेकर भाजपा कांग्रेस के बीच जबरदस्त युद्ध छिड़ा है। एक ओर कांग्रेस कै प से 16वी लेाकसभा के लिये कॉग्रेस प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया है। वहीं दूसरी ओर उनके समर्थकों ने क्षेत्र के विकास और क्षेत्र के आम गरीब किसानों के खिलाफ हो रहे अन्याय के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सिंधिया समर्थकों का कहना है,कि उनके नेता इसी विरोध में वह अपनी वाह पर काली पट्टी बांध कर चुनाव प्रचार कर रहे है। उनका सीधा आरोप है कि प्रदेश सरकार म.प्र. के किसानो के साथ झूठ बोल छलावा कर रही है। बारिस की तबाही और ओला वृष्टि का मुआवजा न बांट प्रदेश ही नहीं उनके क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय कर रही है।
जबकि म.प्र. सरकार ने 2000 करोड़ की व्यवस्था की बात की केन्द्र से मैंने 31 मार्च को लगभग 500 करोड़ दिलाये जाने के बावजूद एक रुपया तक बर्बाद हो चुके हमारे अन्नदाताओं को नहीं बाँटा गया। उस पर से प्रदेश के मु यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के मायावी व्यान और व्यक्तिगत झूठे आरोप हमारी समझ से परे है।
मगर हम कांग्रेसी नेता होने के नाते अपना कत्र्तव्य समझते हैं कि हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने क्षेत्र की जनता को अपना परिवार समझते है और समय मिलने पर अपनी बात भी अपने तरीके से रखते है। विपक्ष ऐसे ऐसे आरोप मात्र चुनाव जीतने के लिये हमारे नेता पर लगाते है,जो निहायत सत्य से कोसों दूर होते है। हमारे संस्कार हमें इजाजत नहीं देते। मगर हमारी मजबूरी है कि जब परिवार के मुखिया पर झूठे आरोप मड़े जा रहे हो तब परिवार के बीच सच रखना हमारी जबावदेही भी है।
क्योकि झूठ की इन्तहा हो चुकी है जिन 65 वर्षो की ये लेाग बात करते हैै क्षेत्र की जनता को भ्रमित करने झूठे आरोप लगाते है अगर हमारी जानकारी गलत नहीं तो, बात मात्र 55 वर्षो की है। जिसमें लगभग 20 वर्ष और घटा देा तो बात मात्र 35 वर्षो की बचती है जिसमें कुछ वर्ष कै.माधराव सिंधिया जी ने क्षेत्र का नेतृत्व किया और अब 12 वर्षो से श्रीमंत ज्योतिरादित्या सिंधिया नेतृत्व कर रहे है। जहां तक कै . बासी माधौ महाराज का सवाल है तो जो विकास और सुविधायें लगभग 100 वर्ष पूर्व उन्होंने क्षेत्र की जनता को मुहैया कराई जो विकास उन्होंने किया उसकी कल्पना तक हम उस समय में नहीं कर सकते थे। उस समय बेहतर खेल मैदान ही नहीं सुरक्षा के साथ अन्नदाताओं को पठारी क्षेत्र में हजारों तालाब हर्षी,तिघरा डैम सहित विश्व प्रसिद्ध इन्जीनियर्स सर विश्वैश्वर सरैया द्वारा सिन्ध के जल का क्षेत्र वासियों के उपयोग के लिये सर्वे जिसकी बिना पर अटल सागर और मोहनी डेम खड़ा है।
इतना ही नहीं प्रशासनिक दृष्टि से बड़े बड़े भवन,कोठियों,रेस्ट हाउस,रोजगार के लिये वानमौर सीमेन्ट,ग्वालियर,जे.सी. सिमके मग्गा कत्थामिल जैसे उघोग माधव इन्सटेटियूट मेडिकल कॉलेज, जीवाजी यूनिवर्सिटी,रेल,बिजली,सीवेज,सड़क,नेशनल पार्क और न जाने क्या क्या।
रहा सवाल कै.माधराव सिंधिया जी के कार्यकाल का तो उन्होंने देश को शताब्दी ट्रेनों की श्रंखला,विदेश में भारतीय रेल को उच्च स्थान, ग्वालियर सुपर फास्ट टे्रनो के स्टापिच, ग्वालियर स्टेशन का आधुनिकीकरण, गुना,इटावा,रेल लाइन,म.प्र. भर में हवाई पट्टियाँ सहित ग्वालियर,भोपाल,इन्दौर हवाई अड्डों पर बेहतर शुरुआत इतना ही नहीं ग्वालियर यूनिर्वसिटी में नई फैसलिटियों की शुरुआत ग्वालियर-च बल में नवोदय विद्यालयों की श्रंखला और शुरुआत।
मालनपुर ऐरिया जहां ठीक ढंग से सायकल ठीक करने की दुकाने भी नहीं थी वहां उघोगों की श्रंखला,वानमौरमें जे.के.टायर,सिंथौली में रेल्वे स्प्रिंग फैक्ट्री के अलावा गुना फटलाईजर, गैल की स्थापना अन्तराष्ट्रीय हॉकी,क्रिकेट मैदान ग्वालियर सहित गुना,डबरा में रेल्वे ऑव्हर ब्रिज सहित सिटी सेन्टर ऑव्हर ब्रिज की शुरआत शिवपुरी में टायगर सफारी टूरिस्ट विलेज की सुविधाये एवं पशुपालन दूध उघोग डेयरी इत्यादि।
रहा सवाल ज्योतिरादित्य सिंधिया का तो 12 वर्ष में साढ़े 12 हजार करोड़ 22 ट्रेने, एवं सेवायें अलग सेे,हमें याद है,कि सिन्ध पेयजल परियोजना, सीवेज प्रेाजेक्ट,पायलट प्रोजेक्ट,पॉलोटैक्निक कॉलेज, 300 बिस्तरों वाला नवीन अस्पताल आदिवासियों को आवास 190 करोड़ का मेडिकल कॉलेज नर्सिग प्रशिक्षण केन्द्र,अपशिष्ट प्रबन्धन संयंत्र प्रधानमंत्री,सी.आर.एफ सड़क सहित ग्वालियर से देवास तक की 4 लेन सड़क,विधुत के लिये ए.पी.डी.आर.पी. तथा रोजगार के लिये 5 खदाने इस बात की प्रमाण है कि हमारे नेता ने क्या किया? जबकि वे केन्द्र मात्र 6 वर्ष से राज्य मंत्री है और आज भी हर माह क्षेत्र केे लेागों के बीच जाना सुबह 9 बजे से रात ढाई बजे तक अपने क्षेत्र के विकास के लिये कार्य करना आज भी उनकी दिनचर्या में शामिल है अब इसके बावजूद भी अगर विपक्ष कुछ कहता है तो फैसला जनता को करना है।
जबकि देखा जाये तो पैसा देना केन्द्र सरकार का काम होता है क्षेत्र के विकास के लिये योजनाऐं स्वीकृत कराना पैसा दिलाना सांसद का कार्य होता है। मगर इन योजनाओं का क्रियान्वयन कर उन कार्यो को समय से पूर्ण कर जनता को सुविधा मुहैया कराना या फिर जिस कार्यो को केेन्द्र सरकार की संस्थाऐं करती है उन्हें भूमि,सड़क,पानी,सुरक्षा मुहैया कराना राज्य सरकारों का कार्य होता है। यह भारत के संविधान के तहत संघीय ढांचा (फैडरल सिस्टम) है। देखा जाये तो किसी भी प्रदेश में होने वाले अधिकांश कार्यो की जबावदेही राज्य सरकार की होती है। मगर संघीय ढांचे की मजबूरी का लाभ उठा आम गरीब जनता में भ्रम फैला वोट कबाडऩा उचित नहीं जो कि विपक्ष के कुछ प्रमुख नेता कर रहे है। जिसका जबाव शायद क्षेत्र की जनता 17 अप्रैल को अपने मत के माध्ययम से देगी और 16 मई को आने वाले चुनावी परिणाम सच झूठ का फैसला कर देगें ऐसा हमारा विश्वास है।

मानक विकसित करने में भारतीय उद्योग को एक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करनी है: मंत्रिमंडल सचिव
१६-अप्रैल, २०१४ मंत्रिमंडल सचिव श्री अजित सेठ ने आज कहा कि भारत में मानक विकसित करने में भारतीय उद्योग को एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। वाणिज्‍य और उद्योग मंत्रालय तथा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आज यहां आयोजित च्मानक संगोष्‍ठी: अंतरर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार में मानकों की भूमिका: चुनौतियां, अवसर और मसलेज् में अपने उद्घाटन संबोधन के दौरान श्री सेठ ने यह बात कही। श्री सेठ ने बताया कि भारत में मानक द्वारा संचालित संस्‍कृति नहीं है और भारत का उत्‍पादन क्षेत्र ऐसे वातावरण में काम करने के अभ्‍यस्‍त है जहां मानकों की कमी है। उन्‍होंने मानकों को अधिसूचित करने के उपाय उपलब्‍ध करने के लिए उचित कानून बनाने के लिए कहा। उन्‍होंने कहा कि विश्‍व व्‍यापार संगठन के उरूग्‍वे दौर में एसपीएस और टीबीटी समझौते अपनाने की वजह से अंतरर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मानकों की भूमिका महत्‍वपूर्ण रूप से बढ़ी है। उन्‍होंने बताया‍ कि मानकों की पहचान और विकास में भारत को अहम भूमिका निभाने की आवश्‍यकता है। इससे भारतीय उद्योग की प्रतिस्‍पर्धा क्षमता बढ़ेगी और निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे। वाणिज्‍य विभाग में वाणिज्‍य सचिव श्री राजीव खेर ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार में सीमा शुल्‍क के स्‍थान पर मानकों का इस्‍तेमाल किया जाता है। उन्‍होंने कहा कि सीमा शुल्‍क से अधिक नियमों के विकास को महत्‍व दिया जाता है। विश्‍व के देश उच्‍च मानक विकसित कर रहे हैं और इन मानकों के अनुरूप उत्‍पाद तैयार कर रहे हैं। उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि भारतीय उद्योग को भी ऐसा ही करना चाहिए।

चुनाव में उम्मीदवार की फिल्मों का प्रदर्शन दूरदर्शन पर नहीं
भोपाल : बुधवार, अप्रैल १६, २०१४ भारत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन हीरो की फिल्म, जो कि उम्मीदवार भी हैं, का प्रदर्शन दूरदर्शन पर नहीं हो सकेगा। आयोग का कहना है कि दूरदर्शन का संचालन शासकीय निधि से होता है। इस कारण यह प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध व्यावसायिक विज्ञापनों पर नहीं रहेगा। निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजे अपने निर्देश में कहा है कि यह प्रतिबंध केवल दूरदर्शन तक सीमित रहेगा। अन्य टी.व्ही. चेनल एवं सिनेमा-घरों में इस प्रकार के प्रदर्शन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा।

लोकसभा चुनाव-2014 3.82 लाख से अधिक कार्मिक जुटे चुनाव प्रबंधन में
जयपुर, 16 अप्रेल। लोकसभा आम चुनाव में राज्य की 25 संसदीय क्षेत्रों के मतदान सुचारू रुप से संपन्न कराने के लिए किए गए व्यापक प्रबंधन के अंतर्गत करीब 3 लाख 82 हजार 625 कार्मिक नियोजित किए गए हंै। मतदान 17 अप्रेल (गुरुवार) एवं 24 अप्रेल (गुरुवार) को प्रात: 7 बजे से सांय 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मु य निर्वाचन अधिकारी श्री अशोक जैन ने बताया कि राज्य में लोकसभा चुनाव के मतदान के लिए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी टीम मुस्तैद और सक्रिय हो गई है। इसके तहत मतदान दलों में लगभग 2 लाख 10 हजार कार्मिक (आरक्षित कार्मिक सहित) लगाए गए हैं। कानून -व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने के लिए 5 हजार सेक्टर मजिस्ट्रेट, 500 एरिया मजिस्ट्रेट, 4 हजार 500 माइक्रो ऑब्जर्वर, 5 हजार फोटोग्राफर्स एवं वीडियोग्राफर्स, 48 हजार बी.एल.ओ. लगाए गए हंैं। श्री जैन ने बताया कि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण मतदान स पन्न कराने के उद्देश्य से 1625 मतदान केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग कराने की व्यवस्था की गई है। वेबकास्टिंग से मतदान केन्द्र के भीतर की गतिविधियों को कैमरे में कैद किया जाएगा। चुनाव के दौरान खर्चों पर निगरानी रखने के लिए करीब 3 हजार कार्मिकों को लगाया गया है जिसमें सहायक व्यय पर्यवेक्षक, व्यय मॉनिटरिंग दल, वीडियो दल एवं उडऩदस्ते आदि शामिल हैं। चुनाव के दौरान कार्मिकों के चुनाव प्रबंधन में करीब 25 हजार वाहन मय वाहन चालक व खलासी भी लगाए गए हैं जो विभिन्न स्थानों पर चुनाव संबंधी कार्यों को तत्परता से संपादित करेंगे।

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