हल्की राजनीति में मेरा विश्वास नहीं: शिवराज सिंह

म.प्र.शिवपुरी 02 मार्च 2014 म.प्र. में हुई बड़े पैमाने पर हुई ओलावृष्टि से हुये फसलो के नुकसान का जायजा लेने ग्वालियर चम्बल संभाग के अशेाकनगर दतिया तथा शिवपुरी जिले के ग्राम बभेड़ पहुंचे म.प्र के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मौजूद पत्रकारों के बीच कहा कि मैं हल्की राजनीति में विश्वास नहीं रखता।

जैसे कि लेाग आनन-फानन में बगैर औपचारिकता पूर्ण किये बगैर कभी मेडिकल कॉलेज तो कभी अन्य किसी कार्य का शिलायन्स कर जाते है या जो लेाग 10 हजार वीघा मुआवजे की मांग करते है! लेागों को सोचना चाहिए कि म.प्र. इस समय कितनी बड़ी विपदा से जूझ रहा है!सीधे तौर पर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बगैर नाम लिये निशाना साधा!

उन्होंने कहां कि प्रदेश में हुई ओलावृष्टि को राष्ट्रीय आपदा घोषित की जानी चाहिए। प्रदेश के लगभग 10 हजार ग्राम ओलावृष्टि से प्रभावित है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए 2 हजार करोड़ रूपयें की व्यवस्था की गई है। जिसके माध्यम से प्रत्येक पीड़ित किसान को पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई जावेगी। उन्होंने कहा कि विपत्ति की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने यह बात आज शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बभेड़ एवं ढेर में ओला प्रभावित फसलों का मुआयना करने के बाद किसानों से कही। 

उनके साथ प्रदेश की वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, क्षेत्रीय विधायक श्री प्रहलाद भारतीय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री आर.के.जैन, पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र सिंह सिकरवार सहित अन्य शासकीय अमला उपस्थित था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश मे हुई ओलावृष्टि देश के इतिहास में सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा के रूप में सामने आई है। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए आवश्यक है कि सभी लोग मिलकर इसका सामना करें। 

उन्होंने कहा कि इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग उनके द्वारा केन्द्र सरकार से की जावेगी। इसके लिए वे स्वयं राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेगें। उन्होंने बताया कि म.प्र. सरकार द्वारा किसानों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए 2 हजार करोड़ रूपयें की व्यवस्था की गई है। जिसके माध्यम से 15 हजार रूपयें हेक्टर के मान से फसलों का मुआवजा दिया जावेगा। इसके अलावा किसानों के द्वारा खेती के लिए, लिए गए कर्ज की बसूली स्थगित करने के निर्देश राज्य शासन द्वारा जारी कर दिए गए है। साथ ही कर्ज पर लगने वाले ब्याज की राशि का भुगतान किसानों की ओर से राज्य सरकार द्वारा करने का निर्णय भी लिया गया है। इसके अलावा किसी किसान द्वारा किसी निजी साहूकार से अगर ऋण लिया गया हैं, तो उसकी बसूली भी नहीं करने दी जावेगी। 

अगर कोई साहूकार किसी किसान पर अनैतिक दबाव डालेगा तो उसको जेल भेजने की कार्यवाही भी की जावेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार किसानों को दो तरीकों से मदद करेगी। प्रथम चरण में नगद राहत राशि प्रदान की जावेगी तथा द्वितीय चरण में फसल बीमा योजना के माध्यम से भी किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जावेगी। फसल बीमा योजना हेतु बीमा किश्त का भुगतान भी राज्य सरकार द्वारा किया जावेगा। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को अगली फसल आने तक 1 रूपयें किलो गेहूं व चावल उपलब्ध कराया जावेगा। पीड़ित परिवार के घर में बेटी की शादी होने पर 25 हजार रूपयें तक की सहायता राज्य सरकार मुहैया कराऐगी। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व अमला पूर्ण ईमानदारी व सहृदयता के साथ नुकसान का आंकलन करें। जिन किसानों की फसलों को 50 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ होगा, उन्हें शत्-प्रतिशत नुकसान मानते हुए मदद दी जावें। इसके अलावा ओलावृष्टि से मकानों व पशुधन आदि का नुकसान होने पर भी राहत राशि प्रदान की जावे। उन्होनंे कहा कि किसान भाईयों को अगली फसल के लिए खाद्य और बीज की व्यवस्था भी सरकार द्वारा कराई जावेगी।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर श्री आर.के.जैन से ग्राम बभेड़ में हुए नुकसान तथा वहां पर चलाये जा रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर श्री आर.के.जैन ने बताया कि ग्राम पंचायत खादी के ग्राम बभेड़ के 102 परिवारों की 93 हैक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान हुआ है, इन परिवारों को 12 लाख 47 हजार 780 रूपयें की राहत राशि दी जावेगी। इसके अलावा इस ग्राम पंचायत में 94 लाख 33 हजार रूपयें की लागत के 41 निर्माण कार्य मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में स्वीकृत किए गए है। जिनमें 837 मजदूरों को मजदूरी उपलब्ध कराई जा रही है। 


SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment