वोट देने से पहले, नीतियों का खाका और जनसेवा का हिसाब जरुरी

म.प्र. ग्वालियर। विगत कुछ चुनावों से लेकर वर्तमान 2014 में होने वाले लेाकसभा चुनावों में वोट लेने और देने का क्रम बदलना चाहिए जहां वोट ...

म.प्र. ग्वालियर। विगत कुछ चुनावों से लेकर वर्तमान 2014 में होने वाले लेाकसभा चुनावों में वोट लेने और देने का क्रम बदलना चाहिए जहां वोट देने वालो को पूछना चाहिए कि हम आपको वोट क्यों दे? वहीं वोट मांगने वालो को बताना चाहिए कि हमारा या हमारे दल की जनसेवा का रिकार्ड यह है और भविष्य की योजना हमारी यह है और इस प्रकार आपसे करने वाले वादो को हम इस प्रकार पूर्ण करेगें।
अगर ऐसा होता है तो निश्चित ही हमें मानना होगा कि हम एक मजबूत लेाकतंत्र है। बरना अघोषित साम्राज्यवाद में तो हम लेाकतंत्र के नाम जी ही रहे है। जिसकी पुष्टि होना व्यवहारिक तौर पर संभव नहीं सिर्फ महसूस किया जा सकता है।

हालाकि इन पर पराओं पर चल पाना जहां वोट मांगने वालो को कठिन है वहीं यह सवाल कर पाना कि आपकी जनसेवा का रिकार्ड और मुद्दें क्या है, असभव है।
क्योकि आज तक वोट देने और लेने का आधार या तो दल रहे है या फिर प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवी चाहे वह किसी भी दल से रहे हो? दूसरा पैमाना,धर्म,जाति,भाषा,क्षेत्र रहे है। जिसकी दम पर वह दल या व्यक्ति हथियाता रहा है।
मगर कहते है कि समय के साथ बदलाव भी प्रकृति का अनुवंशिक गुण है।
अगर ऐसे में मजबूत लेाकतंत्र के लिये अगर कोई नई पर परा जन्म लेती है तो वह देश, समाज और आम नागरिक के ही हित मे है। जिसकी दरकार आज देश ही नहीं हमारे के महान लोंकतंत्र को भी है।
ऐसे में 20 दिनों में अपना प्रतिनिधि चुनने कि आदि हो चुकी जनता जनार्दन को सोचना होगा,कि चुनावों में भाग्य आजमाने वाले प्रत्याशी 20 दिन ही भगवान मान,हमें चुनाव पश्चात भिखारियों की श्रेणी में डालने से नहीं चूकते, इस लिये हर मतदाता को अपना बहुमूल्य मत देते व त यह नहीं भूलना चाहिए कि चुनावों में बाते मात्र 20 दिन की नहीं पूरे 5 वर्षो की होना चाहिए। इसलिये जाति,धर्म,क्षेत्र,भाषा और वहलाने,बर गलाने वाले षडय़ंत्रों से दूर धर्म,जाति,क्षेत्र या भाषा और समाज को भूल अपना लक्ष्य एक मजबूत और स्वस्थ लेाकतंत्र के लिये सुनिश्चित कर मतदान करना चाहिए।
क्योकि वर्तमान समय कलयुग के साथ वह अर्थ युग भी है।
वैसे भी हमारी लेाकतंात्रिक व्यवस्था ने फूड सिक्योरिटी के दायरे में आये, लगभग 80 करोड़ से अधिक गरीबों को 80 करोड़ से अधिक मतदाताओं द्वारा किये जाने वाले मतदान के महाकुंभ से गरीबी के चलते सत्ता सुख से बाहर कर दिया है। शेष मतदाता या तो मजबूर है या फिर साम्राज्यवादियों के सहयोगी बने हुये है अपने अपने स्वार्थो के चलते ऐसे में आम मतदाता का जागना जरुरी है नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब हम ही नहीं हमारी आने वाली पीढ़ी सत्ता से कोसों दूर हो जायेगी।
क्योकि अब 80 करोड़ से अधिक फूड सिक्योरिटी के दायरे में आने वाले लेागों के बीच सवा अरब जनता वाले हमारे लेाकतांत्रिक देश में 80 करोड़ से अधिक मतदाता है और निर्वाचन आयोग ने चुनाव खर्च की सीमा 70 लाख कर रखी है। ऐसे में तो खाने को मोहताज 80 करोड़ फूड सिक्योरिटी वाले स्वत: ही सत्ता से बाहर हो लिये वैसे भी जिन 80 करोड़ के लगभग लेागों को खाने के लाले हो वह जनसेवा और देश सेवा के लिये लाख दो लाख नहीं पूरे 70 लाख चुनावी प्रतिस्पर्धा में बने रहने कहां से लायेगें।

बहरहॉल जो भी हो मगर आज जिस दौर से देश गुजर रहा है और जिन हालातों में 2014 के लोकसभा चुनाव है,ऐसे में यह चुनाव देश के भविष्य के लिये निर्णायक साबित हो सकते है ऐसे में देश के 80 करोड़ के लगभग मतदाता और 45 करोड़ के लगभग नागरिकों की भूमिका अहम हो जाती है। जिन्हें 2014 में अगले 5 वर्ष के लिये अपने अपने सेवक और देश और देश वासियों के लिये सरकार को चुनना है क्योकि हमें वोट देते और लेते लगभग 65 वर्ष से अधिक समय गुजर चुका है। ऐसा नहीं कि इन वर्षो में देश में काम नहीं हुआ काम तो बहुत हुआ है मगर आज जरुरत है प्रकृति के परिवर्तन में हर नगारिक को अपनी अहम भूमिका निभाने की तभी हम एक अच्छा, सच्चा और मजबूत लेाकतंत्र बना पायेगें।

भगत सिंह ने फाँसी के बजाय गोली से उड़ाने को कहा था
भोपाल शनिवार,मार्च २२, २०१४ राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक शहीदे आजम भगत सिंह के शहीद दिवस पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनका स्मरण किया है। राज्यपाल श्री यादव ने कहा है कि इंकलाब जिंदाबाद का नारा बुलंद करने वाले शहीद भगत सिंह धर्म, जाति और सम्प्रदाय के नाम पर देश को बाँटने के विरुद्ध थे। वह मानवीय एकता के साथ देश की आजादी के पक्षधर थे। राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथी सुखदेव और राजगुरू ने फाँसी पर लटकाये जाने से पूर्व उस समय के वायसराय को एक पत्र लिखकर कहा था कि ब्रिटिश सरकार के सर्वोच्च अधिकारी वायसराय द्वारा स्थापित ट्रिब्यूनल ने सरकार के विरुद्ध युद्ध करने का आरोप लगाया है और उन्हें फाँसी की सजा दी है। इसके स्थान पर हमारे साथ युद्ध बंदियों जैसा व्यवहार करते हुए हमें फाँसी देने के बजाय गोली से उड़ा दिया जाये। उल्लेखनीय है कि शहीदे आजम भगत सिंह को २३ मार्च,१९३१ को लाहौर में फाँसी की सजा दी गई थी।

लोकसभा चुनाव-2014 उप चुनाव आयुक्त हुए मीडिया से रूबरू
मतदाता जागरुकता के साथ बेहतर मतदान के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी -उप चुनाव आयुक्त
जयपुर, 22 मार्च। भारत निर्वाचन आयोग के उप चुनाव आयुक्त श्री सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के अनुरूप लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती को पूरा करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन विभाग इस दिशा में पूरी सजगता के साथ जुटा हुआ है।श्री त्रिपाठी शनिवार को यहां शासन सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मतदाताओं ने विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित रूप से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, इसके पीछे मीडिया की भी खासी भूमिका रही, जिसने हमारे प्रयासों को आम जन तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान फोटोयुक्त मतदान पर्ची के प्रयोग में मिली सफलता को देखते हुए इसे लोकसभा में जारी रखा जा रहा है। चुनाव में पर्ची वितरण व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अब एक ही पर्ची बनाई जाएगी, पर्ची वितरण का कार्यक्रम तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, पर्ची वितरण की जानकारी राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी, ताकि यदि वे चाहें तो अपने प्रतिनिधि को भी वितरण के समय बीएलओ के साथ भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा पर्ची वितरण स्वयं मतदाता अथवा उसके घर में मौजूद परिजन, जो स्वयं मतदाता हैं, को ही पर्ची प्रदान की जाएगी। पर्ची प्राप्ति के लिए संधारित किए गए रजिस्टर में संबंधित के हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वितरण से शेष रही पर्चियां मतदान के दिन मतदान केंद्र के बाहर लगी हैल्प डेस्क से भी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एएसडी (अनुपस्थित/अन्यत्र चले जाने/मृत) मतदाताओं के नाम से फर्जी मतदान करने वाले मतदाताओं को रोकने के लिए मतदान पर्ची के अलावा एक अन्य पहचान पत्र दिखाना भी जरूरी होगा, ताकि प्राय: वस्तुत नहीं मौजूद मतदाता के नाम पर कोई दूसरा वोट नहीं दे सके। श्री त्रिपाठी ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए मतदान समय में वृद्घि करते हुए अब इसका समय प्रात: 7 बजे से सायं 6 बजे तक निर्धारित किया है, जिससे कि मौसम को देखते हुए मतदाताओं को असुविधा नहीं हो। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सभी प्रकार की आधारभूत सुविधाओं के लिए आयोग के निर्देशों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालय में एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत राजनीतिक दलों, उ मीदवारों को, जनसभाओं, रैलियों, जुलूस, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग, चुनाव प्रचार के लिए वाहनों के इस्तेमाल आदि के बारे में जिला प्रशासन की अनुमति तय दिशा-निर्देशों के अनुसार 24 एवं 36 घंटों के भीतर एक ही स्थान पर मिल सके।उन्होंने लोकसभा चुनाव लडऩे वाले उ मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ पत्र के सभी कॉलम पूर्ण भरने की अनिवार्यता की जानकारी देते हुए बताया कि यदि शपथ पत्र में कोई कॉलम नहीं भरा जा सका हो तो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी इसकी जानकारी उ मीदवार को देगा, जो उसे भर सकते हैं। यदि इसके बाद भी उ ाीदवार रिक्त रहे कॉलम को नहीं भरता है तो उसका नामांकन रद्द भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि ई-एफिडेविट भी ऑनलाइन भरा जा सकता है लेकिन इसे बाद में स्टा प पर लेकर अपने हस्ताक्षर करते हुए नोटेरी से प्रमाणित करवाकर निर्धारित समयानुसार जमा करवाया जाना जरूरी होगा।

उप चुनाव आयुक्त ने आयोग द्वारा किए जा रहे नए प्रयोग की जानकारी देते हुए कहा कि मतदान दलों में नियुक्त कार्मिकों को ज्यादा से ज्यादा सं या में पोस्टल बैलेट अथवा चुनाव ड्यूटी प्रमाण पत्र के जरिए मतदान करने की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने ईवीएम की शिकायतों के संदर्भ में स्पष्ट किया कि यह पूर्णतया सुरक्षित है और ईवीएम के साथ किसी भी तरह टेंपरिंग नहीं की जा सकती।

अधिकारियों से ली चुनाव प्रबंधन की जानकारी
इससे पहले निर्वाचन आयोग के उप चुनाव आयुक्त ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में चुनाव विभाग के अधिकारियों से चुनाव की तैयारियों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना, स्वीप कार्यक्रम, मतदान केंद्रों पर आधारभूत सुविधाओं आदि की समीक्षा की। मु य निर्वाचन अधिकारी श्री अशोक जैन ने उन्हें स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने श्री त्रिपाठी को विभाग के फेसबुक पेज, एप तथा कॉलर ट्यून के जरिए मतदाताओं को जागरुक बनाने की जानकारी भी दी, जिसकी श्री त्रिपाठी ने सराहना भी की।
बैठक में अतिरिक्त मु य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रेखा गुप्ता, संयुक्त मु य निर्वाचन अधिकारी श्री पी.सी. गुप्ता, सलाहकार श्री आर.के. पारीक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। 

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वोट देने से पहले, नीतियों का खाका और जनसेवा का हिसाब जरुरी
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