म.प्र. में मॉडल होगा शिवपुरी का ब्योम वाहन

म.प्र. ग्वालियर।  गत दिनों ग्वालियर च बल संभाग के पुलिस अधिकारियों को म.प्र. के ग्रह मंत्री बाबू लाल गौर ने समुचे म.प्र. में ब्योम वाहन की उपयोगिता की घोषणा की। ज्ञात हो कि शिवपुरी पुलिस द्वारा उपद्रव,बल्वा इत्यादि घटनाओं से निवटने एक सिस्टम तैयार किया है जिसका नाम व्योम रखा गया है। जिसे ग्रह मंत्री ने सारे म.प्र. की जिला पुलिस द्वारा अपनायें जाने की सलाह दी है।

विदित हो वियोम एक ऐसी प्रणाली है जिसमें छोटे बज्र बाहर जिसमें गैस,पानी की बौछारों के अलावा 1-8 की सं या में जवान अत्याधुनिक हाथियारों से लेस होगें। मगर वाहन की खास बात यह है कि इसमें लगे कैमरे की सहायता से मोबाईल स्क्रीन या क प्यूटर स्क्रीन पर कि.मी. दूर से घटना को देश सीधे निर्देश दे सकते है। साथ ही घटना से निवटने स्थति का आकलन का बेहतर रणनीति बना सकते है।
यह सिस्टम समुचे म.प्र. में पहली मर्तवा शिवपुरी जिले में उपयोग हो रहा है। अगर मंत्री जी की माने तो अब इसका उपयोग समुचे म.प्र. में किया जायेगा जिसका नाम वियोम होगा।

कॉग्रेस में कहीं तो है,नीरो की आत्मा, दागियों का दबदबा बरकरार

व्ही.एस.भुल्ले/ कॉग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सहित म.प्र. के कई कद्दावर नेताओं ने कुछ कांग्रेंस के वरिष्ठ नेताओं पर कॉगे्रस डुबोने के आरोप खुलेयाम लगायें है तो कुछ नेताओं का बजन केन्द्रीय राजनीति में बड़ाने का मुखर विरोध भी किया गया है। मगर लगता नहीं कि पूर्व की भांति कॉग्रेस की सेहत पर कोई असर हुआ हो। कॉग्रेस की हालत को देख लगता है कि कॉग्रेस के अन्दर कहीं तो नीरो की आत्मा बिराजमान है जो कॉग्रेस डुबोने वाले नेताओं के आगे कॉग्रेस किसी अन्य नेताओं की सुनने तैयार ही नहीं। इतिहास में झांके तो नीरो नाम का एक बादशाह विदेश में हुआ था। जिसे बांसुरी बजाने का बेहद शौक था। हालात ये होते थे,कि उसे पता ही नहीं रहता था कि आखिर उसके राज्य में हो क्या रहा है।
उसके राज्य में जनता में त्राही-त्राही तो सत्ता से जुड़े लेाग मस्त थे। जो उसके पतन का कारण बना।
आज जब देश भर में कॉग्रेस हासिये पर है ऐसे में जनता के बीच खलनायक और आलाकमान के सामने नायक बन बड़े-बड़े ओहदे इकराम,ईनाम व सीस के तौर पर बटौर अपना ओहदा कॉग्रेस के अन्दर बढ़ाने में लगे है। ऐसे में लेाकतंत्र की दुहाई दे नये नये फॉर्मूले अजमाने वाली कॉग्रेस के आम कार्यकत्र्ताओं,नेताओं का कलफना स्वाभाविक है।
ऐसे में मालवा के सांसद सज्जन वर्मा कुछ कहते है या फिर असम के कार्यकत्र्ता प्रदर्शन करते है तो किसी को अतिसंयोक्ति नहीं होना चाहिए। क्योकि 24 अबकर रोड़ पर नीरों की आत्मा जो पैठ बना चुकी है।

मनरेगा: गर्भवती महिला मजदूरों को छत्तीसगढ़ में एक महीने की छुट्टी के साथ मातृत्व भत्ते की सुविधा
रायपुर एक फरवरी २०१४ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत देश में पहली बार महिला श्रमिकों को एक महीने के मातृत्व अवकाश भत्ते की सुविधा देने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है। राज्य सरकार स्वयं की ओर से यह सुविधा दे रही है। इस योजना के तहत राज्य में चालू वित्तीय वर्ष २०१३-१४ के बजट में बीस करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में लगभग एक वर्ष पहले लिए गए इस निर्णय के अनुरूप इस सुविधा की विधिवत शुरूआत जून २०१३ में दुर्ग जिले से की गयी थी। इस पर अमल करते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में विगत नौ माह में लगभग छह हजार गर्भवती महिला श्रमिकों को दो करोड़ ६३ लाख रूपए का मातृत्व भत्ता दिया जा चुका है। ऐसी प्रत्येक महिला मजदूर को एक महीने के मातृत्व अवकाश भत्ते के रूप में चार हजार ३८० रूपए का भुगतान किया जाता है।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसमें मनरेगा की गर्भवती महिला श्रमिकों की सेहत की बेहतर देखभाल और स्वस्थ शिशु जन्म सुनिश्चित करने के लिए उन्हें एक महीने की मजदूरी के बराबर की राशि मातृत्व अवकाश भत्ते के रूप में देने की व्यवस्था की है और इसके लिए स्वयं की राज्य निधि से राशि जिलों को आवंटित की जा रही है। यह सुविधा का लाभ मनरेगा में पंजीकृत जॉब कार्ड धारक महिला श्रमिकों के लिए है। यह भी उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के योजना आयोग ने भी छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वपूर्ण व्यवस्था को मनरेगा के तहत देश के सभी राज्यों में लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पिछले साल ३१ जुलाई २०१३ को राज्य की वार्षिक योजना के अनुमोदन के लिए नयी दिल्ली में योजना आयोग की बैठक में बैठक में शामिल हुए थे, जहां आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोन्टेक सिंह अहुलवालिया ने छत्तीसगढ़ में मनरेगा की गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए मातृत्व भत्ता और अवकाश सुविधा देने की रमन सरकार के निर्णय की तारीफ करते हुए कहा था कि ऐसी व्यवस्था देश के सभी राज्यों में लागू की जाएगी।

जंजीबार के राष्ट्रपति आमेर महल देख अभिभूत हुए

जयपुर, एक फरवरी। जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ. अली मोह मद शेन ने शनिवार को अपने देश के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल के साथ आमेर महल देखा। उन्होंने आमेर महल के गौरव एवं इसके इतिहास की जानकारी ली और शीश महल को देखकर अभिभूत हुए। जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ. अली मोह मद शेन के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वाना वेमा शेन भी थीं। उन्होंने आमेर महल की भित्त चित्रकारी, चांदपाल, सूरजपोल, गणेशपोल, शीश महल, दीवाने ए आम, दीवाने-ए-खास, मानसिंह महल, केसर क्यारियां, आमेर महल में पानी की रहट व्यवस्था आदि को देखा तथा कठपुतली नृत्य देखकर खुशी जताई।
उन्होंने आमेर महल की बेजोड़ स्थापत्य कला और आमेर महल की विशेषताओं को मुगल एवं राजपूत शैलियों का सुन्दर समन्वय बताया। राष्ट्रपति के साथ आये प्रतिनिधिमण्डल ने गणेशपोल के मु य दरवाजे की सीढिय़ों पर खड़े होकर ग्रुप फोटो खिचवाये। जंजीबार से आये प्रतिनिधिमण्डल को आमेर महल अधीक्षक श्री पंकज धरेन्द्र ने आमेर महल के इतिहास के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
जंजीबार के राष्ट्रपति एवं उनके साथ आये प्रतिनिधि मण्डल का आमेर महल पहुंचने पर पुलिस एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने स्वागत किया। जंजीबार के राष्ट्रपति ने आमेर महल की वीआईपी दर्शक पंजिका में अपने विचार व्यक्त कर हस्ताक्षर किये।

जयपुर पहुंचने पर स्वागत
जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ. अली मोह मद शेन का राज्य की दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को प्रात: एयर इण्डिया के विशेष विमान से जयपुर हवाई अड्डे पहुंचने पर भावभीना स्वागत किया गया।
जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ. अली मोह मद शेन और उनकी पत्नी श्रीमती वाना वेमा शेन के जयपुर हवाई अड्डे पहुंचने पर अतिरिक्त मु य सचिव श्री राकेश श्रीवास्तव, पुलिस महानिदेशक श्री ओमेन्द्र भारद्वाज, पुलिस आयुक्त श्री श्रीनिवास राव जंगा, पुलिस उपायुक्त (पूर्व) श्री अमनदीप, अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री सुरेन्द्र सिंह उदावत ने उनकी अगवानी की और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।


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