शराबियों की सौगात वापिस, नहीं मिलेगी देशी पर अंगे्रजी

व्ही.एस.भुल्ले/ जब अधिकांश मीडिया म.प्र. सरकार की नई शराब नीति को लेकर चुप था तब विलेज टाई स ने प्रदेश के करोड़ों लेागों के साथ हुये छलावे पर संज्ञान लिया और म.प्र. सरकार को अपने लेखन के माध्ययम से बताने का प्रयास किया कि नई शराब नीति किसी भी एंगल से म.प्र. जैसे महान प्रदेश के हित में नहीं।

जिसमें भले ही प्रदेश सरकार और शराब उत्पादकों को लाभ हों,मगर समाज को कोई लाभ होने वाला नहीं सिवाये बर्बादी के। धन्यवाद के पात्र है,म.प्र. के मु यमंत्री जिन्होंने निष्फल भाव से नई शराब नीति की ग भीरता को समझते हुये इसे न लागू करने का निर्णय लिया।

निश्चित ही ग भीर मुद्दों पर म.प्र. के मु यमंत्री शिवराज सिंह की वेबाकी कोई नई बात नहीं। उन्हें जब भी लगा कि उनके भगवान और उनके मंदिर म.प्र. में कोई अनिष्ट होने वाला है,समय रहते सुधार उनकी पहचान रही है। उसी परिणाम है,कि म.प्र. की नस्ल को बर्बाद कर राजस्व बटोरने वाली नीति को 24 घन्टे के अन्दर बर्खास्त कर दिया।

ज्ञात हो कि विलेज टाई स ने नई शराब नीति के आते ही उस पर संज्ञान ले यथा स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ठ किया था। जिसका परिणाम म.प्र. की नई शराब नीति गजट नोटिफिकेशन के बावजूद वापिस हो गई। पीने वाले को भले ही बुरा लगे मगर अब उन्हें देशी पर अंग्रेजी नहीं मिल पायेगी।

मत खेलो तूफान से,आम आदमी पार्टी पर हमला
नई दिल्ली। महान देश के महान लेाकतंत्र में जो तूफान प्रमुख राजनैतिक दलो की बर्बादी के बाद जो शान्त पड़ा था,उससे खेलने का प्रयास सिवाये मूर्खता के कुछ भी नहीं। बेहतर होता कि 2014 के लेाकसभा चुनाव से पूर्व राजनैतिक दल उसे गुजर जाने देने का इन्तजार करते तो वो हाल नहीं होता। क्योकि इसके रास्ते में जो भी आयेगा जिसकी झलक भारतीय इतिहास में देखी जा सकती है।

ये अलग बात है,कि लेागों व दलो की व्यक्तिगत या सर्वाजनिक भावनायें हो सकती है। मगर सत्य हमेशा सत्य ही रहेगा होता है। समय की नजाकत ये है,कि वह आज आम आदमी पार्टी के साथ है। जो भी पहाड़,महल,दरिया इसकी चपेट में आयेगा उसका स्वरुप ही कुछ और होगा। कुछ पहाड़ राजस्थान के ककड़ी ले रेगिस्तान तो कुछ पंजाब के सतलज सहित दक्षिण के दल दले भरे मैदानों के रुप में होगें। क्योकि देश की जनता मौशन पर ही पूर्णता जागरुक है। जिसे अपने ज मों का हिसाब लेना बाकी है और इसका हिसाब-किताब निसंदेह 2014 के लेाकसभा चुनावों में क्लीयर करना है।

मगर दुर्भाग्य कि इस देश के प्रमुख राजनैतिक दल इसे सुनना तो दूर देखने तक को तैयार नहीं। जिन पर देश को चलाने की जवाबदेही थी। वह उस पर सच बोलने के बजाये सत्ता के लिये समझौता करने को तैयार है। देखना होगा कि इस देश में कौन सा वह जि मेदार राजनैतिक दल है जो सच को पहचान सत्य के साथ चलने तैयार है।

आगे आओ, डरो मत, एक नया समाज बनाओ- राज्यपाल
जयपुर, 8 जनवरी। लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार ने युवाओं से कहा है कि वे सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए आगे आएं, निर्भीक बने और एक नया समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्वतजन से जाति व्यवस्था तोडऩे, दहेज रोकने और माता-पिता सहित बुजुर्गों की सेवा करने का प्रण लेने के लिए कहा।

लोकसभा अध्यक्ष बुधवार को यहां राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित विश्वविद्यालय के 68वें स्थापना दिवस समारोह को स बोधित कर रही थीं। श्रीमती कुमार ने कहा कि ज्ञानार्जन एक अनवरत प्रक्रिया है जो कि कक्षा की चारदीवारी तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य मात्र छात्र-छात्राओं को अर्थोपार्जन करने योग्य बनाना ही नहीं हैं, बल्कि उन्हें इतना जागरूक बनाना भी है कि वे स्थापित सामाजिक बुराइयों पर प्रश्न उठा सकें और उनके निराकरण के उपाय भी तलाश कर सकें। उन्होंने प्रतिस्पद्र्घा के वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता जताई।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती माग्र्रेट आल्वा ने राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक स्तर की पुनस्र्थापना के लिए किये जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उच्च शैक्षणिक संस्थाओं की स्वायत्तता सर्वोपरि है।

श्रीमती आल्वा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान पावन स्थल हैं, जहां युवा वर्ग सहिष्णुता के मूल्यों को आत्मसात करता है तथा एक सशक्त प्रजातांत्रिक व धर्म निरपेक्ष भारत के प्रति उत्तरदायी बनता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे स पूर्ण समाज विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु सघन एवं व्यापक प्रयासों की पहल करें।

पटेल-मरार समाज के लोगों को भी मिलेगा अटल बीमा योजना का लाभ : डॉ. रमन सिंह
रायपुर, ०८ जनवरी २०१४ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि राज्य सरकार अन्य पिछड़े समुदायों की तरह मरार समाज को भी सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए वचनबद्ध है।

उन्होंने कहा कि ढाई एकड़ अथवा उससे कम कृषि भूमि वाले खेतिहर श्रमिकों और दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाले श्रमिकों के लिए राज्य सरकार ने अटल खेतिहर मजदूर बीमा योजना शुरू कर दी है। साग-सब्जी उत्पादन के जरिये जीवन यापन कर रहे पटेल-मरार समाज के लोगों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। डॉ. रमन सिंह आज दोपहर यहां विधानसभा के समिति कक्ष में छत्तीसगढ़ के पटेल-मरार समाज के लोगों के प्रतिनिधि मंडल को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित पटेल-मरार समाज के अनेक पदाधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल क्षेत्र सहित राज्य के अन्य क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि मंडल से कहा कि कहा कि पटेल मरार समाज सीधे-सादे मेहनतकश लोगों का समाज है, जो सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर स्वाभिमान के साथ जीवन यापन करता है।

राज्य सरकार इस समाज के विकास के लिए हर कदम उसके साथ है। पटेल मरार समाज को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने में राज्य शासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल मरार समाज के अधिकांश परिवार साग-सब्जियों की खेती करते हैं। इसलिए ऐसे परिवारों की आर्थिक बेहतरी के लिए शाकंम्भरी योजना लागू की गई है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल मरार समाज में एकता है और इस समाज में सामाजिक बुराई भी कम है। मुझे उम्मीद है कि यह समाज अपनी मेहनत के बल पर आर्थिक रूप से समृद्ध होगा।

शहरी गरीबों की योजनाओं में विलंब नहीं हो- संभागायुक्त
जबलपुर 8 जनवरी 2014 शासन द्वारा शहरी गरीबों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का नगरीय निकायों द्वारा समय पर क्रियान्वयन हो, जिससे शासन की मंशानुरूप शहरी गरीबों को लाभ मिले। घरेलू कामकाजी महिलाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उनका कौशल विकास हो। गरीबों की योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दास्त नहीं की जाएगी। आगामी एक माह में कम प्रगति वाली योजनाओं में प्रगति लाएं।

उक्त निर्देश संभागायुक्त दीपक खांडेकर ने शहरी गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर नगर निगम जबलपुर कमिश्नर वेद प्रकाश, उपसंचालक नगरीय प्रशासन राजीव निगम, संभाग के सभी जिलों के जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी और जिला मु यालयों की नगर पालिकाओं के मु य नगर पालिका अधिकारी मौजूद थे। संभागायुक्त ने बैठक में शहरी गरीबों के लिए चलाई जा रही मु यमंत्री शहरी घरेलू कामकाजी महिला कल्याण योजना, मु यमंत्री हाथठेला योजना, साईकिल-रिक्शा योजना, केशशिल्पी योजना, हाकर कार्नर, जनश्री बीमा योजना छात्रवृश्रि, मु यमंत्री पथ पर विक्रय करने वाले शहरी गरीबों की योजना, मु यमंत्री पेयजल, अधोसंरचना विकास योजनाओं की जिलेवार समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए नगरीय निकायों में एक महिला अधिकारी रखें और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक कल्याण अधिकारी रखा जाए जिससे योजनाओं में अपेक्षाकृत गति आए। संभागायुक्त ने पंजीकृत हितग्राहियों के परिवारों में महिला प्रसूति योजना का लाभ देने और जनश्री बीमा योजनांतर्गत पंजीकृत हितग्राहियों के कक्षा 9 और 12 वीं के बच्चों को छात्रवृश्रि योजना का लाभ देने के निर्देश दिए।


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