नाम जो भी दे लो, जनता में है,जबरदस्त तूफान

व्ही.एस.भुल्ले/ अभी तो दिल्ली,राजस्थान,मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़ में आहट मिली है,जिसने पहाड़ जैसे दलो को कहीं पथरीला रेगिस्तान तो कहीं सतलज का मैदान बना दिया है जहां जैसा विकल्प उसको वैसा ही ईनाम दिया है,देश की जनता ने।

अब बारी है,समुचे देश में होने वाले लेाकसभा चुनावों की कहते है,आंधी,तूफान तो पहले भी आते रहे है,मगर ऐसी तबाही राजनैतिक दलो की राजनीति में कभी नहंी हुई। क्योकि उस जमाने में प्रकृति के जानकार थे। मगर अब साइंस को माई-बाप समझ तूफान की आहट को समझने वाले कुछ ज्यादा ही है,जो इस राजनैतिक तूफान को अभी भी अलग-अलग नाम दे स्वयं अपनी पीठ थप-थपाना चाहते है। भले ही शत्रुधन सिन्ना जैसे तजुर्वे कार कलाकार चिल्लाये या फिर जयराम रमेश जैसे लेाग समझाये मगर भाई लेाग समझने वाले कहां।
वैसे भी कहावत है,कि उठते तूफान के आड़े कोई भी समझदार इन्सान नहीं आता है और तूफान गुजर जाने का इन्तजार करता है। मगर कुछ दल आज भी नई-नई तकनीकों के सहारे तूफान से टकराने की जुगत में है। वहीं आने वाले तूफान की आहट फिलहॉल शान्त।

जिस तरह का भ्रष्टाचार,कुव्यवस्था इस महान लेाकतंत्र के गर्व में छट-पटा चक्रवात बनती जा रही है वह किस-किस के परखच्चे उड़ा कहां कहां छोड़ेगी किस किस देत्याकार पर्वत रुपी पार्टियों को क्या स्वरुप देगी यहां गत विधानसभा चुनावों से स्पष्ट हो चुका है। मगर दल आज भी कोई सबक लेने तैयार नहीं। कारण साफ है अंहकार जिसकी आंधी में जनता के दिलो में दर्द के उठते तूफान की झलक कोई देखने तैयार नहीं।
देश के बच्चे अच्छी शिक्षा के लिये तो युवा रोजगार और बुर्जुग स मान जनक जीवन के लिये हैरान परेशान है। जिसका निदान अप्रैल मई में होने वाले लेाकसभा चुनाव से पहले किसी के पास नहीं। अगर कुछ है,तो वहीं अंहकार पूर्ण और आतार्रकिक नीतियाँ जिनके दंश से परेशान देश वासी विगत 20-25 वर्षो से दो-चार होने पर मजबूर है मगर मजिल नहीं। बेहतर हों,कि देश को दिशा देने वाले दल देश की दशा को समझें और अंहकार छोड़ देश के लिये सोचे। जिससे देश ही नहीं देश के करोड़ों लेागों का उद्दधार हो सके।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार करने वालों को होगी जेल

खंडवा (6 जनवरी 2014) - खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अनियमितता करने वाले दोषी व्यक्तियों को जेल भेजा जायेगा। कुँवर शाह आज भोपाल में नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों की बैठक को स बोधित कर रहे थे। इस मौके पर निगम के प्रबंध संचालक श्री चन्द्रहास दुबे भी मौजूद थे। मंत्री कुँवर शाह ने कहा कि एक मार्च, 2014 से प्रदेश के 6 जिले खरगोन, खण्डवा, बैतूल, दतिया, अलीराजपुर एवं सीहोर में अन्न द्वार योजना लागू की जायेगी। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य दुकानों पर खाद्यान्न सामग्री की उपलब्धता की जानकारी देने के लिये एसएमएस भेजने की व्यवस्था की जायेगी। प्रायोगिक तौर पर इसे सबसे पहले खण्डवा जिले के खालवा से प्रारंभ किया जायेगा। खाद्यान्न सामग्री पात्र व्यक्ति तक पहुँचे, इसके लिये जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक राशन-कार्ड की भी व्यवस्था की जायेगी। मंत्री कुँवर शाह ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिये फरवरी अंत तक संभागवार बैठक कर समीक्षा की जायेगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 20 हजार 920 उचित मूल्य दुकानें हैं।

समर्थन मूल्य खरीदी व्यवस्था की समीक्षा

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री शाह ने बैठक में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के लिये की जा रही व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के किसानों का ही अनाज समर्थन मूल्य पर लिया जाए, इसके सत्यापन की भी विशेष व्यवस्था की गई है। पिछले वर्ष प्रदेश में 63 लाख 51 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की गई थी और 14 लाख किसान का रजिस्ट्रेशन किया गया था। इस वर्ष अब तक 3 लाख किसान के रजिस्ट्रेशन का कार्य किया जा चुका है।

वेयर-हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण

खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री कुँवर शाह ने आज स्टेट वेयर-हाउसिंग कार्पोरेशन पहुँचकर अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया। इस मौके पर निगम के प्रबंध संचालक श्री शिवशेखर शुक्ला भी मौजूद थे। कार्यभार ग्रहण करने के बाद कुँवर शाह ने निगम की गतिविधियों की समीक्षा की।

पत्रकारिता का स्वरूप निष्पक्ष होना चाहिए- डॉ. कोठारी

खरगोन/6 जनवरी/ जनहित मे सूूचनाओं के आदान-प्रदान की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए पत्रकारिता का स्वरूप निष्पक्ष होना चाहिए। यह बात कलेक्टर डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने राष्ट्रीय विज्ञान प्राद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली द्वारा विज्ञान लेखन एवं पत्रकारिता विषय पर आयोजित कार्यशाला के समापन अवसर पर कही। उन्होने बतौर मु य अतिथि कार्यशाला मे प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से निष्पक्ष पत्रकारिता करने की आशा जताई। उन्होने पत्रकारिता के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा देश की लोकतांत्रिक प्रणाली मे व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका तथा पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना गया है। पत्रकारिता लोकतंत्र मे अभिव्यक्ति का माध्यम है। उन्होने छात्र-छात्राओ से कहा कि सूचनाओ को प्रसारित करने के लिए उसका स पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। इसके साथ ही जो सूचना हम दे रहे है। वह जानकारी आमजन तक आसानी से पहूंचे। ऐसी विधि व भाषा का उपयोग आवश्यक है। उन्होने बहुत से रोचक उदाहरण देते हुए संतुलित पत्रकारिता की वैज्ञानिक परिधि पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उन्होने उत्कृष्ट विद्यालय के पत्रकारिता कार्यशाला प्रशिक्षण मे भाग लेने वाले छात्र-छात्राओ का उत्साहवर्धन किया। मु य अतिथि विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। जिला पंचायत सी ई ओ श्रीमती शिल्पा गर्ग ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होने कहा कि पत्रकारिता के विभिन्न माध्यम उपलब्ध हो गए हैै। सूचना प्रोद्योगिकी का विस्तार बढ रहा है। सूचनाओ का आदान-प्रदान अब टीव्ही, इंटरनेट आदि के माध्यम से भी होने लगा है। पत्रकारिता मे सरल भाषा का उपयोग होना चाहिए। जिससे आमजन सूचनाओं को सरलता से समझ सके। आदिम जाति सहायक आयुक्त ब्रजेशचंद्र पांडे ने भी संबोधित किया। अजय नारमदेव ने बताया कि कार्यशाला मे भ्रमण का दिन था। विभिन्न प्रतिष्ठानो मे विजिट कर प्रतिभागियों ने प्रतिष्ठान की समस्त जानकारी नोट की। जिसमे एक विजिट रिपोट को तैयार कर प्रस्तुतिकरण दिया।

अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम

बैतूल दिनांक 6 जनवरी 2014 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत उप खंड स्तरीय सतर्कता और मॉनीटरिंग समिति का गठन किया जायेगा। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत राय के प्रत्येक उप खंड के उप खंड मजिस्ट्रेट द्वारा इस अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन, पीडि़तों को दिये गये अनुतोष व पुनर्वास सुविधाओं और उससे संबंधित विषयों, अधिनियम के अधीन मामलों के अ ियोजन, नियम के उपबंधों के कार्यान्वयन के लिये उश्ररदायी वि िन्न अधिकारीकर्मचारियों की ूमिका का तथा उप खंड प्रशासन द्वारा प्राप्त वि िन्न रिपोर्ट का पुनर्विलोकन करने के लिये एक सतर्कता और मॉनीटरिंग समिति का गठन किया जायेगा।
उपखंड स्तरीय सतर्कता और मॉनीटरिंग समिति में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित पंचायत राज संस्थाओं के सदस्य, पुलिस उप अधीक्षक, तहसीलदार, ब्लाक विकास अधिकारी, अनुसूचित जातियों और जनजातियों से संबंधित दो से अधिक अशासकीय सदस्य और गैर सरकारी संगठनों से संबंधित अनुसूचित जातियों और जनजातियों से  िन्न वर्गों से दो से अधिक सदस्य होंगे। उप खंड मजिस्ट्रेट इस समिति के अध्यक्ष तथा ब्लाक विकास अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
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