देश वासियों को भीख नहीं,सशक्त स पन्न राष्ट्र और स मान जनक जीवन चाहिए- भाई वीरेन्द्र

देश का 65 फीसदी वर्ग आज सर्व शक्तिमान,विदा महान,कर्म महान होने के बावजूद अभावों में जीवन जीने पर मजबूर है। कारण दिशा और दिशा पर नीतियों की अक्ष ता एक बहुत बड़ा कारण है। हम आज इस स्थिति में यह नहीं कहते कि किसने आजादी से लेकर क्या किया।

किसी को दोषी ठहरा कटघरे में खड़ा करना भी एक अक्षमता है। जिसने आज तक देश के लिये जो भी किया वह अपनी सूझ-बूझ और समझ अनुसार किया। मगर परिणाम उतने सार्थक नहीं रहे कारण साफ है,कि हम उस दृढ़ इच्छा शक्ति और राष्ट्र भक्ति का प्रदर्शन सत्ता जाल में उलझ कर ही नहीं पाये जो हमें करना चाहिए था।

मैं फिर दोहराना चाहंूगा कि हम सब प्रकृति की गोद में उसके पुत्र है और उसी के बताये रास्ते पर चल हम सुख,शान्त,समृद्ध बन पायेगें, जब तक हमारी नीतियाँ हमारे आचार-विचार हमारे राष्ट्र की प्रकृति के अनुकूल नहीं होगें। तब तक हम इसी प्रकार आभावों, असुरिक्षत और अशान्त जीवन जीने पर मजबूर रहेगें। उक्त बात लेाकतंात्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव भाई वीरेन्द्र ने विशेष भेंट के दौरान हमारे विशेष संवाददाता धमैन्द्र गुर्जर से एक धरने के दौरान कहीं।

उन्होंने कहां कि भारत जैसे महान राष्ट्र की प्रकृति अनादि काल से महान रही है,यहां कई महान विभूतितियों जन्म लिया और भारत भूमि उनकी कर्म स्थली रही। यह तपो भूमि ही नहीं,एक  चमत्कारिक राष्ट्र भी है जिसकी विधाओं से भारत का इतिहास भरा पड़ा है। भारत ने विश्व को ही नहीं गणित, विज्ञान को भी दिशा दी है। मगर दुर्भाग्य हमारा कि एक  से एक हुनर,विधा,शक्ति शाली,विद्ववान,नागरिक होने के बावजूद आज हम हमारी दुर्दशा पर निरुतर है।

काश हमारी सरकारों नीति निरधारकों ने हमारी प्रकृति अनुसार नीतियाँ बना ठीक ढंग से प्रकृतिक स पदा और युवा शक्ति का दोहन उन्हीं के लिये किया होता तो आज का भारत कुछ और ही होता। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम एक कृषि प्रदान देश होने के बावजूद विश्व के दूसरे न बर के मानव शक्ति मान देश है। अगर हम इन दोनों ही शक्तियों का सही दिशा में देश के लिये उपयोग कर लेते है,तो यह देश की सबसे बड़ी सेवा होगी। मगर यह हमारा दुर्भाग्य ही है,हमें हमारी मानव शक्ति को नकारा और हमारी कृषि को अपंग बना  देश को दल-दल में धकेल महान भारत के,महान युवाओं को भिखारियों की श्रेणी में अस मानजनक जीवन पर मजबूर किया जा रहा है।

जब तक हम देश में बच्चों को स मान जनक सुरिक्षत शिक्षा,युवाओं को स मान जनक रोजगार और बुर्जुगों को स मान जनक जीवन जीने की व्यवस्था नहीं करते तब तक हम इस महान भारत के असली पुत्र कहलाने लायक नहीं। यह हर क्षेत्र से जुड़े लेागों  की जबावदेही है,कि वह किस तरह अपने राष्ट्र की सेवा कर सकते है।
उन्होंने कहां कि देश में बहुत सारे व्यवस्थागत बदलाबों और समय अनुसार नई नीतियों की जरुरत है जिन पर काम होना बाकी है और यह तभी स भव है जब देश का एक भी नागरिक जाग अपने महान देश के लिये जुट जायेगा। सौभाग्य से वह समय आने वाला है,जब इस देश के महान नागरिक किसी ऐसे व्यक्ति को उस जगह पर मुक बल कर एक बड़े बदलाब की शुरुआत करेगें। रहा सवाल लेाकतंात्रिक समाजवादी पार्टी के अपने योगदान का तो मैं स्पष्ट कर दंू कि लेाकतांत्रिक समाजवादी पार्टी एक आंदोलन है,जिसका नेतृत्व देश भर में भ्रष्ट राजनीति से लडऩे,गरीबों को उनका हक दिलाने माननीय रघु ठाकुर कर रहे है। उन्होंने अपना स पूर्ण जीवन देश को समर्पित कर जन सेवा,देश सेवा का मार्ग चुना है। जिस पर वह आज भी आंदोलित है और उनका ये त्याग जल्द ही देश के अन्दर एक बड़े बदलाब के रुप में दिखेगा।

क्षमता से अधिक सिंचाई
छत्तीसगढ़ राजनांदगांव ०५ जनवरी २०१४ जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम कलकसा में बना डायवर्सन अब अपनी रूपांकित सिंचाई क्षमता से अधिक सिंचाई के लायक हो गया है। इस साल खरीफ सीजन में इस डायवर्सन से कलसका एवं भैंसरा के  किसानों को ३२५ एकड़ में सिंचाई के लिए जलापूर्ति की गई, जबकि इस डायवर्सन की रूपांकित सिंचाई क्षमता २५० एकड़ है। बीते कई वर्षो से शीर्ष के जीर्णशीर्ष होने तथा नहर की टूट-फू ट की वजह से यह डावर्सन अनुपयोगी हो गया था। बड़ी मुश्किल से ५० एकड़ में इससे सिंचाई हो पा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल पर जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा एवं आईएपी मद से कन्वर्जेंस के तहत इस डायवर्सन के टूटे शीर्ष की मरम्मत कराने के साथ ही सिंचाई के लिए नहर मरम्मत एवं लाइनिंग के कार्य से अब तस्वीर बदल गई है। यह डायवर्सन अब अपनी क्षमता से अधिक रकबे को सिंचाई के लिए जलापूर्ति करने लगा है।

गांवों के सुनियोजित विकास के लिए रोड मैप बनाएं- मु यमंत्री
जयपुर, 4 जनवरी। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने गांवों के एकीकृत विकास के लिए एक रोड़ मैप तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे गांवों में विकास की दृष्टि से क्रांतिकारी परिवर्तन लाये जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए पांच प्राथमिकताओं पर स बन्धित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
श्रीमती राजे, शनिवार को मु यमंत्री कार्यालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विचार प्रकट कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास के लिए पांच प्राथमिकताओं पर कार्य योजना बनाई जाए, जिसके तहत स्वच्छता एवं शौचालय निर्माण, जल निकासी के साथ सड़क, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, ऊर्जा एवं आधाभूत सुविधाएं जैसे स्कूल व चिकित्सा को शामिल किया जाए।
उन्होंने ग्राम विकास की दृष्टि से जन भागीदारी से जुड़ी योजनाओं, मिड-डे मील तथा जल ग्रहण विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेवात, डांग तथा मगरा क्षेत्र के समुचित विकास के लिए कार्य किया जाए जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिल सके। श्रीमती राजे ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं, 60 दिन की कार्य योजना तथा आगामी पांच वर्षों के लिए तय किए जाने वाले लक्ष्यों का प्रस्तुतीकरण देखा तथा अधिकारियों से उन पर विस्तृत विचार विमर्श किया।  मु यमंत्री ने मिड-डे मील की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाना बनाने के लिए गांवों में महिला स्वयं सहायता समूहों, सेवाभावी लोगों तथा इस कार्य से जुड़ी निजी संस्थाओं की मदद लेने की स भावनाओं पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित को देखते हुए श्मशानों व कब्रिस्तानों में चार दीवारी निर्माण किया जाए। आजीविका मिशन के तहत पुश्तैनी कार्यों जैसे - कारपेन्टर, हेयर ड्रेसर, प्ल बर जैसे अन्य कई अन्य पर परागत  कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देने एवं किट उपलब्ध करवाकर उन्हें आजीविका से जोडऩे के अवसर प्रदान किये जाएं।

मनरेगा कन्वर्जेंस से बनेंगे आँगनवाड़ी भवन
इंदौर रू 05 जनवरी, 2014 प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास के उद्देश्य से जिन ग्राम-पंचायतों में पक्के आँगनवाड़ी भवन नहीं हैं या जहाँ आँगनवाड़ी किराये के भवन में संचालित है, वहाँ 7 लाख 80 हजार की लागत वाले नये आँगनवाड़ी भवन का निर्माण मनरेगा कन्वर्जेंस से करवाया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस उद्देश्य से विस्तृत दिशा-निर्देश सभी जिला कलेक्टर तथा जिला पंचायत के मु य कार्यपालन अधिकारियों को भेजे हैं। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं महिला-बाल विकास की सहमति के परिप्रेक्ष्य में आँगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण में मनरेगा राशि के साथ-साथ बीआरजीएफ, एकीकृत विकास कार्यक्रम (आईएपी) तथा महिला-बाल विकास मद से भी कन्वर्जेंस हो सकेगा।

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