भूत की गलतियों पर भविष्य का खतरनाक खेल, गढ़े मुद्दों पर राजनीति घातक

व्ही.एस.भुल्ले/नई दिल्ली। एक दूसरे को नीचा दिखा गढ़े मुद्दों को उखाड़ सत्ता के लिये बेहतर भविष्य गढऩा गलत ही नहीं, देश के लिये भी खतरनाक है,क्योकि प्रकृति और समाज में जब भी कोई बढ़ी उथल-पुथल होती तो कुछ परिणाम उसके सुखद भी होते है और दुखद भी जिस पर सिर्फ खुशी या अफसोस ही व्यक्त किया जा सकता है। जिस पर सहानुभूति का ही मर्म लगा प्रभावित लेागों को मु य धारा में लाया जा सकता न कि किसी वर्ग के ज म कुरेद गढ़े मुद्दों को बाहर निकाल देश का भविष्य गढ़ा जा सकता है।

इस सच के बावजूद आखिर क्यों कुछ भारतीय राजनैतिक दल सत्ता के लिये विगत 20 वर्षो से लोगों की भावनायें भड़का अपनी राजनैतिक रोटियाँ सैकने से बाज नहीं आ रहे है। इसी फॉरमूले को हथियार बना सत्ता को रास्ता तय करने इसे आजमा रहे है।

कभी गुजरात के दुखद दंगे, तो कभी 1984 और अब मुजफफरनगर के दंगों पर भारतीय राजनीति में खुलकर हाथ आजमायें जा रहे है जबकि इसके उलट भी सत्ता पार्टी के लिये देश में कई मार्मिक और ज्वलंत मुद्दें है जिनसे आम भारतीय ही नहीं भारतीय राजनीति का भी भला हो सकता है।

मगर दुर्भाग्य,देश के अन्दर मूल मुद्दों से इतर राजनीति हों रही है। बेहतर हो देश के राजनैतिक दल एक दूसरे को सत्ता के लिये नीचा दिखाने के बजाये मूल मुद्दों और सिद्धान्तों की राजनीति करे न कि भावना भखड़ा अराजक माहौल पैदा करने की कोशिस करे। अगर सत्ता के लिये गढ़े मुद्दें निकाल यू ही इस देश में राजनीति चलती रही तो इसके दूर गामी परिणाम भारतीय समाज और देश के लिये कॉफी घातक होगें। जो न तो देश की राजनीति और न हीं दल सहित आम देश वासियों के हित में होगेंं।

देश में नवम्‍बर २०१३ के अंत तक कुल टेलीफोन घनत्‍व ७३.६९
नई दिल्ली। देश में नवम्‍बर २०१३ के अंत तक टेलीफोन उपभोक्‍ताओं की संख्‍या बढ़कर ९१०.१४ मिलियन होने के साथ ही टेलीफोन घनत्‍व नवम्‍बर २०१३ के अंत तक बढ़कर ७३.६९ हो गया जो अक्‍टूबर २०१३ के अंत में ७३.३२ था। यह एक महीने में ०.६२ प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। ट्राई द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार शहरी उपभोक्‍ताओं का हिस्‍सा ६०.२६ प्रतिशत से गिरकर ६०.०६ प्रतिशत हो गया जबकि गांवों के उपभोक्‍ताओं का हिस्‍सा ३९.७४ प्रतिशत से बढ़कर ३९.९४ प्रतिशत हो गया। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार शहरी इलाकों में आवदेन करने वाले ग्राहकों की संख्‍या नवम्‍बर २०१३ के अंत तक बढ़कर ५४६.६४ मिलियन हो गई जो अक्‍टूबर में ५४५.०९ मिलियन थी। ग्रामीण इलाकों में आवेदन करने वाले ग्राहकों की संख्‍या इसी अवधि के दौरान ३५९.४८ मिलियन से बढ़कर ३६३.५० मिलियन हो गई। शहरी और ग्रामीण इलाकों में एक महीने में वृद्धि दर क्रमश: ०.२८ प्रतिशत और १.१२ प्रतिशत रही। शहरी इलाकों में टेलीफोन का कुल घनत्‍व बढ़कर १४४.२८ से १४४.४६ और ग्रामीण इलाकों में ४२.०० से बढ़कर ४२.४३ हो गया।

एनजीओ व निजी संस्थाओंं की भागीदारी पर प्रस्तुतीकरण आधारभूत ढांचे का होगा विकास
जयपुर, 30 जनवरी। मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के समक्ष गुरुवार को मु यमंत्री कार्यालय में प्रदेश के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए सेन्टर फॉर पॉलिसी रिसर्च ने प्रस्तुतीकरण दिया। सेंटर के सीनियर फैलो श्री राजीव कुमार एवं अन्य प्रतिनिधियों ने बताया कि किस तरह निजी एवं स्वंयेसवी संस्थाओं की भागीदारी से आधारभूत ढांचे का बेहतर विकास हो सकता है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शहरी आवास, कचरा प्रबंधन एवं सड़क सहित आठ क्षेत्रों के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। प्रस्तुतीकरण में बताया कि शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश एवं हरियाणा में सफलता पूर्वक चल रहे अभिनव पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर राजस्थान में भी यह प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है। इससे प्रदेश पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। स्वास्थ्य केंद्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए गुजरात मॉडल को अपनाया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि अप्रवासी राजस्थानी प्रदेश में एकीकृत रूप से आधारभूत ढांचे को विकसित करने में सहयोग करना चाहते हैं, इसके लिए उनके द्वारा वित्त व्यवस्था करते हुए परियोजनाएं बनाई जा सकती हैं। इससे उनका मातृभूमि के प्रति जुड़ाव होगा और अपने क्षेत्र में मान-स मान बढ़ेगा। प्रस्तुतीकरण में बताए गए सुझावों का संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करेंगे।

युवा पीढ़ी के हाथों में देश का भविष्य सुरक्षित: डॉ. रमन
रायपुर ३० जनवरी २०१४ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में शासकीय नेहरू स्नातकोŸार महाविद्यालय के पचास वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ युवा शक्ति भारत के पास है। हिन्दुस्तान के युवाओं ने दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यूरोप एवं अमेरिका में भारतीय डॉक्टरों एवं इंजीनियरों ने अपने ज्ञान, कौशल एवं प्रतिभा के बल पर कामयाबी अर्जित की है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी के हाथों में हमारे देश का भविष्य सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छŸाीसगढ़ में युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हम विशेष प्रयास कर रहे हैं। छŸाीसगढ़ के महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं का प्रवेश दर बढ़ा है। बदलते दौर में कुशल युवा शक्ति का निर्माण करने महाविद्यालयों को अपग्रेड करने की जरूरत है। प्रदेश के कॉलेज के यादा से यादा युवाओं का तकनीकी ज्ञान एवं कौशल बढ़ाने अब छŸाीसगढ़ युवा सूचना क्रांति योजना का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक की प्रथम वर्ष की कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉपटेबलेट वितरण किया जाएगा। अभी तक स्नातक एवं स्नात्कोŸार की अंतिम वर्ष की कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं टेबलेट दिया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि लैपटॉप एवं टेबलेट ने युवाओं के जीवन में बदलाव लाया है। दुनियाभर की सूचनाएं एवं ज्ञान का संकलन करने में लैपटॉप एवं टेबलेट बहुत उपयोगी है।

नई समाजवादी पेश्ंेश्ं ान याजेजे ना शीघ्र ही लाग ू होगेगी
लखनऊ: ३० जनवरी, २०१४ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिना किसी भदे भाव क े समाज क े हर वर्ग क े कल्याण के लिए योजनाए ं लाग ू की हैं। इसी क्रम म ें शीघ्र ही लगभग ढाई हजार कराडे ़ रुपए की एक नई समाजवादी पेंशन याजे ना लाग ू की जाएगी। इस प्रकार की यह दश्े ा की सबस े बड़ी याजे ना है। उन्हांेन े कहा कि घाष्े ाणा पत्र म ें की गई घाष्े ाणाआ ें का े तत्परता स े परू ा किया गया है। बड़ े पैमान े पर लैपटॉप वितरण किया गया तथा बेरोजगारी भत्ता दिया गया है, ताकि गांव के गरीब और किसाना ें का े भी लाभ मिल े और नौजवाना ें मे ं निराशा का भाव न आन े पाए। उन्हांेने युवाओं का आह्वान किया कि नौजवान मिलकर पद्र ेश का े आग े बढ़ाने म ें सहयागे कर।ें मुख्यमत्रं ी आज जनपद फिराजे ाबाद स्थित शिकाहे ाबाद म ें आयोि जत जनसभा का े सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ५ करोड़ ७६ लाख ४३ हजार रुपए लागत की परियोजना/कार्यों का शिलान्यास तथा १८ करोड़ ३५ लाख ६१ हजार रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने रामलीला मैदान की चहारदीवारी तथा मुस्लिम क्षेत्र म ें महाविद्यालय बनान े की भी घाष्े ाणा की।
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